होम पर वापस जाएं
Office Sex • पठन समय: 5 मिनट • पढ़ा गया: 1,064 बार

नौकरी में मस्ती-2

विक्रम डिसेन्ट

14 Jul 2012 को प्रकाशित

नौकरी में मस्ती-2
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

प्रेषक : विक्रम शर्मा

हमने खाना खाया मगर मैं उसे ही देखता रहा।

फिर हम घर जाने लगे, मैंने उसके घर उसे छोड़ा… वो बोली- अन्दर आ जाओ ! कुछ देर बाद चले जाना, तुमने कुछ खाया भी नहीं।

मैंने कहा- ठीक है।

वो मुझे बेडरूम में ही ले गई, बोली- मैं अभी कपड़े बदल कर आती हूँ !

मेरे अन्दर अभी भी उथल-पुथल चल रही थी। जब वो आई तो और भी कयामत लग रही थी। खुले बाल, लो कट गाऊन ! उसमें से बाहर झांकते उसके छोटे छोटे मम्मे ! अप्सरा से कम नहीं लग रही थी वो !

मेरा लण्ड खड़ा हो गया !

वो मेरे पास आकर बैठ गई, मैं उसकी आँखों में ही देख रहा था।

वो बोली- क्या देख रहे हो?

मैं बोला- तुम्हें !

वो बोली- क्यों?

मैं बोला- किसी अप्सरा से काम नहीं लग रही हो !

वो बोली- मुझे भी तुम अच्छे लगते हो !

और मेरे गले में अपनी बाहें डाल दी और चूम लिया, बोली- मैं तुम्हारे साथ प्यार करना चाहती हूँ !

मैं बोला- मैं भी !

और उसे लेकर बेड पर लेट गया। मेरा लण्ड पूरा खड़ा हो गया था।

मैंने अपने होंठ उसके गालों पर रख दिए तो उसकी सांस तेज होने लगी, बोली- क्या कर रहे हो?

मैं बोला- तुम्हारे मखमली बदन को अपने होटों से महसूस करना चाहता हूँ !

अपने होटों को उसके होटों पर रख कर उसके होटों को चूसने लगा तो उसने अपनी जीभ मेरे होटों पर रख दी। मैं उसे अपने होटों में लेकर चूसने लगा। कभी वो मेरी जीभ चूसती, कभी मैं उसकी !

अपने हाथों से, अपने बदन से उसके बदन को महसूस करने लगा और उसके बदन पर अपनी उंगली चलाने लगा तो वो पागल होने लगी, बोलने लगी- ऐसे ही करोगे या कुछ और भी करोगे?

मैं बोला- मैं पहले तुम्हारे मखमली जिस्म को अपने होटों से महसूस करना चाहता हूँ। पहले इस अप्सरा के जिस्म के हर अंग को को अपनी सासों से महसूस करके अपने अंदर बसाना चाहता हूँ।

वो बोली- बर्दाश्त नहीं हो रहा !

मैंने उसकी नाइटी उतारी फिर उसके ऊपर आकर अपने होटों को, अपनी जीभ को उसकी बदन पर फिराने लगा। ऐसा होने लगा जैसे किसी मिठाई को होटों से हल्का हल्का तोड़ कर खाते हैं। उसका बदन मेरे लिए शहद बन गया था जिसे मैं चाट रहा था। उसके मम्मे अपने होटों में लेकर चूस रहा था। उसके निप्पलों को जीभ से चाट रहा था।

वो पागल हो गई, अपनी चूत मसलने लगी।

मैं बोला- रुको, मैं करता हूँ।

मैंने उसकी चूत पर अपने होंट रखे, कुछ देर चूमा, फिर चूत के दोनों तरफ़ होंट रख कर उसकी चूत को जीभ से चाटने लगा।

वो मेरे बाल पकड़ कर खींचने लगी, अह अह अह की आवाज़ करने लगी, बोली- और ज्यादा ! और ज्यादा !

