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भाभी की चुदाई • पठन समय: 14 मिनट • पढ़ा गया: 803 बार

आग और फूस का बैर- 2

सनी वर्मा

08 Feb 2024 को प्रकाशित

आग और फूस का बैर- 2
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Xxxx सेक्स रिलेशन स्टोरी में एक परिवार में देवर भाभी को अपने जीवन साथी से सेक्स नहीं मिला तो वे दोनों एक दूसरे की तरफ आकर्षित हो गए और एक दिन दोनों ने आपस में चुदाई कर ली.

कहानी के पहले भागगर्म बीवी को मिला ठण्डा पतिमें आपने पढ़ा कि रिया की शादी एक ऐसे लड़के से हुई जिसे सेक्स में कम रूचि थी. जबकि वह हर रोज चुदाई का मजा लेना चाहती थी. वह हर रोज अपना मन मार कर रह जाती थी. ऐसे में उसकी दोस्ती उसके देवर से हो गयी. देवर को सेक्स का शौक था पर उसकी बीवी को मायके जाने की लगी रहती थी. तो देवर को पूरा सेक्स नहीं मिल रहा था.

अब आगे Xxxx सेक्स रिलेशन स्टोरी:

अभी तक दोनों के मन में वासना नहीं थी.

अचानक रिया को क्या हुआ, उसने अपने होठ जड़ दिए अजय के होठों से.अब तो बाँध टूट ही गया.दोनों एक दूसरे को ताबड़तोड़ चूमने लगे.दोनों की जीभें आपस में टकरा रहीं थी.

रिया ने अजय की गर्दन में बाहें डाल दीं. वह चिपके जा रही थी अजय से.

तूफ़ान कुछ थमा तो अजय ने रिया को अलग किया और कहा- रिया, हम यह क्या कर रहे हैं.रिया बोली- मैं जानती हूँ कि यह गलत है. पर मैं तुमसे प्यार करने लगी हूँ और फिर घर की बात घर में ही रहे तो इसके अलावा और रास्ता ही क्या है हमारे पास?

अजय ने फिर चिपटा लिया रिया को अपने से. अजय के लंड का तनाव रिया की मिडी पर दबाब बना रहा था.

रिया भी बेकाबू थी, उसे अपने जज्बातों पर कोई काबू नहीं था.

इससे पहले की सैलाब सब कुछ बहा ले जाता … विजय का फोन अजय के फोन पर आ गया.विजय को जाना था और वह अजय को तुरंत बुला रहा था.

अजय ने रिया को चूमते हुए उससे कहा- रात को डिनर तुम्हारे साथ ही करूंगा. अच्छे से तैयारी करना.कहकर अजय शॉप पर चला गया.

दिन में रिया बहुत बेचैन रही.उसे भी लग रहा था कि चाहे उसकी जिन्दगी कैसी भी चल रही हो … पर दिया की जिन्दगी में उसे नहीं घुसना चाहिए.

वह तय नहीं कर पा रही थी कि आखिर वो करे तो करे क्या!उससे अपने जज्बातों पर काबू भी नहीं हो रहा था.एक और उसे अजय का साथ बहुत अच्छा लगता था, दूसरी और आज की इस बढ़त में उसे भी वासना नजर आ रही थी.

आखिर उसने ये तय किया कि वह अजय से दोस्ती रखेगी पर एक दूरी के साथ.पर दोस्ती बहुत बेबाकी से रखेगी बिना किसी की परवाह किये.क्योंकि दोनों का साथ दोनों की ही जरूरत था.

रिया ने आज अजय की मनपसंद डिश बनायीं और बहुत दिनों बाद अपने को आईने में निहारा.

वह शाम को सावित्री देवी से बाजार जाने की कह कर पार्लर गयी और फेशियल करवा कर आई.कितने दिनों से उसने नेल पेंट भी नहीं बदला था, आज उसने हाथ और पैर दोनों के पेंट साफ़ करके नए लगाए.

शाम को जब वह नीचे गयी तो खुद सावित्री देवी ने उससे कहा- आज भी तो तू पहले की तरह सुंदर लग रही है, रोज़ तो थकी हारी सी रहती थी.

