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Group Sex Story पठन समय: 15 मिनट पढ़ा गया: 711 बार

शिमला में लंड की तलाश- 3

रोमन

12 Dec 2021 को प्रकाशित

शिमला में लंड की तलाश- 3
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हिंदी ग्रुप सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि मैं चुदाई के लिए नए लंड की तलाश में शिमला गयी. वहां 5 जवान लड़कों ने मुझे मिल कर कैसे चोदा?

दोस्तो, मैं आपकी अनीता अवस्थी एक बार फिर से अपनी चुत चुदाई की कहानी में स्वागत करती हूँ.पिछले भागशिमला में लंड की तलाश- 2अब तक आपने पढ़ा कि एक जवान लौंडे ने मुझे नंगी देख लिया था. वो दबे पांव मेरे कमरे में आकर मेरे साथ गर्म हरकतें करने लगा था.अंत में उसने मेरी चुत चाट कर मुझे स्खलित कर प्रिया था और मैंने उसे चूम कर अपने जागे होने का सबूत भी दे प्रिया था.

अब आगे हिंदी ग्रुप सेक्स स्टोरी:

उसने मेरे दोनों पैरों को उठा कर फैलाए और बीच में आकर मेरी चूत में अपना लंड लगा प्रिया.लंड का सुपारा मेरी चुत की फांकों में पेवस्त हो गया.मेरी गांड उठ कर लंड लीलने को मचल रही थी मगर मैं शांत होकर उसके लंड की उत्तेजना को परखती रही.

अगले ही पल उसने लंड चुत में पेल प्रिया और बहुत तेज़ रफ़्तार में अन्दर बाहर करने लगा.इस वजह से अब मेरी भी मादक सिसकारियां निकलने लगीं- उफ्फ आह … ओह्ह फक!

कुछ देर तक मेरी चूत चोदने के बाद उसने अपना सारा माल मेरी चूत में ही गिरा प्रिया और मेरे चूचों पर अपना मुँह रख कर निढाल लेट गया.वो मेरे मम्मों को अपने मुँह में पूरा भरके बारी बारी से दोनों आमों को चूसने लगा.

मैंने भी उसके सर पर अपना हाथ रख प्रिया और उसे सहलाने लगी.

उसने मेरे कान में कहा- मजा आया?मैंने कहा- हां बहुत … पर अब उठो और मुझे सीधे होने दो.

वो मेरे ऊपर से हट गया और मैंने सबसे पहले दरवाजा बंद कर प्रिया.

फिर बिजली जला कर अपनी दारू की बोतल उठा कर उसे पकड़ा दी.वो समझ गया और टेबल पर दो गिलासों में पैग बनाने लगा.

मैंने बैग से नमकीन का पैकेट निकाला और उसे पकड़ा प्रिया. अब मैंने सिगरेट की डिब्बी उठाई और एक सिगरेट सुलगा ली.

तब तक उसने दारू के पैग तैयार कर दिए थे. हम दोनों दारू का मजा लेने लगे. उसने मेरे हाथ से सिगरेट ले कर दो कश खींचे और मुझे सिगरेट वापस थमा दी.

चुदाई के बाद ठंडक का असर होने लगा था.

हम दोनों ने तीन तीन पैग खींचे, तब सर्दी का अहसास कम हुआ.हालांकि रूम हीटर चल रहा था, पर आज सर्दी कुछ ज्यादा थी और काफी देर से दरवाजा भी खुला हुआ था जिस वजह से रूम गर्म नहीं हो पाया था.

कुछ देर बाद अगला राउंड शुरू हुआ.वो मेरे सीने पर आकर बैठ गया और अपना लौड़ा मेरे मुँह में डाल कर मुझे लंड चुसाने लगा.

उसके लंड में से मेरी चूत के रस और उसके वीर्य दोनों की सुगंध आ रही थी. इससे उसके लंड का स्वाद कुछ अलग ही हो गया था.

मैंने कुछ ही देर उसका लंड चूसा, जिससे उसका लंड फिर से खड़ा हो गया और वो लंड हिला कर मुझे दिखाने लगा.तो मैंने भी चुत खोल दी.

अबकी बार उसने मुझे उल्टा लिटा प्रिया.पहले तो उसने मेरी गांड के छेद को खूब बढ़िया से चाट कर एकदम गीला कर प्रिया. उसके बाद वो पीछे से ही मेरे ऊपर चढ़ गया और मेरी गांड में अपना लंड डाल कर मुझे चोदने लगा.

उसका लंड मेरी गांड में बड़ा मजा दे रहा था. उसने भी मेरे दूध दबा दबा कर खूब मजा लिया.

इसके बाद उसने अपना लंड मेरी गांड में ही झड़ा प्रिया.

