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भाभी की चुदाई पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 231 बार

चूत पर चोदने वाले का नाम नहीं लिखा जाता-2

नेहा वर्मा

12 Feb 2024 को प्रकाशित

चूत पर चोदने वाले का नाम नहीं लिखा जाता-2
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नेहा वर्मामैं चाय लेकर चुपचाप उसके पीछे खड़ी होकर देखने लगी। वो भी हॉट सेक्सी सीन्स का मज़ा ले रहा था।

अचानक उसने देखा तो मैं पीछे थी, वो जैसे ही हड़बड़ी में पीछे घूमा, मैं चाय लेकर खड़ी थी, तो पूरी ट्रे मुझ पर ही उलट गई।चाय बहुत गर्म थी, तेज़ी से जलन हुई तो मैं भाग कर जल्दी से बाथरूम में जाकर पानी से धोने के लिए चली गई। चाय बहुत गर्म थी।

अब आगे की कहानी आप शिशिर के शब्दों में सुनिए।

दोस्तों मैं 23 साल का जवान लड़का हूँ मेरा लंड 6 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है और मेरी हाइट 5’ 11” इंच है। मैं एक स्मार्ट लड़का हूँ मेरा रंग गोरा है। आज मैं आपको अपने पहले सेक्स अनुभव के बारे में बता रहा हूँ।भाभी जल्दी से बाथरूम में जाकर पानी से धोने के लिए चली गई, चाय बहुत गर्म थी।वो जल्दी से बाथरूम में गई और शावर ही खोल दिया ताकि जल्दी ठंडे पानी से आराम मिले।दरवाज़ा खुला ही था।मैंने कहा- पानी तेज़ चला लो और तुम्हें कहीं जलन तो नहीं हो रही है, जल्दी से कपड़े बदल डालो।यह कहते हुए मैं बाथरूम के पास चला गया और देखा तो भीगे कपड़ों में वो बेहद खुबसूरत लग रही थी।

उसकी ब्रा ब्लाउज में से साफ़ नज़र आ रही थी। ब्रा में से स्तन बाहर आने को आतुर हो रहे थे, स्तनों का साइज़ 38 था। साड़ी का पल्लू पूरा नीचे था।वो बोलीं- जरा मेरी मदद कीजिए.. जरा अलमारी से तौलिया ला दीजिए।मैं तौलिया निकालने गया।इसी बीच भाभी ने अपनी साड़ी उतार दी थी, ब्लाउज भी खोल दिया, अब वो अपनी ब्रा खोलने की कोशिश कर रही थी लेकिन वो हुक खुल नहीं रहा था।मैंने उनको तौलिया पकड़ा दिया। उन्होंने उसे हाथ में लेकर हेंगर पर टांगा और अपने ब्रा के हुक को खोलने की कोशिश करने लगी।मैंने बाहर से कहा- मैं हेल्प करूँ..!वो बोलीं- हाँ हाँ जल्दी खोल दीजिए न.. चाय गर्म थी ना..!वो दरवाजे की तरफ पीठ कर के खड़ी हो गई और मैंने ब्रा का हुक खोल दिया और कमर पर हाथ फेरते हुए कहा- कहीं जलन तो नहीं हो रही..!मैं बड़े प्यार से कमर पर हाथ चला रहा था, बोला- ठंडे पानी को बदन पर डालो..!फिर मैंने शावर चला दिया। शावर के नीचे उनके स्तन बहुत ही सेक्सी लग रहे थे। उनके स्तन उठे हुए थे। उनको देख कर, पूरी मस्ती आ रही थी।मैं भी भीग गया।फिर वो बोलीं- देवर जी, आप भी भीग गए हो.. जल्दी कपड़े उतार लीजिए..!मैंने ‘फट’ से सारे कपड़े उतार दिए।

