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नौकर-नौकरानी पठन समय: 14 मिनट पढ़ा गया: 793 बार

अमेरिका में मेड के साथ चुदाई की रंगरेलियां- 1

धीरज पुणे

20 Aug 2012 को प्रकाशित

अमेरिका में मेड के साथ चुदाई की रंगरेलियां- 1
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नंगी लड़की X कहानी में USA में मेरे घर में एक इंडियन मेड काम करती थी. मैं अकेला था तो उसे चोदना चाहता था. एक दिन मैंने उसे बाथरूम ने नंगी नहाते देखा.

हाय, मेरा नाम नीरज है.

मेरी उम्र 21 साल है और मेरी हाइट 5.8 फुट की है. मैं एक अमीर परिवार से हूँ.

मैं आज आपको अपनी सच्ची सेक्स कहानी बताने जा रहा हूँ.मुझे एक सेक्स प्रॉब्लम है, जिसे डिलेड इजैकुलेशन Priapism कहते हैं. इसमें स्पर्म जल्दी नहीं निकलता है और लंड 2 घंटे तक खड़ा रहता है.

इसे अच्छा समझना गलत है. मजा तो बहुत ज्यादा आता है, पर थकान भी बहुत ज्यादा होती है.अगर आप में से किसी को ऐसी प्रॉब्लम है, तो जल्दी डॉक्टर से मिलें.

यह नंगी लड़की X कहानी उस समय की है, जब मैं 18 का था और ग्रेजुएशन के लिए अमेरिका के लास वेगास में था.

दो साल पढ़ाई के बाद मैं वापस भारत आने वाला था.लेकिन पापा ने कुछ कारणों से मुझे वहीं और 2 साल रुकने को बोला.उन्होंने मेरा वीजा भी बढ़वा प्रिया था.

ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने मुझे लास वेगास में एक घर रहने के लिए दिला प्रिया था.पापा हर महीने पैसे भेजते थे.

मुझे भारत में पापा का बिजनेस चलाना था इसलिए उन्होंने मुझे 2 साल अपनी लाइफ एंजॉय करने को बोला.

मैं कॉलेज के हॉस्टल से एक 2BHK घर में रहने लगा.

मेरा घर शहर से दूर था.दो दिन हुए थे मैं शिफ्ट हुआ था और मुझे कपड़े लेने मार्केट जाना था.

मैं एक कपड़े के शोरूम में गया.वहां कुछ कपड़े लेने के बाद पेमेंट करने गया.

मेरे पास कैश नहीं था और मुझे डेबिट कार्ड से पेमेंट करना था.पर कैशियर ने बोला कि डेबिट कार्ड मशीन नहीं है.उसने मुझे थोड़ी देर वेट करने को बोला.

मैं बैठा रहा.

तभी शोरूम की ओनर अपने साथ मशीन लेकर आई.वह बहुत ज्यादा सुंदर लड़की थी.

मैंने पेमेंट कर प्रिया.वह मुझे देरी के लिए सॉरी बोल रही थी.मैंने मुस्कुरा कर उसे देखा और फिर मैं घर चला गया.

शाम को मुझे एक स्पोर्ट्स बाइक की आवाज़ आई.मैं अपने घर की साइड बालकनी में बैठा था तो देखा कि बगल के घर में वह स्पोर्ट्स बाइक घुस गई.

मैं जल्दी से अपने गार्डन में गया और उसी स्पोर्ट्स बाइक देख रहा था.

अगली सुबह मैं उस घर पर गया और डोरबेल बजाई.देखा तो यह उसी कपड़े के शोरूम की ओनर का ही घर था.

वह मुझे देखकर बोली- कौन हो आप और क्या चाहिए?वह इंग्लिश में बात कर रही थी.

मैंने उन्हें बताया- मैं आपका पड़ोसी हूँ और 2 दिन पहले ही शिफ्ट हुआ हूँ.

वह मुझे अन्दर आने के लिए बोलने लगी.मैं भी अन्दर आ गया.

वह कॉफी लेकर आई और मुझे देकर सोफे पर बैठ गई.

उसने मुझसे पूछा- इंडियन हो?मैंने हां कहा.

तब वह बोली- मैं भी भारत से ही हूँ.मैं चौंक गया.

लेकिन अब वह हिंदी में बोल रही थी, तो मुझे यकीन हो गया.

मैंने पूछा- आपके घर पर कौन-कौन है?वह बोली- मैं अकेली ही रहती हूँ.

