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भाभी की चुदाई • पठन समय: 12 मिनट • पढ़ा गया: 1,271 बार

नंगी भाभी को देखा फिर भाभी की चूत की चुदाई-1

अक्षय अक्की

21 Feb 2024 को प्रकाशित

नंगी भाभी को देखा फिर भाभी की चूत की चुदाई-1
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पड़ोस वाली जवान भाभी को नंगी देख कर मेरा मन भाभी की चुत की चुदाई का हो गया.मेरा नाम अक्षय है, मैं राजस्थान का रहने वाला हूँ। मुझे प्यार से सब अक्की कहते हैं। मेरी हाइट 5’10” है, मैं 10 वीं क्लास में ही लम्बाई ले गया था। मैं लम्बे होने के कारण बिल्कुल पतला दिखता था। मैंने अपने दुबलेपन से छुटकारा पाने के लिए हमारी कॉलोनी का जिम ज्वाइन कर लिया था। मेरे पहलवान गुरु कहते थे कि चेहरा छोड़.. शरीर बना ले, लड़कियाँ और भाभियाँ खिंची चली आएंगी।

बस गुरू जी की बात को मान कर मैं पहलवानी में लग गया और एक साल में शानदार बॉडी बना ली। मेरा रंग गेहुंआ है और मैं दिखने में औसत किस्म का लड़का हूँ। बस भगवान की कृपा है कि जब से मैंने पहली चुत मारी, तब से अभी तक चूतों का कोई टोटा नहीं पड़ा।

यह बात तब की है जब मैं 12 वीं में था। हमारे पड़ोस में एक यूपी के मनु भैया रहने आए थे। उन्हें मेरे पापा ने ट्रांसपोर्ट कंपनी में लगा प्रिया था।

कोई 6 महीने बाद वो गाँव से अपनी बीवी निशा को ले आए। वो कुछ अजीब सी दिखती थीं, मैंने उनके पहनावे से उन्हें कभी ढंग से देखा भी नहीं था। वो अक्सर लगभग पूरा दिन मेरी माँ के साथ गुजारती थीं।मैंने नोट किया कि वो कनखियों से मुझे देखती रहती थीं, पर वो मुझे पसंद नहीं थीं।

फिर एक दिन जब मैं फिजिक्स की टयूशन पढ़ कर आया तो मोहल्ले में कुछ बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे, तो मैं भी एक-दो बॉल खेलने लग गया। मेरे शॉट से बॉल छत पर चली गई और बच्चे बॉल लाने के लिए कहने लगे। मैं छत पर चढ़ कर आगे गया तो शॉक्ड रह गया। निशा भाभी आँगन में सिर्फ़ ब्लू पैंटी में नंगी नहा रही थीं।

आज पता चला कि उस थर्ड क्लास पहनावे के पीछे एक हीरा बदन छुपा था। उनका फिगर कोई 34-27-36 का होगा.. एकदम गोरी.. मेरा तो दिमाग़ चकरा गया।नंगी भाभीने परछाई पड़ने पर सिर उठा कर देखा पहले तो घबरा कर उन्होंने अपने बोबे छुपाए।फिर मुझे देख कर अपने हाथ नीचे करके बोलीं- क्या है?मैंने पूछा- हमारी बॉल आई है क्या?तो वो मुस्करा कर बोलीं- तुझे बॉल्स नहीं दिख रहीं क्या?इतने में पास वाली आंटी बोलीं- ये रही तेरी बॉल..

उन्होंने बाल मेरी छत पर फेंक दी। मैंने बॉल उठाई और एक भरपूर नज़र निशा भाभी पर डाली।उन्होंने इशारे से कुछ पूछा और मैं वापिस घर चला गया।मेरा रोम-रोम खड़ा हो गया था, लंड बैठने का नाम नहीं ले रहा था। मैं बाथरूम में गया और मुठ मार के लंड को ठंडा करके सो गया।

निशा भाभी की शादी को 4 साल हो गए थे, पर उनको अब तक कोई बच्चा नहीं हुआ था, वो लगभग 23 साल की थीं।उसके बाद मेरा निशा भाभी को देखने का नज़रिया बदल गया।

कुछ दिनों बाद ही मेरे पेपर्स शुरू हो गए और मैं सब भूल कर पढ़ने में मन लगाने लगा। शायद मेरे पेपर्स के कारण निशा भाभी ने भी मेरे घर आना छोड़ प्रिया था। पेपर्स कंप्लीट होते ही मैं अपने दोस्त से सीमा भारती का नॉवेल ले आया।

जानकार पाठक जानते होंगे कि सीमा भारती के ये नॉवेल शुरू से अंत तक चुदाई से भरे होते हैं। अगले दिन में सुबह मैच खेलने चला गया।

घर आया तो पता चला वो नॉवेल निशा भाभी ले गई हैं। ये जानकार मेरी तो सिट्टी-पिटी गुम हो गई, भाभी को नंगी देखने के बाद और फुल लाइन मारने के बावजूद भी मैं आगे बढ़ने से घबरा रहा था।

