राज फरीदाबादीमेरा नाम राज है और मैं फरीदाबाद दिल्ली का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 24 साल थी और लण्ड 7 इंच का है और मेरी पत्नी मेरे साथ बहुत खुश है।मेरी भाभी जिनकी उम्र 30 साल की है, वो काफ़ी सेक्सी हैं। उनका नाम सपना है, वो इतनी ख़ूबसूरत हैं कि जो भी एक बार उन्हें देख ले तो बस उनका दीवाना हो जाए। उनकी 36-26-36 के पैमाने वाली देह-यष्टि बहुत ही कामुक है।अब मैं उस वाकिये पर आता हूँ।मेरी उस समय शादी नहीं हुई थी, मेरी भैया की नई-नई शादी हुई थी। सपना भाभी को जब मैंने पहली बार देखा तब से ही मैं यह सपना देखने लगा था कि इस सपना को मैं एक बार ज़रूर चोदूँगा और उनके नाम से मुठ मारना शुरू कर प्रिया था।शादी के कुछ दिनों बाद ही भैया को ऑफिस के काम से एक महीने के लिए बाहर जाना पड़ा।तब भैया ने भाभी को समझाया- कोई परशनी नहीं होगी, तुम्हारे साथ राज तो है, यह तुम्हारी मदद करेगा।काश.. वो समझे होते कि सभी ज़रूरतों को मैं पूरा कर दूँगा यानि कि भैया ने सोचा नहीं था कि मैं उनकी बीवी को चोदूँगा।बस वो दिन आया और भैया चले गए।4-5 दिन बीत गए, अब भाभी को भाई की याद आने लग गई और उनको भाई का साथ चाहिए था। वो अकेलापन बर्दाश्त नहीं कर पा रही थीं, शायद उनकी चुदाई की भूख बढ़ गई थी। मैं तो उन्हें चोदने का बहुत दिनों से योजना बना रहा था।एक दिन मैं अपने कमरे में सोया हुआ था कि भाभी मुझे उठाने के लिए आईं। मैं सिर्फ़ अपने अंडरवियर में था। जब भाभी मुझे जगाने के लिए आईं तब उनकी नज़र मेरे तने हुए लण्ड पर गई। मैं भी जानबूझ कर वैसा ही पड़ा रहा।ख़ैर भाभी ने देखा और शरमाकर चली गईं।अगले दिन भी यही हुआ, अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था। अगले दिन जब भाभी मुझे उठाने के लिए आईं, तब मैंने उन्हें अपने पास खींच लिया और उनके होंठों पर एक चुम्बन जड़ प्रिया।भाभी भी 8-10 दिनों से भूखी थीं, उन्होंने भी मेरा सहयोग किया।फिर मैंने धीरे-धीरे उनके चेहरे पर और उनकी गर्दन पर चुम्बन करना शुरू किया।भाभी और गर्म होती गई, मैंने धीरे-धीरे उनकी गोलाइयों को दबाया और उन्होंने अब लम्बी साँस ली।अब मैंने उनका ब्लाउज उतार प्रिया। फिर उनकी साड़ी खोल दी। अब भाभी सिर्फ़ ब्रा और पैन्टी में रह गई थी।मैं उनके होंठों पर चुम्बन किए जा रहा था और उनके मम्मों को दबा रहा था। फिर मैंने उनकी ब्रा भी खोल दी।क्या मस्त लग रही थी वह..!उनकी बड़ी-बड़ी चूचियाँ मेरे सामने थीं और मैं पागल हुए जा रहा था। उसने अपने होंठों मेरे होंठों पर रख दिए और चूसने लगी। बड़ा मज़ा आ रहा था और वो मेरा लण्ड सहलाने लगी।मुझे लगा कि मैं सपना देख रहा हूँ या यहीं सपना भाभी के साथ हूँ।तब भाभी ने कहा- क्या सोच रहे हो?‘मैं आपके साथ हूँ.. कुछ और भी करना है..!’और उन्होंने मेरे कपड़े निकालने शुरू कर दिए और फिर उसने मेरा लण्ड अपने मुँह में ले कर चूसना शुरू किया।इससे पहले किसी औरत ने मेरा लण्ड नहीं चूसा था, मेरे मुँह से आह निकल गई- आआ..आहा.. भाभी… मज़ा आ रहा है!फिर वो बोली- अब रहा नहीं जा रहा है मेरे राज.. अपना लण्ड मेरी चूत में डाल दो!फिर उन्होंने मुझसे चोदने के लिए बोला और वो मेरे नीचे आ गई। मैंने उसकी चूत पर लण्ड रखा और धक्का मारा, चूत बहुत ज़्यादा तंग थी।