रिया बोली- आज इनके बाहर जाने से कुछ काम तो था नहीं … तो थोड़ा समय अपने को दे प्रिया.सावित्री देवी ने पूछा- अजय खाना खायेगा न?तो रिया ने दिखावे को कह प्रिया कि समझाया तो बहुत है, पर आप जानती ही हैं कितना गुस्सा है वो आज! तो अगर आज वह घर पर खाना नहीं खायेगा तो मैं उसे बाहर कुछ खिला दूँगी. आप निश्चिन्त रहें, भूखा नहीं सोने दूँगी. सावित्री देवी मुस्कुरा दीं.

रात को अजय अपने पिताजी के साथ घर आया.

मंगल दास तो नीचे खाना खाने बैठ गए पर अजय सीधा ऊपर चला गया.सावित्री देवी ने रिया की ओर देखा.रिया ने मुस्कुरा कर कहा- आप परेशान मत होइए, मैं संभाल लूंगी.

रिया अपने फ्लैट में न जाकर सीधे ऊपर अजय के फ्लैट में चली गयी.उसने मुस्कुरा कर अजय से कहा- क्या बच्चों की तरह नाराज हो जाते हो. चलो घूमने चलते हैं. तैयार हो जाओ. मैं भी तैयार होती हूँ. पहले डिनर करेंगे, फिर बाइक पर घूमने चलेंगे. बता देना कि क्या पहनना है.अजय खुश हो गया, बोला- जो कहूँगा पहनोगी?रिया बोली- हाँ बिल्कुल. पर नीचे मां अभी जाग रही हैं. तुम मुंह हाथ धोकर पहले डिनर कर लो, फिर तय करेंगे क्या करना है.

अजय ख़ुशी ख़ुशी नीचे आ गया.डिनर देखकर उसके मुंह में पानी आ गया.

रिया और अजय ने साथ साथ डिनर लिया.अजय तो कपड़े चेंज करके आया था.

रिया बोली- मैं तैयार होकर आती हूँ.अजय ने पूछा- क्या पहनोगी?रिया बोली- बताओ क्या पहनूं?अजय बोला- फ्रॉक पहन लो.

रिया ने उसे मुक्का दिखाते हुए कहा- पिटवाओगे मुझे? अगर वन परसेंट मम्मी ज़ी बाहर आ गयीं तो? फ्लैट में कुछ भी पहन सकती हूँ बाहर नहीं.

खैर रिया ने एक टाइट जींस और टाइट टॉप पहना और उसके ऊपर से एक ढीला सा स्कार्फ डाल लिया.जाने से पहले रिया ने नीचे फोन करके बता प्रिया कि अजय ने खाना खा लिया है और वे लोग बस ऐसे ही बाहर तक घूमने जा रहे हैं. आप लोग सो जाइये.

अजय की बाइक उड़ चली.रिया चिपक कर बैठी थी उससे! रिया के मांसल मम्मे अजय की पीठ से टकरा रहे थे.

अजय ने एक दो बार सर पीछे घुमा कर रिया को चूम लिया.रिया ने प्यार से एक धौल लगा दी उसके- ज्यादा बदमाशी नहीं, चुपचाप बाइक चलाओ.

दोनों ने रास्ते से एक कोन आइसक्रीम की ली और लेक किनारे बाइक खड़ी करके चिपट कर खड़े हो गए और एक ही कोन से आइसक्रीम खाते रहे.

रिया ने अजय की बाहें थाम रखी थीं.अजय ने रिया की आँखों में झाँका.

रिया कुछ कहना चाह रही थी पर बोल नहीं पा रही थी.आसपास काफी लोग थे … वरना अजय इस मौके को नहीं खोता और चूम लेता रिया को!

अब दोनों वापिस घर को चल दिए.शायद अंदर उठते तूफ़ान ने उन्हें मजबूर कर प्रिया था घर लौटने को!

बिल्डिंग में आकर दोनों रिया के फ्लैट में आ गए.

अजय रिया को चूमना चाहता था.तो रिया मना नहीं कर पायी.

एक लंबा फ्रंच किस देने के बाद रिया ने प्यार से अजय से कहा- यह गलत है. मैं खुद तुम्हारे बिना नहीं रह सकती. मुझे ख़ुशी मिलती है तुम्हारे साथ से, पर आखिर हम एक परिवार हैं और अपने साथियों को धोखा कैसे दें.अजय बोला- फिर ऐसे ही घुट घुट कर मरते रहें? मैं तो सुसाइड कर लूंगा ऐसे!

रिया हक्की बक्की रह गयी कि अजय क्या कह रहा है.उसने अजय से चिपटना चाहा.पर अजय ने उसे धक्का दे प्रिया.

