आए थे घूमने, चोद दी चूतें-1आए थे घूमने, चोद दी चूतें-2
अब तक की चुदाई की कहानी में आपने पढ़ा कि पूजा की चुत में मैंने अपना पूरा लंड पेल प्रिया था.अब आगे..
पूजा सिसकती हुई मुझसे लिपट रही थी. इधर हमारे पास ही विनोद ने सोनिया को घोड़ी बना लिया था और उसके ऊपर से उसकी चूत में अपना लंड डाल रहा था. विनोद का लंड भी सोनिया की चूत में घुसाए जा रहा था. सोनिया के मम्मे मेरे सामने नीचे को लटक रहे थे, तो मैंने अपने एक हाथ से सोनिया के एक मम्मे को पकड़ लिया और मसलने लगा, तो सोनिया मजाक से बोली- आप जीजा साली हमारे एरिया में दखल मत दो.
मैंने कहा- साली, तुम क्यों हम जीजा साली से जल रही हो, तुम दखल दे लो इधर हम तो रोकते नहीं, क्यों पूजा है न..तो पूजा सोनिया को बोली- साली, तू बड़ी आज हम जीजा साली से जल रही है, आजा तू भी दखल दे ले इधर.तो हमारी बातें सुन कर विनोद ने भी अपना एक हाथ पूजा के मम्मे पर रख प्रिया और उसे सहलाने लगा और बोला- लो, हम भी आ गए आपके एरिया में.
विनोद ने अब तक सोनिया की चूत में लंड डाल प्रिया था और सोनिया भी चुदवा रही थी, दोनों लड़कियां की चूतें हम दोनों मर्द चोद रहे थे. हम सभी को ऐसे बातें करते हुए चुदाई में मजा आ रहा था.
कुछ देर ऐसे ही लगातार चोदने के बाद मैंने विनोद को इशारा किया और विनोद और मैंने अपने अपने लंड बाहर निकाले और हमने दोनों लड़कियों को आमने सामने कर लिया. अब दोनों के मुंह आपस में आमने सामने थे. मैं घूम कर सोनिया की चूत के पास चला गया और विनोद घूम कर पूजा के पास आया गया.विनोद बोला- ले पूजा अब टेस्ट चेंज करके देख…ये कह कर विनोद ने अपना लंड पूजा की चूत में रखा और अन्दर कर प्रिया.
अब हम चारों आपस में अच्छी तरह खुल चुके थे.
पूजा सोनिया को बोली- ले भोसड़ी की.. अब मैंने तेरा माल पटा लिया.. तू चुदवा अपने वाले से, अब तेरे एरिया में मैंने पूरी ही दखलंदाजी कर दी.सोनिया बोली- बस कर बस, मेरी वजह से ही आज तुझे दो दो लौड़े मिले हैं.
मैंने अब जोर जोर से सोनिया को चोदना शुरू कर प्रिया था, सोनिया की चूत पानी की पिचकारियाँ छोड़ रही थी, उसकी जवानी का गर्म पानी मेरे लौड़े पे गिर रहा था. मेरे लंड ने भी उसकी गर्मी बर्दाश्त न करते हुए उसे कुछ देर ऐसे ही चोदने के बाद अपनी पिचकारी सोनिया की चूत में छोड़ दी.
इधर विनोद और पूजा पूरी स्पीड में चुदाई में मगन थे और अब विनोद पूजा की दोनों टांगें उठा कर चोद रहा था.चुद रही पूजा भी जोर जोर से सिसकती हुई बोली- आह उह.. उई.. अन्दर मत… निकालना.. उई..
पूजा की चूत से उसकी जवानी का रस बह रहा था और उसकी चूत से निकल रहे रस से विनोद के टट्टे तक भीग गए थे. विनोद का लौड़ा भी अब जवाब दे चुका था और फिर कुछ ही देर के बाद उसने अपना लंड पूजा की चूत से बाहर निकाल लिया और उसने सीधी पिचकारी पूजा के मम्मों पर मार दी.
अब एक के बाद एक पिचकारी विनोद के लंड से निकल रही थीं. पूजा के पूरे मम्मे विनोद के लंड के रस से भीग गए. कुछ ही देर में वो दोनों अलग अलग हुए और पूजा बाथरूम में साफ़ करने भाग गई.
विनोद बोला- बहुत मजा आया यार!मैंने सोनिया से पूछा- क्यों डार्लिंग, कैसा लगा?तो सोनिया कहने लगी- वाओ जानू, बहुत मस्त.. यार ऐसा मजा पहली बार आया है.
