लवर्स सेक्स कहानी में एक लड़का लड़की प्यार करते थे पर पढ़ाई के कारण दोनों शादी नहीं कर पाए. लड़की का रिश्ता उनके ही एक अन्य दोस्त से हो गया. तो लड़की ने अपने प्रेम की मंजिल पाने के लिए क्या किया?
दोस्तो, आज की कहानी तीन दोस्तों के आस पास घूमती है.
समीर, राकेश और गीता तीनों बचपन के दोस्त थे और बचपन से ही एक ही स्कूल में एक ही क्लास में पढ़ते पढ़ते आज कॉलेज में आ गए.
समीर और राकेश दोनों आई आई टी के फाइनल इयर में थे और गीता फेशन डिजाइनिंग के फ़ाइनल इयर में.तीनों की गाढ़ी दोस्ती थी; तीनों का आपस में कोई छुपाव नहीं था; हंसी मजाक हर रीमा तक होता था.
पर बात केवल दोस्ती तक ही थी.
तीनों के परिवार भी आपस में मित्र और धनी थे.
धीरे धीरे बात अब इन सबकी शादी की भी होने लगी.
यह लवर्स सेक्स कहानी गीता और राकेश के प्रेम की है.
गीता और राकेश एक दूसरे को पसंद भी करते थे.पर बस यही एक बात थी जो सबको मालूम न होकर केवल गीता और राकेश को मालूम थी.
समीर को इसका अंदाजा भी नहीं था.और होता भी कैसे … तीनों इतना घुलमिल कर रहते कि तीनों तीन जिस्म पर एक जान थे.
अब यह नजदीकी कब प्यार में बदल गयी, गीता और राकेश को पता ही नहीं चला.
आई आई टी का कैम्पस प्लेसमेंट का समय था.
इधर गीता का कोर्स पूरा हो चुका था.गीता बला की सुंदर और चुलबुली थी.उसके लिए शादी के रिश्ते धड़ाधड़ आ रहे थे.
गीता अभी शादी के लिए मना कर रही थी.वह मास्टर्स करके जॉब करना चाहती थी.
पर गीता के माता पिता ने साफ़ कह प्रिया- शादी कर लो, फिर जैसा तुम्हारे ससुराल वाले चाहें वैसा कर लेना.
असल में गीता की दादी बहुत बीमार रहती थीं और वह अपनी पोती की शादी अपने सामने करवाना चाहती थीं.घर में उनकी बात कोई टाल नहीं सकता था.
गीता की मां को समीर और राकेश दोनों ही बहुत पसंद थे.घराना भी अच्छा था.
पर शादी तो एक से ही हो सकती थी.
गीता से पूछा गया तो वह कुछ नहीं बोल पायी, बस इतना ही बोली- जैसा आप लोग ठीक समझें.
गीता की मां ने गीता को कुरेदा तो उसने कहा कि उसे राकेश अच्छा लगता है.राकेश बहुत मेहनती था और ऊँचे सपने देखता था.
उसने अपने घर वालों से इस विषय में साफ़ कह प्रिया कि शादी से उसका ध्यान अपने करियर से हट जाएगा.उसे गीता पसंद है पर शादी के लिए गीता को अभी कम से कम चार साल रुकना होगा.
इसी कशमकश में डेढ़ साल निकल गया.
राकेश और समीर दोनों का ही प्लेसमेंट बड़ी कम्पनियों में हो गया.गीता भी मास्टर्स करने लगी.
गीता की दादी ने साफ़ कह प्रिया- अब छह महीने बाद उसका मास्टर्स पूरा होते ही गीता की शादी जिससे चाहे कर दो.
तब गीता ने राकेश को बहुत समझाया.राकेश ने उसके सर पर हाथ रख कर कसम खायी कि वह सिर्फ और सिर्फ उसी से शादी करेगा और किसी से नहीं. पर अभी उसे एमबीए करना है तो कम से कम तीन साल तो अभी रुकना ही होगा.
अचानक गीता की दादी की तबियत ज्यादा खराब हो गयी तो कोई और विकल्प न देखकर घरवालों ने गीता की शादी समीर से तय करवा दी.
बुझे मन से राकेश ने इसके लिए मंजूरी दे दी.
