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जवान लड़की पठन समय: 15 मिनट पढ़ा गया: 711 बार

कॉलेज फ्रेंड का प्यार पाने के लिए चुत चुदवाई- 1

चित्रांगदा सक्सेना

29 Jul 2023 को प्रकाशित

कॉलेज फ्रेंड का प्यार पाने के लिए चुत चुदवाई- 1
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लव लव Xx कहानी में मुझे मेरे साथ पढ़ने वाले एक स्मार्ट लड़के से प्यार हो गया. लेकिन उसने मेरा प्यार ठुकरा प्रिया. तब मेरी एक सहेली ने मुझे सेक्सी बनने की सलाह दी.

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आप सभी पाठकों को मेरा और मेरी मचलती चूत का प्रणाम.

वैसे तो मैं इस साइट की नियमित पाठिका हूं.आज मैं भी अपनी पहली चुदाई की कहानी आप सबके सामने पेश कर रही हूं.

चूंकि यह मेरी पहली सेक्स कहानी है तो मैं चाहूँगी कि आप मेरी गलतियों को नजरअंदाज करते हुए मुझे लव लव Xx कहानी में प्रोत्साहित करें, जिससे मैं अपनी बाकी की कहानियां भी आप लोगों के साथ साझा कर सकूं.

मेरा नाम चित्रांगदा है और मैं लखनऊ की रहने वाली हूं.

इस कहानी का प्रारंभ इसी शहर में तब हुआ था जब मैंने बी.एड करने के लिए लखनऊ के एक मशहूर कॉलेज में प्रवेश लिया था.

यह पहली बार था कि मैं किसी को-एजूकेशन वाले कॉलेज में जाने वाली थी.

इस कॉलेज में जाने से पहले मैं एक स्कूल में पढ़ाती थी जहां पर मेरा अफेयर वहां एक अध्यापक से हो चुका था … पर इजहार और इकरार के अलावा कुछ नहीं हुआ था.और उसका विवाह उनके घर वालों के हिसाब से हो गया.

उसके बाद से मैंने टूटे दिल के साथ कॉलेज में जाना शुरू किया था.

मैं अपनी मां के साथ अपने मामा के घर पर पली बढ़ी हूं तो मैंने बचपन से ही तिरस्कृत जीवन जिया है.

यह कॉलेज मेरे घर से 25 किलोमीटर दूर था.

जब मैंने कॉलेज जाना शुरू किया तो देखा हमारी क्लास में कुल 120 स्टूडेंट थे, जिनमें ज्यादातर लड़कियां थीं … जबकि लड़के कुल 25-30 ही थे.

इस संख्या से आप समझ ही सकते हैं कि लड़कों के लिए लड़कियों में कितना टफ कॉम्प्टीशन था.उसमें भी ढंग के लड़के तो 2-3 ही थे, जिनमें एक लड़का तो ऐसा था, जिस पर क्लास की लगभग हर लड़की फिदा थी.

वह पढ़ने में होशियार, दिखने में स्मार्ट, मजाकिया स्वभाव का था साथ ही वह एक बहुत अच्छे परिवार से था.

वह इंग्लिश मीडियम से पढ़ा हुआ था, सभी लेक्चरर का चहेता व सभी लड़कियों की दिल का सुकून था.लड़कियों में शर्त लगती थी कि कौन उसे पटाएगा.

पर वह मस्तमौला … सबसे जुदा.

सलमान खान जैसी बॉडी (जो मैंने अपने पहली बार के सेक्स में देखी थी).मुझे भी वह अच्छा लगने लगा था.

वह मेरे ही ग्रुप का लीडर था.लेक्चर से पहले हमें उसे ही अपने लेसन प्लान दिखाने पड़ते थे और टीचर की गैर मौजूदगी में वही हमारी क्लास को देखता था.

मैं उसकी तरफ खिंचने लगी थी.पर कॉलेज के दो महीने में ही वह हमारी क्लास की एक लड़की ऐश्वर्या को पसंद करने लगा था.

बुरा तो मुझे बहुत ज्यादा लगा क्योंकि मैं और वह (विजय … बदला हुआ नाम) एक ही जाति के थे, जबकि वह लड़की अलग जाति से थी.

लेकिन वह लड़की शायद शर्मीली थी तो ज्यादा रेस्पोंस नहीं दे रही थी उसे!

धीरे धीरे उस लड़की की बेरुखी के कारण विजय मुझसे बात करने लगा क्योंकि हमारे घर आमने-सामने मुहल्ले में थे, तो वह कॉलेज जाते वक्त मुझे अपनी बाइक से या कार से ले जाता था और हम दोनों रास्ते भर बातें करते हुए जाते थे.

