लव प्यार सेक्स कहानी में पति को पता है कि उसकी पत्नी उसी के दोस्त से शादी से पहले से प्यार करती है. तो पति ने अपने सामने अपनी पत्नी को अपने दोस्त के हवाले कर प्रिया.
कहानी के पहले भागप्यार के पंछियों ने प्यार को परवान चढ़ायामें आपने पढ़ा कि तीन दोस्त थे समीर, राकेश और गीता!राकेश और गीता एक दूसरे को पसंद करते थे और शादी करना चाहते थे. पर कैरियर बनाने के चक्कर में राकेश ने शादी करने के लिए मना कर प्रिया और विदेश चला गया.समीर और गीता की शादी हो गयी.लेकिन गीता ने अपने प्यार को परवान चढ़ाने के लिए शादी से पहले ही राकेश के साथ सम्बन्ध बना लिए.
फिर कुछ समय बाद राकेश भारत लौटा तो समीर और गीता का अतिथि बना.
अब आगे लव प्यार सेक्स कहानी:
अगली सुबह वैसे तो समीर ने छुट्टी ले रखी थी.
पर अचानक उसके ऑफिस में कोई अर्जेंट मीटिंग आ आ गयी तो उसे सुबह जल्दी ही ऑफिस जाना पड़ गया.उसने लंच तक आने का वायदा किया गीता से!
राकेश अपने रूम में सो रहा था.गीता ने अपनी और राकेश की कॉफ़ी बनायी और राकेश को उठाने रूम में गयी.उसने फ्रॉक पहनी हुई थी.
राकेश उठ चुका था.गीता को देख कर उसने टी शर्ट पहननी चाही तो गीता ने हँसते हुए कहा- रहने दो, ऐसे ही स्मार्ट लग रहे हो. मेरी मेड दोपहर को आती है.
राकेश ने कॉफ़ी ले ली.
गीता उससे सट कर बेड पर ही बैठ गयी.
उसने पास टेबल पर रखी डिब्बी से सिगरेट निकाली, जलाई और एक दो कश लेकर सिगरेट राकेश को दे दी.फिर उससे बोली- अब कब तक शादी नहीं करोगे?
राकेश कुछ नहीं बोला.
गीता बोली- मुझसे तो बात करनी ही होगी.राकेश बोला- किससे शादी करूँ? कोई तुम जैसी मिलती ही नहीं.
गीता ने उसकी आँखों में झांकते हुए कहा- मुझसे शादी करोगे?राकेश चौंक गया, बोला- क्या मतलब?
गीता बोली- मेरी वजह से ही तुम शादी नहीं कर रहे हो न! तो फिर अब दो ही रास्ते हैं. या तो मैं समीर को तलाक देकर तुमसे शादी कर लूं, ऐसे में जैसे तुम आज हो, कल उससे भी बदतर समीर हो जाएगा. जान बिछाता है वह मेरे ऊपर! और दूसरा रास्ता यह है कि तुम चुपचाप किसी अच्छी सी लड़की से शादी कर लो. हम चारों खुश रहेंगे.
राकेश हँसते हुए बोला- नीतू, तुम्हारे अलावा तो यह दिल किसी पर आता ही नहीं.अब गीता झल्ला कर बोली- मैं मर गयी तो?
राकेश ने उसे पकड़ लिया, उसके होंठों पर अपना हाथ रख प्रिया और कहा- तुम्हारे बिना मैं तो मर मर के जी भी लूँगा, पर समीर तो मर ही जाएगा.गीता बोली- फिर बताओ मैं क्या करूं?राकेश ने उसे अपने नजदीक किया और ताबड़ तोड़ चूमने लगा.
गीता पहले तो इस हमले को तैयार नहीं थी, फिर वह भी सूखी बेल की तरह लिपट गयी राकेश से और चूमने लगी उसे!
तूफ़ान थमने पर राकेश बोला- नहीं, यह गलत है. समीर तुम्हें बहुत प्यार करता है. मेरी जिन्दगी एसे ही कट जायेगी, तुम चिंता मत करो.