शादी की तैयारियों में तीनों का तालमेल और अपनापन देख कर कोई नहीं कह सकता था कि गीता और राकेश किस हद तक अंदर से टूटे हुए हैं.
गीता शादी से कुछ दिन पहले राकेश के साथ कुछ शौपिंग के लिए दिल्ली गयी.परिवार का विश्वास था, दोनों अकेले ही गए.
दिल्ली पहुँच कर गीता बोली- मेरे सर में बहुत दर्द है, मैं कुछ देर आराम करना चाहती हूँ.
दिल्ली में राकेश का अपना फ्लैट था जो बंद ही रहता.
राकेश ने गीता से पूछा- एक बार फ्लैट पर भी चक्कर मार लें, काफी दोनों से गए नहीं हैं. तुम वहीं थोड़ी देर आराम भी कर लेना.
गीता तो कई बार उसके साथ फ्लैट पर पहले भी जा चुकी थी तो उसने सहज स्वभाव हाँ कह दी.
फ्लैट पूरा फर्निश्ड था.
गीता बेड पर लेट गयी और राकेश किचन से कॉफ़ी बना लाया.
कॉफ़ी पीकर गीता काफी सहज हो गयी थी.
अचानक उसे क्या हुआ, वह राकेश से लिपट गयी, रोने लगी- मुझे सिर्फ तुम्हारी बनना है.टूटा हुआ तो राकेश भी था.
दोनों लिपट गए और एक दूसरे को चूमने लगे.
इतने सालों में पहली बार ऐसा बांध टूटा था दोनों के बीच!लवर्स सेक्स का उफान थोड़ा थमने पर राकेश ने गीता को समझाया- मेरा जिन्दगी का एक ही सपना था कि किसी बड़ी कम्पनी का बड़ा अधिकारी बनना है. और वो सपना पूरा होने मैं अभी कम से कम चार साल और लगेंगे. समीर बहुत अच्छा है, वह तुम्हारा पूरा ध्यान रखेगा. और हमारी दोस्ती कोई ख़त्म थोड़े ही हो जायेगी.
गीता कुछ सुनने को तैयार नहीं थी.भावनाओं में बहकर गीता बोली- अच्छा, मुझे एक बार अपना बना लो, फिर जैसा तुम कहोगे मैं करुँगी.
राकेश कुछ समझा नहीं.
गीता ने जबरदस्ती अपने और राकेश के कपड़े उतार दिए.
राकेश के बार बार टोकने पर गीता ने जहर खा लेने की धमकी दी.
अब राकेश मजबूर था.
दो जिस्म एक हो गए; सारी दूरियां मिट गयीं.
गीता उसका वीर्य अपनी चूत में ही लेना चाहती थी.
पर यहाँ राकेश सख्त हुआ और उसने सारा माल बाहर ही निकला और रोते हुए कहा- नीतू, हमने आज अपने दोस्त से ही धोखा किया है.गीता बोली- कोई धोखा वोखा नहीं है. बस मेरे मन को तसल्ली हुई है. मैं मन से तुम्हें अपना मान चुकी थी, बस वो अरमान पूरा हो गया. इस दोपहर को हम दोनों हमेश हमेशा के लिए भूल जायेंगे.
गीता और समीर की शादी हंसी ख़ुशी से हो गयी.
राकेश एम बी ए करने विदेश चला गया.उसने गीता से दूरी बना ली थी.
समीर और राकेश लगभग रोज़ ही बात करते.
समय पंख लगा कर उड़ने लगा. गीता और समीर अपनी जिन्दगी में मस्त हो गए.
गीता जैसे चुलबुली और हसीन बीबी पाकर समीर धन्य था.दोनों जबरदस्त सेक्स के भस्सी थे; अकेले गुरुग्राम में रहते.
समीर खासा कमाता था तो उसने गीता को फुल टाइम जॉब तो नहीं करने दी.पर गीता किसी डिज़ाइनर के लिए पार्ट टाइम काम करती थी.
वह भी बहुत टेलेंटेड थी तो खासा पैसा कमा लेती थी.
समीर ऑफिस से आकर सीधा गीता के पल्लू में आ जाता.दोनों देर रात तक बाहर घूमते, पब में जाते, डांस पार्टी एन्जॉय करते.