फिर 2-3 दिन बाद दोस्त के नॉवेल वापिस माँगने पर मैं निशा भाभी के पास गया। दिन में मनु भैया घर पर नहीं होते थे, वो सुबह 9 से शाम 7 बजे बाद ही आते थे। भैया ज़्यादातर टूर पर रहते थे।

मैंने निशा भाभी को नॉवेल के लिए कहा। वो बोलीं- तू ऐसी किताब पढ़ता है क्या?मैंने कहा- मैं अब बड़ा हो गया हूँ।तो वो हंसने लगीं।मैं वापिस आने लगा तो पीछे से बोलीं- मेरे पास इससे अच्छी किताब है।मैंने कहा- दे दो।भाभी- वो देखने की है।

मैं समझ गया कि भाभी नंगी सेक्स बुक की बात कर रही हैं।मैं- दिखाओ।भाभी- उधर अलमारी में है।

यह कह कर भाभी बाहर चली गईं।

मैंने किताब देखी, ये वही नंगी चूत लंड वाली किताब थी। मैंने निशा भाभी को अन्दर बहुत बुलाया, पर वो नहीं आईं। अंत में मैं चला गया.. जाते समय मैंने उनसे धीरे से कहा- समझा तो दो.. कि इसे पढ़ कर करना क्या है?भाभी मुस्कुराने लगीं।

अगले दिन सुबह सुबह ही मनु भैया बैग ले कर मेरे पास आए और मुझसे स्टेशन तक छोड़ने को कहा। मैं अपनी बाइक पर उन्हें स्टेशन छोड़ कर मैच खेलने चला गया।

जब मैं वापिस आया तो माँ ने खाना प्रिया और कहा- निशा ने रेडियो ठीक करने के लिए बुलाया है और मैं जरा मंदिर कीर्तन में जा रही हूँ, मुझे समय लग जाएगा।

मैंने फटाफट खाना खाया और निशा भाभी के घर पहुंच गया।

आज निशा भाभी ने सलवार-सूट पहना हुआ था.. क्या मस्त कयामत लग रही थीं। भाभी की मस्त उभरी हुई गांड.. बोबे तने हुए और उन्होंने आज मस्त जूड़ा बनाया हुआ था।मैंने अन्दर जाकर कहा- आपने बुलाया था क्या?निशा भाभी- हाँ आ जा कमरे के अन्दर वो टेबल पर रेडियो है.. उसे देख तो ठीक हो जाएगा क्या..? जब तक मैं चाय लाती हूँ।मैं- ठीक है..

मैंने पीछे सेभाभी की मटकती हुई गांडदेखी और मन ही मन दुआ की काश ये माल आज चोदने को मिल जाए।

खैर.. मैं अन्दर कमरे में गया तो रेडियो के पास ही वही न्यूड बुक रखी थी, मैं समझ गया कि आज मेरे लंड को पहली चुत चुदाई करने का मौका मिलने वाला है।

लेकिन मैंने मन बनाया कि अपन कोई स्टार्ट नहीं करेंगे… रेडियो मुझसे तो क्या किसी मिस्त्री से भी नहीं ठीक हो सकता था।

इन दिनों मई का महीना और राजस्थान की गर्मी थी.. इतने में निशा भाभी पसीने में भीगी हुईं चाय ले आईं।

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भाभी के पसीने में भीगने से उनके सूट के बाहर से ही उनकी चूचियाँ चमक रही थीं।

ऊओह क्या सेक्सी सीन था.. मैं समझ गया कि भाभी ने ब्रा नहीं पहनी है। उन्होंने अपने निप्पलों पर मेरी नज़र ताड़ ली और मेरे हाथ में बुक देख के मुस्कुरा कर बोलीं- अरे तूने फिर ये किताब ले ली?

मैंने सकपका कर किताब टेबल पर रख दी और रेडियो देखने लगा।

भाभी- चाय ले ले।मैं- मैं ठंडी करके पीता हूँ।भाभी- मज़ा तो गर्म-गर्म में आता है।

मैंने चाय ले ली.. अब वो मुझसे सट कर बैठ गईं और अपने बोबे मेरी बाजू से लगा कर रेडियो को देखने लगीं। मैं उनके सख़्त बोबे अपनी बाजुओं पर दबते हुए साफ़ महसूस कर रहा था.. बहुत गरमाहट थी उनमें।

भाभी- हो जाएगा?मैं- क्या?भाभी- रेडियो और क्या?

उन्होंने बाजू पर दबाव बढ़ा प्रिया.. जिससे मेरा लंड अंगड़ाइयाँ लेने लगा।मैं- ये तो किसी मैकेनिक से भी ठीक नहीं होगा।

वो जोर से हँसीं और मेरी तरफ सेक्सी निगाहों से देख कर बोलीं- तभी तो तुझे बुलाया है।मैं- मतलब?भाभी- कब समझेगा?मैं मुस्कराया और चाय पीने लगा। फिर मैंने डरते हुए कहा- वो उस दिन मैंने आपको छत से नंगी देखा तो आपको बुरा तो नहीं लगा था?भाभी ने मुझे घूर के देखा और बोलीं- बुरा लगता तो तुझे बुलाती क्या?