गीता बोली- ऐसे कैसे कट जायेगी. आज तो तुम्हें वादा करना ही होगा कि तुम शादी करोगे. मैं खुद लड़की ढूंढूंगी तुम्हारे लिए!राकेश चुप रहा.
फिर रुक कर बोला- तुम्हारी जगह कोई नहीं ले सकता.उसने बताया कि यहाँ उसने सिर्फ गीता की वजह से जॉब करने को हाँ की है, जबकि उसे विदेश में बहुत ज्यादा पैसा मिलता था.
गीता ने उसे कस के चिपटा लिया और चूमते हुए बोली- क्यों करते हो मुझसे इतना प्यार? और करते थे तो क्यों जाने प्रिया दूसरे की बाँहों में? मैं बहुत खुश हूँ समीर के साथ … पर तुम्हें दुखी नहीं देख सकती. कुछ भी कर सकती हूँ तुम्हारी ख़ुशी के लिए. तुम प्लीज़ शादी कर लो!
राकेश बोला- ठीक है, मैं कोशिश करूंगा. पर मैं खुश नहीं हूँ. रात तुम्हारी आवाजें मुझे बहुत बेचैन कर रही थीं. जब भी तुम्हारा ख्याल आता है या तुम दिखाई देती हो तो मुझे शादी से पहले अपनी वह रात याद आ जाती है. मैं तुम्हारी सांसों का गुलाम बन गया हूँ. तुम्हारे जिस्म की गर्मी आज भी मुझे तडपाती है.
कह कर राकेश ने कस के गीता को भींच लिया.
दोनों की गर्म साँसें यह ऐलान कर रही थीं कि अब तूफ़ान आने को है.दो जिस्म एक बार फिर एक होने को बेताब थे.
गीता समझ गयी थी कि अगर राकेश को शादी के लिए कोई तैयार कर सकता है तो केवल वह है.और इसके लिए उसे फिर उसका विश्वास जीतना होगा, उसकी जिस्म की भूख को शांत करना होगा.
गीता ने अपने को राकेश की बाँहों में समाने प्रिया और उसके होंठ से अपने होंठ भिड़ा दिए.दोनों एक दूसरे के होंठों को चूम-चूस रहे थे.
राकेश अपनी जीभ गीता के मुंह के अंदर बार-बार करके उसकी जीभ को चूस रहा था.
तब राकेश ने गीता की फ्रॉक पीछे से ऊपर की और उसकी पेंटी पर हाथ फिराने लगा.उसके लंड का उभार गीता महसूस कर रही थी.
राकेश ने गीता का कोई विरोध न देख उसकी पेंटी के अंदर हाथ कर प्रिया और उसके चिकने नितंबों को सहलाने लगा.
गीता ने राकेश की आँखों में झाँका और उसकी छाती पर निप्पल पर जीभ फिराते हुए एकदम पलट गयी.अब वह राकेश की ओर पीठ करके चिपकी हुई थी.
राकेश ने अपने हाथ उसकी फ्रॉक से होते हुए उसकी पेंटी के अंदर कर दिए थे.अब वह उसका दाना मसल रहा था.
गीता ने अपना हाथ पीछे किया तो उसके हाथ में राकेश का तनतनाता लंड आ गया.
अब गीता घूम कर बैठी और उसके लंड को मुंह में ले लिया और लगी चूसने!
राकेश के मुंह से आहें निकलने लगी.अब उससे बर्दाश्त नहीं हो रहा था.
उसने गीता को अलग किया और उसकी फ्रॉक उतार दी.गीता ब्रा पेंटी सेट में थी.
अब गीता के जज्बात भी बेकाबू हो गए थे.उसने राकेश को बेड पर धक्का प्रिया और उसके बरमूडा के साथ अपनी ब्रा पेंटी भी उतार फेंकी.
वह चढ़ गयी राकेश के ऊपर!उसने अपने हाथों से राकेश का लंड अपनी चूत के ऊपर सेट किया.
राकेश का लंड तो तना हुआ था, सीधे अंदर उतर गया.
