दोस्तो, मेरी कहानी के पंद्रहवें भाग में आपने पढ़ा कि कैसे मैंने अपनी चाची को चोदा और मेरे चाचू नेमेरी बहन को चोदा.
चाचू ने अपना लंड बाहर निकला और ऋतु के चेहरे के सामने कर प्रिया। ऋतु ने बिना कुछ सोचे उन का रस से भीगा लंड मुंह में लिया और चूस चूस कर साफ़ करने लगी।
चाची भी मेरे लंड से उठी और खड़ी हो गयी, चाची की चूत में से हम दोनों का मिला जुला रस टपक रहा था। वो थोड़ा आगे हुई और मेरे पेट पर पूरा रस टपका प्रिया। फिर नीचे उतर कर मेरे लंड को मुंह में भरा और साफ़ कर प्रिया। फिर अपनी जीभ निकाल कर ऊपर आती चली गयी और मेरे पेट पर गिरा सारा रस समेट कर चाट गयी।
ऋतु ने भी अपनी चूत में उंगलियाँ डाली और चाचू का रस इकट्ठा कर के चाट गयी।
तभी दरवाजे की तरफ से आवाज आई- ये क्या हो रहा है?हमने देखा तो पूजा वहां खड़ी थी अपने चेहरे पर आश्चर्य के भाव लिए…हम सभी की नजर दरवाजे पर खड़ी पूजा पर चिपक सी गयी। मैं, ऋतु, किरण चाची और विजय चाचू सब नंगे हुए एक दूसरे को चाट और चूस रहे थे और थोड़ी ही देर पहले हम सबने चुदाई भी की थी.. ना जाने कब से पूजा ये सब देख रही थी।
मेरी और ऋतु की तो कोई बात नहीं… पर चाचू और चाची की शक्ल देखने वाली थी, उन्होंने सोचा भी नहीं था कि उनकी बेटी उन्हें ‘नंगे’ हाथों पकड़ लेगी।मैंने गौर से देखा तो पूजा का ध्यान चाचू के लंड पर ही था और उस के चेहरे पर अजीब तरह के भाव थे।मैं समझ गया और उठ खड़ा हुआ- देखो पूजा, तुमने तो वैसे भी अपने मम्मी पापा को हमारे मम्मी पापा के साथ नंगा देख ही लिया है उस शीशे वाली जगह से और आज हालात कुछ ऐसे हुए कि हमें चाचू चाची को अपने राज में शामिल करना पड़ा!
और फिर मैंने सारी बात विस्तार से बता दी पूजा को।
चाचू और चाची ने जब ये सुना कि पूजा ने भी उन्हें दूसरे कमरे में रंगरेलियां मनाते हुए देखा है तो वो थोड़ा शर्मिंदा हो गए। पर फिर उन्होंने सोचा की जब उसे पता चल ही गया है तो क्यों न उसे भी इसमें शामिल कर लिया जाए।
किरण चाची जानती थी कि पूजा अपने स्कूल में लड़कों को काफी लिफ्ट देती है और उसने कई बार पूजा को उस के रूम में एक साथ पढ़ाई कर रहे लड़कों के साथ चूमते चाटते भी देखा था। उन्होंने विजय चाचा की तरफ देखा और आँखों आँखों में कुछ इशारे करे।फिर वो आगे आई और पूजा का हाथ पकड़ कर वही बेड पर बिठा लिया।
पूजा आँखें फाड़े हम सभी नंगे लोगों को देख रही थी। दरअसल उस का भी प्रोग्राम में दिल नहीं लग रहा था और जब वो वापिस आई तो उसने अपने मम्मी पापा को हमारे रूम में घुसते हुए देखा, वो भी पूरे नंगे… वो समझ गयी कि अन्दर क्या होने वाला है पर अपने मम्मी पापा के सामने वो एकदम से ये नहीं दर्शाना चाहती थी कि वो भी मेरे और ऋतु के साथ चुदाई के खेल में शामिल है, इसलिए उसने खिड़की से अन्दर का सारा प्रोग्राम देखा।
अपने पापा के द्वारा ऋतु की चुदाई करते देख कर उस की छोटी सी चूत में आग लग गयी थी और जब मैंने उस की माँ की चुदाई की तो उस के बर्दाश्त से बाहर हो गया और उसने वही खिड़की पर खड़े खड़े अपनी चूत में उंगलियाँ डाल कर उस की अग्नि को शांत किया… पर अन्दर के खेल को देख कर उस की चूत अभी भी खुजला रही थी। इसलिए उसने तय किया कि वो भी अन्दर जायेगी और इसमें शामिल हो जाएगी।
किरण चाची ने पूजा की टी शर्ट उतार दी। पूजा किसी बुत की तरह बैठी थी।फिर ऋतु आगे आई और उसने उस की जींस के बटन खोल कर उसे भी नीचे कर प्रिया। अब पूजा सिर्फ पर्पल कलर की पेंटी और ब्रा में बैठी थी। उस का बाप यानी विजय चाचू तो उस के ब्रा में कैद मोटे मोटे और गोल चुचे देख कर अपनी पलकें झपकाना ही भूल गया… वो मुंह फाड़े अपनी कमसिन सी बेटी के अर्धनग्न जिस्म को निहार रहा था और अपनी जीभ अपने सूखे होंठों पर फिरा रहा था।मैं एक कोने मैं बैठा सबकी हरकतें नोट कर रहा था।
