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Group Sex Story पठन समय: 11 मिनट पढ़ा गया: 1,234 बार

चढ़ती जवानी में हुई मेरी चूत मस्तानी- 5

गरिमा सेक्सी

27 Jan 2024 को प्रकाशित

चढ़ती जवानी में हुई मेरी चूत मस्तानी- 5
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न्यू सेक्स रिलेशन इन फॅमिली कहानी में पढ़ें कि सुनसान रेलवे स्टेशन पर चार भाई बहनों ने आपस में सेक्स का मजा लेकर नए सम्बन्ध बना लिए. भाई-बहन का रिश्ता वही मगर सोच नयी हो गयी.

कहानी के पिछले भागबहनों ने भाई बदल कर सेक्स कियामें आपने पढ़ा कि हम भाई बहन ने चूत लंड चाट चूस कर, फिर चचेरी बहनों ने एक दूसरी की चूत चाटी.

थोड़ी देर तक ऐसे ही चलता रहा.फिर सोनू ने स्वीटी की चूची से मुंह हटाया और मुझसे बोला- अरे दीदी, स्वीटी की चूत का सारा रस तुम्हीं चाट लोगी क्या? थोड़ा मुझे भी मौका दो।

मैंने स्वीटी की चूत से मुंह हटाते हुए कहा- लो भाई तुम भी स्वाद ले लो।

अब आगे:

और फिर मैं खड़ी हो गई। फिर वहां सोनू आकर घुटनों के बल बैठ गया और दोनों हाथों से स्वीटी की जांघों को फैला प्रिया, फिर जीभ से चूत को चाटने लगा।इधर रोहित अभी भी स्वीटी की एक चूची को मुँह में लेकर चूस रहा था।

मेरे खड़े होते ही रोहित ने स्वीटी की चूची चूसना छोड़ कर मेरे पास आ गया और फिर मेरे सामने घुटनों के बल बैठ गया।

मैंने अपने दोनों जांघों को फैला प्रिया।फिर रोहित ने मेरी दोनों जाँघों को हाथ से पकड़ कर थोड़ा और फैलाया और फिर मेरी झाँट पर हाथ फेरते हुए चूत के चने को उंगली से छेड़ने लगा।मेरे शरीर में सिहरन दौड़ गई।

फिर उसने उंगलियों से मेरी चूत की दोनों फांकों को फैलाया और जीभ निकाल कर चूत के गुलाबी हिस्से को चाटने लगा।

मेरी शरीर में झुरझुरी सी दौड़ गई।

हालांकि इसके पहले भी सोनू मेरी चूत को चाट चुका था।मगर रोहित तो ऐसा लग रहा था जैसे चूत चाटने में एक्सपर्ट हो।

रोहित ने अब अपनी पूरी तरह से मेरी चूत में घुसेड़ दी और अंदर घुमाने लगा।मेरी हालत ख़राब होने लगी.

मैंने हाथों से रोहित के सिर को कस कर पकड़ लिया और अपनी कमर को हिलाने लगी।

उधर स्वीटी ने सोनू के सर को पकड़ा हुआ था और अपनी आंखें बंद कर कमर हिला-हिला कर चूत चटवा रही थी।

रोहित ने अब अपना सिर मेरी दोनों जाँघों के बीच में एडजस्ट कर लिया, जीभ से चूत चाट रहा था और अपने हाथों से मेरी गांड को सहलाता जा रहा था।

करीब दस मिनट तक चटवाने के बाद मेरी हिम्मत ने जवाब प्रिया और मैंने तेजी से कमर हिलाते हुए रोहित के मुंह में अपनी चूत का सारा पानी निकाल प्रिया।

रोहित ने मेरी चूत का सारा रस पी लिया और आखिरी बूंद तक चाट लिया।

मैं रोहित के सिर को दोनों जांघों में फंसाये हुए ही लंबी-लंबी सांस लेने लगी।

फ़िर रोहित ने अपना मुँह मेरी जाँघों के बीच से निकाला और हाथ से अपने मुँह को साफ करने लगा।मैंने देखा कि उसके मुँह और नाक पर मेरी चूत पानी लगा हुआ था।

रोहित और मेरी निगाह मिली तो हम दोनों मुस्कुरा दिये।उधर स्वीटी भी शायद सोनू के मुंह में ही झड़ चुकी थी क्योंकि सोनू भी स्वीटी के सामने ही बैठा था.

