होम पर वापस जाएं
Hindi Chudai Kahani • पठन समय: 10 मिनट • पढ़ा गया: 772 बार

Chandigarh Me Papa Ke Dost Se Chudi – Part 1

Arashdeep Kaur ?

25 Dec 2023 को प्रकाशित

Chandigarh Me Papa Ke Dost Se Chudi – Part 1
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

हैलो दोस्तो, सभी प्यारे पाठकों को एक बार फिर अर्शदीप कौर उर्फ चुद्दकड़ अर्श का प्यार भरा सलाम। मेरी कहानियों को पढ़ने और पसंद करने के लिए चूत और गांड खोल कर सभी का बहुत बहुत शुक्रिया।

मैं अपनी चुदाई की एक और गर्मागर्म कहानी लेकर हाजिर हुई हूं, उम्मीद है आपको बहुत पसंद आएगी। ये कहानी मेरे और मेरे पापा के बॉस के बीच हुए सेक्स की कहानी है जो अब रिटायर हो चुके हैं।

मेरे बारे में तो आप लोग अच्छी तरह से जानते हो कि मैं कितनी बड़ी चुद्दकड़ हूं और इस मामले में भगवान् भी मेरा साथ देता है जो मुझे नए से लंड मिलवाता रहता है। पापा के उस बॉस का नाम हुक्म चंद है और आयु 58 साल है। वो सिर से गंजा है और चेहरा क्लीन शेव है।

इस उम्र में भी वो बिल्कुल फिट है और उसकी वजह उसकी कसरत की आदत तथा साईकल चलाना है। वो अपने गांव से रोज़ 10 किमी साईकल चला कर ही दफ्तर आता जाता था और अब भी कहीं भी आस पास जाना हो साईकल से ही जाता है।

उसका कद मुझ से एक इंच कम यानि 5 फीट 6 इंच है। वो फॉर्मल पैंट शर्ट पहनता है ज्यादातर सफेद शर्ट और ग्रे पैंट होती है। साथ में चमड़े के काले जूते और आंखों पर नज़र का चश्मा होता है।

ये बात पिछले साल जून महीने की है। मैं एमकॉम पहले साल के साथ आईलेटस की तैयारी भी कर रही थी। मुझे उसकी परीक्षा केलिए चंडीगढ़ जाना था। जून महीने की तारीथ मिली थी और सुबह जल्दी पहुंचना था।

अब दिक्कत ये हो रही थी कि एक दिन पहले जाना होगा और साथ कौन जाएगा क्योंकि रात को होटल में रुकना था। पापा को छुट्टी मिलना मुश्किल था और मम्मी की तबीयत कुछ ठीक नहीं थी।

मम्मी को जून में गर्मियों की छुट्टियां होती हैं। खराब तबीयत के बावजूद वो चलने को तैयार हो गई। जाने से ठीक एक दिन पहले पापा ने बताया कि उनका बॉस रिटायर हो रहा है उसको भी उसी दिद जाना है और वहां ही रुकेगा।

पापा के उसके साथ बहुत अच्छे संबंध हैं तो पापा ने मुझे उसके साथ जाने को पूछा और मैंने हां कर दी। पापा ने हुक्म चंद को फोन करके साथ लेजाने को कहा और वो भी मान गया।

अगले दिन शाम दोपहर को वो अपनी कार लेकर आया और हम दोनों चंडीगढ़ केलिए निकल पडे़। हम शाम को चंडीगढ़ पहुंचे। उसने रोज़ की तरह सफेद शर्ट और ग्रे पैंट पहनी हुई थी। मैंने ब्लू टाईट जींस, लाईट ग्रीन शर्ट, ग्रीन ब्रा एवं पैंटी, काले हाई हील के सैंडिल पहने हुए थे और आंखों पर नज़र का चश्मा लगा लिया था।

मालूम नहीं उस दिन क्या बात थी हम दोनों बहुत होटलों में घूमें लेकिन कहीं कोई रूम नहीं मिल रहा था। हमने थक हार कर खाना खाया और फिर होटलों कू चक्कर लगाने लगे। करीब 10 बजे रात को एक हैटल में एक रूम मिला। हम दो रूम मांग रहे थे लेकिन रूम एक ही था।

हमने रूम बुक कर लिया और घर फोन करके बता दिया कि सब ठीक है। हम रूम में आ गए और पापा के बॉस ने दो कॉफी का आर्डर दे दिया। पहले वो बाथरूम में फ्रेश होकर आया और उसने काली लोअर और सफेन टी शर्ट पहन ली।