लण्ड तो एक बार में पूरा चला गया, परन्तु अब उसको दर्द हो रहा था, तो बोली- इसको निकालो.. दर्द हो रहा है..!मैंने अपना चोदन थोड़ा रोका और भाभी के मम्मों को अपने होंठों से चूसा। भाभी कुछ ही क्षणों में अपना दर्द भूल कर अपने चूतड़ उठाने लगीं।‘आ…आहह.. मज़ा आ गया.. ज़ोर से चोद.. मेरे राज बजा दे इसका बैंड… हम्म म्म्म.. हम म्म्म्म मार डाल.. बुझा दे इसकी आग.. ओह्ह.. राज चोदो और जम कर चोदो… बहुत दिन के बाद मिली है ऐसी चुदाई मर गई रे… चोदो.. चोदते रहो ओई माँ.. हा.. आ.. और करो.. मर गई हम्म आह माज़ाअ आ आ..!’‘फ़च.. फ़च’ की आवाजें सारे कमरे में आ रही थीं। फिर थोड़ी देर बाद हम दोनों का माल निकलने को हुआ तो उसने मुझे कमर से कस कर पकड़ लिया और बोली- अब सारा माल मेरे ऊपर गिरा दो और फिर मेरे साथ लेट रहो और उन्होंने मुझ को अपनी बाँहों में कस लिया।हय.. क्या मैं सपना देख रहा था..!क़रीब 20 मिनट तक हम मस्ती करते रहे। फिर उसने मेरा लण्ड अपने हाथों से सहलाया और फिर अपने मुँह में लिया और चूसने लगी, जैसे कोई लॉलीपॉप चूस रहा हो। उधर मैंने उसकी चूत के होंठों को खोल कर देखा चूत बहुत लाल दिख रही थी और देखते ही देखते मैंने कब अपने होंठ दहकती चूत पर रख दिए, पता ही नहीं चला। क्योंकि चूत थी ही इतनी खूबसूरत और फिर मैंने अपनी जुबान चूत के अन्दर डाल दी। मैं और वो अब तो मदहोश हो रहे थे और सपना भाभी मेरे लण्ड के साथ खूब मज़ा ले रही थी। उधर मेरा लण्ड तो फिर से अपनी औकात पर आ गया।फिर भाभी बोली- अब की बार मुझको पीछे से चोदो..!मैंने उससे कुत्ते की तरह से चोदना शुरू किया, उनको बहुत मज़ा आ रहा था। वो हिल-हिल कर मज़ा ले रही थी और बोल रही थी ‘लण्ड को पूरा अन्दर पेल दो’ और बीच में ही वो झड़ भी गई, पर मेरा लण्ड अभी मस्त था। मैं भाभी को मस्त चोद रहा था। मेरा पानी नहीं निकल रहा था।वो कह रही थी ‘बस राज.. आज इतना ही रहने दो.. अभी तो हमारे पास काफी दिन हैं.. तुम रोज मेरी चूत और गांड की प्यास जरूर से बुझाना..!’मैंने कहा- थोड़ी देर और.. बस..!मैं लगातार धक्के मार रहा था। वो चिल्ला रही थी ‘मेरी जान.. गई ओह.. माँ.. मर गई अब तो छोड़ दे..!’फिर से उसका पानी निकल गया इसलिए ‘फ़च.. फ़च..’ की आवाज़ आ रही और मैं उनको जम कर चोद रहा था।वो कलप रही थी ‘बस.. बस्स्स्स आह.. मैं.. मर गई.. मार डाला.. हम्म कर निकाल दे.. अपना माल.. अगली बार तेरा सारा माल मैं पियूँगी.. ओह्ह.. माँ मर गई कितना मोटा है..’मुझे पता ही नहीं चला कब मैंने उसकी गांड से उसकी चूत पर आ गया।‘पूरा मज़ा प्रिया है आज.. तूने..!’मैंने माल-पानी उसकी चूत में निकाल प्रिया। फिर हम दोनों लेट गए।उसने कहा- राज.. तुमने तो मेरी चूत का भुरता बना प्रिया। तुम्हारे भाई ने मुझको कभी ऐसा नहीं चोदा..!अब भाभी को मैं रोज चोदने लगा और जब तक भाई आए हमने खूब मजे लिए।दोस्तो, कैसी लगी मेरे कहानी, अभी और किस्से भी हैं… बिल्कुल हकीकत… पर तभी लिखूंगा, जब आपका सहयोग मिलेगा।ईमेल जरूर करना !support@mohakkisse.com
सपना भाभी को सपना समझ कर चोदा
राज फरीदाबादी
28 Aug 2021 को प्रकाशित
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