होम पर वापस जाएं
रिश्तों में चुदाई पठन समय: 7 मिनट पढ़ा गया: 415 बार

मैं रिश्ते-नाते भूल कर चुद गई-6

सारिका कंवल

19 Dec 2019 को प्रकाशित

मैं रिश्ते-नाते भूल कर चुद गई-6
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

सुबह करीब 6 बज रहे थे कि मुझे कुछ मेरी कमर पर महसूस होने लगा।मैंने गौर किया तो वो मेरे बदन को सहला रहे थे।

हम दोनों अभी नंगे थे, शीशे की खिड़की से रोशनी आ रही थी, तो हमारा बदन साफ़ दिख रहा था। उन्होंने मेरे स्तनों को सहलाना शुरू कर प्रिया, मैंने कोई प्रतिरोध नहीं किया।

कुछ देर बाद उनका हाथ स्तनों से सरकता हुआ नीचे मेरे पेट और नाभि से होता हुआ मेरी योनि में जा रुका, पहले तो उन्होंने मेरी झान्टों को छुआ फिर धीरे-धीरे मेरी योनि के दाने को सहलाने लगे।

मेरा दिल नहीं कर रहा था पर पता नहीं मैं उन्हें मना भी नहीं कर रही थी।

थोड़ी देर में मुझे मेरे चूतड़ों के बीच में उनका लिंग महसूस हुआ, जो थोड़ा खड़ा हो चुका था।

मेरी टाँगें आपस में सटी हुई थीं फिर भी जैसे-तैसे उन्होंने मेरी योनि में एक उंगली डाल दी और गुदगुदी सी करने लगे।अब मुझे भी कुछ होने लगा था।

रात के लम्बे सम्भोग के बाद मेरी टांगों स्तनों और कमर में दर्द सा था फिर भी न जाने क्यों मैं उन्हें मना नहीं कर रही थी।

उन्होंने कुछ देर मेरी योनि में ऊँगली डाल कर अन्दर-बाहर किया जिससे मेरी योनि रसीली हो गई, फिर उन्होंने मुझे अपनी तरफ घुमा लिया, मेरी एक टांग को अपनी कमर पर ऊपर चढ़ा लिया, फिर मेरे चूतड़ों के पीछे से हाथ ले जाकर मेरी योनि को सहलाने लगे।

मैंने उन्हें देखा और उन्होंने मुझे फिर मुझे थोड़ी शर्म सी आई तो मैंने उनका सर पकड़ कर अपने स्तनों पर रख प्रिया और हाथ से एक स्तन के चूचुक को उनके मुँह में डाल प्रिया और वो उसे चूसने लगे।

फिर मैंने एक हाथ ले जाकर उनका लिंग पकड़ लिया और हिलाने लगी, कुछ देर हिलाती रही और उनका लिंग मेरी योनि में जाने के लायक एकदम खड़ा और सख्त हो गया।

उधर मेरी योनि भी उनकी उंगलियों से तैयार हो चुकी थी, जिसका अंदाजा मुझे हो चुका था क्योंकि योनि बुरी तरह से गीली हो चुकी थी।बस अब उन्होंने मुझे सीधा किया फिर मेरी टाँगें मोड़ कर फैला दीं और उन्हें पकड़ कर हवा में लटका प्रिया फिर अपनी कमर को आगे-पीछे करके लिंग को योनि के ऊपर रगड़ने लगे।

थोड़ी देर बाद उन्होंने लिंग को योनि के छेद में टिका प्रिया और धक्का प्रिया, लिंग बिना किसी परेशानी के मेरी योनि में अन्दर तक दाखिल हो गया।

उन्होंने मेरी टांगों को पकड़ हवा में फैलाईं और अपनी कमर को आगे-पीछे करके मेरी योनि को चोदना शुरू कर प्रिया था। मैं अपने हाथ सर के पीछे कर तकिये को पकड़ लेटी हुई, उन्हें और उनके लिंग को देख रही थी।

ऐसा लग रहा था जैसे काले-काले जंगलों में एक सुरंग है और एक मोटा काला चूहा उसमें घुस रहा और निकल रहा है।

करीब 10 मिनट हो चुके थे और मेरी टांगों में दर्द बढ़ने लगा था, सो मैंने अपनी टांगों में जोर प्रिया और उन्हें नीचे करना चाहा तो वो समझ गए, उन्होंने मेरी टाँगें बिस्तर पर गिरा दीं और मेरे ऊपर लेट कर मुझे पकड़ लिया।

मैंने भी उनके गले में हाथ डाल कर उनको अपनी बांहों में जकड़ लिया।

अब उन्होंने मुझे धक्के लगाना शुरू कर दिए और उनका लिंग ‘छप-छप’ करता मेरी योनि में घुसने और निकलने लगा, मैं तो पूरी मस्ती में आ गई थी।

मैंने भी कुछ देर अपनी टांगों को बिस्तर पर रख कर आराम प्रिया, फिर एड़ी से बिस्तर पर जोर लगा कर अपनी कमर उठा-उठा कर उनका सहयोग करने लगी।

मुझे सच में इतना मजा आ रहा था कि क्या कहूँ.. मैं कभी अपने चूतड़ों को उठा देती, तो कभी टांगों से उनको जकड़ लेती और अपनी ओर खींचने लगती।मुझे इस बात का पक्का यकीन हो चला था कि उन्हें भी बहुत मजा आ रहा है।

तभी मेरी नजर खिड़की की ओर गई मैंने देखा कि धूप निकल आई है, सो मैंने उन्हें कहा- अब हमें अस्पताल जाना चाहिए।

