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कोई मिल गया पठन समय: 2 मिनट पढ़ा गया: 501 बार

जन्म दिन पर चुदी शिखा रानी-2

चूतेश

14 May 2023 को प्रकाशित

जन्म दिन पर चुदी शिखा रानी-2
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चूतेश

मैं उठा और उसकी तरफ लपका तो मेरी लिपटी हुई लूंगी खुल कर गिर गई और मैं पूरा नंगा हो गया।मुझे नग्‍न देखते ही शिखा रानी ने हाथ उठाकर आँखों पर ढक कर आँखें बंद कर लीं लेकिन जैसे ही हाथ उठाये तो उसका तौलिया भी झट से गिर पड़ा।अब शिखा रानी भी पूरी नंगी थी और शर्म से जहाँ तक पहुँची थी वहीं की वहीं अटक गई और घूम कर मेरी तरफ पीठ कर ली।

मेरी नज़र शिखा रानी के मदमस्त नितम्बों पर अटक गई। भगवान की सौगंध बहुत ही ज्यादा आकर्षक चूतड़ थे हरामज़ादी के… गोल गोल सलोने सुन्दर और मनलुभावने।

जैसे ही गीत खत्म हुआ, मैंने पूछा- क्यों शिखा रानी अब तो तुझे समझ आ गया ना कि मैं तेरे में कितनी खूबसूरती देखता हूँ।शिखा रानी ने मेरा सिर कस कर पकड़ लिया और धड़ाधड़ बीसियों चुम्‍मे मेरे चेहरे पर लगा दिये।

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फिर उसने मेरा सिर ज़ोर से भींच के अपने गले से चिपटा लिया और मेरे कान में बहुत धीमी आवाज़ में घंटियाँ बजाते हुए कहा- राजे… तूने आज मेरा दिल ही नहीं मेरी रूह भी जीत ली… तेरे लिये मेरे दिल में कितना प्यार उमड़ रहा है मैं बता नहीं सकती… राजे…राजे अब तू मेरा शरीर भी ले ले… राजे अब देर ना कर…मैं जले जा रही हूँ तुझ से संगम करने के लिए… गाना सुना के तो तूने आग में घी डाल प्रिया….बस राजा अब ज़रा भी देर ना कर…बस समा जा मेरे अंदर…अब तक मैं भी बेतहाशा उत्तेजित हो चुका था, मैंने तुरंत शिखा रानी की टांगें चौड़ी कीं और उनके बीच में घुटनों पर बैठ के लंड को चूत से लगाने ही वाला था कि शिखा रानी ने रोका- एक पल रुक राजे… ज़रा मैं अपने भोले का स्वाद तो चख लूँ…

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श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

जन्म दिन पर चुदी शिखा रानी

कुल भाग: 6
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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

निसार

1 month ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

सौरभ गुप्ता

2 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

पार्थ सारथी

2 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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