गीता ने ऊपर से दबाव बनाया तो लंड को और गहराई मिली.
तब गीता ने राकेश को चूमते हुए हुए उसकी आँखों में आँखें डाल कर कहा- अब मुझे बच्चे की प्लानिंग करनी है, वह चाहे तुम्हारा हो या समीर का. इसलिए मुझे अच्छे से प्यार करना!
गीता ऊपर चढ़कर राकेश की दमदार और धक्केदार चुदाई करने लगी.वह पूरी माहिर थी इसमें!दो जिस्म आज इतने अंतराल के बाद मिल रहे थे.
आज गीता समा जाना चाहती थी समीर के अंदर!उसके दो मकसद थे.
एक तो वह दिल से चाहती थी कि उसके बच्चे के पिता इन दोनों में से कोई हो और उसे खुद भी न मालूम हो कि बच्चे का बाप कौन है.और दूसरे वह राकेश को खुश देखना चाहती थी; चाहती थी कि आज के सेक्स के बदले वह राकेश को इस बात के लिए मना सके की वह किसी अच्छी सी लड़की से शादी कर ले.
गीता ऊपर से उछल रही थी तो राकेश नीचे से.उसको मालूम था कि राकेश पूरा गर्म है और वह ज्यादा देर टिक नहीं पायेगा.इसलिए जब राकेश ने उसे नीचे करना चाहा तो वह नीचे आ गयी और अपनी टाँगें फैला दीं.
अब राकेश ने उसके टखनों को पकड़ कर अपना मूसल एक झटके में घुसेड़ प्रिया अपनी माशूका की चूत में … और लगा जोर जोर से धक्के लगाने.
गीता लिपट गयी थी उससे.
अब दोनों और से घपापेल चालू थी.राकेश की साँसें फूल रही थीं.
गीता के जिस्म की आग ने उसे पिघला प्रिया था.
अपनी उंगलियों के नाखूनों से गीता ने राकेश की पीठ पर आज के सेक्स की गवाही कपिल कर दी थी.
गीता का अंदाज़ सही था.राकेश हांफता हुआ एक झटके में ही गीता की चूत में खाली हो गया.गीता ने उसे कस के भींच लिया, उसका लंड गीता की चूत की गहराई में कहीं खो गया था.
कुछ देर ऐसे ही पड़े रहने के बाद गीता ने राकेश को चूमा और कहा- जानू मेरे ऊपर अब और जुल्म नहीं करो. मैंने तय किया है कि अब समीर को भी तब ही अपने नजदीक आने दूँगी जब तुम शादी के लिए हाँ कर दोगे.
राकेश चुप था.
गीता बोली- अपने लिए नहीं, मेरे लिए शादी कर लो. तुम जानते हो मैं तो सेक्स के बिना नहीं रह सकती. और अब जब तक तुम हाँ नहीं कहोगे मैं सेक्स नहीं करुँगी.राकेश बोला- यह कोई बात नहीं है. मुझे सोचने का मौक़ा दो.
गीता बोली- टेक योर ओन टाइम. पर हाँ, मैं तभी सेक्स करुँगी जब तुम हाँ कर दोगे.
कह कर गीता उठ खड़ी हुई और कपड़े पहनते हुए राकेश से बोली- तुम भी फ्रेश हो लो, मैं भी नहाने जा रही हूँ. फिर नाश्ता करेंगे.
उन लोगों ने नाश्ता लिया ही था कि समीर का फोन आ गया.उसने उन्हें लंच बाहर लेने के लिए दिल्ली बुलाया था तीन बजे करीब.
राकेश ने गीता से नजदीकी बढ़ाते हुए कहा- स्वीटी, मुझे सोचने का मौक़ा दो.गीता ने सपाट होकर कहा- खूब सोच लो. पर मैं अपनी बात पर अडग हूँ.
राकेश अब दबाव में आ गया था.
दोनों तैयार होकर 2 बजे करीब निकले.
समीर उन्हें कनाट प्लेस में ही मिला.लंच लेकर तीनों वहीं घूमने लगे.