उस लड़की के कारण वह बहुत परेशान हो गया था.क्योंकि वह चाहती तो थी पर कभी खुल कर कहती नहीं थी!

विजय एक अच्छे परिवार से आता था, तो उसने कभी वासना से वशीभूत होकर उस लड़की के साथ कुछ नहीं किया.

जल्द ही हमारी परीक्षा हुई और सब अलग अलग अपनी जिंदगी में मशरूफ हो गए.दो महीने बाद परिणाम आया तो विजय ने कॉलेज में टॉप किया था.

अब वह धीरे-धीरे मुझ पर छाने लगा.मैं उसके ख्यालों में ही खोई रहने लगी.

यह बात मेरी एक सहकर्मी व सहेली को पता चल गई.

वह भी विजय से मिल चुकी थी और काफी इंप्रेस भी थी.उसने मुझे उकसाना शुरू कर प्रिया.

अब इधर वक्त आ गया है कि मैं आपको अपने बारे में कुछ बता देती हूं.

मैं एकदम अनछुई लड़की थी. मैं सांवली हूँ, पर तीखे नयन नख्श हैं. मेरी लंबाई पांच फुट चार इंच की है. ऊपर से नीचे तक मैं एक सी हूँ. मतलब अविकसित स्तन. मुझे ब्रा की कोई जरूरत ही नहीं होती थी.

जब तक मैंने विजय के साथ पहली बार सेक्स नहीं किया था, मैंने कभी अपने हाथों से भी अपने स्तनों को नहीं मसला था. क्योंकि मैं इस सबका अहसास अपने पहले सेक्स में ही करना चाहती थी.मेरी योनि तो एकदम संकरी थी.

आप समझ ही सकते हैं कि मैं किस टाइप की हूँ.

सब सही चल रहा था.

विजय भी नौकरी करने लगा था और जब गर्मी की छुट्टियां हुईं तो मुझे और विजय को काफी समय मिल जाता था.

वह मेरे घर आ जाता था. मेरे घर में भी सब उसे पसंद करते थे.मैं और वह शहर में घूमने भी चले जाते थे. कभी उसकी कार में, तो कभी बाइक पर.

एक दिन तो मुझे उसका व्यवहार बड़ा अजीब सा लगा.ऐसा लग रहा था कि वह आज अपने दिल की बात बोल देगा या मुझे बांहों में भर लेगा.

इसी सोच से मैं और देर कर रही थी कि शाम ज्यादा होगी तो शायद विजय आज सब बोल डालेगा.

पर उसने कुछ नहीं कहा.बस इतना कहा कि उसका सिलेक्श्न बनारस के एक बोर्डिंग स्कूल में हो गया है और वह दो सप्ताह में ही वहां जा रहा है.मुझ पर तो जैसे बिजली गिर पड़ी.

मैंने आकर यह बात अपनी सहेली को बताई तो उसने सुझाया कि मुझे ही पहल करनी चाहिए क्योंकि विजय अभी एक रिश्ते से दूर हो रहा है तो इतनी जल्दी वह मुझे नहीं बोलेगा, पर यदि मैं बोलूँगी तो शायद वह मेरा हो जाए.

इसी उम्मीद में मैंने उसे मेसेज कर प्रिया कि मैं उसे प्यार करती हूं.

उसका मैसेज आया- पागल हो गई हो क्या? हम अब कभी नहीं मिलेंगे और मैं इसी शनिवार को बनारस चला जाएगा.मेरा दांव उल्टा पड़ गया.

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काफी देर रात तक हमारी बात होती रही.सुबह होते ही मैं उसके घर पहुंच गई.मेरी उम्मीद के मुताबिक वह अपने कमरे में सो रहा था.

उसकी मम्मी ने बोल प्रिया- बेटा, ऊपर उसके कमरे में जाकर उसे उठा दो.

मैं कमरे में गई तो कमरे में एकदम अंधेरा, कूलर चल रहा था और कमरे एकदम ठंडा था.विजय चादर ओढ़ कर सो रहा था.

मुझे शरारत सूझी, मैं भी उसके चादर में घुस गई.मैं घुस तो गई, पर विजय तो गहरी नींद में था.

मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया.तभी मेरी जांघों पर कुछ कड़ी सी चीज़ टकराने लगी थी.

मैंने हाथ नीचे करके टटोला तो पाया यह विजय के शॉर्ट्स के अन्दर है.तब मुझे ख्याल आया कि हो न हो यह विजय का लिंग है, जो अकड़ा हुआ है.

