होम पर वापस जाएं
इंडियन बीवी की चुदाई पठन समय: 11 मिनट पढ़ा गया: 939 बार

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-25

शरद सक्सेना

28 Mar 2025 को प्रकाशित

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-25
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

मैं ऊपर आई, दरवाजा बंद करके कमरे में आई तो देखा कि स्पूजा और रोहन एक दूसरे से चिपके हुए हैं।वास्तव में उसके सामने मुझे हीनता महसूस हो रही थी क्योंकि स्पूजा की गांड तो मुझसे ज्यादा सेक्सी लग रही थी, बिल्कुल उठे हुए थे उसके चूतड़!

मैं चुपचाप स्पूजा के पीछे आई और उसके कूल्हे पर अपने होंठ लगा प्रिया।मेरे होंठों के स्पर्श से स्पूजा पल्टी और मुझे देखते हुये बोली- भाभी आप आ गई, चलो आओ रोहन को मजा दें।

रोहन बीच में एक तरफ मैं और एक तरफ स्पूजा थी, दोनों ने ही अपने गांड की दिशा रोहन के मुंह के तरफ कर प्रिया और बारी बारी से उसके लंड को चूसने लगी, रोहन भी बारी बारी से हमारी गांड और चूत को चूमता।

एक बार हम तीनों के बीच होड़ मच गई, स्पूजा कभी रोहन के लंड को चूसती तो कभी मेरे होंठ चूमती।

कुछ देर तो ऐसा ही चलता रहा, उसके बाद मैं रोहन के मुंह में बैठ गई और स्पूजा उसके लंड की सवारी करने लगी। रोहन भी चूत चाटने का एक्सपर्ट था, मेरी पुतियों को बार बार काटता और अपनी उंगली मेरी गांड के अन्दर डालता।

थोड़ी देर बाद स्पूजा और मैंने अपनी अपनी जगह बदल ली।

स्पूजा वैसे भी काफी खेली खाई थी, वो भी खुलकर रोहन से खेल रही थी, गालियाँ तो वो ऐसे बक रही थी कि कोई लड़का सुन ले तो शर्माने लगे- ले मादरचोद… खा जा मेरी चूत! मेरी बुर तेरे लंड की दीवानी हो चुकी। कितने लंडों से मैं चुद चुकी हूँ लेकिन मजा तेरे लौड़े में ही है। और चाट मेरी बुर को। तेरी भाभी से ज्यादा मजेदार मेरी बुर है।आह-आह करते हुए खूब अनाप शनाप बक रही थी।

दोनों को अपने ऊपर से हटाते हुए हम दोनों को बेड पर लेटा प्रिया। आज मैं अपने पति रितेश की भी तारीफ करूंगी कि उसने अपने बेड रूम के पलंग को ऐसा डिजाइन किया था कि लड़की आराम से अपने पैर लटका कर लेटे और लड़का जमीन पर खड़े होकर उसकी चूत का भर्ता बना दे।मतलब एक परफेक्ट उँचाई का बेड था हमारे बेड रूम का, जैसे ब्लू फ़िल्म में अकसर देखा जा सकता है।

मैं और स्पूजा एक दूसरे के बगल में लेटी हुई थी और हमारी टांगें नीचे लटकी हुई थी, रोहन बारी-बारी से मेरी और स्पूजा की टांगों के बीच आता और हमारे चूत को चोदता।

फिर वो समय भी आया कि रोहन जोर जोर से चिल्लाने लगा- मैं झड़ने वाला हूँ, मैं झड़ने वाला हूँ।उसने मेरी चूत से अपना लंड निकाला और स्पूजा के मुंह में पेल प्रिया, अपना पूरा माल उसके मुंह में निकाल प्रिया।उसके लंड में बचा हुआ माल मैंने साफ किया।

मैं अभी चुद कर फ्री ही हुई थी कि अचानक मेरा मोबाईल बजने लगा, मुझे लगा कि नमिता ने इशारा किया तो मैंने दोनों को जल्दी नीचे जाने को कहा।रोहन और स्पूजा ने जल्दी से अपने कपड़े पहने और चले गये।

जब मैंने मोबाईल उठाया तो रितेश की कॉल थी- हैलो मेरी जान, क्या हो रहा है?यह रितेश की आवाज थी।

