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ग्राहक की बीवी-1

ए के जैन

23 May 2009 को प्रकाशित

ग्राहक की बीवी-1
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दोस्तो, मैंने अपने एक ग्राहक की बीवी को कैसे चोदा, यह बताता हूँ। यह मेरी ज़िन्दगी की सबसे मज़ेदार चुदाई थी।

मैं एक फैक्ट्री का मालिक हूँ, मेरी कपड़े की फैक्ट्री है, मैं किसी को भी माल उधार में नहीं देता हूँ। लेकिन मेरा एक पुराना ग्राहक जो कई सालों से मुझ से माल ले जाता था, उसे मैं काफी उधार भी दे देता था। वह वैसे मेरा दोस्त जैसा हो गया था।

उसकी बीबी नीलम काफी सुन्दर थी, करीब 5’6″, दुबली-पतली, लम्बी, गोरी थी। उसे देख कर मेरा मन करता था कि किसी दिन अगर यह चोदने को मिले तो जन्म सफल हो जाये।

एक बार उसके ऊपर मेरे 5 लाख रुपया बाकी हो गया।वो मेरे पास रोते हुए आया।मैंने पूछा- क्या बात है राजू? रो क्यूँ रहे हो?

राजू बोला- मैं लुट गया! बर्बाद हो गया! अब तुमसे क्या कहूँ अशोक भाई!मेरी दुकान में कल आग लग गई और मेरा करीब 20 लाख का माल सारा जल गया।

मैं बोला- तो क्या है, बीमे से पैसा मिल जायेगा, रोने की क्या बात है?

राजू बोला- यही तो तकलीफ है कि मेरी दुकान का बीमा अभी 15 दिन पहले ख़त्म हो गया था और काम में इतना व्यस्त था कि रिन्यू कराना भूल गया। समझ नहीं आता कि अब क्या करूँ!

मैं बोला- कितना उधार देना बाकी है?राजू बोला- सब जनों का मिला कर करीब 15 लाख।मैं बोला- अपना घर बेच कर सबकी रकम चुका दो।

वो बोला- मेरा घर किराये का है, नहीं तो उसको बेच कर सबकी उधारी चुका देता।

मेरे मन में उसी समय शैतान जाग उठा और नीलम की शक्ल मेरी आँखों के सामने घूमने लगी। वैसे मुझे 5 लाख से इतना कोई फर्क नहीं पड़ता।

मैं बोला- यह तो बड़ी परेशानी की बात है। हाँ भई, राजू एक रास्ता है जिससे तुम्हारी परेशानी हल हो सकती है और फिर से तुम अपनी दुकान भी चालू कर सकते हो।

राजू खुश होते बोला- भाई साहब, मेरी मदद करो, मैं तुम्हारा एहसान जिंदगी भर नहीं भूलूंगा।मैं बोला- एहसान वाली बात नहीं है, मुसीबत में दोस्त ही दोस्त के काम आता है। तुम मेरी मदद करो, मैं तुम्हारी मदद करूँगा।

राजू बोला- मैं आपकी क्या मदद कर सकता हूँ?मैं बोला- देखो, बुरा मत मानना! तुम्हारी बीबी नीलम बड़ी ही सेक्सी है और मैं उसे चोदना चाहता हूँ।यह सुनते ही राजू आग बबूला हो गया, बोला- मैं तुम्हारा खून पी जाऊँगा! तुमने यह बात कैसे कही?

मैं बोला- बेटा शांत! खून तो तुम बाद में पिओगे, उससे पहले मैं पुलिस को बुला कर तुम्हें अन्दर करवाता हूँ। तुम्हारे पास बस एक यही रास्ता है। घर जाओ और शांत दिमाग से सोचो। तुम्हें क्या मंज़ूर है- पुलिस या नीलम की मेरे साथ चुदाई?

राजू अपने घर गया तो नीलम ने पूछा- क्या हुआ?राजू- तुम मुझे सौ रुपये दे दो, मैं जहर खाकर मर जाना चाहता हूँ।नीलम- क्या पागल जैसी बात कर रहे हो? मर्द हो! हिम्मत नहीं हारते। लेकिन बताओ तो सही अशोक जी से क्या बात हुई?

राजू ने सारी बात नीलम को बताई, नीलम एकदम से भड़क गई- उसकी ये मजाल!राजू- उसने कहा है कि आज शाम तक जवाब दे दो, वरना कल पुलिस तुम्हें पकड़ कर ले जाएगी।नीलम- हे राम, अब क्या करें?राजू- मैं अन्दर हो गया तो तुम्हारा क्या होगा नीलम?

दोनों थोड़ी देर सोचते रहे।नीलम- राजू अगर मुझे तुम्हारी जान बचाने के लिए मरना भी पड़े तो भी मैं तैयार हूँ। आप उस कुत्ते को बोल दो कि मैं तैयार हूँ अपनी चूत की बलि देने को!

राजू- नहीं नीलम तुम मेरी जान हो। मैं ऐसा सोच भी नहीं सकता।

नीलम- तो फिर जहर खाने के सिवा और कोई रास्ता है तुम्हारे पास तो बताओ? लेकिन मरने की बात मत करना। हिम्मत रखो, मैं झेल लूँगी। अपनेआप को संभालो। मर्द की तरह मुसीबत का सामना करो।

राजू ने बड़े दुखी मन से अशोक को फ़ोन मिलाया और कहा- ठीक है, नीलम तैयार है। बोलो, कब मिलना चाहते हो?