अब गीता समीर के साथ पीने भी लगी थी.गीता पहले भी फुलझड़ी थी, अब तो कोई रोकने टोकने वाला नहीं था.वह कुछ भी चाहे पहनती.
गीता चुदते समय शोर बहुत करती थी, बेड पर समीर को पूरा मजा देती.समीर को लगता की शायद उसकी आवाज बाहर भी जाती होंगी.
गीता को अपने को संवारने का बहुत शौक था.ब्यूटी पार्लर वो अक्सर जाती.पूरी काया उसकी चमकती रहती.
गुलाबी मखमली जिस्म की मालकिन थी वो!मजाल है जो जिस्म पर कहीं भी एक बाल दिख जाए.हर जगह चिकनी और चमकती रहती.
समीर और गीता ने बच्चों की प्लानिंग अगले तीन साल के लिए टाल रखी थी.गीता ने कॉपर टी लगवा ली थी.
जिम जाने से उसकी बॉडी पूरी टोंड रहती और फिर रेगुलर सेक्स भी तो उसकी एक्सरसाइज का हिस्सा था.
कुंवारी पड़ोसन लड़की चुद गई मुझसे
सेक्स में उसका दिमाग इतना चलता कि कई बार तो समीर भी सोचता कि क्या वह खाली वक़्त में सेक्स पर ही रिसर्च करती रहती है.कामसूत्र में कितने सेक्स पोज़ दिए हैं, उससे ज्यादा तो वह ट्राई कर चुकी थी.
समीर और गीता की सेक्स लाइफ औरों से हट कर थी.
उनका फ्लैट 15वीं मंजिल पर था तो दूर तक कोई उन्हें झाँकने वाला नहीं था.वे अक्सर फ्लैट के बाहर बालकोनी में अँधेरे में खुले आसमान के नीचे पेग लगाते हुए सेक्स करते.
लॉन्ग ड्राइव में गीता अपने कपड़े उतार देती और केवल एक शॉल सा कुछ डाल लेती.समीर उसे टोकता भी … पर वह बहुत बेबाक थी, पूछती की बताओ कहाँ लिखा है कि को-पैसेंजर चलती गाड़ी में बिना कपड़ों के नहीं रह सकता.
हाइवे पर चलती गाड़ी में सेक्स का रिस्की तजुर्बा उन्होंने कई बार किया.
समीर को गीता से अपना लंड चुसवाने में बहुत मजा आता था और गीता इतनी तन्मयता से चूसती कि समीर को कई बार लगता कि वह तो उसके मुंह में ही खलास हो जाएगा.उसने गीता के मम्मे चूस चूस कर खूब बड़े कर दिए थे.
गीता का सबसे पसंदीदा आसन था समीर के ऊपर चढ़ कर खूब आवाजें निकलते हुए उसकी चुदाई की घुड़सवारी करना या फिर जब समीर उसकी टांगें चौड़ा कर बेरहमी से अपना लंड पेलता और पूरी स्पीड बनाता तब गीता की आहें और वासनामयी कराहें पूरे फ्लैट में गूंजती.
कभी कभार गीता या समीर के पेरेंट्स उनके फ्लैट में आकर रुकते तो उन दिनों समीर गीता के हाथ पैर जोड़कर चुदाई से बचता.उनके जाते ही गीता पूरी कसर निकाल लेती.
गीता की बात राकेश से कभी कभार हो पातीं. गीता को उससे आज भी बहुत प्यार था.उसका दिल धक से रह गया उस दिन जब राकेश की मम्मी ने उसे फोन पर बताया कि राकेश तो शादी के लिए अब मना ही कर रहा है. वह कहता है उसकी शादी तो हो गयी. इस बात का क्या मतलब है, उन्हें समझ में नहीं आ रहा.
गीता ने एक दिन समीर के ऑफिस जाने के बाद राकेश से फोन पर बहुत देर बात करीं.उसने पूछा उससे- तुम्हारी किससे शादी हुई?तो राकेश टाल गया.
पर दवाब देने के बाद बोला- मेरी जिन्दगी में तुम्हारी जगह कोई नहीं ले सकता. और तुम मेरी समीर से पहले ही हो चुकी हो. अब मेरी तुम्हारी शादी तो हो नहीं सकती. तो मैं दूसरी शादी कैसे कर सकता हूँ.