मेरा लंड पूरा टाइट होकर खड़ा हो गया था। अंडरवियर में लंड खूब तना हुआ था। भाभी ने भी गौर किया था, पर उनको शायद कोई एतराज़ नहीं था। मैंने फिर धीरे से उनके बाल गर्दन पर से हटाए।मैंने कहा- भाभी, जरा सामने घूमो कहीं यहाँ जलन तो नहीं हो रही है।सामने घूमने पर उन के खरबूजे बहुत मस्त लग रहे थे।मैंने दोनों हाथों से उनको प्यार से सहलाया और कहा- इन पर थोड़ा पानी और डालो।उसके मस्त मम्मे सहलाते हुए मैंने पूछा- कहीं जलन तो नहीं हो रही? ठीक से पानी पैरों पर और जांघों पर भी डालो.. वहाँ भी चाय गिरी है।यह कहते हुए मैंने उनके पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया। फिर भाभी ने जल्दी से पेटीकोट उतार दिया और फिर पानी डालने में लगीं।मैंने कहा- इधर कहीं जलन तो नहीं हो रही..!यह कहते हुए मैंने पूरी जाँघों पर, टांगों पर और उसकी चूत पर और चूतड़ों-गांड पर खूब हाथ मला जैसे कि मैं धोने में मदद कर रहा होऊँ।मैंने कहा- कहीं जलन हो रही हो तो क्रीम लगा दूँ..!बोलीं- नहीं, अब ठीक लग रहा है।मैंने कहा- पर अब जलन मेरे बदन पर शुरू हो गई है।बड़ी मदमस्त लग रही थी वो, और मुझसे रहा नहीं जा रहा था। अब मैं क्या करूँ कुछ समझ में नहीं आ रहा था।मैं भाभी की कमर पर हाथ फेरने लगा और बोला- मेरी जान, तुम तो इतनी सेक्सी हो मैंने कभी सोचा नहीं था।पीछे से भाभी का बदन बहुत सेक्सी लग रहा था। उनका फिगर का साइज़ 38-30-38 था।“आज तो मुझे गिफ्ट चाहिए..!” यह बोलकर झट से मैंने पहले हाथ को चूमा और फिर उनके लबों को चूम लिया।वो बोलीं- क्या कर रहे हो?मैंने कहा- मस्ती और क्या..!फिर थोड़ा सा आगे पैर दबाया और उनके पास सट कर खड़ा हो गया और उनके बालों को हटाते हुए एक हाथ को कमर पर और दूसरे हाथ को उनके स्तन के ऊपर रखते हुए उनको अपनी तरफ खींच लिया।और उनसे बोला- जब से मैंने आपके भीगे हुए बदन को देखा है, मेरे मन में आग सी लगी है। मैं बेचैन हो गया हूँ। आज मैं अपनी हर कामना को पूरा करना चाहता हूँ।अब मैं उनके बड़े बड़े स्तनों को दबाने लगा, तो वो पहले कुछ देर तक तो विरोध करती रहीं लेकिन थोड़ी देर के बाद मैंने देखा कि वो “उम् आह..” की आवाजें निकालने लगीं और फिर “स्स्स्स आह उम्” की मस्ती भरी एक अजीब से आवाज़ निकलने लगी।वो हालांकि उस वक्त भी यह दिखाने की पूरी कोशिश कर रही थीं कि वो वैसा नहीं चाहती है, लेकिन उन्हें मज़ा आने लगा था।मैं उनके स्तनों को जोरों से दबाने लगा और फिर जीभ से चाटने लगा और बोला- इससे सारी जलन मिट जाएगी..!और चारों तरफ जीभ फेरने लगा।अहह.. क्या लग रही थी..!मैं उनके स्तनों पर टंके हुए सेक्सी निप्पलों को चूस रहा था। फिर मैंने उनके स्तनों को अपने हाथों में भर लिया और उनको दबाने लगा। स्तन इतने बड़े थे कि मुश्किल से हाथ में आ रहे थे।मैं अपने भाग्य को सराह रहा था कि आखिर आज मेरे लंड को चुदाई का मौका मिल ही गया…मैंने उनके मुँह में मुँह डाला और उन्हें पागलों की तरह चूमने लगा।