मैं- देखा? मैंने कहा था न कि हर परेशानी का हल है। आज शनिवार है, मैं शाम को आऊँगा और फिर हम तीनों मेरी गाड़ी में फार्म हाऊस जायेंगे और सोमवार की सुबह में तुम दोनों को वापस घर छोड़ दूंगा। और हाँ नीलम रानी को बोलना जरा सेक्सी कपड़े पहन कर आये। जितना नीलम मुझे प्यार से चोदने देगी उतनी ही मैं तुम्हारी मदद करूँगा।

शाम को मैं अपनी गाड़ी से राजू के घर गया और राजू को मोबाइल पर बोला- जल्दी नीचे आ जाओ! मैं आ गया हूँ!

राजू और नीलम नीचे आये। नीलम एकदम घबराई हुई राजू के पीछे थी। लेकिन जैसे मैंने कहा था, नीलम वैसे ही बड़ी सेक्सी ड्रेस पहन कर आई थी- लो-कट टॉप और नीली कैपरी!

नीलम को देख कर मेरा लंड वहीं फुफकारने लगा। बड़ी बड़ी चूचियाँ जो उसके कसे टॉप में से बाहर निकलने को तड़फ रही थी और पतली कमर, मोटे चूतड़! ऐसे लग रही थी जैसे ऐश्वर्या राय खड़ी हो।

मैंने मन ही मन सोचा 5 लाख में सौदा घाटे का नहीं है, दो दिन तक इसकी खूब चुदाई करके पैसे वसूल करूँगा। रंडियाँ खूब चोदी हैं लेकिन घरेलू माल का मज़ा पहली बार मिलने वाला है।

मैं- राजू, तुम पीछे की सीट पर बैठो और नीलम जान को आगे बैठने दो।वो मेरी हर बात मानने को मजबूर थे और मैं राजा की तरह उन दोनों पर हुक्म चला रहा था।

नीलम आगे बैठ गई और अपनी कैपरी को नीचे सरका कर अपनी जांघें ढकने की असफल कोशिश करती रही।

उसे इस हालत में देख कर मुझे और भी मज़ा आ रहा था और सोच रहा था क्यूँ छिपाने की कोशिश कर रही हो? थोड़ी देर बाद तो तुम्हें इसे दो दिन तक के लिए उतार कर नंगी ही रहना है।

रास्ते में दारू की दुकान पर गाड़ी रोकी, नीलम से पूछा- तुम क्या पिओगी?नीलम बोली- मैं नहीं पीती हूँ।

मैं बोला- आज तक क्या तुमने किसी और से चुदवाया है? नहीं ना! लेकिन आज चुदवाओगी। ऐसे ही आज पी भी लेना।लेकिन नीलम चुप रही।

मैंने राजू को पाँच हजार रुपये दिए और कहा- जाओ दुकान से ब्लैक लेबल की बोतल लेकर आओ और साथ में 3 सोडा और कुछ खाने को जो भी हमारी नीलम रानी को पसंद हो, लेकर आओ।

राजू गाड़ी से उतरा और मैंने नीलम की जांघों पर अपना हाथ रखा।

वो अपने हाथ से मेरे हाथ को हटाने लगी। उसकी गोरी-गोरी मक्खन जैसी चिकनी जांघों और हाथ को छूकर मेरे पूरे बदन में करंट सा लग गया।

मैं बोला- नीलम रानी, राजू के ऊपर करीब 15 लाख का कर्जा है। तुम जितने प्यार से मुझसे चुदवाओगी उतनी ही राजू की परेशानी कम होगी। मैंने रंडियाँ बहुत चोदी हैं लेकिन तुम्हारी तो बात ही कुछ अलग है। मुझे जबरदस्ती करना पसंद नहीं। और देखो मैं कोई काला मोटा भैंसे जैसा तो दिखता नहीं हूँ। राजू से ज्यादा गोरा हेंडसम हूँ। मज़ा लो और मज़ा दो।

लेकिन बहन की लौड़ी नीलम कुछ नहीं बोली और शीशे से बाहर की तरफ देखती रही।मैं बोला- डरो नहीं नीलम! मैं तुम्हें राजू के सामने ही चोदूँगा और प्यार से।

यह सुनकर नीलम और उदास हो गई कि राजू उसको चुदते हुए कैसे बर्दाश्त करेगा। और मैं जान बूझ कर राजू के सामने ही नीलम चोदने वाला था।

राजू सामान लेकर आया और मैंने गाड़ी फार्म-हाऊस की तरफ बढ़ा दी।

फार्म-हाउस पहुँच कर मैंने नौकर को बढ़िया खाना बनाने के लिए बोला। मैं नीलम और राजू सोफे पर जाकर बैठे।

तीन ग्लास में व्हिस्की डाली और जबरदस्ती नीलम और राजू को पीने के लिए दी।

राजू बोला- मैं बाहर अलग बैठ जाता हूँ।

मैं- राजू यहीं बैठो हमारे साथ! और एकदम निश्चिंत होकर तुम भी मज़े लो यार। आज तक मैंने जबरन कुछ नहीं किया है, जिसको भी चोदा है बड़े प्यार से, आराम से चोदा है। अगर नखरे करने हों तो तुम दोनों जा सकते हो। वरना नीलम रानी! जैसे राजू से चुदवाती हो वैसे ही आज मुझे भी अपना पति समझ कर चुदवाओ। राजू देखो आज मैं तुम्हें तुम्हारी बीबी को नए अंदाज़ में दिखाऊँगा, आज तक तुमने भी नीलम जान को इस तरह नहीं देखा होगा।

शेष कहानी दूसरे भाग में!support@mohakkisse.com

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ग्राहक की बीवी

कुल भाग: 2
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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

आशीष धीमान1

2 weeks ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

यश गर्ग

3 weeks ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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