मैंने विजय को बेतहाशा चूमना शुरू कर प्रिया.इससे उसकी नींद टूट गई और उसने मुझे यह कहते हुए झटक प्रिया- मैं यह सब सिर्फ अपनी पत्नी के साथ करूँगा.मैं उसके पास से मायूस होकर चली आई.

विजय जल्दी ही चला गया.यहां मेरा रो रो कर हाल खराब था.

मेरी सहेली ने मुझसे विजय का नंबर लेकर उसे समझाने की कोशिश की.तो विजय ने यह कहा कि वह मेरी भी जॉब वहीं लगवा देगा.

लगभग दो महीने की जुदाई के बाद पता चला कि वहां पर एक टीचर के लिए वैकेंसी हुई है, जिसके लिए मेरा इंटरव्यू विजय ने रखवाया है.इंटरव्यू एक हफ्ते बाद शनिवार को होना था.

मेरी सहेली ने बोला कि जाने से पहले तैयारी कर लूं. अपने नीचे के और बगलों के बाल साफ कर दूं और कुछ ब्लू फिल्म्स देख कर जाऊं.उसने मुझे कुछ किताबें भी दीं, जिनमेंमस्तराम कहानियांभी थीं.

उसने मुझसे कहा कि जाने से पहले अपने स्तनों का आकार बढ़ा लूं, जिससे विजय आकर्षित हो.एक दिन मेरी सहेली ने मुझे अपने घर पर बुलाया और मुझे अपने कमरे में ले गई.

उसने मुझे कुर्ते के ऊपर से स्तनों को मसलना शुरू किया, फिर निप्पलों को उमेठना शुरू कर प्रिया.मैंने सिसकते हुए उसे करने प्रिया.

करीब दो घंटे बाद उसने कहा कि बाथरूम में जाकर देखूं कि कुछ फर्क पड़ा या नहीं.मैंने देखा तो अब मेरे स्तन कुछ निंबू की तरह गोल हो गए थे. निप्पल एकदम तने हुए थे और पहले से मोटे हो गए थे.

मैंने आकर उसे बताया तो उसने कहा कि जाने तक ऐसे ही रोज अपने आप करो.फिर मैंने उसे विजय के बारे में उसे बताया कि उसका लिंग मैंने टटोला था.

उसने पूछा- कितना लंबा है!तो मुझे लंबाई का अंदाज़ा तो नहीं हुआ था, पर मैंने मोटाई अपने हाथों से बताई. मेरी सहेली के मुँह से निकल गया कि हे भगवान तेरी तो लॉटरी निकल आई है!

मैंने उससे पूछा- तुझे क्या लगता है कि कैसा होगा?उसने बताया कि विजय का हथियार कम से कम चार इंच मोटा रहा होगा. इस हिसाब से लंबाई कम से कम सात इंच होगी. तू तो मजे करेगी. मेरे पति का तो पांच इंच लंबा और डेढ़ इंच मोटा है. फिर भी मुझे मजा कराता है. मुझे तो तुझसे जलन हो रही है. अब जाना तो मीनार फतह करके ही आना.

मैं उसकी बातों से खुश तो बहुत हुई और उसके कहे अनुसार मैं अपने ऊपर काम करने लगी.

अपने कॉलेज के इस दोस्त का Xx लव लव पाने के लिए मैं चुदने को तैयार हो गयी थी.पहला संभोग और जिंदगी में नए मोड़ का अहसास मुझे गुदगुदाने लगा था.

धीरे धीरे मेरे बनारस जाने का समय आ पहुंचा.अब तक मुझमें बहुत बदलाव आ गए थे.

मैंने सफेद चिकन का सूट पहना और बनारस जाने वाली बस में चढ़ गई.

मेरे साथ मेरा एक दोस्त था क्योंकि मैंने कभी अकेले सफर नहीं किया था.उसकी मौसी बनारस में रहती थी.

मैंने विजय को पहले ही बता प्रिया था.विजय के कहे अनुसार मैंने स्कूल से हफ्ते भर की छुट्टी ले ली थी.

मैं करीब तीन बजे विजय के स्कूल पहुंची.वहां मैंने विजय को फोन किया तो उसने बताया कि मेरा रहने का इंतजाम वहीं के गेस्ट हाउस में हो गया है.

गार्ड रूम से मुझे वहीं पहुंचा प्रिया गया था.

मैं बड़ी बेसब्री से विजय का इंतजार कर रही थी.मैंने बाथरूम में जाकर मुँह धोया और हल्का सा मेकअप भी किया, फिर अपने आपको निहारा.