मैंने उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम तन्वी बताया.उसने बताया कि उसके मॉम-डैड की डेथ हो गई थी और अब वह अकेली ही कपड़े का शोरूम चलाती है.

मैंने पूछा- बाइक किसकी है?वह बोली- मेरी है.

मुझे उसे देखकर कुछ-कुछ हो रहा था.

मैंने उससे मेड के बारे में पूछा तो पता चला कि वहां मेड नहीं मिलती और अपने काम खुद करने होते हैं.

अगले दिन सुबह मैं बालकनी में एक्सरसाइज़ कर रहा था.यह बालकनी बहुत बड़ी थी और खुली हुई थी.

मैंने डंबल्स, रनिंग ट्रैक, साइकिल और कुछ जिम का सामान लिया था.

जब मैं एक्सरसाइज़ कर रहा था, तभी अचानक तन्वी अपनी बालकनी में आई.

हम दोनों की बालकनी आमने-सामने थी और बिल्कुल सटी हुई थी.

तभी मैंने उसे हाय दीदी कहा.वह बोली- दीदी दिखती हूँ तुम्हें … तन्वी बोलो न!मैंने झेंपते हुए कहा- ठीक है.

मैं वर्कआउट खत्म कर नहाने चला गया.

फिर दो दिन के लिए मैं भारत चला गया भारत में मम्मी-पापा और फैमिली से मिलने के बाद मैंने पापा को बताया कि वहां मेड नहीं मिल रही है और सारा काम खुद करना पड़ता है.

पापा ने कहा- एक काम कर, लता को ले जा अपने साथ!

लता हमारे घर पर काम करती थी.उसके पति की डेथ के बाद वह अकेली ही हमारे घर पर रहती थी.

मैंने पापा से पूछा- यहां पर कौन काम करेगा?वह बोले- यहां 3 लोगों की जरूरत नहीं है. तू लता को ले जा.

पापा ने लता को बोला और वह मान गई.उसका पासपोर्ट पहले से ही रेडी था क्योंकि वह पापा के साथ विदेश जाती रहती थी.

पापा ने अपने सोर्स के जरिए लता का वीजा करवा प्रिया.

तीन दिन बाद मैंने लता को पैकिंग करने को बोला.उसने एक बैग में 2 साड़ी पैक की, कुछ सामान पैक किया और फिर हम दोनों निकल गए.

लास वेगास पहुंचकर मैंने उसे एक बेडरूम दे प्रिया.लता को नहाने के लिए बोला, तो वह बाथरूम में चली गई.

तभी उसकी आवाज़ आई- साहब, जरा इधर आना!

मैं बाथरूम में गया. वह साड़ी में भीगी थी.वह मुझसे बोली- ये नल कैसे चालू होता है?

मैंने उस रूम के बाथरूम के नल को कभी यूज़ नहीं किया था.फिर भी मैं उसे बताने लगा और वहीं रूम में सोफे पर बैठ गया.

थोड़ी देर बाद बाथरूम का दरवाज़ा खुला.मैंने देखा लता नंगी थी.

वह नंगी लड़की X मुझे बैठा देखकर ‘ऊई मम्मी’ चिल्लाई और खिड़की के पर्दे के पीछे छुप गई.

मैंने लता को नंगी देखा तो मैं उसके रूम से चला गया.

फिर लता साड़ी पहन कर आई.वह शर्मा रही थी.

मैंने उससे सॉरी बोला.वह कुछ नहीं बोली.

फिर मैंने उसे घर दिखाया, अपने रूम में ले गया.

मैंने बालकनी का पर्दा खोला तो तन्वी अपनी बालकनी में खड़ी थी.उसने मुझे हाय करके पूछा- कहां थे इतने दिन?

मैंने बताया- भारत गया था!

लता को देखकर वह बोली- बहन है तुम्हारी?मैंने बताया- नहीं, मेड है, भारत से आई है!

तन्वी बोली- काफी सुंदर है, इसलिए लगा कि तुम्हारी रिश्तेदार है!

फिर उसने कहा- यहां मेड रखना है तो परमिशन लेनी होती है और उनका ड्रेस कोड होता है.

मैंने तन्वी से पूछा- आप परमिशन दिलाने चलोगी?वह मान गई और हम दोनों उसकी बाइक से चले गए.

वहां से परमिशन लेकर वापस घर आ गए.

उस दिन मैं काफी थक गया था और बाहर एक इंडियन रेस्टोरेंट में लता के साथ खाना खाकर आया.उसने साड़ी पहनी थी.

