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जवान लड़की पठन समय: 7 मिनट पढ़ा गया: 418 बार

माँ-बेटी को चोदने की इच्छा-2

राहुल तारा

27 Feb 2023 को प्रकाशित

माँ-बेटी को चोदने की इच्छा-2
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माँ-बेटी को चोदने की इच्छा को मन में लेकर फिर मैं कॉलेज खत्म होने का इन्तजार करने लगा और फिर घर जाते मैंने शेव किया और माँ से बोला- आज रात का खाना मैं अपने दोस्त के यहाँ से ही खा कर आऊँगा, आप मेरे लिए इन्तजार मत करना। आप और पापा वक्त से खाना खा लेना।

मैंने एक अच्छी सी टी-शर्ट निकाली और जींस पहनी और इम्पोर्टेड क्वालिटी का परफ्यूम लगा कर मनोज के घर की ओर चल प्रिया।

जैसे ही मैंने उसके घर के दरवाजे की घन्टी बजाई, अन्दर से एक बहुत ही मीठी आवाज़ आई- दरवाज़ा खुला है आप आ जाइए..

मैं समझ गया कि यह जरूर रूचि ही होगी।

जैसे ही मैं अन्दर गया, देखा सामने वाकयी रूचि ही खड़ी थी।

आज वो बहुत ही सुन्दर लग रही थी, उसने स्लीवलेस टॉप और मिनी स्कर्ट पहन रखी थी, जो उसकी सुंदरता में चार चाँद लगा रहे थे।इस टॉप में उसको स्तनों का उभार साफ़ दिख रहा था।

मैं तो उसके स्तन ही देखता रहा और अभी मन ही मन उन्हें चचोर कर चूस ही रहा था कि तभी उसने मेरी हरकत पकड़ ली और मुझसे बोली- भईया, आप गेट पर ही खड़े रहोगे या अन्दर भी आओगे?

मैं सच मैं बहुत झेंप गया था और बहुत बुरा भी लगा कि मुझे अपने दोस्त की बहन को ऐसे नहीं देखना चाहिए था।

फिर मैं आगे बढ़ा उसने मुझे सोफे पर बैठने का बोला तो मैंने उससे पूछा- मनोज और माँ जी कहाँ है?

तो उसने बताया- माँ अपने कमरे में तैयार हो रही हैं और मनोज भईया केक लेने गए हैं।

तो मैंने उससे बहुत ही आश्चर्य के साथ पूछा- केक लेने? वो किस लिए?

तो रूचि बोली- आज माँ का जन्मदिन है और इसलिए आपको भी निमंत्रित किया गया है।

मैंने उससे पूछा- सच बताओ..

वो बोली- सच में.. मैं सच ही बोल रही हूँ।

फिर मुझे मनोज पर बहुत गुस्सा आया कि उसने मुझे नहीं बोला कि आज माया का जन्मदिन है.. नहीं तो मैं खाली हाथ न जाता।

मैंने रूचि से बोला- मैं अभी थोड़ी देर में आता हूँ।

तो वो बोली- भैया आप कहाँ जा रहे हो? भाई अभी आता ही होगा, केक काटने में पहले ही इतनी देर हो चुकी है और देर हो जाएगी।

मैंने उससे बोला- मैं तुम्हारी माँ के लिए कुछ गिफ्ट लेने जा रहा हूँ.. मुझे नहीं पता था कि आज उनका जन्मदिन है। नहीं तो मैं साथ लेकर ही आता।

तब तक माया उस कमरे में आ चुकी थी।

हमारी बातों को सुनकर माया हँसी और मुझसे कहने लगी- मैंने ही मनोज को मना किया था कि तुम्हें कुछ न बताए और रही गिफ्ट की बात तो मैं तुमसे कभी भी मांग लूँगी.. वादा करो जब मैं मांगूगी तो तुम मुझे गिफ्ट दोगे…!

अब सब शांत हो गए..लेकिन मैं ऐसे खड़ा था, जैसे मैंने कुछ सुना ही न हो और ऐसा हो भी क्यों न…क्योंकि आज तो माया ऐसी लग रही थी कि उसकी बेटी जो 19 साल की भरी-पूरी जवान थी.. वो भी उसके सामने फीकी लग रही थी।

आज माया ने काले रंग की नेट वाली साड़ी पहन रखी थी, उनके स्तन बहुत ही सख्त और उभरे हुए लग रहे थे।उन्होंने चेहरे पर हल्का सा मेक-अप भी कर रखा था।वो आज पूरी काम की देवी लग रही थी।

मैं उसकी सुंदरता के ख़यालों में इतना खो गया कि मुझे होश ही न रहा कि मैं एक बेटी के सामने उसकी ही माँ को कामवासना की नज़र से उसको चोदने की इच्छा जता रहा हूँ।

तभी माया ने मेरे हाथ को पकड़ते हुए बोला- क्या हुआ विकास? तुम कहाँ खो गए… तबियत तो सही है न?

