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जवान लड़की पठन समय: 8 मिनट पढ़ा गया: 809 बार

अन्तर्वासना फ़ैन इंडियन कॉलेज गर्ल के साथ-1

प्रेम नागपुर

22 Mar 2017 को प्रकाशित

अन्तर्वासना फ़ैन इंडियन कॉलेज गर्ल के साथ-1
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फ्रेंड्स, आप सभी को प्रेम का नमस्कार!मेरी पिछली सेक्स कहानी को आप लोगों ने पसंद किया और मुझे ढेर सारे मेल्स किए.. उसके लिए आप सभी का धन्यवाद।

बात कुछ महीने पहले की है। मैं अपना मेल बॉक्स चैक कर रहा था.. उसमें मैंने अपनी पिछली कहानी से रिलेटेड एक मेल देखा.. और आदत के मुताबिक मैंने उस मेल का रिप्लाई दिया।कुछ दिन बाद फिर से उसका मेल आया, उसने मेरी कहानी देर से पढ़ने के लिए सॉरी कहा और मेल का रिप्लाइ देने के लिए शुक्रिया भी किया।मैंने उसके बारे में पूछा.. तो उसने अपना नाम स्नेहा बताया।

इसी तरह हमारी मेल पर ही बातें होने लगीं।मैं उससे कभी डबल मीनिंग बातें लिख देता.. तो वो भी मुझे भी डबल मीनिंग में रिप्लाई करती थी। हमारी बातें सिर्फ़ मेल पर ही होती थीं। मैंने उसका मोबाइल नंबर माँगा.. तो उसने नहीं दिया।

ऐसे ही कुछ दिन बीतने के बाद एक मेल में उसने मुझे मिलने की बात कही। मैंने कहा- क्या सच में तुम मुझसे मिलना चाहती हो.. मज़ाक तो नहीं कर रही हो?उसने कहा- नहीं.. मैं सच में तुमसे मिलना चाहती हूँ।

मैंने उसको अपने बारे में बताया.. तो उसने कहा- मुझे पता है.. मैंने तुम्हारी कहानियाँ पढ़ी हैं.. जिसमें तुमने अपने बारे में पहले ही बताया हुआ है।मैंने पूछा- तुमको मुझसे क्यों मिलना है?उसने कहा- मिलकर बताऊँगी।मैंने उससे पूछा- ठीक है ये बताओ कि कहाँ मिलना है?

मुझे उसने सिर्फ़ अपना नाम बताया था और मैं ये भी नहीं जानता था कि वो कौन से शहर में रहती है।उसने कहा- मैं भी नागपुर की ही रहने वाली हूँ और रविवार को नागपुर के कपल के लिए फेमस गार्डन (नाम भी बताया) में मुझसे मिलना चाहूँगी।

मैंने उससे पूछा- तुम नागपुर में रहती हो.. ये बात मुझे पहले क्यों नहीं बताई?तब उसने कहा- मैंने इसलिए नहीं बताया कि शायद मैं तुम्हें बताती तो तुम उसी वक्त मुझसे मिलने की फरमाइश करते।मैंने उससे कहा- ऐसी कोई बात नहीं है।पर बात तो उसकी भी सही थी।

मैंने उससे पूछा- मेरे पास तो तुम्हारा मोबाइल नंबर नहीं है.. तो मैं तुमको पहचानूँगा कैसे?उसने कहा- मैं गुलाबी रंग का सलवार कुर्ता पहन कर आऊँगी।

उसने मुझे भी सफेद शर्ट और ब्लू जींस पहनकर आने को कहा। रविवार को मैं ठीक एक बजे अपने तय हुई जगह पर पहुँच गया और गार्डन के गेट पर टिकट लेकर इंतजार कर रहा था।