हम दोनों शिथिल होकर लेट गए.

कुछ देर बाद एक एक पैग और गले के नीचे उतरा और अब उसने मेरी चूत को लंड की सवारी करवाई.

इसी तरह वो सुबह चार बजे तक मुझे चोदता रहा.उसने चार पानी अपने लंड का पानी मेरे तीनों छेदों में निकाला और एक बार का पानी मेरी चूचियों और मेरे चेहरे पर मल प्रिया.इसके बाद वो मेरे कमरे से निकल गया.

मैंने भी चेहरा धो कर एक पैग खींचा और गांड पसार कर सो गयी.

इस तरह दोनों दिन मेरी बढ़िया चुदाई हुई.

तीसरे दिन मैं फिर से घूमने निकली और रात को फिर देर से कमरे पर पहुंची.आज इस शहर में मेरी आखिरी रात थी … क्योंकि कल सुबह की मेरी ट्रेन थी.

मैंने पहले तो उस लड़के को ढूंढा, जिसने कल रात मुझे बहुत तबीयत से ठोका था.लेकिन मेरे काफी ढूँढने के बाद वो मुझे नहीं दिखा. मैंने उसका काफी इंतज़ार भी किया, लेकिन मुझे उसको कोई पता नहीं लगा.

मैं काफी निराश होकर कमरे के गेट पर खड़ी थी और सोच रही थी कि आज आखिरी रात थी यहां … लेकिन लंड का कुछ इंतजाम नहीं हो पा रहा है.

लेकिन वो कहते है ना कि जो होता है, वो अच्छे के लिए होता है.

अभी मैं अपने कमरे के गेट पर खड़ी थी, तभी सामने कमरे से एक 21 या 22 साल का चिकना लौंडा अपने कमरे से निकला.उसने मुझे बहुत घूर कर देखा और बाहर चला गया.

वो नशे में लग रहा था.

तभी मैंने सामने वाले कमरे से आती आवाज को ध्यान से सुना, तो पता चला कि वहां कुछ लड़के दारू पार्टी एन्जॉय कर रहे थे.

तभी उतने में वो लड़का वापस होटल में दारू की बोतल अपने हाथ में लेकर आ रहा था.

अबकी बार वो मुझे देख कर रुक गया और मुझसे बोला- एक्सक्यूज़ मी … आप कुछ परेशान सी लग रही हैं. क्या हुआ कोई दिक्कत क्या?मैंने ‘ना …’ में सिर हिलाया

लड़का- अरे परेशान मत होइए, आप मुझे बता सकती हैं. मेरे पास सब चीज़ का जुगाड़ है.

उसकी ये बात मुझे थोड़ी अटपटी लगी, जिसका मैंने उसको जवाब प्रिया- नहीं कोई बात नहीं है … बस अकेली थी तो मुझे दारू मंगवाना था. क्योंकि ठंड बहुत है और कोई वेटर भी नहीं दिख रहा है मैं किसी वेटर को देख रही थी कि उससे मंगवा लूं!

लड़का- आप गलत कह रही हैं … ठंड आपको लग ही नहीं सकती.मैंने सवालिया नजर से उसे देखा और उससे पूछा कि क्यों?

लड़का- अरे आप इतनी हॉट जो हो … और आप जिस तरह की नाइटी में हो तो!मैंने हंस कर उसकी बात काटी और कहा- इसका नाइटी से क्या लेना देना!

उसने मुझे मुस्कुराते देखा, तो उसकी हिम्मत बढ़ गई.इसके बाद उसने अगले ही पल ये बोला कि अगर आप चाहो तो हमारे साथ हमारी पार्टी एन्जॉय कर सकती हो … और दारू तो है ही.

उसने अपने हाथ में ली हुई बोतल दिखाते हुए मुझे ऑफर किया.

मैंने उससे बोला- नहीं रहने दो, कोई बात नहीं … आप एन्जॉय करो और मैं जाकर खुद ले आऊंगी.जिस पर उसने बोला- अरे दारू पीने का मज़ा अकेले थोड़ी न आता है … और हम लोगों को भी आपका साथ मिल जाएगा मेरे साथ चार दोस्त और भी हैं. आपका साथ हम सभी को अच्छा लगेगा.

उसकी ये बात सुन कर मैंने मन में सोचा कि कहां तो मुझे एक लंड की तलाश थी, यहां तो पांच लंड मिल रहे थे. अगर बात बन गयी, तो मेरी पूरी रात यादगार हो जाएगी.

अभी मैं ये सब सोच ही रही थी कि उसने फिर मुझसे बोला- हैलो मैडम … कहां खो गईं … चलो ना!ये बोल कर वो ज़िद करने लगा.

मैं बोली- ओके आप चलो, मैं बस पांच मिनट में आती हूँ.

