साली रोमांस जीजा कहानी में पढ़ें कि बहन की शादी के बाद जीजा अपनी साली को चोदना चाहता था तो छोटी बहन की शादी के बाद बड़ी बहन छोटी के पति पर डोरे डालने लगी.
दोस्तो, आपने मेरी कहानी के पहले भागजीजा गर्म, साली भी गर्ममें पढ़ा किदो बहनों में से एक की शादी के बाद जीजा अपनी साली के जिस्म का मजा लेना चाहता था. परहेज दोनों बहनों को भी नहीं था.
अब आगे साली रोमांस जीजा कहानी:
आधी रात के बाद रेखा की आँख खुली तो उसे बेड हिलता नजर आया.उसने सोने का नाटक करते हुए करवट ली तो अँधेरे में देखा कि मनीष माधुरी के ऊपर चढ़ा है, दोनों धकापेल चुदाई में मशगूल हैं. दोनों के कपड़े पूरे उतरे हुए हैं.
मनीष माधुरी के मम्मे बारी बारी से चूस रहा था.माधुरी बोली- क्या खा जाओगे इन्हें या रेखा के मम्मे समझ कर चूस रहे हो?
मनीष फुसफुसा कर बोला- जान आज रेखा के मम्मे चुसवा दे, मजा आ जायेगा.माधुरी बोली- नहीं, जो हो गया इससे ज्यादा अब कुछ नहीं.
मनीष ने अपनी रफ़्तार बढ़ाते हुए कहा- जानू, वादा कर रहा हूँ कि सिर्फ मम्मे चुसवा दो, फिर मैं सो जाऊंगा.माधुरी बोली- पहले मेरी आग तो बुझाओ.
रेखा की चूत पानी छोड़ गयी.उसका मन किया कि वह भी कपड़े उतार फेंके और उनके साथ लग जाए कि लो मेरी भी आग बुझा दो.पर उसने अपने पर काबू किया कि नहीं, उसे अनुज की अमानत अनुज को दी सौंपनी है. वो चुदाई नहीं करवाएगी.
इधर माधुरी मनीष के ऊपर चढ़ कर चुदाई करने लगी.उसके मम्मे और बाल लहरा रहे थे; वो हांफ रही थी.
मनीष की भी आहें निकल रही थीं.
रेखा के लिए सब कुछ असहनीय हो रहा था. पर वह न तो उनके साथ चुदाई में शामिल हो सकती थी, न ही उठ कर अपने कमरे में जा सकती थी.वह दम साध कर पड़ी रही और चुपचाप आहें निकालती रही.
माधुरी भी अब बेकाबू सी हो रही थी, वह बोली- आज तुम्हारी आखिरी बूँद तक निचोड़ दूँगी, वर्ना तुम रेखा को चोदोगे.मनीष बोला- तेरी जैसी चुदाई कोई नहीं कर सकता, पर जब से आज रेखा के मम्मों की झलक देखी है. मन तड़फ रहा है उन्हें चूसने के लिए!
माधुरी बोली- इसीलिए उसे भी मैंने बिना ब्रा के ही फ्रॉक पहनाई थी कि तुम्हें जन्नत के नज़ारे करा सकूँ.
अब मनीष ने नीचे से उछल कर धक्के देने शुरू किये तो एक झटके में माधुरी मनीष के ऊपर पसर गयी.दोनों का हो गया था. दोनों चिपट कर वहीं लुढ़क गए.
सुबह रेखा उठ कर अपने रूम में चली गयी.
थोड़ी देर में उठकर माधुरी भी आ गयी.रेखा ने उसे प्यार से झिड़कते हुए कहा- कमीनी, पूरी रात तो सोने नहीं दिया. ऊपर से मम्मे दबवा कर गर्म और कर दिया. रही सही कसार मनीष ने अपना मूसल मेरे हाथ में देकर पूरी कर दी. वो तो मैंने काबू कर लिया अपने ऊपर वर्ना लुट जाती मेरी इज्जत!