अजय तो स्वभाव से जल्दी रूठ जाता था.

तो वह तेज कदम चलता हुआ अंदर वाले जीने से ऊपर चला गया.पर उसने डोर लॉक नहीं किया.रिया उसे रोकती रही- कॉफ़ी पिएंगे, रुक जाओ.पर अजय नहीं रुका.

उसके जाने के बाद रिया असमंजस में खड़ी रही, फिर थके कदमों से अपने बेडरूम में गयी और कपड़े बदल कर केवल एक फ्रॉक डाल ली.अंदर वह कुछ नहीं पहनती थी रात को.

बेड पर लेटी रिया अजय के बारे में सोचती रही.उसे नींद नहीं आ रही थी, वह करवटें बदलती रही.

तभी उसके बेडरूम के गेट पर कुछ आहट हुई.अजय था.उसने कपड़े बदल लिए थे. वह नाईट सूट में था.

रिया कुछ असहज हुई अपने कपड़ों को लेकर!उसे ध्यान ही नहीं रहा था कि नीचे के जीने का डोर खुला है.

उसने चादर डाल ली अपने ऊपर और अजय से बोली- कैसे आये?अजय बोला- नींद नहीं आ रही थी. मुझे एक ड्रिंक बना दो.रिया हंस पड़ी- क्यों नाटक कर रहे हो? कॉफ़ी बनाती हूँ, अभी बाहर जाओ, मैं कपड़े बदल कर आती हूँ.

अजय बेड पर आ गया और बोला- नहीं कुछ नहीं चाहिए.वह वहीं बेड पर बैठ गया, धीरे से बोला- मेरा तो कोई नहीं है. दिया को बहुत प्यार प्रिया पर उसे परवाह ही नहीं है मेरी! तुमसे दिल मिलता है तो तुम भी पास नहीं आने देती.रिया बोली- क्या चाहते हो मुझसे? मेरी स्थिति देखो, विजय तो मेरे बारे में सोचता ही नहीं. अब कैसे तुम्हारे पास चली जाऊं? आखिर देवर हो तुम मेरे. दिया मेरी बहन है.

अजय भड़क गया- इसका मतलब हम ऐसे ही घुट घुट कर जियें.

रिया ने अपने घुटनों के बीच सर कर लिया.उसकी रुलाई छूट रही थी.

अजय उसके और नजदीक चला गया.रिया की चादर नीचे गिर पड़ी थी.

अजय ने आहिस्ता से उसका सर ऊपर किया और उसे चूम लिया.रिया की अब सहनशीलता खत्म हो गयी थी … वह लिपट गयी अजय से!

दोनों के होंठ मिल गए और पागलपन की रीमा तक दोनों एक दूसरे को चूमने लगे.

अजय ने चूमते चूमते रिया की फ्रॉक पीछे से ऊपर की तो उसके हाथ रिया की नंगी पीठ तक आ गए.रिया ने कुछ नहीं पहना था नीचे.अजय ने एक झटके में उसकी फ्रॉक और अपनी टी शर्ट उतार दी.

अब दोनों लिपट गए एक दूसरे से.

रिया ने हबड़-धबड़ में अजय का बरमूडा भी नीचे कर प्रिया.उसके हाथ में अजय का तना हुआ लंड था और अजय उसके मम्मे चूम रहा था.

रिया के मम्मे तने हुए थे.अजय उन्हें किसी बच्चे की तरह बारी बारी से चूम चूस रहा था.

रिया को हँसी आ गयी, वह बोली- आराम से चूसो, मैं कहीं भागे थोड़े ही जा रही हूँ.अब रिया उसका लंड मसल रही थी.

अजय का लंड विजय के मुकाबले कुछ ज्यादा ही मजबूत लगा रिया को.असल में विजय जब कभी सेक्स करता भी था तो वह रिया के उकसाने पर करता … तो उसकी कामाग्नि पूरी जली नहीं होती थी.

यह सब उसकी बॉडी लैंग्वेज से मालूम पड़ता था कि वह चुदाई बेमन से करता था.

आज रिया को एक दमदार चुदाई का आभास हो रहा था.एक ऐसी चुदाई जिसका उसने सपना संजो रखा था.