तभी मूवी का प्रोग्राम बन गया. मूवी के बाद पिज़्जा पैक करवा कर तीनों दस बजे करीब फ्लैट पर पहुंचे.
आज समीर और राकेश का ड्रिंक्स का मन था.गीता बोली- तुम लोग पियो. मेरा मूड नहीं है, मैं रूम में लेटी हूँ. ड्रिंक ख़त्म करके तुम आ जाना.
कह कर वह अपना पिज़्ज़ा और कोल्ड कॉफ़ी की केन लेकर रूम में चली गयी.बाहर इन दोनों के जाम शुरू हो गए.
दोनों ही ज्यादा तो नहीं पीते थे.तो समीर ने ही बात शुरू की.
ग्रुप सेक्स के नए जोड़ीदार-6
उसने राकेश से कहा- मुझे मालूम है कि अगर मैं गीता से शादी नहीं करता तो गीता राकेश से शादी करती. गीता आज भी तुम से बहुत प्यार करती है. पर वह अब चाहती है कि तुम शादी कर लो.
राकेश ने समीर को बहुत समझाया कि अभी उसे कुछ वक्त और चाहिए.अब समीर भी अटक गया, बोला- अभी रूम में जाने से पहले गीता ने मुझसे कहा कि आज मैं तुम्हारे पास ही सोऊँ. क्योंकि वह अब सेक्स तभी करेगी जब तुम सेक्स करोगे. तो दो ही रास्ते हैं. या तो हम तीनों जिन्दगी भर थ्रीसम सेक्स करते रहें. या तुम अपना घर बसा लो. फिर हम चारों खुश रहेंगे.
थ्रीसम की बात सुन राकेश हंस प्रिया, बोला- पागल हो गयी है गीता तो!समीर बोला- वह सीरियस है. अब वह मुझे तभी नजदीक आने देगी जब तुम हाँ कह दोगे.
दो दो पेग के बाद राकेश बोला- यार तू रूम में जा. मैं भी सोता हूँ. कल से ड्यूटी पर जाउंगा.
समीर उठ कर रूम में गया तो वापिस आ गया और बोला- यार वह तो कह रही है कि मैं तेरे पास ही सोऊँ.दोनों हंस पड़े.
समीर बोला- तू मुझसे कितना भी छिपा ले, पर मुझे मालूम है कि तू आज भी उस पर मरता है. अब बता मैं क्या करूँ?राकेश बोला- इसमें कोई शक नहीं कि गीता जैसी कोई नहीं, वरना तो मैं शादी कर ही लेता. चल मैं समझाता हूँ उसे!
कहकर दोनों गीता के रूम में गए.गीता बेड पर लेटी टीवी देख रही थी.
उन्हें देख कर हँसती हुई बोली- की नौटंकी मत करो. चुपचाप निकल जाओ मेरे रूम से!राकेश बोला- इसका खड़ा हो गया है. या तो तुम दे दो इसे या फिर ये मेरी मार लेगा. तू एक काम कर इसे बैठा दे, फिर भेज देना मेरे पास!
तीनों हंस पड़े.
अब गीता के एक ओर राकेश बैठ गया, दूसरी और समीर.तीनों चुप थे.
राकेश ने गीता का हाथ थाम रखा था.
चुप्पी तोड़ते हुए समीर बोला- राकेश, तुम भी यहीं सो जाओ!
और बिना उसके जवाब का इंतज़ार किये समीर ने लाइट बंद कर दी.गीता बीच में सीधी चुपचाप लेटी थी.
समीर और राकेश उसकी और मुंह करके चुपचाप लेटे थे.
कमरे का माहौल चुप्पी में भी गरमा रहा था.
समीर ने गीता की और बढ़ते हुए उसकी टांगों के बीच अपनी एक टांग कर दी और चिपकते हुए उसे चूम लिया.तो गीता बोली- मुझे सोने दो.