माधुरी ने उसे चूम कर कहा- ऐसे कैसे लुटने देती मैं? अभी तो तेरा ब्याह करना है. फिर पहले अनुज की इज्जत तू लूटियो, फिर मैं लूटूंगी.रेखा हंस दी, बोली- मेरा वाला तो सीधा सादा है. उसे कुछ पता भी नहीं होगा कि ये औज़ार लटका क्यों रहा है.दोनों हंस पड़ीं.
देर रात तीनों वापिस घर आ गए.
अगले दो महीने रेखा की शादी और फिर हनीमून में निकल गए.
माधुरी और रेखा की रोज बातें चटकारे लेकर होतीं. माधुरी तो रेखा की चुदाई गाइड बन गयी थी.
अनुज भी थोड़ा शर्मीला तो था पर चुदाई में पूरा था. उसे कामसूत्र का बड़ा चस्का था. उसने कामसूत्र की विडियो दिखा दिखा कर रेखा को हर स्टाइल में चोदा.दोनों न वक़्त देखते न जगह, अकेले रहते थे तो बस खाली समय में एक ही काम था चुदाई.
शुरू-शुरू में तो सब कुछ अच्छा चला, रेखा भी अनुज को नित नयी अदाओं से खूब रिझाती.
पर धीरे धीरे रेखा चुद चुद कर परेशान हो गयी थी.असल में वो अपने कैरियर के प्रति सजग थी.
शादी से ठीक पहले एक सरकारी स्कूल में उसकी जॉब लग गयी थी तो वो काम पर भी पूरा ध्यान देना चाहती थी.उधर अनुज भी दौरों पर जाता रहता था तो जितने दिन भी वो रेखा के पास रहता उसे चुदाई भरपूर चाहिए होती.
रेखा उसका साथ तो देती पर कभी कभी उसे इन सबसे झुंझलाहट हो जाती.इसी तरह छह महीने बीत गए.माधुरी से भी वो पिछले चार महीने से नहीं मिली थी.
एक दिन माधुरी ने रेखा को बताया- मनीष दुबई जा रहा है!तो रेखा बोली- तू मेरे पास आ जा!
माधुरी हंसी, बोली- मुझे बुला रही है अनुज के पास, देख ले मैं तो उस पर घुड़सवारी करुँगी.रेखा हँसती हुई बोली- तू बहुत बड़ी कमीनी है. तू बस आ जा!
माधुरी ने प्रोग्राम बनाया और शनिवार को पहुँच गयी रेखा के पास.रेखा ने उस दिन हाफ डे ले लिया था. अनुज की तो छुट्टी थी, तो वह घर पर ही था.
अनुज माधुरी से बहुत संजीदगी से मिला बल्कि माधुरी ने ही उसे छेड़ा- क्यों, क्या डर लगता है साली से?अनुज कुछ नहीं समझा, बस मुस्कुरा दिया.
मौसम खुशनुमा था, तीनों ने दो दिन खूब घूम फिर कर मस्ती की.
अब अनुज भी सहज हो चला था माधुरी के साथ.और कब तक नहीं होता … माधुरी बात बात पर उसे चूम लेती, गले लग जाती, रात को दोनों के बीच घुस जाती.
अब तीनों के नॉन-वेज मजाक भी शुरू हो गए.
सोमवार की सुबह रेखा को तो स्कूल जल्दी जाना था तो वह तो तैयार होकर नाश्ता करके चली गयी.अनुज सुबह 9.30 जाता था ऑफिस तो उसी ने बाद में नाश्ता बनाकर माधुरी को उठाया.
माधुरी ने उससे बनावटी नाराजगी दिखाते हुए कहा- कल से सुबह की सारी तैयारी मैं करुँगी.अनुज मुस्कुराते हुए बोला- क्या क्या करोगी?माधुरी बोली- नाश्ता बनाउंगी, घर सम्भालूंगी और तुम्हें सम्भालूंगी.
सुहागरात: मेरे पहले मिलन की रात
अनुज हंसा, बोला- मुझे क्या संभालोगी?तो माधुरी भी बेबाकी से बोली- नहला धुला कर राजा बेटा बना कर ऑफिस भेजूंगी.दोनों हंस पड़े.