चाची उठी और अपने चुचे को पूजा के होंठों से चिपका दिए, पूजा ने कुछ नहीं किया। शायद वो अभी भी दर्शाना चाह रही थी कि वो ये सब नहीं करना चाहती पर अन्दर ही अन्दर उस की चूत में ऐसी खुजली हो रही थी कि अपनी माँ को वही पटके और उस के मुंह में अपनी चूत से ऐसी रगड़ाई करे कि उस की सारी खुजली मिट जाए।
थोड़ी देर बाद उसने अपने होंठ खोले और अपनी आँखें बंद करके अपनी माँ का दूध पीने लगी। ऋतु ने उस की ब्रा खोल दी और नीचे से हाथ डाल कर उस की पेंटी भी उतार दी।ब्रा के खुलते ही पूजा के दोनों पंछी आजाद हो गए। मैंने देखा उस के निप्प्ल्स एक दम खड़े हो चुके हैं और चूत से भी रस टपक कर चादर को गीला कर रहा है यानि वो काफी उत्तेजित हो चुकी थी। विजय चाचू ने अपनी बेटी को नंगी देखा तो उनकी साँसें रुक सी गयी।
चाची ने इशारे से चाचू को आगे बुलाया, वो तो जैसे इसी इन्तजार में बैठे थे, वो लपक कर आगे आये और अपनी बेटी के दायें चुचे को अपने मुंह में भर कर लगे चूसने किसी बच्चे की तरह। उन्होंने उत्तेजना के मारे उस के दाने पर जोर से काट मारा।
पूजा चिल्लाई- आआआ आआह्ह्ह…. पाआआ… पाआआआ… स्स्सस्स सस्स्स… अयीईईई ईईईई…पूजा ने अपने पापा के सर को किसी जंगली की तरह पकड़ा और उनकी आँखों में देख कर अपने थूक से गीले हुए होंठ उनसे भिड़ा दिए, पूजा के पापा के तो मजे आ गए। अपनी बेटी के इस जंगलीपन को देखकर चाचू का लंड फिर से तन कर खड़ा हो गया।खड़ा तो मेरा भी हो गया था पर लगातार 3-4 बार झड़ने के बाद मैं अपने लंड को थोड़ा आराम देना चाहता था।
बाप खिलाड़ी बेटी महा खिलाड़िन- 3
बाप बेटी एक दूसरे को ऐसे चूस रहे थे जैसे कोई गेम चल रही हो और दोनों एक दूसरे से ज्यादा पॉइंट्स लेने के लिए ज्यादा चूसने वाली गेम खेल रहे हैं।चाचू ने अपने हाथ पूजा की गोलाइयों पर टिका दिए और उन्हें मसलने लगे.पूजा की सिसकारी निकलने लगी- आआह आआअह्ह दबाओ ऊऊऊ इन्हीईए.. पाआआ… पाआआ…
किरण चाची ने अपनी बेटी पूजा को बेड पर लिटा प्रिया और उस की रस टपकती चूत पर हमला बोल प्रिया। ऋतु ने भी अपनी चाची का साथ प्रिया और वो दोनों पूजा की चूत के दोनों तरफ आधे लेट गई और बारी बारी से पूजा की चूत चाटने लगी।
ऊपर चाचू अपनी जवान सेक्सी बेटी के मुंह के अन्दर घुसे हुए उस का रसपान कर रहे थे। उन्होंने किस तोड़ी और थोड़ा नीचे खिसक कर अपने होंठ से पूजा के चुचे चूसने लगे। पूजा बेटी ने हाथ बड़ा कर अपने पापा का लंड अपने हाथ में ले लिया और उसे आगे पीछे करने लगी, फिर उसने लंड को थोड़ा और खींच कर अपने मुंह के पास खींच लिया।
चाचू समझ गए और अपना चेहरा उस की चूत की तरफ घुमा कर उस के मुंह पर बैठ गए और पूजा ने अपने पापा का लंड अपने कोमल मुंह में ले लिया और चूसने लगी।चाचू का चेहरा देखने लायक था, उनके आनंद की कोई रीमा नहीं थी। आज अपनी भाभी से और फिर अपनी भतीजी से चुसवाने के बाद अब वो अपना लंड अपनी ही बेटी के मुंह में डाले मजे ले रहे थे।
चाचू थोड़ा झुके और ऋतु और किरण को हटा कर अपना मुंह अपनी बेटी की चूत पर रख कर चाटने लगे उस की रसीली चूत को। बीच बीच में वो सांस लेने के लिए ऊपर आते और ये मौका ऋतु और किरण ले लेती और उस की चूत चाटने लगती।कुल मिला कर पूजा की चूत तीन लोग चाट रहे थे और वो अपने पापा का लंड चूस रही थी।