मैंने डरते हुए पूछा- पहले आपने अपने बोबों पर.. मतलब हाथ रख लिया था.. फिर मुझे देख कर क्यों हटा लिया था?वो उठ कर बेड पर लेट कर बोलीं- तुझे हर बात खुल कर समझानी पड़ेगी क्या? मैं भी चाय का कप टेबल पर रख कर बेड पर उनके पास बैठ गया।मैं- मतलब?भाभी- तू मतलब बहुत पूछता है।

अब भाभी ने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मेरे होंठों को चूम लिया।भाभी- अब आया मतलब समझ में?

मैं तो सातवें आसमान में उड़ने लगा.. मेरा लंड हिलोरें लेने लगा। मैं झट से भाभी के बगल में करवट करके अपनी कोहनी के बल पर आधा लेट गया। मेरा खड़ा लंड भाभी की कमर से सटा हुआ था और मेरा दूसरा हाथ उनके सपाट पेट पर था।

मेरा चेहरा ठीक उनके चेहरे के ऊपर था उन्होंने मेरे बालों में हाथ फेरा, फिर मेरी गर्दन झुका कर मेरे होंठों को चूसने लगीं।

ये मेरी लाइफ का पहला किस था। भाभी ने अपनी ज़ुबान मेरे मुँह में डाल दी। पहले मुझे अटपटा लगा फिर मज़ा आने लगा। फिर भाभी ने मेरी ज़ुबान अपने मुँह में ले ली और चूसने लगीं।

वाउ क्या रसीला सा किस था.. कोई एक मिनट लंबा चला।

फिर मैंने भाभी के बालों में उंगलियाँ फेरीं.. उनके नर्म गालों पर हाथ फेरा अंगूठे से उनके होंठ फैलाए और झुक कर किस करने लगा। भाभी की आँखें बंद थीं। मैं उन्हीं की स्टाइल में ही किस कर रहा था। फिर उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और खींच कर अपने मम्मों पर रख प्रिया और ऊपर से थोड़ा दबा प्रिया। मेरे लिए इतना इशारा काफ़ी था.. साथ ही वो मेरे लंड को सहलाने भी लगी थीं। मैं भाभी के सख़्त बोबों को बारी-बारी से दबाने लगा। मैंने ब्लूफिल्म स्टाइल में उनकी चुचियों को हल्के से मसला.. तो वो सिहर गईं।

फिर मैंने अपने हाथ को नीचे से भाभी के कुर्ते में डाल प्रिया। भाभी ने सच में ब्रा नहीं पहनी थी। पहली बार किसी के नंगे बोबे हाथ में लेते ही मेरा बदन अकड़ गया और मेरे लंड का दबाव उनकी कमर पर बढ़ गया।

उन्होंने मुझे हटाया और उठ कर कुर्ता खोल प्रिया व फिर से लेट कर मुझे भी नंगा होने का इशारा किया।मैंने भी टी-शर्ट खोल दी।

इतने सुंदर बोबे सामने देख कर मैं पगला गया और उन पर टूट पड़ा। मैंने उन्हें खूब चूमा चूसा.. दबाया और चाटा। निशा भाभी की साँसें तेज़ हो गईं। मैं उनके बोबों को चूमते हुए नीचे की तरफ आया और उनकी नाभि पर ज़ुबान फिराने लगा। वो इससे मदहोश हो गईं और उनका जिस्म अकड़ गया, वो अपनी जांघें मसलने लगीं। मैंने भाभी की सलवार का नाड़ा खींचा.. तो खुलने की जगह उसमें गाँठ पड़ गई, तो वो हंस कर खोलने लगीं।

थोड़ी देर तक नहीं खुलने पर मैंने नाड़ा एक झटके में तोड़ प्रिया और उठ कर एक झटके में सलवार पैंटी सहित उतार के फेंक दी।

भाभी ने शर्मा के आँखें बंद कर लीं और मैं एकटक उनकी रसीली फूली हुई चुत को देखने लगा।

निशा भाभी की नंगी जवानी मेरे सामने खुली पड़ी थी। अगले भाग में भाभी की चूत की पूरी चुदाई का किस्सा सुनाऊँगा, आप मुझे मेरी इस सेक्स स्टोरी पर अपने मेल भेजिएगा।कहानी जारी है।support@mohakkisse.com

नंगी भाभी को देखा फिर भाभी की चूत की चुदाई-2

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Mere sabhi pyare dosto aapka main aaj apni pehli kahani me sawagat karta hoon. Ye kahani mere life ke ek sab se mast khise se judi hui hai, isliye ye ek sachi kahani hai. Mujhe umeed hai aapko meri ye kahani pasand aayegi.

13 मिनट 575

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