मैंने बैग में देखा तो पता चला कि मैं तो नाईट सूट लाना ही भूल गई हूं। मैंने बाथरूम मे़ फ्रेश होने के बाद वही कपड़े पहन लिए। जब बाहर आई तो वो सोफे पर बैठा हुआ था और वेटर कॉफी दे गया था। मुझे उन्हीं कपड़ों में देखकर बोला चेंज नहीं करनी क्या तो मैंने बताया कि नाईट सूट भूल आई हूं।

उसने मुझे कहा तुम कृफी पी लो फिर पास वाली मार्किट से सूट ले आते हैं। मैंने मना कर दिया और कहा कोई बात नहीं अंकल मैं ठीक हूं। अंकल ने मुझे कहा तुम बैॅड पर सो जाना मैं सोफे पर सो जाऊंगा।

मैंने कहा नहीं अंकल आप बैॅड पर सो जाओ मैं सोफे पर सो जाऊ़गी। कुछ देर की बहस के बाद मैंने बोला अंकल हम दोनों ही बैॅड पर सै जाएंगे। आप भी तो मेरे पापा जैसे ही हो अगर पापा होते तो भी बैॅड पर सोते। हम दोनों बैॅड पर आ गए।

वो बैॅड पर लेट गया और मैं बाहर जाकर जल्दी से पैॅग मारकर और सिगरेट पी कर आ गई। वो अभी भी बैॅड पर लेटा हुआ था। मैं सोफे पर बैठ कर थोडा़ पढ़ने लगी। वो टांगे फैला कर सोया हुआ था। थोडी़ देर बाद मैं सोने लगी और सोने से पहले एक और चर्स वाली सिगरेट बाहर जाकर पी आई।

जब मैं लेटने लगी तो उसकी एक लात की वजह से जगह कम थी। मैंने उसकी टांग पकड़ कर सीधी कर दी। उसकी आंखें बंद थीं लेकिन मैं समझ गई कि वो सोने का नाटक कर रहा है क्योंकि उसकी लोअर में उसका लंड तना हुआ था। मुझे पता था अब वो छेड़खानी जरूर करेगा।

मैं भी लाईट आॉफ करके बैॅड पर लेट गई लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी। मैं उसकी हरकत का इंतजार करने लगी और आंखें बंद करके लेट गई। मैं उसकी तरफ मुंह करके लेटी हुई थी।

कुछ देर बाद वो मेरी तरफ सरक आया और मेरी तरफ मुंह कर लिया। कुछ देर उसने कोई हरकत नहीं की जैसे जायजा ले रहा हो मैं सो गई या नहीं। उसने अपना हाथ शर्ट के ऊपर से मेरे बूब्ज़ पर रख दिया। उसके कुछ टाईम बाद वो सरक के बिल्कुल मेरे पास आ गया और अपनी टांगें मेरी टांगों से सटा लीं।

अब वो अपना चेहरा मेरे चेहरे के बिल्कुल पास ले आया और उसकी सांसें मेरे हो़ठों पर गिरने लगीं। अचानक से उसने अपना हाथ मेरे बूब्ज़ से उठा लिया और मेरी शर्ट का बटन खोल कर मेरे ब्रा से बाहर निकले बूब्ज़ पर लगया।

फिर उसने मेरे बूब्ज़ को बहुत हल्के से चूमा और जीभ घुमाई! उसकी इस हरकत से मैं रोमांचित हो उठी। फिर उसने मेरी शर्ट का बटन बंद करके हाथ ऊपर रख लिया।

अब उसके होंठ बिल्कुल मेरे होंठों के पास थे और उसका हाथ कांपने लगा। मैं समझ गई वो मेरे होंठों को चूमना चाहता है लेकिन डर रहा है। मैंनें खुद ही अपना चेहरा आगे कर दिया और मेरे होंठ उसके होंठों से लग गए। वो बहुत सावधानी से धीरे धीरे मेरे होंठों को चूमने लगा और उसका लंड तनकर मेरे पेट पर लग रहा था। मैं काफी गर्म हो चुकी थी लेकिन वो आगे नहीं बड़ रहा था।

मैंने उठ कर लाईट जला दी और वो घबरा गया और जल्दी से अपनी तरफ सरक गया। लाईट जलने के बाद उसने ऐसे नाटक किया जैसे अभी आंख खुली हो। वो मुझ से बोला क्या हुआ अर्श लाईट क्यों जला ली।

मैंने कहा अंकल मैंने आपके सटाफ से सही सुना था कि आप कोई काम ठीक से नहीं करते। वो बोला क्या मतलब तो मैंने कहा ऐसे सोने का नाटक करके चूमने से हाथ फेरने से क्या होगा जो करना है वो करो और अंधेरे में मजा भी नहीं आता। तभी वो बोला तू जानती थी क्या चल रहा है।