तब मैंने हड़बड़ाहट उनसे बोला- हाँ.. ऑन्टी जी मैं ठीक हूँ।

वो बोली- फिर तुम्हारा ध्यान किधर था?

शायद वो सब जानते हुए भी मुझसे सुनना चाह रही थी तो मैंने उनके उरोजों की तरफ देखते हुए कहा- ऑन्टी जी आज तो आप बहुत ही हॉट लग रही हो.. इससे पहले मैंने कभी इतनी सुन्दर लेडी नहीं देखी।

उन्होंने मुस्कराकर ‘धन्यवाद’ प्रिया और सोफे पर मेरे पास ही आकर बैठ गईं और रूचि से बोली- विकास को लाकर कोल्डड्रिंक दो… अभी मनोज भी आता ही होगा.. फिर सब मिलकर पार्टी करेंगे।

रूचि रसोई की ओर जाने लगी.. तभी ऑन्टी ने मेरे जीन्स में बने तम्बू की ओर इशारा करते हुए कहा- काफी बड़े हो गए हो..।

तो मैंने अपने लण्ड को दबा कर ठीक करते हुए ‘सॉरी’ बोला तो उन्होंने बोला- इस उम्र में सबके साथ ऐसा ही होता है.. खैर तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?

तो मैंने उन्हें ‘न’ बोल प्रिया।

उन्होंने बोला- क्यों..? तुम तो काफी स्मार्ट हो।

फिर भी तो मैंने भी थोड़ा बोल्ड होते हुए बोल प्रिया- जब आपके जितनी हॉट और सेक्सी मिलेगी तो ही उसको अपनी गर्लफ्रेंड बनाऊँगा..

और मैंने उनके गाल पर एक हल्का सा चुम्बन कर प्रिया।

जिससे वो सोफे पर पीछे की ओर झुक गईं क्योंकि उन्हें इसकी उम्मीद ही नहीं थी।

मैंने तुरंत उनको ‘सॉरी’ बोला- मैं संयम नहीं कर पाया।

तभी रूचि कमरे में मुस्कान बिखेरते हुए आ गई, शायद उसने देख लिया था।

माया ने बात को संभालते हुए मुझे भी एक चुम्बन किया और बोली- लो मैंने तुम्हारा गिफ्ट स्वीकार कर लिया.. बस तुम तो मेरे बेटे जैसे ही हो और मेरे दोनों बच्चे भी मेरे जन्मदिन पर मुझे किस कर के ही विश करते हैं और अब तुमने भी कर लिया.. अब ठीक है न..

मैंने भी उनकी हाँ में हाँ मिला दी, जिससे कि हम पर रूचि को शक न हो।

हम ठंडा पी ही रहे थे तभी मनोज भी केक और होटल से खाने के लिए खाना वगैरह सब लेकर आ गया था।

फिर उसने बताया- ट्रैफिक की वजह से जरा देर हो गई।

मैंने बोला- चलता है यार.. ले ठंडा पी.. फिर हम लोग केक काटेंगे।

तो मनोज ने ठंडा पीते हुए मुझसे पूछा- तुझे आए हुए कितनी देर गई?

मैंने बोल प्रिया- शायद एक घंटा..

रूचि पीछे से बोली- नहीं आप साढ़े छह बजे ही आ गए थे और अभी 8 बजे हैं।

इस पर मैंने बोला- अच्छा.. तुम्हें बहुत ध्यान है मेरा..

और हम सब हंस दिए।

फिर मनोज को मैंने बोला- यार आज आंटी का जन्मदिन था तुम्हें मुझे बताना चाहिए था.. मैं खाली हाथ आया, मुझे बहुत बुरा लगा।

इस पर मनोज बोला- माँ ने ही मना किया था।

इतने में माया आई और मुझे फिर से अपने बच्चों के सामने ही चुम्बन करके बोली- मैं अपने बच्चों से बस प्यार ही मांगती हूँ और कुछ भी नहीं।

इस पर हम चारों ने एक-दूसरे को गले से लगा लिया और बर्थडे-गर्ल को चुम्बन किया।

मेरी चुदाई की अभीप्सा की ये मदमस्त घटना आपको कैसी लग रही है। अपने विचारों को मुझे भेजने के लिए मुझे ईमेल कीजिएगा।कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com

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श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

माँ-बेटी को चोदने की इच्छा

कुल भाग: 36
भाग 1
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भाग 2
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भाग 3
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भाग 4
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भाग 5
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भाग 6
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भाग 7
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भाग 8
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भाग 9
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भाग 10
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भाग 11
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भाग 12
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भाग 13
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भाग 14
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भाग 15
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भाग 16
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भाग 17
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भाग 18
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भाग 19
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भाग 20
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भाग 21
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भाग 22
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भाग 23
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भाग 24
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भाग 25
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भाग 26
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भाग 27
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भाग 28
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भाग 29
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भाग 30
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भाग 31
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भाग 32
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भाग 33
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भाग 34
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भाग 35
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भाग 36
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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

शरद चोपड़ा

1 month ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

दिव्या बिस्सा

2 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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