वहाँ पर सिर्फ़ कपल आ रहे थे.. कोई भी लड़की अकेले नहीं थी। उसने कहा था कि वो अकेली ही आएगी।कुछ देर इंतजार करने के बाद मन में ख्याल आने लगे कि कहीं कोई मुझे बेवकूफ़ तो नहीं बना रहा है।

लगभग आधे घंटे बाद एक लड़की स्कूटी पर अकेली आई, उसने पिंक कलर का सूट पहना हुआ था, अपना पूरा मुँह दुपट्टे से ढका हुआ था। हाथ में ग्लव्ज़.. आँखों पर गॉगल पहनकर आई थी।

मुझे लगा कि शायद ये वही है। अब मन में जो हलचल चल रही थी.. वो शांत हो गई थी।

तब तक वो गाड़ी पार्क करके एंट्री गेट की तरफ आ रही थी। उसने मुझे देखा पर वो पहले टिकट लेने के लिए टिकट काउंटर की तरफ मुड़ी तो मैंने खुद वहाँ जाकर पहले उसको ‘हैलो..’ कहा।

मैंने उसे अपना परिचय दिया और पूछा- क्या आप स्नेहा हैं?उसने ‘हाँ’ में सिर हिलाया।मैंने कहा- मैंने आपकी भी टिकट ले ली है।

फिर हम दोनों गार्डन में आ गए और अपने लिए अच्छी सी जगह देख कर बैठ गए। उसने दुपट्टा नहीं हटाया था, मैंने बात शुरू करते हुए पूछा- आने में इतनी देर क्यों हो गई?उसने बताया- मैं अपनी फ्रेंड के यहाँ शादी में गई थी और वहाँ से निकलने में वक़्त लग गया।

मैंने उससे कहा- अब तो ये दुपट्टा निकाल लो।उसने कहा- मैं यहाँ कंफर्ट फील नहीं कर रही हूँ।

मैं उसे गार्डन में थोड़ा और अन्दर ले कर गया और उससे कहा- यहाँ बहुत कम लोग आते हैं.. यहाँ तुम दुपट्टा हटा सकती हो।उसने दुपट्टा हटा दिया।

यारों क्या बताऊँ.. मेरा तो मुँह खुला का खुला रह गया। वो शादी से होकर आई थी इसलिए उसने मेकअप भी वैसा ही किया था। एकदम सुर्ख लाल होंठ, कजरारी आँखें.. गुलाबी गाल.. सच में वो अप्सरा तो नहीं थी.. लेकिन उससे कम भी नहीं लग रही थी।थोड़ा अपने आपको संभालते हुए मैंने कहा- आप बहुत ही खूबसूरत हैं और बहुत ही प्यारी लग रही हैं।उसने एक प्यारी स्माइल दी और थैंक्यू बोलते हुए कहा- तुम भी हैण्डसम हो।

मैंने कहा- लड़कियों को कैसा भी लड़का हीरो ही दिखता है।

दोस्तो इसका मतलब ये नहीं कि मैं इतना बुरा दिखता हूँ.. पर मैंने ऐसी बहुत सी जोड़ियां देखी हैं जिन्हें देखकर लंगूर के हाथ में अंगूर कहावत याद आती है।

मैंने बात आगे बढ़ाते हुए उसके बारे में पूछा तो उसने बताया- मैं नागपुर के एक गर्ल्स कॉलेज से अपना ग्रॅजुयेशन कर रही हूँ, फैमिली में चार लोग हैं। पापा और मम्मी दोनों जॉब करते हैं। छोटी बहन जूनियर कॉलेज में पढ़ती है।मैंने उससे कहा- तुम बहुत स्वीट और सिंपल हो.. तो मेल पर इतनी बोल्ड बातें कैसी कर लेती हो?