रिया ने अब शर्म को उतार फेंका और नीचे होकर अजय का लंड मुंह में ले लिया.वह बार बार लंड को पूरा अंदर लेती, फिर बाहर निकलती.उसने गोटियों को भी थूक से मलना शुरू कर प्रिया था.

Xxxx सेक्स रिलेशन में अजय की आहें निकलने लगीं.जब बेचैनी ज्यादा बढ़ी तो उसने अपने को रिया से छुड़ाया और उसकी टांगें फैलाकर अपनी जीभ उसकी चूत में कर दी.अजय को गुलाबी मखमली चिकनी चूत मिली.उसको अहसास हुआ कि रिया ने आज रात की तैयारी दिन में की थी.

अब रिया ने अपनी उँगलियों से अपनी फांकों को चौड़ाया ताकि अजय की जीभ अंदर तक उसकी चूत में घुस जाए.उसके नाखूनों पर लगे ताजे नेल पेंट की खुशबू अजय को महसूस हो रही थी और उसे मदमस्त कर रही थी.

रिया उससे बोली- 69 हो जाओ, मुझे भी चूसने दो अपने साथ!अजय पलट गया.अब दोनों की जीभें बिजी हो गयीं.

अजय रिया के ऊपर था और रिया नीचे से उसके लंड को पकड़ कर चूस रही थी.

अब अजय ने रिया को छोड़ा और बिना वक्त गंवाए सीधा अपना लंड उसकी चूत के ऊपर रगड़ने लगा.रिया मचल गयी और बोली- मत तड़पाओ और अंदर कर दो इसे! आज मेरी दूसरी सुहागरात है; मैं इसे जीना चाहती हूँ.

अजय हल्के से रिया के ऊपर आते हुए उसके मम्मे चूमने लगा और फिर थोड़ा और ऊपर हुआ और उसके होंठ से होंठ भिड़ा कर अपनी जीभ उसके मुंह में कर दी.रिया ने अपनी जीभ से उसकी जीभ को चूमते हुए अपना एक हाथ नीचे किया और अजय का लंड अपनी चूत के मुंहाने पर रख प्रिया.

अजय का लंड मचल रहा था अपनी प्रियतमा से मिलने के लिए … तो उसने अपना रास्ता खुद बना लिया और सरक गया रिया की पानी बहाती चूत में.

रिया की चूत को भी न जाने कबसे इतना मांसल लंड नहीं मिला था.उसने पूरा रास्ता खोल प्रिया उसके स्वागत में.

अब तो जैसे ही अजय के मूसल को गुफा का रास्ता मिला वह पूरा दरक गया अंदर.अजय ने पूरी ताकत से पेला था अपने औज़ार को.

रिया की चीख निकल गयी, उसे लगा कि आज तो उसकी चूत फट जायेगी.उसने अजय से कहा- धीरे धीरे शुरुआत करो.

पर अजय सुन कहाँ रहा था उसकी … उसने तो रेलम पेल मचा दी.उसके धक्के बढ़ते गए.

अब रिया भी मदमस्त होकर उसका साथ दे रही थी.वह नीचे से उछलती तो ऊपर से अजय पेल लगाता.

दोनों की वासनामयी आहें निकल रही थीं.

रिया को खुमार ज्यादा ही चढ़ा था, उसने अजय को नीचे पलटा और उसके ऊपर चढ़ गयी और लगी उछल उछल कर चुदाई करने.अजय उसके मम्मे मसल रहा था.

पूरे कमरे में वसना की आग लगी हुई थी.दोनों पता नहीं क्या क्या अनाप शनाप बोल रहे थे- और जोर से, और अंदर आ जाओ, मेरी प्यास बुझा दो …पता नहीं क्या क्या रिया बोल रही थी.

थोड़ी देर के धमाल में दोनों का होने का समय आ गया.रिया के मुंह से झाग सा निकल रहा था.

उसने अजय की छाती पर कई जगह अपने नाखूनों से निशान बना दिए थे.

अजय को लगने लगा कि अब होने वाला है.तो उसने एक झटके से रिया को नीचे पलटा और बिना लंड बाहर निकाले फाइनल राउंड की चुदाई शुरू कर दी और हांफते हुए एक झटके में सारा माल रिया की चूत में कर प्रिया.अजय और रिया ऐसे ही नंगे बेसुध होकर पड़ गए और नींद में खो गए.

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Xxxx सेक्स रिलेशन स्टोरी का अगला भाग:आग और फूस का बैर- 3

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आग और फूस का बैर

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