गीता ने अपने माथे पर अपना हाथ रख लिया.उसने फ्रॉक पहनी थी और चूँकि उसे ‘ऐसा होगा’ इसका अहसास नहीं था तो उसने फ्रॉक के नीचे कुछ पहना भी नहीं था.
समीर ने उसके पेट पर अपना हाथ रखा और धीरे धीरे वह अपना हाथ ऊपर उसके मम्मों की ओर करने लगा.
राकेश को लगने लगा कि अब जिस्म की आग उससे भी बेकाबू हो रही है तो वह एक झटके से उठा और ये कहकर अपने कमरे में जाने लगा- मैं अपने कमरे में जा रहा हूँ.
गीता ने उसका हाथ पकड़ लिया.राकेश बोला- छोड़ो मुझे!गीता बोली- छोड़ दूँगी, पर पहले वायदा करो कि जल्दी शादी कर लोगे.
राकेश चुप रहा.फिर हँसते हुए बोला- अच्छा बाबा, कर लूँगा.
गीता एक झटके में खड़ी हो गयी और बेल की तरह राकेश से लिपट गयी और लगी उसे ताबड़तोड़ चूमने.राकेश हँसते हुए बोला- ये सब देख कर तो मेरी बीवी मुझे तलाक दे देगी.
समीर बोला- राकेश, मुझे मालूम है कि तुझ में और गीता में कोई पर्दा नहीं है. और मुझे कोई ऐतराज भी नहीं है. गीता तो तेरी थी, मुझ पर तो तेरा अहसान है कि इतनी प्यारी बीवी तेरी वजह से मुझे मिली. मुझे गीता पर कोई शक या शिकायत नहीं है. हम तीनों अच्छे दोस्त हैं. तूने शादी की हाँ कह कर बहुत बड़ा वजन हटा प्रिया हम दोनों के मन से! चल आज इसे सेलेब्रेट करते हैं.
समीर गीता के कान में फुसफुसाकर बोला- आज हम दोनों मिलकर इसे सेक्स की दावत देते हैं.गीता ने यह सुनकर समीर को चूम लिया.
गीता बाहर गयी और एक शम्पेन की बोतल उठा लायी और हँसते हुए उसे खूब हिलाते हुए उसका ढक्कन निकाल प्रिया.
गीता ने तीनों को शेंपेन से भिगो प्रिया.अब तो जाम और जवानी का जो दौर चला तो तीनों को मस्ती पूरी छा गयी थी.
आज राकेश की हाँ ने गीता और समीर को अंदर तक खुश कर प्रिया था.आज तीनों वही बचपन और जवानी के दोस्तों की तरह खुश थे.
रात के 2 बज गए थे.म्यूजिक पर डांस थमने का नाम ही नहीं ले रहा था.
समीर ने लाईट बहुत धीमी कर दी.तीनों को अब नशे का सुरूर था.
गीता बीच में थी और दोनों उससे चिपके थिरक रहे थे.लाईट बंद होते ही तीनों की कामवासना अब भड़कने लगी.
सबसे पहले तो समीर ने अपनी टी शर्ट उतार फेंकी और राकेश से भी अपनी उतारने को कहा.
अब राकेश और गीता होंठों से होंठ भिड़ाये मटक रहे थे.
गीता ने हाथ पीछे किया और राकेश का लंड पकड़ लिया और अपनी ओर खींचा.राकेश भी इनके नजदीक आ गया.गीता पलटी और अपनी फ्रॉक उतार फेंकी और राकेश से चिपट गयी.
दोनों की गर्म सांसें एक दूसरे के चेहरे पर पड़ रही थीं.
गीता ने राकेश का बरमुडा नीचे खींच प्रिया और समीर से बोली- चलो बेड पर!
अब गीता नीचे लेटी मछली की तरह मचल रही थी और राकेश और समीर उसे चूम रहे थे.
समीर ने उसके मम्मों पर जीभ फिराते हुए राकेश को भी आमंत्रित किया.राकेश की एक उंगली अब तक गीता की चूत में घुस चुकी थी.
वह गीता को चूमता हुआ औसके मम्मे भी चूमने लगा.