उसने कहा- मैंने आज तक ऐसी बातें नहीं की.. कॉलेज में फ्रेंड्स बातें करती हैं पर मुझे पसंद नहीं हैं और मैं तुमसे भी ऐसी बातें नहीं करती.. अगर तुम खुद मुझे ऐसे सवाल ना पूछते। मैंने सिर्फ़ ये सोच कर जवाब दिए थे कि शायद हम कभी मिलेंगे ही नहीं।

मैंने कहा- फिर अचानक ये मुझसे मिलने का प्रोग्राम कैसे बना और मुझे यहाँ मिलने क्यों बुलाया?उसने कहा- तुमसे मेल पे बातें करते करते पता नहीं मुझे क्या हुआ और तुमसे मिलने की इच्छा हो गई।मैंने पूछा- क्यों?उसने कहा- ये मुझको नहीं पता.. बस ऐसे ही।

मैंने उससे पूछा- क्या तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है?उसने ‘ना’ कहा।मैंने पूछा- फिर आंतर्वासना की कहानी पढ़ने का शौक कैसे लगा?उसने कहा- सहेली ने बताया और उसे उसके बॉयफ्रेंड ने बताया था।

मैंने पूछा- क्या कभी कोई अडल्ट मूवी देखी है?उसने कहा- मैं मोबाइल पर वीडियो देखती हूँ.. जो मुझे अपनी फ्रेंड से मिलती हैं। पहले तो मुझे पसंद नहीं था.. पर अब मुझे इस तरह की क्लिप्स अच्छी लगती हैं। इन्हें देखकर मुझे कुछ होता भी है।

मैंने कहा- सिर्फ़ देखना और पढ़ना ही पसंद है.. या कभी कुछ करने का भी मन किया?तो उसने कहा- मन तो करता है.. पर डर भी बहुत लगता है। मेरी सहेलियां अपने बॉयफ्रेंड्स के साथ जाती रहती हैं और उनके बॉयफ्रेंड और उनके दोस्तों के साथ मुझे भी चलने के लिए कहते हैं.. पर उनके साथ जाने का मेरा कभी मन नहीं किया।

मैंने उससे कहा- अगर मैं कुछ करूँ तो तुम्हें बुरा तो नहीं लगेगा?वो शर्मा कर बोली- क्या?मैंने उसे गालों पर एक किस किया.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… मुझे मजा आ गया पर तो वो शरमा गई और कुछ नहीं बोली।अब मैंने उसे होंठों पर किस की.. वो भी मेरा साथ दे रही थी।

तभी उसका मोबाइल बज उठा। उसने बात खत्म की और मुझसे कहा- अभी मुझे जाना होगा.. वैसे भी बहुत देर हो गई है।हमें वहाँ बैठे हुए बहुत वक़्त हो गया था इसीलिए हमें मन ना होते हुए भी वहाँ से जाना पड़ रहा था।

मैंने उससे कहा- दोबारा कब मिलने आओगी?उसने कहा- जल्दी ही।मैंने उससे कहा- क्या हम फोन पे बातें कर सकते हैं?

तो उसने मेरा मोबाइल नंबर ले लिया और खुद के मोबाइल से मेरे मोबाइल पर मिस कॉल किया।उसने कहा- तुम कॉल मत करना.. मैं ही तुमको कॉल करूँगी।उसके बाद मैंने उसको हग किया और एक किस करके हम लोग बाहर निकल आए।

उसी रात को उसका कॉल आया और हमने ढेर सारी बातें की।मैंने उससे पूछा- अब हम कब मिलेंगे?उसने कहा- फिलहाल मेरे कॉलेज की छुट्टियां चल रही हैं.. तो वो बिना कारण बताए ज़्यादा वक़्त के लिए घर से नहीं निकल पाऊँगी।

आप मेल जरूर कीजिएगा।support@mohakkisse.comइंडियन कॉलेज गर्ल की सेक्स कहानी जारी है।

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अन्तर्वासना फ़ैन इंडियन कॉलेज गर्ल के साथ

कुल भाग: 3
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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

मयंक शर्मा

1 week ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

बिंदास हंक

3 weeks ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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