मैंने उसे एक किस कर दी. कुछ देर तक पूजा ही वाशरूम से वापिस आई और उसने भी बताया कि उसने अपने बीएफ़ से चुदाई तो पहले भी की है, लेकिन इतना मजा कभी नहीं आया.
फिर सोनिया ने किचन में जाकर चाय बनाई और हम सब बातें करते हुए नंगे ही बैठे चाय पीने लगे. हम में से किसी ने भी अभी तक कोई ने कपड़ा नहीं पहना था, क्योंकि पहले मैं कपड़े पहनने ही लगा था कि विनोद ने मना कर प्रिया था कि अभी रुक जाओ यार.
चाय पीने के बाद कुछ देर तक हम बातें करते रहे और अब हमारे लौड़ों में फिर से जान आने लगी थी और हम दोनों के लौड़े फिर से फड़कने लगे थे.अब मैंने फिर से पूजा को अपने पास खींचा और उसे किस करने लगा. विनोद और सोनिया हमारे दूसरी तरफ आपस में किस करने लगे.
इस बार मैंने पूजा को अपनी गोद में अपनी तरफ मुँह करके बिठाया और उसके मम्मों को चूसने लगा. कुछ ही देर में मेरे लौड़े में जान आने लगी थी, तो मैंने खड़े होकर अपना लंड फिर से पूजा के मुंह में डाल प्रिया. पूजा ने पहले जैसे ही चूस चूस कर मेरा लंड पूरी तरह से सख्त कर प्रिया. जैसे ही लंड खड़ा हुआ तो उसने मैंने उसे बिस्तर पे लेटने को कहा और उसकी दोनों टांगों को ऊँचा कर प्रिया और नीचे तकिया रख कर उसकी गांड को बाहर को निकाल प्रिया.
मैंने अपने लंड पर अब थोड़ा सा सरसों का तेल लगा लिया था, जो विनोद ने इस बार पास ही रख प्रिया था. मैंने पूजा की गांड में अपनी एक उंगली डाली तो पूजा बोली- उई जीजू नहीं, यहाँ मत करो प्लीज़…मैंने कहा- देखो बेबी, मैं ध्यान से करूँगा, अगर तुझे मजा न आए या पेन हो, तो मैं नहीं करूँगा. एक बार ट्राई करके देख तो ले.तो पूजा कुनमुना कर बोली- जरा ध्यान से…
मैंने पहले उसकी चूत में उंगली की, जिससे वो थोड़ा और गर्म हो गई और फिर उसकी गांड में उंगली करके उसकी गांड के अन्दर तक आयल लगा प्रिया और उसकी गांड को पूरी चिकनी कर प्रिया.उसके बाद मैंने धीरे से अपना लंड उसकी गांड के छेद के ऊपर रखा और हल्का सा झटका लगया तो पहले तो लौड़ा फिसल गिया. फिर से लंड सैट करके एक जोर का झटका लगाया तो वो सिहर गई. मेरा लंड उसकी गांड के अन्दर चला गया और अगले झटके के साथ मेरा लंड उसकी गांड में काफी अन्दर तक उतर गया.
अब पूजा के मुंह से जोरदार चीख निकली, परन्तु मैंने झटके लगाने जारी रखे और साथ में उसके मम्मे मसलने शुरू कर दिए. एक उंगली उसकी चूत में भी डाल दी. दो तीन झटकों के बाद पूजा को भी मजा आने लगा था, तो मैंने पूजा को और ऊपर उठाया और अपना लंड उसकी गांड में गहराई तक आगे पीछे करना शुरू कर प्रिया.
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मैंने विनोद की तरफ देखा तो वो सोनिया की चूत को दुबारा चोदना शुरू कर चुका था, तो मैंने उनको देख कर कहा- इधर देखो, मेरी साली ने आज अपनी गांड भी खोल दी है अपने जीजू के लिए.ये देख कर विनोद बोला- ओह, तो आपकी साली की चूत को चोदने मैं आ जाता हूँ.मैंने कहा- आ जाओ.. आओ.. आज साली को भी एक साथ दो लंडों का मजा मिल जाएगा.ये सुन कर पूजा बोली- ओह उफ़… नहीं जीजू… आह छोड़ो मुझे प्लीज़..मैंने उसकी गांड में ठोकर मारते हुए कहा- ले ले रानी मजा, बहुत मजा आएगा…
अब तक विनोद और सोनिया अपनी चुदाई बीच में छोड़ कर हमारे पास आ गए थे. मैंने पूजा के चूचों को जोर से पकड़ा हुआ था और पूजा की चूत विनोद के सामने फूली हुई थी.
