फुल सेक्स देवर भाभी का पढ़ें इस कहानी में! देवर की बीवी अपने पति को सेक्स का मजा नहीं देती थी और भाभी का पति अपनी बीवी को कम चोदता था. उन दोनों की आपस में सेटिंग हो गयी.
कहानी के दूसरे भागदेवर भाभी की नंगी चुदाईमें आपने पढ़ा कि अजय और उसकी भाभी दोनों अपने अपने जीवन साथी से नाखुश थे. दोनों एक दूसरे को पसंद करते थे तो एक दिन उन दोनों ने आपस में सेक्स कर लिया.
अब आगे फुल सेक्स देवर भाभी:
सुबह चार बजे रिया को वाशरूम जाना था.वह उठी … वाशरूम से वापिस आई तो अजय का लंड तना हुआ था.
रिया की चुदास फिर भड़क गयी.उसने लंड को मुंह में ले लिया और चूसने लगी.
अजय की आँख खुल गयीं.वह रिया को देख कर मुस्कुराया.
फिर उसने वाशरूम जाने की इजाजत ली और वापिस आकर रिया की चूत में लंड पेल प्रिया.रिया ने उसे कस के चिपटा लिया अपने से!
अजय बोला- ऐसे कैसे करूंगा?तो रिया बोली- कुछ मत करो, बस ऐसे ही अंदर होकर पड़े रहो.
सुबह अजय अपने फ्लैट में चला गया.आज ऑफिस तो जाना नहीं था.
रिया नहाकर सीधे नीचे चली गयी.
सावित्री देवी ने अजय के लिए पूछा तो रिया ने बता प्रिया कि रात को उसने खाना खा लिया था और अपने फ्लैट में सो रहा है.
अजय ने 9 बजे करीब सावित्री देवी को फोन किया- रिया को भेज दें, मुझे नाश्ता देगी.उन्होंने कहा- आज नाश्ता नीचे आकर कर ले. कटलेट्स बनाए हैं तेरी भाभी ने!
अजय को बहुत गुस्सा आया.वह तो सोच रहा था कि रिया ऊपर आयेगी तो वह उसे अपने साथ नहाने के लिए बाथरूम में ले जायेगा.
खैर अजय फ्रेश होकर नीचे नाश्ता करने आया.
मंगलदास कहीं जाने के लिए तैयार हो रहे थे, उनके किसी दोस्त के बेटे की सगाई थी.सावित्री देवी को भी जाना था.पर रिया अकेली है यह सोच कर वह नहीं जा रहीं क्योंकि छुट्टी के दिन अजय तो इधर उधर रहता है.
अजय ने उनसे कहा- मम्मी, आप भी चली जाइए. मैं आज घर पर ही रहूंगा और आपकी बहू का ध्यान रख लूंगा.सावित्री देवी हंस कर बोली- मेरी बहू तेरी कुछ नहीं है क्या?अजय ने मुंह बना कर कहा- सब कुछ है, बस भाभी नहीं है.सब हंस पड़े.
तो यह तय हुआ कि सावित्री देवी और मंगलदास सगाई में जायेंगे थोड़ी देर में … और शाम तक वापिस आयेंगे.
अजय ने कह प्रिया- जब आप लोग वहां से वापिस चलें तो मुझे फोन कर लें. हो सकता है हम लोग इधर उधर घूम आयें.
अजय तो ऊपर अपने फ्लैट में आ गया.वह शेव करके नहाने की तैयारी करने लगा.
नीचे भी मंगलदास और सावित्री देवी के जाने के बाद रिया अपने फ्लैट में आ गयी.मन तो उसका ऊपर वाले फ्लैट में ही अटका था, काम भी कुछ नहीं था करने को.
वह अंदर वाले जीने से ऊपर गयी और गेट खटखटाया.अजय ने खोला.
वह नहाने जा रहा था, तौलिया लपेटे खड़ा था.अब रिया ने भी अपनी शामत खुद बुलाई.अच्छे खासे बाथरूम में जा रहे अजय का उसने पीछे से तौलिया खींच प्रिया.
अजय इससे पहले कि तौलिया संभाल पाता, वह तो गया रिया के हाथ में.और अजय नंग धडंग.रिया खिलखिला कर हंस पड़ी और मुंह पीछे करके अपने हाथों से चहरा छिपा लिया.
