Hindi Sex Story
कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।
सुपर स्टार -13
इस बार उन पलों को जी रहा था.. जब तृषा मुझे गुदगुदी लगा रही थी और मैं हंसते-हंसते पागल हुआ जा रहा था। मैं हाथ जोड़ कर उससे मुझे छोड़ने की मिन्नत कर रहा था..दर्द.. एक..इस शब्द के साथ ही ऐसा लगा जैसे किसी ने मेरे जख्मों को कुरेद प्रिया हो। मैं अपने घुटनो...
सुपर स्टार-12
सुबह नाश्ते के बाद निशा ने मुझे एक लिस्ट दी.. इस लिस्ट में कुछ नाम और पते लिखे थे।निशा- इस लिस्ट में जो नाम दिए गए हैं.. तुम्हें उनसे मिलना है और ये हैं फाइलों की कॉपी.. जिस नाम के सामने हम तीनों में से जिसका भी नाम लिखा है.. उसे ही देना वो फाइल.....
बाथरूम का दर्पण-6
मैं रोनी सलूजा आपसे फिर मुखातिब हूँ। मेरी कहानीबाथरूम का दर्पणको सभी ने बहुत सराहा है।
सुपर स्टार-10
तृष्णा- कहाँ जा रहे हो?मैं- नहीं जानता।स्वाति- किस लिए?मैं- नहीं जानता।तृष्णा- कहाँ रहोगे वहाँ?मैं- नहीं जानता।
मेरी बीवी पांचाली-2
पहला भाग:मेरी बीवी पांचाली-2
ज़ारा की मोहब्बत- 8
मेरी प्रेमिका को हर वक्त मेरा लंड चाहिए था अपनी किसी भी छेद में! वो नए नए बहाने गढ़ कर मेरा लंड अपने जिस्म में घुसवाती रहती थी.
ज़ारा की मोहब्बत- 5
जैसे ही मैंने उसकी चूत से लंड निकाला वो एक झटके से घुटनों के बल बैठ गई और मेरा लंड पकड़ कर मुंह में भर लिया!लगी चूसने!इस तरह से चूसा कि जैसे वो लंड चूसने की ट्रेनिंग लेकर आयी हो!
ज़ारा की मोहब्बत- 3
ज़ारा- नहीं उठ सकती!मैं- क्यों नहीं उठ सकती?ज़ारा- क्योंकि आप मेरे ऊपर हो!मैं- ओह सॉरी!
ज़ारा की मोहब्बत- 1
यह कोई कहानी नहीं है बल्कि मेरे जीवन का हिस्सा है. इसे मैंने बिल्कुल वैसा ही लिखा है जैसे बीता है! इसमें केवल प्रेम है, विशुद्ध प्रेम! ये मोहब्बत है ज़ारा की!
मदद करने के बदले में मिली चूत- 1
हॉट गर्ल रेडी सेक्स कहानी में मेरे पिता ने गाँव में एक नवविवाहित जोड़े को आश्रय दे रखा था. मैं गाँव गया तो वे तंगहाल थे. मैंने लड़की को जॉब दिलवा दी. लड़के को दुबई में जॉब दिलवा दी.
प्रशंसक को सेक्स का मजा प्रिया-2
हेलो, मेरा नाम है मनीषा मैं दिल्ली से हूं।मेरी पिछली कहानीप्रशंसक को सेक्स का मजा प्रियामें आपने पढ़ा कि कैसे मैंने अपने गुजरात के दोस्त के साथ सेक्स किया।
शौहर के लंड के बाद चूत की नई शुरूआत-1
जीवन भी कभी कभी कैसे मोड़ ले लेता है कि बस अचरज होकर रह जाती है. एक खुशहाल जीवन कभी भी उजड़ जाता है और फिर नई शुरूआत करनी पड़ती है. कुछ ऐसा ही मेरे साथ हुआ. जीवन ने ऐसा खेल खेला कि पहले तो सब कुछ ले लिया और रोष या मजबूरी में जब वासना की चौखट लाँघी...