वो भी जोश में आ गई थी मैं उनके स्तनों को अपने मुँह में भरने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वो इतने बड़े थे कि यह नामुमकिन था।वो उधर सिसकरियाँ भर रही थी- अम्म… आह्ह्ह्ह क्या कर रहे हैं आप अह उम्म्म..!मैं भी जोश में आ गया। भाभी भी स्तन को हाथ लगाने लगी, उनके मन में भी अब सेक्स की इच्छा प्रबल हो उठी थी शायद…!मैंने अपना अंडरवियर भी उतार दिया, मेरा लंड पूरी मस्ती से खड़ा था।वो देखकर बोलीं- शिशिर यह तो बहुत ही बड़ा है मैं नहीं झेल सकती.. कितना लम्बा और मोटा है। तुम्हारे भैया का 5 इंच से ज्यादा नहीं होगा पर तुम्हारा तो.. ओफ्फ्फ्फ़… बताओ तो सही क्या साइज़ है..!मैं बोला- ज्यादा नहीं यही कोई 6 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है और अब तुम डरो नहीं मेरा वादा है कि जब यह तुम्हारी चूत में एक बार पूरा जाएगा, तब तुम खुद ही बोलोगी कि प्लीज शिशिर पूरा डाल कर चोदो मुझे, ट्रस्ट मी जरा इसको अपने प्यारे हाथों में लेकर थोड़ा प्यार करो।फिर भाभी डरते हुए मेरे लंड को अपने हथेली से सहलाने लगी। कुछ देर बाद भाभी को अच्छा लगने लगा तो उन्होंने किस करते हुए मेरे लंड को जोर से दबाया।फिर मैंने तौलिये से उनके गीले बदन को पोंछते हुए कहा- चलिए, हम आज सुहागदिन ही मनाएंगे।भाभी भी अब जोश में आ गई थीं और मजा लेना चाह रही थीं।उन्होंने मुझे लिपटना और चूमना शुरू कर दिया बोलीं- तुम्हारा लंड कितना प्यारा है.. मैं इससे प्यार कर लूँ..!मैंने कहा- जानू ये तो बस अब तुम्हारा ही है खूब प्यार करो और चूसो।भाभी बड़े प्यार से लंड को प्यार करने लगीं चूमने लगीं। भाभी अब दिल ओ जान से तैयार थीं।भाभी गर्म हो उठी थीं और चुदना चाह रही थीं।उन्होंने अपनी टांग उठा कर लंड को चूत के नजदीक ले जा कर चूत में लेना चाहा, पर मैं उनके मुँह से सुनना चाहता था कि आओ शिशिर मुझे चोदो..!लंड भाभी की चूत के बाहर खड़ा है, चोदना मुझे भी है और चुदना भाभी भी चाह रही है, पर मुझे लगा अभी जल्दी है थोडा फोरप्ले और होना चाहिए।अब मैंने उनको अपने बांहों में उठा लिया और ले जाकर बेड पर लिटा दिया और उन्हें चूमने लगा।वो बोलीं- चूमा-चाटी में ही टाइम ख़राब करोगे या कुछ आगे भी करोगे?मैं उनके दोनों स्तनों के चूचकों को चूसने लगा था और वो जोर-जोर से, “आह…हह.. और जोर से चूसो अआह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह..!”और वो छटपटा रही थी। मैंने दोनों हाथों से उनके स्तनों को दबा रहा था और मुँह से एक-एक करके पपीते चूस रहा था।फिर मैं एक हाथ से उनके चूत के बालों पर हाथ फिराने लगा।वो उछल-उछल कर चिल्ला रही थी, “शिशिर और जोर से करो.. और जोर से दबाओ.. और जोर से चूसो…!”फिर मैं उनके पूरे बदन को चूमने लगा। वो मानो नई दुल्हन की तरह सिसकारियाँ ले रही थीं और मैं उनके पूरे बदन को अपनी जीभ से चाट रहा था।फिर मैंने उन्हें उल्टा लिटा दिया और उसके पिछले हिस्से पर अपनी जीभ फिराने लगा। उसको मानो स्वर्ग का आनन्द मिल रहा था।