पर अजय भी कम नहीं था.उसने रिया को अपनी बाँहों में उठा लिया और जबरदस्ती बाथरूम की ओर ले चला.
रिया चीखती रही- मुझे छोड़ दो, सॉरी अजय.पर अजय कहाँ सुनने वाला था.उसने गोदी में उठायी रिया को शावर के नीचे खडा करके शावर खोल प्रिया.रिया चीखती रही पर पूरी भीग गयी.
तब रिया नाराज होती हुई बोली- मेरा सूट भिगो प्रिया.अजय बोला- मेरी तो इज्जत की वाट लगा दी और तुम्हें इस सूट की पड़ी है.
तभी अजय ने रिया के होंठ से होंठ लगा दिए.रिया चिपट गयी उससे.
अब अजय ने उससे कहा- भीगे कपड़े उतार दो.रिया बोली- क्यों?अजय हंस कर बोला- क्या भीगे कपड़ों में ही रहोगी.
रिया बोली- तुम बाहर जाओ.अजय बोला- न मैं बाहर जाउंगा, न तुम जाओगी. कपड़े उतार लो, दोनों प्यार से नहायेंगे. अब तो मम्मी के आने पर ही कपड़े पहनेंगे.
तब अजय ने रिया का सूट उतार प्रिया.रिया ने बड़ी मुश्किल से अपनी ब्रा और पेंटी उतारी.
अब दोनों निपट नंगे थे.दोनों चिपट गए एक दूसरे से और ऊपर से पानी की फुहार उनके अंदर की आग को और भड़का रही थी.
रिया अपनी जिन्दगी में दूसरी बार किसी मर्द के साथ इसे शावर के नीचे खड़ी थी.पहली बार हनीमून पर वह और विजय होटल में नहाए थे.उसके बाद तो कभी ऐसा मूड ही नहीं बना विजय का.
और यह अजय था कि बार बार झुक कर रिया के मम्मे चूमता.
उसका लंड नीचे से रिया की चूत पर टक्कर मार रहा था.अजय नीचे बैठ गया और रिया की एक टांग उसने अपने कंधे पर रखवा ली और अपनी जीभ घुसा दी उसकी मखमली चूत में!
रिया कसमसा रही थी.उसने अजय के बाल कस के पकड़ रखे थे.
अजय अब खड़ा हुआ और अपनी एक उंगली घुसा दी रिया की चूत में और लगा तेजी से अंदर बाहर करने.
रिया कसमसाती हुई उसके होंठों से अपने होंठ भिड़ा कर अपनी जीभ अजय के मुंह में घुसा रही थी.अजय उसके मम्मे कस-कस के मसल रहा था.
जब अजय ने रिया को ज़रा सा सहारा प्रिया तो वह ऊपर उछली और अजय के कमर से लटक गयी.रिया ने अपनी बाहें उसकी गर्दन में डाली हुई थी और होंठ से होंठ मिला कर चूम रही थी.
अजय ने नीचे से अपना लंड उसकी चूत में सेट करके धक्का प्रिया तो लंड अंदर चला गया.अब अजय रिया को उछालने लगा और चुदाई शावर के नीचे चलती रही.
पर इस सबसे चुदास शांत होने की जगह और भड़क गयी.रिया कसमसाती हुई बोली- बेड पर चलो.
दोनों ने अपने जिस्म को तौलिया से पौंछा और तेजी से अजय के बेड पर चले गए.
रिया पहले ऊपर चढ़ कर अपनी टांगें चौड़ा कर लेट गयी.अजय उसका इशारा समझ गया और उसने अपना मुंह रिया की गुफा पर रख प्रिया.
रिया ने अपनी उँगलियों से अपनी गुफा का मुंह और चौड़ा कर प्रिया.अजय की जीभ अब उस गुफा की गहराई नापने लगी.
तब अजय ने थोड़ा थूक बाहर करके अपनी एक उंगली रिया के पीछे के छेद में करनी चाही तो रिया बिदक गयी- वहां नहीं.अब दोनों ही बेकाबू थे.
अजय सीधा रिया के ऊपर चढ़ गया और ऊपर होते हुए उसके मम्मे मुंह में ले लिए.रिया ने अपने हाथ से उसका लंड अपनी चूत में कर लिया और नीचे उसे ऊपर जोर लगा कर लंड को गहराई तक अंदर किया.