उन्होंने कहा- बस कुछ देर में ही हो जाएगा।

यह भी पढ़ें (Recommended)

मिशन मामी की चुत चुदाई

तो मैंने भी सहयोग किया।

मेरी योनि में अब पता नहीं हल्का-हल्का सा दर्द होने लगा था, मैं समझ गई कि इतनी देर योनि की दीवारों में रगड़न से ये हो रहा है, पर मैं कुछ नहीं बोली बस ख़ामोशी से उनका साथ देती रही।

मेरी योनि में जहाँ एक और पीड़ा हो रही थी, वहीं मजा भी काफी आ रहा था।

जब तक वो धक्के लगाते रहे, मैं हल्के-हल्के सिसकारियाँ लेती रही।

वो कभी अपने कमर को तिरछा करके धक्के लगाते तो कभी सीधा, वो मेरी योनि की दीवारों पर अपने लिंग को अन्दर-बाहर करते समय रगड़ रहे थे, जिससे मुझे और भी मजा आ रहा था।

मैं खुद अपने चूतड़ उठा प्रिया करती थी।

हम दोनों अब पसीने से तर हो चुके थे, मुझे अब अजीब सी कसमसाहट होने लगी थी।

तभी उन्होंने मुझे अपने ऊपर आने को कहा, मैंने बिना देर किए उनके ऊपर आकर सम्भोग शुरू कर प्रिया।

कुछ ही देर के धक्कों से मेरी जाँघों में अकड़न सी होने लगी थी, पर फिर भी मैं रुक-रुक कर धक्के लगाती रही।

थोड़ी देर सुस्ताने के बाद उन्होंने मेरे चूतड़ों को पकड़ा और नीचे से अपनी कमर तेज़ी से उछाल-उछाल कर मुझे चोदने लगे।

अब उनके धक्के इतने तेज़ और जोरदार थे कि कुछ ही पलों में मैं अपने बदन को ऐंठते हुए झड़ गई और निढाल हो कर उनके ऊपर लेट गई।

उन्हें अब मेरी और से कोई सहयोग नहीं मिल रहा था सिवाय इसके कि मैं अब भी उनका लिंग अपनी योनि के अन्दर रखे हुए थी।

तब उन्होंने मुझे फिर से नीचे लिटा प्रिया और मेरे ऊपर आकर धक्कों की बारिश सी शुरू कर दी। मैं तो बस सिसक-सिसक कर उनका साथ दे रही थी।

करीब 10 मिनट के बाद उनके जबरदस्त तेज धक्के पड़ने लगे और उन्होंने कराहते हुए, अपने बदन को कड़क करते हुए मेरे अन्दर अपना गर्म लावा उगल प्रिया।उनके वीर्य की आखिरी बूंद गिरते ही वो मेरे ऊपर निढाल हो गए और सुस्ताने लगे।

थोड़ी देर बाद मैंने उनको अपने ऊपर से हटाया और गुसलखाने में चली गई, सबसे पहले तो मैंने अपनी योनि से वीर्य साफ़ किया।यह 3 बार के सम्भोग में पहली बार मैंने खुद से वीर्य साफ़ किया था फिर पेशाब किया।पेशाब के साथ-साथ मुझे ऐसा लगा जैसे बाकी बचा-खुचा वीर्य भी बाहर आ गया।

फिर बाकी का काम करके मैं नहाई और बाहर आकर कपड़े पहने और उनको जल्दी से तैयार होने को कहा।

वो भी जब तैयार हो गए तो मैंने उनको कहा- बाकी रिश्तेदारों को खबर कर दीजिए कि आपकी बीवी की तबियत ख़राब है।

उन्होंने कहा- जरुरत क्या है, हम दोनों संभाल लेंगे।

मुझे यह उनकी चाल सी लगी पर मैंने कुछ नहीं कहा।

हम अस्पताल करीब 8 बजे गए, पर उनकी बीवी से मुझे नज़र मिलाने में बहुत शर्म सी आ रही थी।कहानी जारी रहेगी।अपने प्यारे ईमेल मुझे भेजें।

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

मैं रिश्ते-नाते भूल कर चुद गई

कुल भाग: 7
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

विज्ञान से चूत चुदाई ज्ञान तक-43
रिश्तों में चुदाई

विज्ञान से चूत चुदाई ज्ञान तक-43

राहुल ने चोदने की रफ़्तार और तेज कर दी थी..वो भी थक गया था और उसकी उत्तेजना भी चरम रीमा पर थी..बस लौड़े की ठाप से चूत को पीट रहा था..

10 मिनट 902
ससुरजी का मोटा लौड़ा लील गयी मेरी चूत
रिश्तों में चुदाई

ससुरजी का मोटा लौड़ा लील गयी मेरी चूत

बहु ससुर सेक्स की यह कहानी मेरी है. मेरे शौहर नौकरी के लिए सऊदी चले गये तो मेरी चूत ने मुझे परेशान करना शुरू कर प्रिया. तो मैंने क्या किया?

19 मिनट 599
मिशन मामी की चुत चुदाई
रिश्तों में चुदाई

मिशन मामी की चुत चुदाई

इस कहानी में मैं अपने बारे में ज्यादा जानकारी दे देना चाहता हूँ क्योंकि पिछली कहानी में मैं अपने बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता पाया था. उस कहानी में मैं कामुकता के भंवर में बहता चला गया था. इसलिए जल्दी से कहानी पर आ गया था.

16 मिनट 999

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।