शरद सक्सेना
सत्यापित कहानीकार (Verified)@sharatha-sakasana
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
शरद सक्सेना की रचनाएं
लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-27
मैं नंगी होकर बेड पर उल्टी लेट गई, रितेश मेरी मालिश करने लगा।
भाभी की फुद्दी के प्यार में पड़ गया-5
भाभी बोली- चलो, थोड़ी देर हम सब अराम करते हैं, शरद भी थक गया है, एक घंटे के बाद उठ कर इसके लौड़े से अपनी-अपनी बुर की खुजली मिटाएँगे, फिर सो जाया जायेगा।
लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-25
मैं ऊपर आई, दरवाजा बंद करके कमरे में आई तो देखा कि स्पूजा और रोहन एक दूसरे से चिपके हुए हैं।वास्तव में उसके सामने मुझे हीनता महसूस हो रही थी क्योंकि स्पूजा की गांड तो मुझसे ज्यादा सेक्सी लग रही थी, बिल्कुल उठे हुए थे उसके चूतड़!
भाभी की फुद्दी के प्यार में पड़ गया-4
भाभी एक विह्स्की की बोतल, क्रीम और दो दुप्पटा ले आई, मुझे सोफे पर बैठा देख कर वो बोली- अरे तू तो लगता है थक गया है, अभी तो पूरी रात पड़ी है, कैसे करेगा?
लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-24
मुझे अपनी चूत की चिन्ता नहीं थी क्योंकि मुझे अपनी चूत की खुजली मिटाने के लिये मेरी ससुराल में ही कोई भी लंड मिल सकता था।सुबह हुई और फिर सबकी सेवा की तैयारी में लग गई लेकिन जो सेवा मेरी हो रही थी, उसका कोई जवाब नहीं था।
भाभी की फुद्दी के प्यार में पड़ गया -3
थोड़ी देर बाद मेरा शरीर अकड़ने लगा और मैं झड़ गया और साथ-साथ नीलम भी झड़ गई। भाभी के दोनों हाथ हमारे रस से सराबौर थे और वो मजे लेकर उसे चाट रही थी।
लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-23
रात दो बजे तक मेरी और मेरी ननद की चूत, गांड की मेरे जीजा और ननद के भाई से चुदाई चलती रही, उसके बाद हम वहीं सो गए।
भाभी की फुद्दी के प्यार में पड़ गया-2
‘तो ठीक है… फिर इसी टूर पर भाभी का भी मज़ा दिलवाओगी।’नीलम बोली- शाम को हम सब घूमने के लिये जायेंगे और लौटते समय तुम अचानक मार्केट में मिल जाना। वहाँ पर भाभी से तुमको मिलवा दूँगी, तुम उनको देख लेना। फिर आगे बताउँगी कि क्या करना है।
लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-21
सुहाना की बात पर हम दोनों ने उसे गांड और चूत दोनों के मजे साथ साथ लेने पर बधाई दी।सुहाना हँसने लगी।फिर रितेश बोला- मेरा गिफ्ट?सुहाना बोली- उसको मैं भूली नहीं हूँ।
लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-20
सुहाना को तसल्ली हो गई कि उसकी बात रितेश से ही हो रही है तो वो बोली- रितेश, मैं सुहाना बोल रही हूँ।