अब एक और से तो समीर चूस रहा था और दूसरी और से राकेश.
गीता की दोनों हाथों में उनके लंड थे और वह उन्हें अच्छे से रगड़ रही थी.
अब गीता की चूत में चीटियाँ रेंग रही थीं.उसने समीर से कसमसाते हुए कहा- मेरी पोपों को चूसो.
समीर ने राकेश से कहा- इसकी पोपों शोर कर रही है, तुम नीचे हो जाओ और चूसो.
राकेश नीचे हो गया और गीता की टांगें फैलाकर उसकी चूत में अपनी जीभ घुसा दी.गीता कसमसाई और उसने अपनी उंगलियों से अपनी फांकों को और चौड़ाया.
समीर उठ खडा हुआ और अपना लंड गीता के मुंह के पास कर प्रिया.गीता ने झट उसे लपक लिया और लगी लपर लपर चूसने.
राकेश की जीभ गीता को बेहाल कर रही थी.गीता की आहें निकलने लगीं.वह राकेश से बोली- अब अंदर आ जाओ, बर्दाश्त नहीं हो रहा!
समीर भी हट गया.राकेश ने गीता की टाँगें चौड़ायीं और आहिस्ता से अपना मूसल सरका प्रिया गीता की मखमली चूत में.
हालाँकि गीता की चूत पूरी गीली थी, पर दूसरे लंड का एहसास अलग ही होता है.अभी एक दिन भी तो नहीं हुआ था पूरा उन दोनों को सेक्स की नदी में गोते लगाए … पर इस समय ख़ुशी का आलम कुछ और ही था.
गीता ने अपनी टांगें भींच लीं और कैद कर लिया अपने आशिक के लंड को अपनी मखमली गुफा में!
राकेश ने और जोर लगाया और और गहराई तक उतर गया.गीता ने उसके बाल पकड़े और उसे नीचे खींचा और होंठ से होंठ मिला दिए.
राकेश ने अब चुदाई शुरू कर दी.
समीर शांत खडा इन दोनों के जिस्म से उठते उफान को देख रहा था.
दोनों पूरे जोर शोर से एक दूसरे में समाने को बेताब थे.
गीता ने राकेश को नीचे पलटा और चढ़ गयी उसके ऊपर और उछल उछल कर लगी चोदने!
तभी गीता को समीर का भी ख्याल आया.उसने समीर को इशारे से पास बुला और उसका लंड मुंह में लेने का इशारा किया.
समीर ने नजदीक आकर गीता को चूमा और कहा- ये मौक़ा राकेश का है. इसेभरपूर मस्तीदो. हम तो बाद में पूरी रात करेंगे.
राकेश ने गीता के मांसल मम्मे पकड़ रखे थे, वह उन्हें मसल रहा था.
गीता की आहें, कराहें और शोर पूरे कमरे में गूँज रहा था.
राकेश का चरम होने को था, वह नीचे से निकल कर ऊपर आना चाहता था.पर गीता ने अपनी पकड़ ढीली नहीं की; उसका भी होने को था.
उसके मुंह से झाग सा निकल रहा था.उछलते उछलते वह एक झटके में राकेश की छाती पर लुढ़क गयी.
राकेश का भी हो गया था.कुछ पल एसे ही पड़े रहने के बाद गीता राकेश की बगल में लुढ़क गयी.
राकेश उठा और गीता को चूमकर समीर के गले लगा और बोला- निश्चिन्त रह, आज के बाद यह कभी नहीं होगा. ये सब लव प्यार सेक्स हमारी दोस्ती के कभी आड़े नहीं आएगा.
समीर ने उसे कस के गले लगा लिया.राकेश अपने कपड़े उठा कर अपने रूम में चला गया.
गीता मुस्कुराती हुई समीर से बोली- यू आर द बेस्ट हसबेंड!समीर लिपट गया उससे!
दोस्तो, कैसी लगी मेरी लव प्यार सेक्स कहानी?मुझे कमेंट्स में और मेरी मेल आईडी में बताएंsupport@mohakkisse.com