‘बस अभी चुद कर फ्री हुई हूँ।’ मैंने जब रितेश को बताया तो वो चौंकते हुए बोला- क्या कह रही हो, इतने मेहमानो के बीच में तुम्हें कौन मिल गया जो तुम्हारी चूत को ठण्डा कर रहा है?‘कोई नहीं अपने ही घर का है।’‘मतलब?’ रितेश ने पूछा।‘तुम्हारा भाई रोहन… घर में वही बचा था मेरी चूत भेदन के लिये। उसने भी अपनी इच्छा पूरी कर ली!’ कहते हुए मैंने अपने, स्पूजा और रोहन के बीच हुई घटना को रितेश को बता प्रिया।

कहानी सुनने के बाद रोहन बोला- यार मेरी बीवी की चूत ही इतनी गजब की है कि कोई इसे बिना चोदे रह नहीं सकता।

फिर उसने बताया कि उसे ऑफिस से छुट्टी नहीं मिल रही है और जिस डेट को हमे कलकत्ता जाना था, उसी डेट को उसे भी अपने एक टीम मेम्बर के साथ तमिलनाडू एक प्रोजेक्ट के लिये जाना है।बात मेरे भी प्रोजेक्ट की थी और उसी बेस पर मुझे प्रोमोशन भी मिलना था। मतलब यह था कि मुझे रितेश के बिना ही कोलकाता जाना होगा।

हम दोनों ने डिसाईड किया कि मेहमान के चले जाने के बाद हम लोग घर पर डिसक्स करेंगे।बात ही बात में रितेश ने बताया कि सुहाना का फोन आया था, वो तैयार है स्वेपिंग के लिये। कह रही थी कि उसका हसबैण्ड तो बहुत ही उत्सुक है और चाहता है कि जल्दी प्लान बना लें।

हम दोनों बात कर ही रहे थे कि तभी नीचे से बुलावा आ गया, रितेश और मैंने तय किया कि स्वेपिंग की प्लानिंग घर पर मौका देख कर करेंगे और इसमें नमिता और रोहित को भी शामिल किया जायेगा।

उसके बाद मैं नीचे आकर बाकी का काम नमिता के साथ निपटाने लगी। नमिता ने काम करते करते मुझसे हमारे तीनों के सेक्स की पूरी कहानी सुनने लगी।

मैं नमिता को कहानी सुना ही रही थी कि नमिता मुझसे बोली- भाभी, जब मैं तुमसे सुन रही हूं, मेरी चूत पानी छोड़ रही है तुम तीनों तो खूब मजे ले चुके हो।

मैंने उसे चिढ़ाते हुए कहा- तुम्हें तो मैंने बुलाया था, तुम आती तो तुम्हारा दूसरा भाई भी अपनी बहन की चूत का स्वाद चखता।

हम दोनों बात कर ही रही थी कि मैंने नमिता से पूछा- रितेश का लंड लेकर कैसा लगा?नमिता बोली- भाई के सामने पहले शर्म आ रही थी, फिर जब भाई ने मेरी तारीफ करनी शुरू की तो जितनी शर्म हया थी, सब लौड़े लग गई।

मैंने हंसते हुए कहा- नमिता, लौड़ा मर्द के पास होता है, कहो कि सब शर्म बुर में घुस गई।फिर हम दोनों हँसने लगी।

इसी तरह मेहमानों की आवभगत में शाम हो गई।अजय, रोहित और रितेश भी घर आ चुके थे।

सबसे पहले रोहित ही था जो रसोई के अन्दर आया और नमिता को चूमने के बाद मुझे भी चूम कर बोला- आज तुम दोनों के हार्न बहुत ही बड़े-बड़े लग रहे हैं, क्या बात है?

नमिता बोल पड़ी- मेरा हार्न तुम्हारे बार-बार बजाने से बड़ा हुआ है और भाभी वाला हार्न रितेश भईया जम कर बजा चुके हैं।नमिता का हाथ रोहित के लंड को सहला रहा था कि रितेश भी रसोई में आ गया और मेरी गांड में चपत लगा दी।

नमिता ने रितेश को देखा तो रोहित के लंड से हाथ हटा लिया तो रितेश बोला- मेरी प्यारी बहना, इसके लंड पर से हाथ मत हटाओ, नहीं तो बेचारे का खड़ा ही नहीं होगा तुम हाथ लगाती हो तो ही खड़ा होता है।

तभी रोहित बोल पड़ा- भाभी के इस घर में आने के बाद ही पता चला कि चुदाई का खेल क्या होता है और जब खुल कर मजा लेने की बारी आई तो मेहमान बीच में आ गये।मैं बोल पड़ी- बताओ रिस्क लेने का बूता किसकी गांड में है?