अब अजय भी पिलाई में लग गया.मूड फ्रेश था, शरीर में कोई थकान नहीं थी.जल्दी कोई थी नहीं, कोई रोकने टोकने वाला नहीं था.
इन सबके चलते अजय के धक्के बढ़ते गए और साथ में रिया का हल्ला गुल्ला भी.
पराये मर्द के नीचे लेट कर लिया मजा -2
रिया अब बेशर्मी से उसे उकसा रही थी.ऐसी चुदाई रिया की शायद ही पहले कभी हुई हो.
रिया ने अजय को नीचे पलटा और खुद ऊपर चढ़ कर लगी घुड़सवारी करने.उसके बाल हवा में लहरा रहे थे.
उसने अपने दोनों हाथ अजय की छाती पर टिका रखे थे.अजय बार बार उसके मम्मे मसलता.अब तो रिया के गोरे गोरे मम्मे लाल हो चले थे.
रिया के मुंह से झाग या थूक निकल रहा था.वह अब हांफ रही थी.अजय ने उसे कस के जकड़ लिया.
दोनों का होने वाला था.
रिया एक झटके से उछली और नीचे अजय की छाती पर गिरती चली गयी.वह हटना चाह रही थी पर अजय ने उसे जकड़ लिया था.
रिया अजय की छाती पर ही लेट गयी.अजय ने उसकी उखड़ती सांसों को आराम देने के लिए उसे आहिस्ता से बगल में लिटाया.
सांसें सँभालने पर रिया वापिस अजय से लिपट गयी और चूमने लगी.
देवर भाभी फुल सेक्स के बाद वासना का तूफ़ान थम चुका था.
अजय बोला- चलो घूमने चलते हैं.रिया कुछ नहीं बोली बस मुस्कुरा कर उसने एक बार और अजय को होंठों पर कस के चूम लिया.
रिया तैयार हुई.
दिन था, बाहर कॉलोनी के लोग भी मिलते ही हैं, तो रिया ने सूट ही डाला.हल्का सा मेकअप किया पर अपने को खूब महकाया.उसे मालूम था कि अजय को पेंटेड नेल्स अच्छे लगते हैं. तो एक कोट नेल पेंट का उसने और लगा लिया.
दोनों बाइक पर घूमने निकल पड़े.रिया चिपक कर बैठी थी अजय से.उसके जिस्म की महक अजय को दीवाना कर रही थी.
एक बार तो अजय ने बाइक रोक ही ली, बोला- घर चलो, प्यार करेंगे.रिया ने उसे एक धौल लगाया- अब नहीं. अभी तो घूमते हैं. भूख लगी है कुछ खायेंगे.
लंच लेते समय रिया ने विजय को फोन करके पूछा- कहाँ हो?तो विजय ने बताया कि वह शाम को चार बजे तक पहुंचेगा.
दो तो बज ही रहे थे.दोनों ने फटाफट लंच निबटाया और बाइक उठाकर सीधे घर आये.
पहले तो रिया ने अपना फ्लैट ठीक किया, रात के तौलिया वगैरा धुलने डाल दिए.
उसने कपड़े बदले और नाईटी पहन ली.ऊपर से अजय आ गया.
वह उसे बेड पर ले जाना चाह रहा था.रिया बोली- अब नहीं, विजय आता ही होगा.
तभी दिया का फोन रिया के पास आ गया.दिया ने रिया से कहा- मम्मी को तो आराम है पर जब आई हूँ तो एक दो दिन रुक कर ही आऊंगी. प्लीज़ अजय का ध्यान रख लेना.रिया ने अजय से चिपटते हुए कहा- तू चिंता मत कर, मैं अजय का पूरा ध्यान रखूंगी.
अजय ने विजय को फोन करके पूछ ही लिया- कितनी देर में आओगे?विजय ने पूछा भी कि क्यों पूछ रहा है, तो अजय बोला- मुझे कहीं जाना है और मम्मी पापा कहीं गए हैं, घर पर रिया अकेली है.
तब विजय बोला- कोई बात नहीं, तू चला जा. मुझे तो अभी आधा पौना घंटा लगेगा.
बस अब तो अजय की पौ-बारह हो गयी वह लिपट गया रिया से और उसे गोदी में उठा कर बेड पर ले जाने लगा.रिया बोली- बेड पर नहीं. अभी नयी चादर बदली है, रात वाली पर तुमने निशान डाल दिए थे.