उसकी चूत से चिपचिपा पानी निकलने लगा, मैं कुत्ते की तरह उसकी चूत को साफ़ करने लगा।

अब वो पागल हो चुकी थी, उसका बदन जल रहा था, उसने मुझे धक्का प्रिया, मुझे नीचे गिरा प्रिया, मेरी शर्ट फाड़ दी, मेरी पैंट खोल कर मेरा अंडरवीयर उतार प्रिया, मेरा लण्ड चूसा, फिर मेरे बदन पर अपने होंठ फिराने लगी, अपने मम्मे मेरी छाती पर रगड़ने लगी, कभी मेरे लण्ड पर !

फिर हम दोनों 69 की तरह होकर एक दूसरे को चूसने लगे, वो मेरा लण्ड, मैं उसकी चूत !

वो तीन बार झड़ चुकी थी, मैं तीन बार उसका रसपान कर चुका था। मेरा भी लण्ड बेचन हो चुका था, मैंने उसे सीधा किया, बोला- अब गुफा में घुसवा दो इस बेचारे को !

वो बोली- वो तो कब से तड़प तड़प कर पागल हो रही है !

मैंने उसे सीधा लेटा कर उसकी चूत में अपना 8 इंच लम्बा लण्ड रखा, उसके होटों पर अपने होंठ रख कर एक तगड़ा सा झटका मारा।

वो चीख पड़ी, बोली- मार डालोगे क्या?

मैं बोला- तुम्हें मार कर हम कहाँ जायेंगे?

फिर धीरे धीरे उसकी चूत में लण्ड हिलाने लगा, उसे मज़ा आने लब्गा, बोली- और तेज ! और तेज ! बहुत तेज !

मैंने उसे उठा कर उसे अपनी गोद में बिठाया, मेरा लण्ड उसकी चूत में था, वो मेरी गोद में उसके होटों चूसते हुए मम्मे दबाते हुए उसकी चूत में झटके मारने लगा।

वो फिर झड़ गई, मैं भी झड़ने वाला था।

मैंने उसे खड़ा किया और बोला- चलो घोड़ी बन जाओ !

फिर घोड़ी बना कर उसके मम्मे दबाते हुए उसकी चूत में मैंने अपना सारा माल निकाल प्रिया और उसके ऊपर लेट गया। हम दोनों की ऐसी हालत हो गई थी कि हमारा हिलने का भी मन नहीं कर रहा था।

फिर हम दोनों पास में लेटे-लेटे कब सो गये, पता भी नहीं चला।

अब इसके बाद मेरी जिन्दगी कैसे बदल गई, अगले भाग में कि कैसे मैंने निकिता के साथ मजा लिया और कैसे मैं एक आम इन्सान से हाई क्लास कालबॉय बना !

आपको मेरी कहानी कैसी लगी, जरूर बतायें !

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

नौकरी में मस्ती

कुल भाग: 3
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

बिजनेस की सीढ़ी बना सेक्स-1
Office Sex

बिजनेस की सीढ़ी बना सेक्स-1

दोस्तो … मेरी पिछली कहानियांदोस्त का स्वागत बीवी की चूत सेऔरअधूरे मिलन की तड़पआपने पसंद की. धन्यवाद.

16 मिनट 953
कमाल की हसीना हूँ मैं-23
Office Sex

कमाल की हसीना हूँ मैं-23

मैं उत्तेजना में अपनी दोनों जाँघों को एक दूसरे से रगड़ रही थी और अपने दोनों हाथों से उन दोनों के तने हुए लौड़ों को अपनी मुठ्ठी में लेकर सहला रही थी। अब मुझे उन दोनों के चुदाई में देरी करने पर गुस्सा आ रहा था। मेरी चूत में मानो आग लगी हुई थी। मैं सिस...

10 मिनट 971
ऑफिस के लौंडों ने मुझे होली के दिन चोदा
Office Sex

ऑफिस के लौंडों ने मुझे होली के दिन चोदा

वाइल्ड Xxx कहानी में मेरे ऑफिस के सारे आदमी मेरी जवानी पर नजर रखते थे. होली वाले दिन ऑफिस में पार्टी थी. सब आये थे. सबने होली खेली मेरे जिस्म के साथ.

18 मिनट 303

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां
व

विशाल वेदक

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

h

haker_alfa2000

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

v

vickyji

4 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।