तो मैंने विनोद को इशारा कर प्रिया, विनोद ने उसकी चूत पे अपना लंड रखा और हलके से झटका लगा प्रिया. अब विनोद का लंड पूजा की चूत में घुस चुका था और इधर मैं पूजा की गांड मार रहा था. पूजा अब हम दोनों मर्दों के बीच सेंडविच बन चुकी थी और हम दोनों मर्दों के लंड पूजा की चूत और गांड चोद रहे थे.
अब पूजा भी जोर जोर से सिसक रही थी उम्म्ह… अहह… हय… याह… और उसकी आवाजें पूरे कमरे में गूंज रही थीं. उसे ऐसे चिल्लाते देख सोनिया ने एहतियातन पूछा- पूजा, क्या हुआ.. मजा आ रहा है न..!
पूजा ने अपना हाँ में सर हिलाते हुए और चिल्लाती हुई आवाज में कहा- उफ़…आह्ह्ह हाँ.. बहुत मजा… उई.. चोदो.. सालों चोदो.. भैन के लौड़ों.. मेरी बहनचोदो.. आह्ह.. मेरी गांड मार दी.. गांड की बहनचोद दी आह.. आह्ह्ह.. सी सी.. उई..मैंने भी उसकी गांड मारते हुए कहा- ले चुद साली..आह ऐसे गांड मरा..बहन की लौड़ी.. मादरचोद.. ले कुतिया.. देख तेरी गांड और चूत.. हम दो मर्दों से चुद रही है.. आह्ह आह्ह्ह सी.. चुद चुद चुद.. साली कुतिया चुद..
कुछ देर ऐसे ही चोदने के बाद हमने अपने अपने लंड बाहर निकाले और पूजा को घुमा प्रिया. अब विनोद का लंड उसकी गांड में था और मैंने अपना लौड़ा उसकी चूत में डाल प्रिया. वो चुदक्कड़ बन कर फिर हम दोनों मर्दों के बीच सेंडविच बन गई.हम दोनों के लंड पूरी स्पीड में फिर से पूजा की चूत और गांड चोद रहे थे, पूजा को अपने ऊपर उठा लिया था और उसके चूतड़ बिस्तर पे नहीं लग रहे थे.पूजा के चूतड़ों पे मैंने एक चपत लगाई और पूछा- कैसा लग रहा है साली!वो बोली- उई जीजू.. जन्नत… मिल रही है.. आह्ह सी सी सी उई उई आह्ह..
विनोद ने उसकी गांड चोदते हुए कहा- ले बहन की लौड़ी साली.. चुद हम दोनों के लौड़ों से.. ले ले आज हमारी जवानी का मजा.. लूट ली तूने आज हमारी जवानी साली..हम तीनों आपस में गुत्थम गुत्था होकर चुदाई में मगन थे, हमारे पास खड़ी सोनिया की चूत भी हमें देख कर पूरी तरह गीली हो चुकी थी.
कुछ ही देर में पूजा जोर से चिल्लाई- उई आह्ह…सी सी सी …जीजू.. फाड़ दी.. मेरी आज.. आह्ह..ये कहते ही उसकी चूत से रस का फव्वारा छूट पड़ा, जिससे मेरे टट्टे तक भीग गए. उसकी चुत से कुछ रस विनोद के लंड पर भी निकल गया.पूजा की साँसें भी थोड़ा थम सी गयीं और उसने हमें रुकने को बोला, तो हम दोनों वहीं रुक गए.फिर उसने हमें लंड बाहर निकालने को कहा, तो हम दोनों ने अपने अपने लौड़े बाहर निकाले और पूजा को बिस्तर पे बिठा प्रिया.
पूजा का पानी निकाल चुका था और वो और चुदने के मूड में नहीं थी. वो बोली- उफ़ जीजू… मजा आ गया यार आज.. बस हो गई मेरी..हमारे लंड अभी खाली नहीं हुए थे, अगर कुछ देर और पूजा चुद जाती तो शायद हमारे लंड भी खाली हो जाते.