अनुज जाने लगा तो माधुरी बोली- रेखा तो 2 बजे के बाद आएगी, मैं घर पर बोर हो जाऊंगी. तुम थोड़ी देर से चले जाना. फिर मैं भी तुम्हारे साथ चलती हूँ, मार्किट घूमूंगी, बाद में घर आ जाऊंगी.उसके हाँ कहने पर माधुरी फटाफट नहाने घुस गयी और झटपट तैयार हो गयी.अनुज उसे देखता रह गया.
माधुरी ने एक छोटी स्कर्ट और टॉप पहना था. वह बिल्कुल कॉलेज गर्ल लग रही थी.अनुज बोला- इतनी हसीं लड़की को मार्किट में अकेली कैसे छोड़ूंगा?
सुनकर माधुरी अनुज के गले से लटक गयी- तो फिर मत छोड़ो मेरे राजा. दोनों दिन भर मस्ती करेंगे, किसी पब में डिस्को करेंगे और रात को डिनर लेकर घर आयेंगे.अनुज हंस कर बोला- ऑफिस में बॉस से और घर पर बीवी से पिटवाओगी तुम!माधुरी ने अनुज को किस कर लिया. उसकी लिपस्टिक अनुज के गाल पर लग गयी.
हँसते हुए अनुज ने साफ़ किया और माधुरी का हाथ पकड़कर कार में बिठा लिया.अनुज ने उसको ऑफिस के पास ही एक मॉल में उतारा और कहा- अभी ऑफिस पहुंचकर फोन करके बताता हूँ कि कितनी देर में मैं तुमको मॉल में मिल सकता हूँ.
माधुरी मटकती हुई मॉल में चली गयी.आज वो भी माल लग रही थी.खूबसूरती के साथ ड्रेस सेन्स गजब का था उसमें!
अनुज का नसीब अच्छा था, आज उसके बॉस ने उसे फील्ड का कोई काम सौंपा तो अनुज ने उनसे कह दिया कि कुछ देर उसे अपना काम है तो वो दोपहर बाद कम्पनी का काम करेगा.अनुज सीधा मॉल में भागा और माधुरी को मिल लिया.
माधुरी लिपस्टिक ले रही थी. माधुरी ने एक महँगी लिपस्टिक ली.अनुज उसका पेमेंट करने लगा तो माधुरी ने हंस कर कहा- आज तुम्हारा वालेट खाली हो जाएगा और लिपस्टिक का पेमेंट तो तुम्हें करना ही चाहिए क्योंकि आधी तो तुम्हारे गालों पर ही लगेगी. इसपर अनुज झेंप सा गया.
दोनों ने दो-तीन घंटे खूब मस्ती की.उन्हें देखकर ऐसा लगता था कि दोनों की अभी अभी शादी हुईं है.
माधुरी ने आइसक्रीम ली तो अनुज ने उसी की कोन से चाट चाट कर आइसक्रीम खायी.
जब माधुरी नाईट ड्रेस देखने लगी तो अनुज इधर उधर होने लगा.तो माधुरी ने उसका हाथ पकड़कर अपने से सटा कर खड़ा किया, बोली- तुम ऐसे ही सट कर खड़े रहो, मुझे मालूम पड़ जाएगा कि कौन सी नाइटी बेड पर धमाल करेगी.
अनुज बोला- तुम्हें मेरे सट कर खड़े होने से कैसे मालूम पड़ेगा?माधुरी ने उसके कान में फुसफुसा कर कहा- तुम्हारी पैन्ट का उभार बता देगा.अनुज ने उसे हलके से चपत लगा दी.
माधुरी ने दो नाइटी लीं.अनुज ने बहुत कहा पेमेंट के लिए … पर माधुरी ने अपने कार्ड से पेमेंट किया.
दोपहर को माधुरी को मॉल से घर छोड़ता हुआ अनुज अपने काम पर चला गया.फ्लैट पर रेखा आ गयी थी.