मैं बैॅड पर आ गई और उसकी गाल पर चूमते हुए कहा हां जानूं। तभी बोला तो मैंने भी तेरे बारे सही सुना है कि तू बहुत चालू है। मैंने कहा जब पता है चालू हूं तो गेयर डाल कर चला ले। यह कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

मैं उसके गंजे सिर पर प्मार से हाथ घुमाते हुए उसके होंठ चूमने लगी और वो शर्ट के ऊपर सेमेरे बूब्ज़ दबाने लगा। मैंने बैठे बैठे उसकी टी शर्ट को पकड़ कर ऊपर खींच लिया और निकाल दी।

तभी मैं उसकी गोद में सिर रखकर लेट गई और उसकी छाती पर हाथ घुमाने लगी। उसकी छाती इस उम्र में भी ठोस थी और उसका तना हुआ लंड मेरे सिर के नीचे चुभ रहा था जो काफी मोटा तगड़ा लग रहा था। वो थोडा़ झुककर मेरी शर्ट के बटन खोलने लगा।

बटन खोलते खोलते वो बोला क्या अर्श तुम सच्च में बहुत सारे मर्दों के साथ चुदाई कर चुकी हो मैंने कहा हां तो वो आगे बोला और जो तुम्हारी मम्मी के बारे सुना है क्या वो भी सच्च है। मैंने पूछा क्या सुना है पहले वो तो बताओ। वो बोला मैंनें सुना है तेरी मम्मी भी बहुत चालू रंडी है।

मैंने कहा हां सही सुना है। मैंने उससे पूछा आपने कहा से सुना तो बोला बहुत लोगों से। मैंने कहा लोंगैं ने गलत बताया हम किसी रंडी से भी ज्यादा बड़ी रंडियां हैं।

वो बोला क्या तू और तेरी मम्मी मुझ से एक साथ चुदाई कर सकती हो मैं तुम दोनों मां बेटी को एक साथ चोदना चाहता हूं।

मैंने कहा किसी दिन टाईम निकालकर घर आ जाना जब पापा आॉफिस में हों लेकिन पहले मुझे मम्मी से पूछना पडे़गा। वो बोला तुम पूछ कर मुझे फोन कर देना मैं टाईम देखकर आ जाऊंगा, मैंने कहा ठीक है। उसने मेरी शर्ट के बटन खोल दिए और मेरी ब्रा के ऊपर से बूब्ज़ दबाने लगा।

मैंनें अपनी बांहें उसके गले में डाल दीं और उसकी छाती को चूमने लगी। जैसे जैसे मैं उसकी छाती को अपने नाजुक होंठों से चूम रही थी वैसे वैसे उसके लंड का कड़कपन ज्यादा हो रहा था।

पढ़ते रहिये.. कहानी अभी जारी रहेगी और मेरी मेल आई डी है “support@mohakkisse.com”.

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

Chandigarh Me Papa Ke Dost Se Chudi

कुल भाग: 2
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

क्रिसमस के दिन छोटी बहन को आर्मी वालों ने चोदा-1(Christmas ke din chhoti behan ko army walo ne choda-1)
Hindi Chudai Kahani

क्रिसमस के दिन छोटी बहन को आर्मी वालों ने चोदा-1(Christmas ke din chhoti behan ko army walo ne choda-1)

मेरी बहन ने जब आप-बीती सुनाई, तो मुझे लगा कि ये बात कुछ लोगों के लिए आनन्द का विषय, तो कुछ लोगों के लिए सीख होगी कि भविष्य में ऐसा किसी के भी साथ हो सकता है।

7 मिनट 621
Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din – Ep 10
Hindi Chudai Kahani

Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din – Ep 10

मेट्रो स्टेशन पर काफी भीड़ थी। सुनीता ने अपने पति और कर्नल साहब की पत्नी ज्योति को खोजने के लिए इधर उधर देखा पर वह कहीं नजर नहीं आये।

12 मिनट 1,273
दोस्त के साथ मिल कर उसकी साली को चोदा-1(Dost ke sath mil kar uski saali ko choda-1)
Hindi Chudai Kahani

दोस्त के साथ मिल कर उसकी साली को चोदा-1(Dost ke sath mil kar uski saali ko choda-1)

नमस्कार दोस्तों, कैसे हो आप सब लोग? उम्मीद करता हूं आप सब लोग एक-दम अच्छे होंगे। मेरा नाम प्रतीक है। मैं बिहार से बहुत छोटे गांव से आया हूं। दरअसल मेरे पिता जी के गुज़र जाने के बाद सारा घर का बोझ मेरे और मेरी माँ के कंधों पर आ गया। जिसकी वजह से मु...

13 मिनट 520

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।