सोनू अपने मुंह को रुमाल से साफ कर रहा था और स्वीटी पीछे चबूतरे का टेक लेकर खड़ी थी और आंख बंद कर लंबी-लंबी सांसें ले रही थी।अब तक हम चारों दो-दो बार झड़ चुके थे।

मैं भी अब नॉर्मल हो चुकी थी।

रोहित और सोनू भी खड़े हो गए।

मेरी निगाह दोनों के लंड पर पड़ी तो देखा उनका लंड भी अब पूरा टाइट हो कर खड़ा था।

मैं थोड़े पीछे होकर चबूतरे का सहारा लेकर स्वीटी के बगल ही खड़ी हो गई।

थोड़ी देर हम चारों चुप होकर हमारी हालत में खड़े रहे।

अब तक स्वीटी भी नॉर्मल हो चुकी है।उसकी भी निगाह दोनों के खड़े लंड पर चली गई।

तभी रोहित आगे बढ़कर स्वीटी के पास आया और झुक कर उसकी चूचियों को मुंह में लेकर चूसने लगा साथ ही एक हाथ से मेरी चूचियों को भी दबाने लगा।

सोनू थोड़ी देर देखता रहा, फिर मेरे पास आकार पहले तो एक चूची को मुंह में लेकर चूसने लगा.फिर वह नीचे बैठ गया और हाथों से पकड़ कर मेरी दोनों जांघों को फैला प्रिया और मेरी चूत चाटने लगा।

हालांकि अभी कुछ मिनट पहले ही मेरी चूत का पानी निकला था लेकिन जब सोनू ने जब चाटना शुरू किया तो मुझ पर दोबारा मस्ती छाने लगी।

उधर रोहित स्वीटी की चूची चूसते हुए अपनी उंगलियों को उसकी चूत में डाल कर आगे पीछे करने लगा।

स्वीटी पर भी दोबारा मस्ती छाने लगी थी और वह अपने कमर को हल्का-हल्का हिला रही थी।इधर सोनू मेरी चूत के दाने को मुंह में भर लिया और हल्का सा उस पर दांत गड़ा कर चूसने लगा।

मेरे ऊपर फिर चुदासी छाने लगी।

कुछ देर इसी तरह चूत चाटने के बाद सोनू खड़ा हो गया और मुझसे बोला- दीदी थोड़ा घूमो।मैं समझ गई कि अब चूत की चुदाई होनी है.

घूमकर मैंने अपने दोनों हाथ चबूतरे पर टिका दिए और पैरों को फैला कर खड़ी हो गई।

सोनू ने अपने लंड को मेरी चूत से सटाया और एक ही धक्के में जड़ तक पूरा लंड घुसा प्रिया और फिर धक्के मारने लगा।

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अपना सपना सच हुआ

मैंने हल्का सा पलट कर स्वीटी को देखा तो चबूतरे के एकदम किनारे बैठी थी और पीछे झुक कर अपने हाथ की कोहनी का टेक लिया हुआ था।रोहित ने उसके पैरों को पकड़ कर फैला प्रिया था और उसकी चूत में लंड डाल कर चोद रहा था।

थोड़ी देर तक दोनों भाई अपनी बहन की चुदाई करते रहे।मैं भी गांड उछाल कर सोनू का साथ दे रही थी।

थोड़ी देर बाद रोहित बोला- सोनू, अब तुम इधर आ जाओ।

मैंने पलट कर देखा तो रोहित स्वीटी की चूत से अपना लंड निकाल कर मेरे पीछे आ गया था।

तब सोनू ने भी मेरी चूत से अपना लंड निकाला और स्वीटी के पास चला गया।

अब स्वीटी ने भी खड़ी होकर मेरी तरह की पोजीशन बना ली थी।इधर रोहित ने अपना लंड मेरी चूत पर रख कर जोरदार धक्का मारा।

एक ही धक्के में रोहित का लंड मेरी चूत में घुस गया मेरे मुँह से हल्की सी सिसकारी निकल गई क्योंकि रोहित का लंड सोनू के लंड से थोड़ा मोटा था।

फिर धीरे-धीरे कमर हिलाते हुए रोहित ने मुझे चोदना शुरू कर प्रिया।उधर सोनू भी स्वीटी को चोदने लगा था।

हम चारों दो-दो बार झड़ चुके थे इसलिए जल्दी झड़ने का नाम ही नहीं ले रहे थे.और मस्त चुदाई चल रही थी।

करीब 15 मिनट की चुदाई के दौर के बाद सबसे पहले सोनू और स्वीटी झड़े.और फिर कुछ ही देर बाद मैं और रोहित भी झड़ गए।

हम चारों इतना थक गए थे कि उसकी तरह नंगी हालत में चबूतरे पर बैठ गए।

थोड़ी देर बाद जब हम सामान्य हुए तो सब अपने कपड़े ठीक से पहनने लगे।

इस बीच हमने आपस में कोई बात नहीं की।

जब हम सब कपड़े ठीक से पहन कर बैठ गए, तब स्वीटी रोहित से बोली- भैया, अब अगले एक हफ्ते तक मुझे छूना भी मत, अगले एक हफ्ते की सारी कसर आज ही निकल गई है।यह सुनते ही हम सब हंस पड़े।

रोहित ने टाइम देखते हुए कहा- अभी 8.30 बजे बजने वाले हैं। ट्रेन आने में आधा घण्टा बचा है। तब तक क्या करें?इस पर सोनू हंसते हुए कहा- क्यों तुम्हारा लंड फिर खड़ा हो रहा है क्या?हम सब फिर हंस पड़े.