इसी बाच दरवाजे की घंटी बज उठी.मैंने दरवाजा खोला तो विजय मेरे सामने खड़ा मुस्कुरा रहा था.मेरा मन किया कि उससे लिपट जाऊं.

पर बाहर बच्चे खड़े थे तो विजय के लिए दिक्कत हो सकती थी.उसने अन्दर आकर मुझे निहारा, फिर कहा- दस मिनट में इंटरव्यू शुरू होगा.

विजय- अरे यार … तुम तो एकदम से बदल गई हो, क्या बात है?मैं अन्दर ही अन्दर खुश होती हुई बोली- क्या बदल गया है, मैं तो वैसी ही हूं?

विजय- अरे कितना निखार आ गया है तुम पर … कोई मिल गया है क्या?मैं- मिला तो था, तुम तो जानते ही हो … फिर तुम भी यहां आ गए. इरादा क्या है तुम्हारा … इतनी खुशामद क्यों कर रहे हो? इससे पहले तो जनाब के मुँह से कभी तारीफ नहीं सुनी.

विजय मुस्कुराते हुए बोला- चलो, तुम्हें इंटरव्यू रूम तक छोड़ देता हूंमैं धीमे से बुदबुदाई- बस छोड़ते ही तो आ रहे हो!

विजय- क्या मतलब?मैं- कुछ नहीं … चलो अब.

इंटरव्यू के बाद विजय ने आकर बताया कि मेरा सिलेक्शन नहीं हुआ है और मैं अब वापस जा सकती हूं.यह सुनकर मेरा मन भारी हो उठा और आंखों के किनारे आंसू आ गए.

तभी एक इंटरव्यू टीम की मैडम आईं और उन्होंने मुझे देख कर कहा- आप आज यहीं रुक जाइए, चाहें तो आप अगले हफ्ते क्लास लीजिए … फीड बैक के आधार पर हम निर्णय लेंगे बुधवार तक! अब आपका जाना भी सेफ नहीं है, दिन होता तो बात अलग थी. आपके रुकने का प्रबंध हम करवा देंगे. विजय तब तक आप इन्हें कैंपस घुमा दें.

विजय- जी मैडम, मैं अभी चित्रा से यही कहने जा रहा था. अगर आप उचित समझें तो क्या मेरे स्थान पर इनके लिए दूसरा बेड मिल सकता है?मैडम- क्यों नहीं. तुम्हें तकलीफ तो नहीं होगी विजय एक लेडी के साथ जगह साझा करने में?

विजय- मुझे कोई समस्या नहीं है अगर आपको, स्कूल को या चित्रा को कोई आपत्ति नहीं हो.मैडम- अरे तुमने तो यह सुझाव देकर सारी समस्या ही हल कर दी. क्योंकि सभी गेस्ट हाउस बुक हैं और किसी गर्ल हॉस्टल में भी जगह नहीं है. मैं उम्मीद करती हूं कि तुम दोनों अनजान नहीं हो, यदि हां तब कोई समस्या नहीं होगी. क्यों चित्रांगदा तुम्हें कुछ कहना है?

मैं- नहीं मैडम, मैं तो आपकी आभारी हूं कि आपने मुझे मौका प्रिया कि मैं साबित कर सकूं कि मैं यहां काम कर सकती हूं और विजय ने मेरा नाम सुझाकर गलत नहीं किया. मैं एड्जस्ट कर लूंगी, फिर विजय को तो मैं भली भांति जानती हूं.मैडम- ठीक है, तुम लोग घूम कर आओ. तब तक विजय के घर में बेड लग जाएगा. तुम्हारा खाना और नाश्ता स्कूल के मैस से ही होगा और तुम्हें तय समय पर आकर करना होगा. यह विजय बता देगा.

विजय और मैं एक साथ बोले- जी ठीक है.

तब विजय ने मुझसे कहा- चलो तुम्हें कैंपस घुमा दूं.मैं- चलो.हम दोनों कैंपस घूमने निकल गए.

दोस्तो, इस लव लव Xx कहानी में आपको मेरी कुंवारी बुर की चुदाई की कहानी का जबरदस्त आनन्द प्राप्त होगा, ऐसा मेरा आपको आश्वासन है.आप बस मुझे मेल करके हौसला देते रहेंsupport@mohakkisse.com

लव लव Xx कहानी का अगला भाग:कॉलेज फ्रेंड का प्यार पाने के लिए चुत चुदवाई- 2

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कॉलेज फ्रेंड का प्यार पाने के लिए चुत चुदवाई

कुल भाग: 3
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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

विजय प्रताप

2 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

कुन्दन चौधरी

2 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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