गीता बहुत रोई, बहुत समझाया राकेश को … पर वह कुछ सुनने को तैयार नहीं था.
इसी तरह दो साल निकल गए.
राकेश वापिस आ रहा था.उसके सपने पूरे होने शुरू हो गए थे.
एक अमेरिकन कम्पनी उसे कंट्री हेड बनाकर दिल्ली भेज रही थी.अच्छी खासी तनख्वाह थी.
इससे समीर और गीता बहुत खुश थे.
समीर ने राकेश से बात कर ली थीं और उसे मना लिया था कि वह दो-चार दिन उनके पास रुकेगा फिर ज्वाइन करेगा.
राकेश जब वापिस आया तो तीन-चार दिन घर रुका.
वहां एक बात की ही चर्चा रही कि अब तो शादी कर लो.उसके लिए रिश्तों की बाढ़ थी.
पर राकेश ने ‘अभी नहीं’ कह कर टाल प्रिया.
चूंकि राकेश की माँ को मालूम था कि राकेश अभी तीन चार दिन समीर-गीता के पास रुकेगा तो उन्होंने गीता को सारी बात फोन पर बताई और कहा कि कैसे भी राकेश को शादी के लिए राजी करे.
इधर गीता ने समीर को मना लिया कि अब उन्हें बच्चे की तैयारी करनी चाहिए.तो गीता डॉक्टर से कॉपर टी हटवा आई.
राकेश अगले दिन गुरुग्राम पहुंचा.
समीर गीता उसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे.
इससे पहले की समीर राकेश को गले लगाता, गीता दौड़ के गयी और राकेश की गले लग कर रोने लगी.पीछे से समीर ने आकर दोनों के गले में बाहें डाल दीं.आखिर तीन जिगरी तीन साल बाद मिल रहे थे.
तीनों की ही आँखें नम थीं.
गीता राकेश का हाथ छोड़ ही नहीं रही थी.वह घसीटते हुए राकेश को फ्लैट के अंदर ले गयी और वहां जाकर फिर लिपट गयी.उनका यह प्यार दिली था, वासना की कहीं जगह नहीं थी.
इधर उधर की कहानी किस्सों में कब शाम हो गयी पता ही नहीं चला.
समीर, गीता ने रात बाहर रंगीन करने का प्लान बना रखा था.रात को गीता का ये उन्मुक्त रूप राकेश ने कभी सोचा नहीं था.वह तो ये सब विदेश में देखता ही आया था, पर समीर गीता ऐसे मिलेंगे, उसे अर्चना भी नहीं थी.
फिर उसने सोचा कि चलो अच्छा है गीता खुश तो है.
गीता डांस करते करते कभी समीर से कभी उससे ऐसे चिपट रही थी मानो बरसों बिछड़े आशिक हों.गीता ने कितनी ही बार उसे चूमा.
अब राकेश की दबी भावनाएं भी मचल उठीं.उसने भी गीता को खूब चिपटाया अपने से.गीता के मांसल मम्मे उसकी छाती पर गड रहे थे.
राकेश का हाथ जब गीता की कमर पर लगा तो बेकलेस ड्रेस में उसके हाथ गीता की चिकनी पीठ पर फिसलते नीचे तक आ गए.इस अहसास ने उसकी पकड़ गीता पर और बढ़ा दी.
गीता ने अँधेरे का फायदा उठाते हुए राकेश के होंठों से अपने होंठ मिला दिए.
रात को फ्लैट वापिस आते आते 2 बज गए थे.राकेश तो थका था.
समीर ने यह सुझाव रखा कि आज मैं और राकेश साथ साथ सोयेंगे, कुछ गप्प मारेंगे. गीता अलग कमरे में सो जायेगी.
गीता ने समीर को आँख दिखायी.राकेश ने थकान का बहाना बना कर मना कर प्रिया कि वह आज रात अच्छे से सोना चाहता है.और अपने रूम में चला गया और बेड पर लेट गया.
उसकी आँखों में गीता और समीर का उन्मुक्त रूप घूम रहा था. न चाहते हुए भी राकेश का हाथ अपने लंड को मसलने लगा.