रात को सोते समय मुझे लता का नंगा बदन ही बार बार आंखों के सामने दिख रहा था.

अगले दिन सुबह मैं वर्कआउट कर रहा था.तभी तन्वी बालकनी में आई और पूछा- क्या मैं भी तुम्हें जॉइन कर सकती हूँ?मैंने कहा- ऑफ कोर्स.

तन्वी कपड़े चेंज करने गई और स्पोर्ट्स ब्रा और पैंट में आ गई.उसे देख मैं मचलने लगा.

उसके बड़े-बड़े बूब्स, बड़ी गांड और पतली कमर देख कर मेरी टांगों के बीच में हलचल होने लगी.

हम दोनों वर्कआउट कर रहे थे.

बातों-बातों में मैंने पूछा- आपकी उम्र क्या है?उसने बताया कि वह 20 की है.

तन्वी बालकनी से सीधा आई थी और वर्कआउट करके वापस चली गई.

मैं दोपहर में खाना खाकर टीवी देख रहा था और लता पौंछा लगा रही थी.मेरी नज़र उसके ब्लाउज़ के अन्दर जाने लगी.

उसके बूब्स देखकर दबाने का मन करने लगा.उसकी साड़ी ऊपर चढ़ी हुई थी, वह पौंछा लगा रही थी.

उसकी मरमरी टांगें देख मेरा 6.5 इंच लंबा और 5 इंच गोलाई वाला मोटा लंड तन गया था.

मैं अपने रूम में गया और लंड हिलाने लगा.काफी देर तक हिलाने के बाद मेरा माल निकल सका.

फिर मैं फ्रेश हो गया और बालकनी में सिगरेट पीने गया.वहां तन्वी पहले से ही सिगरेट पी रही थी.

मुझे देख वह थोड़ा असहज हुई.लेकिन मैंने कहा- लाइटर है?

फिर उसने सहज होकर मेरी सिगरेट जला दी.

मैंने पूछा- शॉप पर नहीं गई?वह बोली- हफ्ते में 1-2 बार ही जाती हूँ बाकी काम कैशियर देख लेता है.

मैंने उससे पूछा- मुझे बाइक लेनी है, आपकी जैसी!वह बोली- ओके. चलो चलते हैं.

हम दोनों निकल गए और बाइक बुक कर दी.एक हफ्ते में बाइक घर आने वाली थी.

घर आते ही मैंने देखा कि लता ने अपनी तीनों साड़ी को प्रेस लगाकर टेबल पर रखा था और नहाने गई थी.

प्रेस ऑन थी और गर्म थी.मैंने प्रेस को कपड़ों के ऊपर गिरा प्रिया और वहां से चला गया.

थोड़ी देर बाद लता की आवाज़ आई तो मैं उसके रूम में गया.लता ब्लैक ब्लाउज़ और ब्लैक पेटीकोट में थी और उसके कपड़े जल गए थे.

मैंने उससे पूछा- क्या हुआ?तभी वह बोली- मैंने प्रेस चालू रखी थी और वह न जाने कैसे कपड़ों पर गिर गई.

वह परेशान हो गई थी.मैंने उससे कहा- कोई दूसरे कपड़े नहीं हैं क्या?वह बोली- ये जो पहन रखे हैं, बस वही हैं.

मैंने उसे कहा- तन्वी की शॉप से मंगा लूँगा.

तभी मैं तन्वी के घर गया.उसका घर लॉक था.

मैंने उसे कॉल किया तो पता चला कि वह 3 दिनों के लिए आउट ऑफ टाउन है.

उसे बताने पर वह बोली- आने के बाद वह कपड़े ले आएगी.

उस दिन लता पूरा दिन ब्लाउज़ और पेटीकोट में रही और वह मेरे आसपास ही काम करती रही.

अगले दिन वह नहाने जाने के लिए बोली- कपड़े मिल जाएंगे क्या आज?

मैंने लता से कहा- दो दिन तक नहीं … और तुम ऐसे चल भी नहीं सकती कपड़े लेने!

मैंने उसे अपनी जींस दे दी, पर वह उसे टाइट हो रही थी.फिर मैंने एक शॉर्ट और टी-शर्ट दी.

वह नहाने गई और तैयार होकर आई.मेरा वाला शॉर्ट उसे थोड़ा टाइट हो रहा था, पर टी-शर्ट परफेक्ट थी.

लता को देख मेरा लंड फिर से तन गया और उसे चोदने की इच्छा होने लगी.