तीनों ही तैयार थे रिस्क लेने को…

‘ठीक है फिर… चलो तुम दोनों जल्दी से केवल लोअर पहन आओ और नमिता तुम भी अगर पैन्टी और ब्रा पहनी हो तो उतार आओ।’ नमिता तुरन्त बोली- मैं उतारने क्यों जाऊँ? यही उतार लेती हूँ, रोहित मेरी पैन्टी और ब्रा रख कर आ भी जायेगा और साथ ही लोअर पहन कर चला आयेगा।

दोस्तो, यह जो कहानी मैं लिख रही हूँ, यह मेरी शादी के एक महीने में ही घटित घटना है। एक महीना भी नहीं हुआ था मेरी शादी को कि रितेश के घर के जितने भी मर्द थे, सबने मेरी चूत की चुदाई की।

खैर नमिता ने वहीं पर अपनी कुर्ती उतार दी और रोहित की तरफ देखते हुए बोली- लो, पीना है तो पी लो, नहीं तो रात में मौका नहीं मिलेगा।

इधर रोहित नमिता की चूची चूसने लगा और उसकी देखादेखी रितेश ने झट से मेरे गाउन को खोल प्रिया और रसास्वादन करने लगा।फिर नमिता के कहने पर रोहित हटा और नमिता ने उसे अपनी ब्रा देकर कुर्ती पहन ली और फिर अपने पजामा उतार कर पैन्टी उतार कर रोहित को दे दी।

जितना मैंने सोचा नहीं था उससे ज्यादा नमिता डेयरिंग निकली।रितेश और रोहित दोनों रसोई से चले गये और थोड़ी देर बाद दोनों बनियान और लोअर में वापस रसोई में आ गये।रसोई के अन्दर हमें दोनों को चोदने के ख्याल से ही दोनों के लंड तने हुए थे।

‘अब क्या करना है?’मैंने कहा- करना क्या है, बस रसोई में हो अपने लंड की मुठ मारो, हम दोनों तुम दोनों को मुठ मारते हुए देखेंगी।

रोहित ने चिढ़ते हुए कहा- इसी को कहते हैं ‘खड़े लंड पर धोखा…’रितेश बोल पड़ा- देखो, तुमने जैसे कहा था, वैसे ही कर प्रिया है, अब तुम दोनों अपनी अपनी चूत में हमारे लंड ले लो और इसकी गर्मी को निकालो।

मौके की नजाकत को समझते हुए मैंने रसोई के दरवाजे को हल्का सा खुला रख छोड़ा ताकि जब कोई आये तो दूर से ही पता चल जाये।रोहित और रितेश को समझाते हुए बोली- देखो, ओरल सेक्स नहीं करेंगे, बस अपने लंड की प्यास हम दोनों की गांड और चूत से शांत कर लो!कहते हुए मैंने अपने गाउन को ऊँचा कर लिया और रसोई के प्लेटफार्म पर झुक कर खड़ी हो गई।

नमिता ने अपने पजामे को नीचे कर प्रिया और वो भी झुक कर खड़ी हो गई।तभी नमिता बोली- रोहित, बाहर भी ध्यान रखना कि कोई आ रहा हो तो हट जाना… ऐसा न हो कि कोई आकर यहां खड़ा है और तुम दोनों हम दोनों को पेल रहे हो।

रोहित बोला- चोदने के साथ साथ बाहर का भी ध्यान रखेंगे।

इस समय हम लोग फॉरेन लोगों की तरह थे, हम लोगों का कल्चर यह तो है ही नहीं, लेकिन मजा खूब आ रहा था।

पारी पारी से रितेश और रोहित दोनों ही हम दोनों के चूत और गांड को चोद रहे थे और अपने लंड की प्यास बुझा रहे थे।हम चारों की किस्मत अच्छी थी कि अभी तक रसोई में कोई नहीं आया।

अब सब झड़ने वाले थे, रोहित बोला- मैं झड़ने वाला हूँ, बताओ माल को कहाँ गिराऊँ?मैंने सुझाव प्रिया- इस समय तुम नमिता की गांड या चूत में अपना माल गिराओ और रितेश तुम मेरी चूत या गांड कहीं भी निकाल सकते हो।

दोनों ने ऐसा ही किया, रितेश मेरी चूत के अन्दर अपने रस को गिरा रहा था और रोहित नमिता की चूत के अन्दर!