उधर समीर और गीता अपने रूम में पहुंचे.गीता बहुत मूड में थी.
राकेश से चिपटा चिपटी कर वह गर्म तो हो ही चुकी थी.कमरे में पहुंचकर वह समीर के गले लटक गयी और चूमते हुए बोली- जल्दी से बेड पर आ जाओ, मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा.
समीर ने उसे प्यार से चिपटाते हुए कहा- डार्लिंग, आज घर में राकेश है. तो ज़रा ध्यान करके शोर मचाना. वह वैसे ही कुंवारा है. कभी आवाज सुनकर बीच में आ गया तो आज थ्रीसम हो जाएगा.गीता चिहुंकी, बोली- होता है तो होने दो थ्रीसम. मैं तो आज जम कर चुदूंगी. मेरी पोंपों तो मचल रही है.
कहते-कहते गीता ने अपने कपड़े तो उतार फेंके और नंगी ही बेड में घुस गयी.
समीर भी वाशरूम से फ्रेश होकर आया.बेड में घुसते ही गीता चिल्लाई- यहाँ क्या सत्यनारायण की कथा कहने आये हो जो कपड़े पहन रखे हैं?
और गीता ने जबरदस्ती समीर का बरमुडा उतार फेंका और उसका लंड लगी चूसने.
गीता का बदन महक रहा था. उसे चुदाई का माहोल बनाने में मिनट लगते हैं.
समीर को जल्दी ही लगने लगा कि गीता से अपने को छुड़ाना इस समय बहुत जरूरी है.वह पलटा और गीता की चूत में अपनी जुबान घुसा दी.
गीता ने डियो लगा रखा था और चूत तो हमेशा मखमली रहती ही है.अब दोनों 69 होकर एक दूसरे को चूस रहे थे.
समीर ने गीता की चूत की फांकों को खोल प्रिया था और उसकी जीभ के साथ दो उंगलियाँ भी उसकी फांकों के अंदर घुसी हुई थीं.
अपनी आदत से मजबूर गीता अब जोर जोर से सिसकारने लगी थी.समीर ने अपनी थूक से सनी उंगली जब गीता की गांड में करनी चाही तो गीता जोर से चिल्लाई- वहां नहीं!
समीर ने खुशामद की- आज मन कर रहा है!तो गीता बोली- इसीलिए राकेश के साथ सोना चाह रहे थे? तुम दोनों तो रात को एक दूसरे की गांड मारते.
समीर ने गीता को धीमे से बोलने का इशारा किया.थक तो समीर भी गया था.
उसने गीता को घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चूत में घुस गया और आगे हाथ बढ़ा कर उसके मम्मे मसलने लगा.उसकी पेलमपेल बढ़ती जा रही थी.साथ ही बढ़ रहा था गीता का शोर!
अब उसकी आहें और आवाज़ निस्संदेह राकेश के कानों में जा रही होगी.
गीता ने भी काम निबटाने के मूड से समीर को नीचे लिटाया और चढ़ गयी उसके ऊपर और लगी उछलने!अब उसके हाथों में मम्मे थे और वह पूरे दमखम से उछलते उछलते समीर को उकसा रही थी.
जल्दी ही एक झटके में गीता का हो गया.पर उसके ऊपर होने से समीर का वीर्य बाहर निकल कर समीर के ऊपर ही फ़ैल गया.
गीता उठी और वहीं बगल में लुढ़क गयी.
थोड़ी देर में समीर उठा, वाशरूम से फ्रेश होकर आया और अपने कपड़े पहन कर गीता को कह कर राकेश के कमरे में चला गया.
समीर को देख राकेश मुस्कुराया, बोला- गीता बिल्कुल नहीं बदली. आज भी खूब शोर मचाती है. पहले क्लास में मचाती थी, आज बेड पर मचाती है. समीर ने हँसते हुए सिगरेट जलाई और राकेश को भी दी.थोड़ी देर गप्पें लगा कर दोनों सो गए.
दोस्तो, मेरी यह लवर्स सेक्स कहानी अगले भाग में जारी रहेगी.अभी तक की कहानी पर अपने विचार मुझे बताएंsupport@mohakkisse.com
लवर्स सेक्स कहानी का अगला भाग:दोस्त को दी सेक्स की दावत- 2