तभी मैंने सोनिया को कहा- चल तू आजा साली, ले ले आज तू भी पूजा जैसे ही अपनी जवानी का मजा लूट ले.सोनिया जैसे पहले से ही काफी उत्तेजित थी और वो झट से तैयार हो गई और हम दोनों के बीच आ गई. मैंने अपने लंड को फिर से तेल लगाया और सोनिया की गांड के ऊपर रखा, सोनिया को आगे से विनोद ने पकड़ रखा था. अब मैंने जैसे ही अपना लौड़ा सोनिया की गांड में डाला तो सोनिया तो गांड उचका उचका कर अपनी गांड मराने लगी जैसे उसे जन्नत का मजा आ रहा हो.उधर विनोद ने सोनिया के चूतड़ों पर एक चपत लगाई और फिर उसने सोनिया की चूत पे अपना लंड रख प्रिया. मैं उसको सहयोग देने के लिए थोड़ा रुक गया, अब विनोद ने एक ही झटके में अपना लंड सोनिया की चूत के अन्दर उतार प्रिया.
अब पूजा जैसे सोनिया भी हम दोनों के बीच सैंडविच बन चुकी थी. सोनिया अपनों गांड और चूत हम दोनों से चुदवा रही थी. कुछ देर सोनिया को ऐसे चोदने के बाद हम दोनों ने सोनिया को घुमा प्रिया और अब मुझे सोनिया की चूत मिली और विनोद का लंड सोनिया की गांड में था.
मैं आगे से सोनिया की चूत में अपना लौड़ा दौड़ाते हुए उसके होंठों को भी अपने होंठों से चूस रहा था. सोनिया भी उछल कूद कर अपनी जवानी को चुदवा रही थी.
अब लगातार दो लड़कियों की चूत और गांड चोदते हुए हमारे लौड़े भी अपने उफान पर थे और अपना रस छोड़ने को तैयार थे तो मैंने सोनिया को कहा- उफ़..ले .. बहनचोद.. सम्भाल अपने यार का लौड़ा.. चुद..चुद.. साली चुद.. गई…ये कहते ही मेरे लौड़े ने अपनी धार सोनिया की चूत के अन्दर छोड़ दी और मेरे लंड की गर्म धार का स्पर्श पाकर सोनिया की चूत ने भी फव्वारा छोड़ प्रिया. हम दोनों का पानी बहता देख विनोद से भी रहा न गया और वो भी सोनिया की गांड में ही फूट पड़ा.हम तीनों की जवानी एक साथ बरस रही थी, जवानी की इस बरसात में हमें बहुत मजा आ रहा था.
कुछ ही देर में हम तीनों खाली हो गए और अलग हो गए. उसके बाद मैंने सोनिया को अपने आगोश में लिया और प्यार का एक डीप किस किया. मैंने पूजा को भी एक किस किया. फिर वाशरूम में जाकर सभी ने अपने आप को साफ़ किया और कपड़े पहन कर बातें करने लगे.
सोनिया और पूजा ने बताया कि उन्हें सच में आज बहुत मजा आया था और उन्होंने ऐसा सेंडविच सेक्स पहली बार किया था, परन्तु मजा बहुत आया था. विनोद और पूजा ने आगे भी ऐसे ही हमारे साथ दोस्ती निभाने का वचन प्रिया और एक साथ चुदाइयों को करते रहने का फैसला किया. उसके बाद हमने टाइम देखा तो हमें पता चला हम 3 घंटे से लगातार सेक्स कर रहे हैं.
हम सभी फ्लैट से निकले और एक रेस्टोरेंट में गए जहाँ विनोद ने लंच करवाया क्योंकि उसने कहा कि आज की पार्टी मेरी तरफ से.उसके बाद सोनिया और पूजा अपने अपने घर के लिए रवाना हो गयीं.
दोस्तो, यह कहानी पब्लिश होने के बाद मैं सोनिया को भी भेजने वाला हूँ. इस कहानी को लिखते हुए काफी समय लग गया, इस लिए आप सभी लोग इसे पूरी कहानी को जरूर पढ़ना और मुझे ईमेल करके बताना कि मेरी कहानी आपको कैसी लगी. मेरी कहानी पढ़ कर आपकी चूत या लंड ने पानी छोड़ा या नहीं ये भी जरूर बताना.
दोस्तो, बताने को तो बहुत कुछ है, परन्तु अभी इतना ही, बाकी की कहानी कभी वक्त मिला तो बाद में बताऊंगा.