शॉर्ट उसकी गांड और चूत पर चिपक गया था और मुझे उसकी गांड का शेप एकदम साफ दिख रहा था.

उस दिन मैंने ज्यादा कुछ नहीं किया.

अगले दिन सुबह तन्वी कैब से आई और वह मेरे घर आई.

उसने लता का साइज़ पूछ लिया.फिर वह उससे पूछने लगी- कैसे कपड़े चाहिए?

लता ने साड़ी बोला, तो तन्वी हंसकर बोली- यहां साड़ी नहीं मिलेगी … वेस्टर्न ड्रेस ही पहनना पड़ेगी!

उसने लता को कुछ ड्रेस की तस्वीरें दिखाई.लता ने एक वन-पीस सेलेक्ट किया जो काफी अच्छी थी.

शाम को तन्वी कपड़े देकर गई.

लता ने ड्रेस पहनी, जिसमें वह बहुत सेक्सी लग रही थी.उसे भी पसंद आ गई.

कपड़े घुटनों तक थे और स्लीवलेस थे.फिर लता ने ड्रेस पहन कर चेक की.

मैंने उसके लिए 10 ड्रेस मंगाई थीं.

अगली सुबह मेरी बाइक आ गई.तन्वी ने शाम को पार्टी मांगी.मैंने भी हां कहकर उसे तैयार रहने को बोला.

हम दोनों बहुत क्लोज़ हो गए थे.वह हर दिन वर्कआउट करने मेरे साथ आती, बातें करती और काफी टाइम साथ स्पेंड करती.

शाम को वह घर आई. मैं तैयार होकर बैठा था और लता भी तैयार थी.

हम तीनों होटल के लिए निकल गए.मेरी बाइक पर मैं था और तन्वी की बाइक पर लता थी.

होटल में खाना खाकर हम क्लब गए. अन्दर जाने के बाद तन्वी ने लता को दारू पिला दी और खुद भी टल्ली हो गई.

मैंने कुछ नहीं लिया.फिर हम सब क्लब से निकले.

लता चल भी नहीं पा रही थी इसलिए मैंने उसे अपने साथ बिठा लिया.

वह मेरी कमर को पकड़ कर मुझसे चिपक कर बैठ गई.उसके दूध मुझे उत्तेजित कर रहे थे.

घर पर आते ही लता कमरे की तरफ बढ़ने को हुई मगर वह सोफ़े पर ही बैठ गई.

वह कुछ बोल नहीं रही थी और काफी न/शे में थी.

मैं उसे उठाकर उसके रूम में ले गया और उसे बेड पर पटक कर सोफे पर बैठकर मोबाइल चलाने लगा.

तभी लता बड़बड़ाने लगी.वह बोल रही थी- साहब, मेरी तरफ देखो न!यह कह कर वह हंसने लगी.

मैं उसके साथ बेड पर लेट गया, उसकी ड्रेस को ऊपर किया और देखा उसने चड्डी नहीं पहनी थी.उसकी चूत पर थोड़े बाल थे पर चूत एकदम गोरी थी और फूली हुई थी.

तभी मैंने उसे चूमा और उसकी गांड को सहलाने लगा.वह बहुत नर्म माल थी.

मुझे उसकी गांड दबाने में मज़ा आ रहा था.

फिर मुझे कुछ अजीब सा लगा और मैंने उसे बाथरूम में ले जाकर शॉवर के नीचे खड़ा कर प्रिया.

थोड़ी देर में उसका नशा उतर गया.उसने उल्टी कर दी थी.

मैं अपने रूम में आ गया और सो गया.

अगली सुबह तन्वी और मैं वर्कआउट कर रहे थे, तभी मेरा हाथ उसकी गांड से टच हुआ.वह भी मुझे एक्साइट कर रही थी.

हमने वर्कआउट खत्म करने के बाद एक-एक सिगरेट के कश लगाए और फिर वह चली गई.

मैं तन्वी के बारे में ही सोचने लगा कि कैसे इससे अपने सेक्स संबंध बनाऊं.

अगले भाग में आपको लता के साथ सेक्स रिलेशन की सेक्स कहानी लिखूँगा.नंगी लड़की X कहानी पर आपके कमेंट्स का स्वागत हैsupport@mohakkisse.com

नंगी लड़की X कहानी का अगला भाग:अमेरिका में मेड के साथ चुदाई की रंगरेलियां- 2

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श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

अमेरिका में मेड के साथ चुदाई की रंगरेलियां

कुल भाग: 2
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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

साहिल मक्कड़

2 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

अजय कुमार 9

2 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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