अब मैंने अपने कमरे में आकर नाइटी को उतारा और उसके नीचे के दोनों कपड़े उतार कर सिर्फ उस नाइटी को पहन लिया, जिसमें मेरा पूरा बदन साफ दिख रहा था.

ये स्किन कलर की बेबीडॉल मेरी बस गांड को ढके हुए थी और ऊपर कंधे पर डोरी मात्र थी.

यह वाली नाइटी पीछे से ओपन थी, जिससे मेरी पूरी पीठ खुली थी. इसमें आगे से मेरे मम्मों की घाटी साफ़ दिख रही थी. काफी ज्यादा क्लीवेज दिख रहा था. आधे मम्मों को बाहर से ही देखा जा सकता था.मेरे दोनों चूचों के निप्पल्स उस स्किन कलर की नाइटी में साफ दिख रहे थे.

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कुछ देर बाद मैंने बोतल से एक पैग लेकर खींचा और एक सिगरेट खींच कर अपने कमरे का दरवाजा बंद करके उनके कमरे की तरफ आ गई.

मैं उनके कमरे का दरवाजा खटखटाया.

तभी उसी लड़के ने आकर गेट खोला और मुझे देख कर उसकी आंखें और बड़ी होकर खुल गईं.

उसने मेरे दूध देखते हुए लंड सहलाया और मुझे अन्दर आने को बोला.वहां पहले से चार और मस्त मुस्टंडे चिकने लौंडे बैठे थे. उन सबकी उम्र लगभग 21 और 22 के आस-पास की ही थी.

मैं गांड मटकाते हुए अन्दर आई और एक कुर्सी पर झुकते हुए बैठ गई. मेरी चूचियों ने सबके लंड खड़े कर दिए थे.

उन सबने मुझे बारी बारी अपने बारे में बताया और आखिर में मैंने भी अपना नाम उन सबको बताया.

ये कमरा एक डोरमैट्री रूम था. वहां पर दो बेड एक साथ लगे हुए थे और उसी पर वो सभी लोग बैठे थे. मैं भी कुर्सी से उठ कर उन पांचों के साथ बैठ गयी. मेरे बैठने से मेरी बेबीडॉल ने सभी लौंडों को पागल कर प्रिया था.

उसमें से एक लड़के ने मुझे लार्ज पैग बना कर प्रिया और दूसरे ने मुझे चकना प्रिया.

मैंने सामने पड़ी सिगरेट की डिब्बी से एक सिगरेट अभी निकाली ही थी कि एक ने लाइटर आगे कर प्रिया.

मैंने बड़ी अदा से कश खींचा और गिलास उठा कर एक ही सांस में हलक के नीचे उतार लिया.

बाद में फिर से कश खींच कर धुंआ उनके ऊपर छोड़ प्रिया.

वो सब मेरी इस स्टाइल से हैरान हो गए थे.एक बोला- डियर आप तो बड़ी जोरदार लगती हो … पीने वाली.मैंने हंस कर कहा- अरे यार साफ़ साफ़ बोला करो … मैं जोरदार लगती हूँ यही बोलो न … मुझे भी अच्छा लगेगा.

हम सब हंस दिए और हमारे बीच मजाक मस्ती होने लगी.

इसी तरह कुछ देर बीत गई.

अब सबको हल्की हल्की चढ़ गई थी, तो ये बात हुई कि अब कोई खेल खेला जाए.

उसी में से एक लड़का बोला कि क्यों ना ट्रुथ और डेयर खेलें. यानि एक बोतल नाचेगी और जिसके आगे रुकेगी, वो कोई सच बताएगा या सबके कहने से उसे कुछ करना पड़ेगा.

मैं राजी हो गई.

अब ये खेल शुरू हुआ. पहली बार में से उन्हीं में से एक पर चांस आया. उन लोगों ने उसको डांस करने को बोला. इसी तरह से खेल आगे बढ़ता गया … किसी ने गाना गाया, किसी ने अपना कपड़ा उतारा.

अब इसी तरह ये खेल चल रहा था और दारू भी जिसके वजह से सबका टल्ली का मीटर भी बढ़ रहा था. जब सब अच्छे खासे नशे में हो गए, तब ये खेल का रुख बदल गया.

इस बार एक लड़के पर चांस आया, तो दूसरे ने उससे बोला कि वो मेरे गाल पर किस करके दिखाए.

चूंकि अब मुझे भी चढ़ चुकी थी और मालूम था कि अब से कुछ देर में ये सब मुझे नंगी करके मेरी गांड और चूत मार रहे होंगे.इसलिए मैंने भी इसमें कोई आपत्ति नहीं की.मैंने उस लड़के को अपने गाल पर किस करने प्रिया.