रोहित- नहीं, उसकी प्यास तो बुझ चुकी है। मगर कुछ पीने का मन कर रहा है।

स्वीटी- मेरी चूत का रस तो ख़त्म हो गया है भैया! गरिमा दीदी से पूछ लो अगर उनके पास बचा है तो पी लो!मैं हंसती हुई- ना बाबा, मेरा भी रस ख़त्म हो चुका है।

सोनू- अच्छा चलो, एक-एक बार और चूची चूसते हैं। क्यों रोहित?रोहित- ठीक है।फिर उसने स्वीटी और मेरी या देखते हुए कहा- चलो, तुम दोनों अपने कुर्ते के बटन खोलो।

और यह कहते हुए रोहित स्वीटी के सामने जा कर खड़ा हो गया और बोला- बटन खोलो स्वीटी!स्वीटी- अरे भैया, तुम्हारी ही बहन ही हूं घर चलकर जितना मर्जी हो चूस लेना मेरी चूचियों को। अभी तो गरिमा दीदी की चूची चूस लो, वरना वे अपने घर चली जाएंगी।

मैं हंसती हुई- स्वीटी, मैं तो तुम्हारे भाई को अपनी चूची चूसने दूंगी लेकिन मेरे भाई का भी कुछ ख्याल करो। इसे अपनी चूची चूसने दो।स्वीटी- अरे, मैंने कब मना किया है। मैं तो रोहित भैया को बोल रही थी।फिर हम सब हंस पड़े।

सोनू- कुछ भी हो लेकिन अपनी बहन की चूची चूसने का अलग ही मजा है। क्यों रोहित?रोहित बोला- हां, ये तो सही है। लेकिन स्वीटी भी सही कह रही है। मैं तो उसकी चूची घर पर कभी भी चूस लूंगा, मगर गरिमा की चूची फिर कहां मिलेगी। इसलिए तुम मेरी बहन की चूची चूसो और मैं तुम्हारी बहन की चूसता हूँ।

यह कह कर रोहित मेरे सामने आकर खड़ा हो गया।

मैंने चबूतरे पर बैठे हुए ही अपनी जैकेट की चेन खोल दी और कुर्ते के बटन को खोल कर चूचियों को बाहर कर प्रिया।रोहित ने बैग खींच कर नीचे रख प्रिया और उस पर बैठ गया.

अब उसका मुंह ठीक मेरी चूची के लेवल में आ गया.फिर उसने अपने हाथों को मेरे अगल-बगल से ले जा कर मेरी पीठ पर रख और अपनी तरफ खींच लिया और चूचियों को मुंह में भर कर बारी-बारी से चूसने लगा।

उधर स्वीटी ने भी अपने कुर्ते को खोल कर चूचियां बाहर कर दी थी.सोनू भी बैग के ऊपर बैठ कर उसकी चूचियों को चूस रहा था।

वे दोनों तब तक हमारी चूचियों को चुनते रहे जब तक ट्रेन की सीटी नहीं सुनाई दी।हालांकि इस बीच दोनों ने दो बार अदला-बदली भी की।

गाड़ी के आने पर हम सब एक बोगी में बैठ गये।ट्रेन में हमारे बीच सिर्फ इधर-उधर की बातें हुई।

हमारा स्टेशन कब आया, हमें पता ही नहीं चला.पापा हम दोनों को लेने स्टेशन आये थे।

फिर मैंने और सोनू ने रोहित और स्वीटी को बाय-बाय किया और घर आ गए।

यह मेरी जिंदगी का सबसे बेहतर और यादगार सफर था जिसे मैं आज तक नहीं भूली हूं।

उसके बाद से सोनू को जब भी मौका मिलता वह मुझे चोद लेता, मेरी चूत चाट लेता था।

धीरे-धीरे उसने मेरी गांड भी मारनी शुरू कर दी थी।

तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी ये कहानी?रेलवे स्टेशन की चुदाई ने बदल दी जिन्दगी … भाई-बहन का रिश्ता वही मगर सोच नयी हो गयी.

मुझे जरूर बताइयेगा।

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श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

चढ़ती जवानी में हुई मेरी चूत मस्तानी

कुल भाग: 5
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Ye meri is jija sali chudai story ka tisra aur aakhri episode hai, agar apko ye story achhi lagi hai, to please like aur comment jarur karna.

14 मिनट 464

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

जोनी वाकर

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

i

itsme_vijay98

4 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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