फिर हम सबने अपने अपने कपड़े ठीक किए।

रोहित बोला- भाभी केवल आप ही हो जो जब चाहे और जहां चाहे मजा दे सकती हो।दोनों ने एक एक बार फिर हम को चुम्बन प्रिया और मेहमानों के साथ जाकर बैठ गये।

कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग

कुल भाग: 53
भाग 1
भाग 1: पढ़ें
भाग 2
भाग 2: पढ़ें
भाग 3
भाग 3: पढ़ें
भाग 4
भाग 4: पढ़ें
भाग 5
भाग 5: पढ़ें
भाग 6
भाग 6: पढ़ें
भाग 7
भाग 7: पढ़ें
भाग 8
भाग 8: पढ़ें
भाग 9
भाग 9: पढ़ें
भाग 10
भाग 10: पढ़ें
भाग 11
भाग 11: पढ़ें
भाग 12
भाग 12: पढ़ें
भाग 13
भाग 13: पढ़ें
भाग 14
भाग 14: पढ़ें
भाग 15
भाग 15: पढ़ें
भाग 16
भाग 16: पढ़ें
भाग 17
भाग 17: पढ़ें
भाग 18
भाग 18: पढ़ें
भाग 19
भाग 19: पढ़ें
भाग 20
भाग 20: पढ़ें
भाग 21
भाग 21: पढ़ें
भाग 22
भाग 22: पढ़ें
भाग 23
भाग 23: पढ़ें
भाग 24
भाग 24: पढ़ें
भाग 25
भाग 25: पढ़ें
भाग 26
भाग 26: पढ़ें
भाग 27
भाग 27: पढ़ें
भाग 28
भाग 28: पढ़ें
भाग 29
भाग 29: पढ़ें
भाग 30
भाग 30: पढ़ें
भाग 31
भाग 31: पढ़ें
भाग 32
भाग 32: पढ़ें
भाग 33
भाग 33: पढ़ें
भाग 34
भाग 34: पढ़ें
भाग 35
भाग 35: पढ़ें
भाग 36
भाग 36: पढ़ें
भाग 37
भाग 37: पढ़ें
भाग 38
भाग 38: पढ़ें
भाग 39
भाग 39: पढ़ें
भाग 40
भाग 40: पढ़ें
भाग 41
भाग 41: पढ़ें
भाग 42
भाग 42: पढ़ें
भाग 43
भाग 43: पढ़ें
भाग 44
भाग 44: पढ़ें
भाग 45
भाग 45: पढ़ें
भाग 46
भाग 46: पढ़ें
भाग 47
भाग 47: पढ़ें
भाग 48
भाग 48: पढ़ें
भाग 49
भाग 49: पढ़ें
भाग 50
भाग 50: पढ़ें
भाग 51
भाग 51: पढ़ें
भाग 52
भाग 52: पढ़ें
भाग 53
भाग 53: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

निम्फोमेनिया : सेक्स की लत- 1
इंडियन बीवी की चुदाई

निम्फोमेनिया : सेक्स की लत- 1

सेक्स नीड आफ्टर मैरिज : यह एकदम सामन्य जरूरत है जो हर किसी को चाहिए. कहानी में पति तो शादी से पहले सेक्स कर चुका था पर पत्नी ने अपनी जवानी अपने पति के लिए बचा रखी थी.

14 मिनट 625
मेरी बीवी गैर मर्द की बांहों में-2
इंडियन बीवी की चुदाई

मेरी बीवी गैर मर्द की बांहों में-2

मेरी बीवी की चुत चुदाई की रियल सेक्सी कहानी के पिछले भागमेरी बीवी गैर मर्द की बांहों में-1में आपने पढ़ा कि मेरी बीवी ने अपने बॉस के बेटे के साथ सेक्स रिलेशन बना रखें हैं.अपने जन्मदिन पर मेरी बीवी ने अपने आशिक यार को हमारे घर बुलाया हुआ है पार्टी के...

13 मिनट 487
मेरी बेबाक बीवी-2
इंडियन बीवी की चुदाई

मेरी बेबाक बीवी-2

फिर भी दोस्त ने उससे पूछा- भाभी, आप बताओ और कोई प्रोब्लम तो नहीं है ना इन दोनों में?

8 मिनट 666

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।