अजय ने वहीं सोफे पर रिया को लिटा प्रिया और उसकी नाईटी और अपने कपड़े उतार दिये.
अब रिया भी मूड में आ गयी.वह सोफे की हैण्ड रेस्ट पर सर टिका कर टांगें चौड़ा कर लेट गयी.
अजय ने पहले तो उसकी चूत को चूसा और थूक से चिकना करके अपना मूसल पेल प्रिया.सोफे पर ज्यादा पोजिशन तो बदली नहीं जा सकती थीं.
रिया ने टांगें बिल्कुल ऊपर पंखे की तरफ उठा कर चौड़ा दीं.अब अजय का लंड पूरी गहराई तक धकापेल मचा रहा था.
रिया ने उसकी पीठ पर अपने नाख़ून गाड़ दिए.निश्चित रूप से अजय की पीठ पर धारियाँ उकेर दी होंगी रिया ने.
चुदाई को फाइनल अंजाम देते हुए अजय ने रिया को घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चूत में घुस गया.
उसके हाथों की गिरफ्त में रिया के मम्मे थे.रिया बार बार मुंह घुमा कर उसे चूम लेती.
थोड़ी देर धमाचौकड़ी के बाद अजय ने अपना सारा माल रिया की चूत में खाली कर प्रिया.पर जैसे ही अजय और रिया खड़े हुए, रिया की चूत से कुछ बूँदें निकल कर वहीं फर्श पर गिरने लगीं.
रिया बनावटी गुसा दिखाते हुए वाशरूम में भागी.अजय भी कपड़े लेकर ऊपर चला गया.
रिया फ्रेश होकर और कपड़े पहन कर आई, उसने फर्श साफ़ किया और आस पास का माहोल देखने लगी कहीं कुछ रह तो नहीं गया.
अच्छा ही हुआ, सोफे के नीचे उसकी अपनी पेंटी पड़ी थी.रिया के मुंह से ‘हे भगवान्’ निकला.
एक बार और उसने चारों और ऊपर नीचे देखा.
तभी गेट पर बेल बज गयी.विजय आ गया था.
रिया ने थोड़ा लाड़ लड़ाना चाहा विजय से … पर वह तो बहुत शुष्क था, बोला- भूख लगी है, मैं नहाकर आता हूँ, तुम कुछ बना दो.तो रिया ने बड़े स्टाइल से कहा- चलो मैं भी साथ नहाती हूँ, जैसे हनीमून पर नहाए थे.विजय मुस्कुराया तो … पर बोला- ज्यादा दिमाग मत लगा, फटाफट कुछ बना ले, मैं आता हूँ.
अजय भी नीचे आ गया था.वह तैयार होकर आया था बाहर घूमने जाने के लिए.
जैसे ही विजय नहाने गया, अजय ने जबरदस्ती रिया को चूम लिया और उससे धौल खाकर हंसता हुआ बाहर चला गया.
अब अजय को दिया का मायके जाना और रिया को विजय का सेक्स न करना अखरता नहीं था.
दिया भी रिया की मक्खन पोलिश करती- रिया तू तो जानती ही है कि मैं मम्मी के बिना नहीं रह सकती. प्लीज़ मेरे पीछे तू अजय का ध्यान रख लिया कर!रिया मुस्कुरा जाती और कहती- तू चिंता मत कर. तू अपने मन की पूरी कर, यहाँ मैं हूँ न!
अब रिया विजय से अब गाहे बजाहे चुदाई करवा ही लेती क्योंकि उसे मालूम था कि विजय या अजय उसे जल्दी ही गर्भवती कर ही देंगे.
अजय ने दिया को कह प्रिया कि उसे जब भी मायके जाना हो वह इस तरह से अपना प्रोग्राम बनाए कि अजय की साप्ताहिक छुट्टी बीच में पड़ती हो.
दिया महीने में दो बार तो जाती ही थी.
अब उसके जाते ही अजय और रिया दो जिस्म और एक जान हो जाते क्योंकि विजय भी बाहर गया हुआ होता.और रहा सवाल चूमा चाटी का तो … वह तो अजय रोज ही कोई न कोई मौक़ा देख कर रिया से चिपट ही लेता.
दोस्तो, कैसी लगी मेरी देवर भाभी की फुल सेक्स कहानी?लिखिएगा मुझे मेरी मेल आईडी परsupport@mohakkisse.com