माधुरी ने उसे मॉल से लिया सामान दिखाया पर जैसा अनुज और उसका तय हुआ था, माधुरी ने रेखा को यह नहीं कहा कि अनुज मॉल में उसके साथ था, बस यही कहा कि अनुज ने उसे मॉल से पिक किया और घर छोड़ते हुए अपने काम पर चला गया.
दोपहर को रेखा ने बाहर से लंच मंगवाया था.माधुरी ने उससे कह दिया कि कल से सुबह का ब्रेकफास्ट और लंच की जिम्मेदारी उसकी है.
दोनों बहनें शाम को फिर घूमने निकल लीं.आज तो दोनों गजब ढा रही थीं. जींस और टाईट टॉप्स.
लेट इवनिंग शो की उन्होंने टिकट बुक करा ली थी.अनुज को बता दिया था.वह सीधा उन्हें मूवी में मिल गया.
थियेटर में माधुरी फिर बीच में ही बैठी और पूरी मूवी अनुज का हाथ थामे रही.रेखा जानती थी कि उसे टोकने का कोई फायदा नहीं.
मूवी कुछ ज्यादा ही हॉट थी.अनुज के हाथ का दबाव इंटिमेट सीन्स पर बढ़ जाता.माधुरी भी नजर बचा कर उसे चिकोटी काट लेती.
डिनर लेकर घर आने पर माधुरी ने दरियादिली दिखाते हुए रेखा से कहा- चल आज रात की मूवी तुम दोनों अकेले बना लो, मुझे सुबह बताना कि क्या क्या किया.
रेखा कुछ बोलती इससे पहले माधुरी अपने कमरे में चली गयी और दरवाजा बंद कर लिया.सही मायनों में वो हॉट फील कर रही थी और अब उसे कुछ चाहिए था.
माधुरी ने बेड पर पहुंचकर अपने सारे कपडे उतारे और अपने बैग से वाइब्रेटर निकाला.वह मूवी देख कर बहुत असहज थी, ऊपर से अनुज के हाथ की गर्मी और नजदीकी ने उसके अंदर वासना की आग को जला दिया था.
उसने मनीष को विडियो काल की.मनीष बिजी था तो माधुरी ने अपने को वाइब्रेटर के हवाले कर दिया.उसने अपने को लिहाफ में ढक लिया था ताकि आवाज बाहर न पहुंचे.
15-20 मिनट की मसाज और पानी छोड़ने के बाद माधुरी उठी और शावर लिया.वह अपने लिए कॉफ़ी बनाने दबे पाँव रसोई में पहुंची.
रेखा और अनुज के गरमागर्म सेक्स की आहें बाहर आ रही थीं.माधुरी कॉफ़ी तो भूल गयी, दबे पांव रेखा के कमरे के बाहर पहुंची.
उनके रूम का डोर लॉक नहीं था, भिड़ा हुआ था.माधुरी ने आहिस्ता से पर्दा खिसकाया तो अंदर का नजारा खुल गया.
उनके रूम का डोर लॉक नहीं था, भिड़ा हुआ था.माधुरी ने आहिस्ता से पर्दा खिसकाया तो अंदर का नजारा खुल गया.
अंदर अनुज नीचे बेड के पास खड़ा होकर बेड पर नंगधड़ंग लेटी रेखा के मम्मे चूम रहा था.उसकी उंगलियाँ रेखा की चूत की मसाज कर रही थीं.रेखा कसमसा रही थी. वो बार बार उसे अंदर आने को कह रही थी.
अनुज ने रेखा को ऊपर सरकाया और उसकी टांगें चौड़ा कर उसकी चूत में अपनी जीभ घुसा दी.रेखा की आह निकल गयी, बोली- अब ज्यादा मत तड़फाओ और अंदर आ जाओ.
प्रिय दोस्तो, आपको इस साली रोमांस जीजा कहानी में आनन्द का अनुभव हो रहा होगा.अपने विचार लिखेंsupport@mohakkisse.com
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