चाचू जब झड़ने वाले थे तो उन्होंने एकदम से अपना लंड पूजा के मुख से निकाल लिया और वापिस ऊपर आ कर उस को चूमने लगे। पूजा से भी अब बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा था, उसने अपने पापा को धक्का प्रिया और उछल कर उन के ऊपर बैठ गयी।विजय चाचू का फड़कता हुआ लंड पूजा की चूत के नीचे था। पूजा ने अपने पापा के दोनों हाथों में अपनी उंगलियाँ फंसाई और अपनी गांड और अपना सर नीचे झुका प्रिया। उस के होंठ अपने पापा के होंठों से जुड़े थे और चूत उनके लंड से।
पीछे से किरण चाची ने अपने पति का लंड पकड़ा और अपनी बेटी की चूत में फंसा प्रिया और उसे नीचे की तरफ दबा प्रिया। पूजा की कसी चूत में उस के पापा का लंड उतरता चला गया।“आआ आआअ आआआह्ह…. आआस्स… आआअह्ह्ह… पाआआ… पाआआ… म्म्म्म म्म्म्म म्म…” पूजा ने थोड़ा ऊपर होकर लम्बी सिसकारी निकाली… और अपने चुचे को विजय चाचू के मुंह में ठूँस प्रिया।अब चाचू का पूरा लंड उनकी बेटी की चूत के अन्दर था।
पूजा ने उछलना शुरू किया और चाचू का लंड अपनी चूत में अन्दर बाहर करने लगी। चाची और ऋतु नीचे बैठी बड़े गौर से इस चुदाई को देख रही थी। चाची ने हाथ आगे करके अपनी उंगलियाँ ऋतु की चूत में डाल दी और ऋतु ने किरण चाची की चूत में। फिर उन्होंने अपनी टाँगें एक दूसरे में ऐसी फंसाई कि दोनों की चूत आपस में रगड़ खाने लगी और उन्होंने बैठे बैठे ही एक दूसरी की चूत को अपनी चूत से रगड़ना शुरू कर प्रिया।
“आआम्म आआह… अह्ह्ह ह्ह्ह्हह… अहहहः… आहाहाहा.. हा.. हा हा.. हा.. अहा.. हह्ह्ह.. म्मम्म…” ऋतु और चाची अजीब तरह से हुंकार रही थी।पूरे कमरे में सेक्स का नया दौर शुरू हो चुका था। मेरा लंड भी तन कर खड़ा हो चुका था पर इतनी चुदाई के कारण वो दर्द भी कर रहा था इसलिए मैंने दूर बैठे रहना ही उचित समझा।
चाचू ने पूजा के गोल चूतड़ों को पकड़ा और नीचे से धक्के लगाने शुरू कर दिए। पूजा की सिसकारियां चीखों में बदल गयी और जल्दी ही वो झड़ने लगी- आआआअह्ह… अह्ह्ह.. अहः अहः अ अहः अ आहा हा… हा… पपाआआआ… मैं… आयीईईईइ… ऊऊओ… ऊऊऊ… ऊऊऊऊ… आआआह्ह.. और उसने अपने रस से पापा के लंड को नहला प्रिया और अपने मोटे मोटे चूचों को उनके मुंह पर दबा कर वही निढाल हो कर गिर पड़ी।
चाचू ने उसे नीचे उतारा और उस की टांगों को अपने हाथों से पकड़ कर ऊपर उठाया और अपना लंड उस की चूत में फिर से डाल प्रिया और धक्के देने लगे। चाचू का भी तीसरा मौका था इसलिए झड़ने में काफी समय लग रहा था। पर जल्दी ही अपने नीचे पड़ी अपनी बेटी के मोटे मोटे मम्मे हिलते देख कर वो भी झड़ने लगे और अपना रस उस की चूत के अन्दर उड़ेल प्रियावो अपनी बेटी की चूत में झड़ गये, और उस की छाती के ऊपर गिर कर हांफने लगे।पूजा ने उनके चारों तरफ अपनी टाँगें लपेट ली और सर पर धीरे धीरे हाथ फेरने लगी।
चाची और ऋतु की चूत भी आपसी घर्षण की वजह से जल उठी और उन का लावा भी निकल पड़ा और उन्होंने झड़ते हुए एक दूसरी को चूम लिया।मैं ये सब देख कर बेड के एक कोने में बैठा मुस्कुरा रहा था।
थोड़ी देर लेटने के बाद चाचू और चाची चले गए। उन के जाते ही ऋतु और पूजा ने एक दूसरे की चूत चाट कर साफ़ कर दी और हम तीनों वही नंगे लेट गए।दूसरे कमरे में जाकर चाची ने शीशा हटा कर देखा और अपनी नंगी बेटी को मेरी बगल में लेटते हुए देख कर वो मुस्कुरा दी।
पारिवारिक चुदाई की इस एडल्ट कहानी में क्या हुआ? वो अगले भाग में। मेरी अडल्ट कहानी पर आप अपने विचार मुझे मेल कर सकते हैं, इंस्टाग्राम पर भी मुझे जोड़ सकते हैं.।
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