मैंने उनकी दोनों जांघों के बीच में भी अपनी जीभ को घुमाकर उन्हें मस्त कर डाला और फिर ऊपर से नीचे तक उन्हें चूम लिया।

फिर थोड़ी देर उनके मम्मों को सहलाने के बाद मैं एक और आखरी धक्का दे दिया और मेरा पूरा 6 इन्च लम्बा लंड उनके चूत के अन्दर था।वो जोर से सिसकारी मार रही थी, “आह्ह्ह्ह उईईई मरीईए गई मज़ा आ गया चोद दे याररर अह्ह्ह्हह…!”अब मैं फिर धक्का मारने लगा। धीरे-धीरे अब वो अब वो मुझे अपने चूतड़ उछाल-उछाल कर साथ देने लगी।

कुछ देर बाद मैंने उसके पैर अपने कन्धों पर रखे और अपना पूरा लंड उसकी चूत में अन्दर बाहर कर रहा था।

उनके पैर मेरे कंधे पर होने से पोजीशन इतनी टाइट थी और मैं उनके चूत के अन्दर तक चला गया था।

मेरा लम्बा लंड भाभी की चूत में उछल-कूद करने लगा।वो चिल्ला रही थी, “बहुत बड़ा है..अब बस करो मुझसे सहा नहीं जाता प्लीजजज..!”पर मैं बस थोड़े ही करने वाला था। कुछ देर बाद उनकी चूत में मेरे लंड ने अपनी जगह बना ली थी।अब भाभी भी मुझे कह रही थीं, “और जोर से चोद.. आज से पहले ज़िन्दगी में ऐसी मज़ा कभी नहीं आया..!”और मैं धक्के पर धक्के दे रहा था और वो भी उछल-उछल कर मेरा साथ दे रही थी। मैं जोर-जोर से अपना लंड उसकी चूत में अन्दर-बाहर करने लगा।

वो अपने बाल नोंच रही थी, तो कभी अपने स्तन को दबा रही थी। बस मुझे उसके साथ आज ज़िन्दगी का मज़ा लूटना था।

अब वो इतनी तेज़ी से उछल रही थी कि वो उसकी चूत से ‘फच फच’ की आवाजें पूरे रूम को भरने लगीं।भाभी भी मेरा हौसला बढ़ा रही थीं, “और जोर से शिशिर और जोर से.. अब मैं झड़ने वाली हूँ.. तुम मुझे बहुत मज़ा दे रहा हूँ आह्ह अआम्म्म हाँ… और जोर से आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्… लो मैं झड़ी…आ..हह..!”और वो झड गई। कुछ देर बाद करीब मैं परेशान हो गया था कि मैं झड़ क्यूँ नहीं रहा था। भाभी को फिर तो मैंने अलग-अलग आसनों में अलग-अलग तरीके से खूब चोदा। उन्होंने भी खूब मजे से चुदवाया। मुझे भी खूब मजा आ रहा था। दस मिनट बाद मैंने उनकी चूत में गरम-गरम रस डाल दिया और इस दौरान वो भी दोबारा झड गई थीं। मेरा लंड अभी तक उनकी चूत के अन्दर था, थोड़ी देर बाद हम अलग हुए।मैंने कहा- भाभी मन नहीं भरा है..!कहानी जारी है।अपने विचार कहानी के नीचे डिसकस में ही लिखें !

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चूत पर चोदने वाले का नाम नहीं लिखा जाता

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