किस करने का बाद उन सबने उससे पूछा- कैसे लगा.इस पर वो बोला- आह मजा आ गया ऐसा लगा मानो जन्नत को छूकर आ रहा हूँ.

उसकी इस बात से मेरी चूत में भी चीटियां दौड़ने लगीं.

खेल आगे बढ़ा.

इस बार बोतल मेरी चुत के सामने आकर रुक गई. तो मुझे सबके साथ एक एक बार डांस करने को बोला गया, जिसको मैंने मान लिया और बेड से नीचे आ कर खड़ी हो गयी.

मोबाइल पर उन लोगों ने गाना लगाया और बारी बारी सब लड़कों ने मेरे पूरे बदन का स्पर्श लेते हुए मेरी गांड और चुचियों को छूते हुए मेरे साथ डांस किया.

इसी तरह नाचते हुए किसी ने मेरे होंठों को चूमने की शर्त रखी, फिर किसी ने मेरे चूचों को पीने की बात कही.

मैंने भी समय ना गंवाते हुए अपनी नाइटी उतार दी और बोल प्रिया- जिसको जो करना हो … वो कर लो.

ये सुन कर पांचों लड़के मानो किसी भूखे भेड़ियों की तरह मुझ पर टूट पड़े.कोई मुझे नौंच रहा था तो कोई चूम रहा था.

एक मेरी चुत पर लग गया था दो मेरे मम्मों को चूसने लगे थे. एक पीछे से मेरी गांड में लंड घिसने लगा था.

इस तरह से मेरी वासना अब चरम पर आने लगी थी.मैंने कहा- सब कपड़े उतार कर आ जाओ.

सबने अपने अपने कपड़े उतार दिए और मैं बिस्तर पर आ गई.

अब उस कमरे में हम छहों लोग पूरे नंगे थे. उन सबके लंड भी छह इंच के ऊपर के ही थे.

एक का लंड मेरे मुँह में घुसाया गया और बाकी दो लंड मेरी चूत और गांड में घुस गए.

बाकी दो लड़के मेरे चुचियों को मसलने में लगे थे. मैं बता नहीं सकती कि मुझे उस समय की किस तरह के सुखद अनुभव की अनुभूति हो रही थी. मैं शायद उस आनन्द को शब्दों में नहीं बता सकती.

इसी तरह उन पांचों ने पूरी रात मुझे मिल कर बहुत चोदा. मैं बिल्कुल थक गई थी और वो सब भी अपने लंड से तीन तीन बार पानी निकाल कर मुझे नहला चुके थे. मेरे पूरे शरीर में उन पांचों का वीर्य लिपटा पड़ा था.

उन पांचों से चुदते हुए मैं भी ना जाने कितनी बार झड़ी थी.

दो घंटे बाद चुदाई समाप्त हो गई थी. इसके बाद वो सो गए और मुझे भी अपने बीच में नंगी सुला लिया.

करीब सुबह साढ़े पांच बजे मैं उठी और अपनी नाइटी पहन कर अपने कमरे में आ गयी. उसके बाद मैं गर्म पानी से नहा कर तैयार हुई और अपना सारा सामान लेकर उस होटल से निकल गई.

मैंने बाहर आकर एक कार टैक्सी से बात की उसने मुझे कालका स्टेशन छोड़ प्रिया.

इस ग्रुप सेक्स कहानी का मजा लड़की की आवाज में सुनकर लें.

मैं स्टेशन आई तो ट्रेन पहले से खड़ी थी. मेरी ऊपर वाली बर्थ थी. मैं अपनी बर्थ पर जाकर सो गई. थकान के कारण मुझे बहुत गहरी नींद आयी.

मैं इतनी ज्यादा थकी थी कि सीधे अपने स्टेशन आने से आधा घंटा पहले उठी और अपने घर आ गयी.

ये सफर मेरे लिए बहुत यादगार था, जिसमें मुझे बहुत मजा आया.

आपको मेरी हिंदी ग्रुप सेक्स स्टोरी कैसी लगी, प्लीज़ मुझे मेल करना न भूलें.

आपकी अनीता अवस्थीsupport@mohakkisse.com

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शिमला में लंड की तलाश

कुल भाग: 3
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Mera naam Fakarsinh hai. Mai apne mummy papa ke sath shadi ke liye paheli bar ladki dekhne gaya. Meri umar 23 saal hai. Mai harroz gym jata hu to meri body bhi dekhne mai acchi hai esa ladkiya bolti hai.

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Helo friends main apki pyaari Anjali Queen aaj phir hazir hoon ek aur merihindi chut ki chudaikahani lekar.

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

सोमिल शर्मा

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

जय मिश्रा

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

उमा शंकर सिंह

4 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

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