होम पर वापस जाएं
नौकर-नौकरानी पठन समय: 4 मिनट पढ़ा गया: 1,019 बार

मकान मालकिन की बेटी और नौकरानी

धासू धमाका

14 Nov 2012 को प्रकाशित

मकान मालकिन की बेटी और नौकरानी
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

दोस्तों मैं अपनी एक मस्त कहानी आप लोगों को बताना चाहता हूँ।

मेरे घर में रोज सुबह के समय घर का काम करने के लिए एक नौकरानी आती है। मैं रोज उसे देखता था, दिखने में अच्छी थी। एक दिन उसने मुझे उसे घूरते हुए देख लिया वो समझ गई कि मैं क्या चाहता हूँ।

एक दिन मेरी बीवी नहाने के लिए गई थी। रविवार का दिन था, ठीक १० बजे वो आई, मैंने गेट खोला, वो अन्दर आई और अपने रोजमर्रा के काम करने लगी। वो झाडू लगा रही थी, मैं पलंग पर बैठ कर टीवी देख रहा था। वो जैसे ही मेरे पास आई, मुझे उसके स्तन दिखाई देने लगे। मुझ से रहा नहीं गया, कुछ न सोचते हुए मैंने एक हाथ सीधे उसके ब्लाऊज़ में डाल प्रिया। पहले तो उसने विरोध किया, बोली- मेमसाब देख लेंगे ! फ़िर मेरे नहीं मानने पर वो भी मेरा साथ देने लगी। फिर मैंने उसी उस दिन तो नहीं चोदा क्योंकि मेरी बीवी घर पर ही थी।

कुछ दिनों के बाद मेरी बीवी को उसके पापा के घर जाना था सो वो चली गई। अब मैं घर में अकेला था। मैं भी सोच कर बैठा था कि आज जरुर कर के रहूँगा।

जैसे ही सुबह नौकरानी आई, मैंने उसे पकड़ लिया और उसे चूमने लगा, वो भी मेरा साथ देने लगी। अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था तो मैंने उसका पेटीकोट ऊपर कर प्रिया। अब मुझे उसकी चूत के साफ-साफ दर्शन होने लगे थे। वो कुछ शरमा रही थी उसकी अभी ३-४ महीने पहले ही शादी हुई थी पर पता नहीं शायद वो अपने पति से संतुष्ट नहीं थी।

उसकी उम्र २३ साल होगी, एकदम गोरी तो नहीं पर गेंहुआ रंग था।

फ़िर मैंने उसकी चूत में अपनी एक उंगली डाल दी, वो कराह उठी। मैंने देर न करते हुए अपना ८ इंच का लंड उसकी चूत में डाल प्रिया। अब वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी थी। हम दोनों चुदाई में मस्त थे, इसी मस्ती में हम लोग दरवाज़ा बंद करना भूल गए थे। जब हमारा ध्यान गया तो मैंने देखा की मेरे मकान-मालिक की बड़ी बेटी हमारे सामने खड़ी है।

वो मुझसे बोली- ये क्या हो रहा है? भाभी को गए अभी तो एक दिन भी नहीं हुआ और आप यह सब करने लगे? आने दो भाभी को ! सब कह दूंगी !

यह भी पढ़ें (Recommended)

बहन का लौड़ा -22

मैंने कहा- अरे ऐसी बात नहीं है !

तो वह बोली- फिर कैसी बात है…. ?

मैं अन्दर ही अन्दर बहुत खुश हो रहा था क्योंकि मेरे मकान मालिक की बेटी बला की खूबसूरत है। फिर पहले मैंने कहा- तुम दोनों मिलकर मेरे लंड को चाट चाट कर साफ करो !

जिस पर मकान मालिक की बेटी ने इंकार कर प्रिया पर नौकरानी शुरू हो गई। उसे देख कर वो भी रुक न सकी और शुरू हो गई। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, मानो मैं स्वर्ग में था।

थोड़ी देर बाद मैंने दोनों को जी भर कर चोदा। पूरे महीने हमारा यह कार्यक्रम चलता रहा। मकान मालिक की बेटी तो कई रात मेरे साथ ही सोई। उसे पूरी रात नंगी करके अपने पास सुलाता था। अब उसे पूर्ण नग्न होकर सोने की आदत हो गई है। अब वो कई बार मुझसे कहती है करने के लिए, पर ऐसा मौका नहीं मिल पाता। पर फिर भी हम महीने में एक-दो बार जल्दी जल्दी वाला सेक्स तो कर ही लेते हैं। पर उसमें हमें पूरी तरह मज़ा नहीं आता।

support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

चुदक्कड़ परिवार-1
नौकर-नौकरानी

चुदक्कड़ परिवार-1

प्रेषक : जैक डॉबिन्स

6 मिनट 329
बहन का लौड़ा -22
नौकर-नौकरानी

बहन का लौड़ा -22

अभी तक आपने पढ़ा..

8 मिनट 760
मेरी माँ की कामवासना
नौकर-नौकरानी

मेरी माँ की कामवासना

मेरा नाम रंजन कुमार है. मैं 20 साल का हूँ. ये बात दो साल पुरानी है. मेरे घर में मेरी मॉम, पापा और मैं और हमारा नौकर राजनाथ रहते थे.

9 मिनट 979

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

राज पारीक

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

संगीता 96

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

अर्चना साहू

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।