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Hindi Chudai Kahani • पठन समय: 10 मिनट • पढ़ा गया: 765 बार

Shushma Ki Chut Me Ushma – Part III

vikky360001

01 Jun 2019 को प्रकाशित

Shushma Ki Chut Me Ushma – Part III
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Shushma Ki Chut Me Ushma – Part III

मैंने पहले ही दिन सुषमा की चूत की उष्माँ महसूस कर ली… यहाँ मजे होने वाले हे यही सोचने लगा..

अब कहानी आगे.. एक बात क्लियर कर दू के सभी अस्पतालों में ऐसा होता नहीं, यह तो में कहानी को रोचक बनाने लिख रहा हु. अस्पताल में नर्सेज और डॉक्टर्स अच्छे होते हे…वो जो सेवा करते हे कभीकभी हम अपने घर में भी नहीं पाते. मेरा मकसद नर्सेज और डॉक्टर्स को बदनाम करना नहीं हे. वो लोग काफी माननिय होते हे और में दिल से उनका सन्मान करता हु. कहानी की बाते कहानी तक ही सिमित रखे..

सुषमा: (सपना को आंख से सेक्सी इशारा करते हुए) अच्छा तो अब तुजे भी कुछ सिखने यहाँ आना हे, जब तेरी ट्रेनिंग हो रही थी तब तो कह रही थी की बहोत बोर हो रही हो…तब तो दिन में १० डाट खाती थी औ और सबनम…

सपना: हा सुष्माजी पर तब मुझे ऐसा माहोल भी तो नहीं मिला? (सुषमा ने आंखे निकाली तो सपना ने टॉपिक चेंज करते हुए)

सपना: अच्छा विकिजी आपके रहनेका क्या इंतजाम हुआ, सहिस्ता कह रही थी आप जूनी. डॉक्टर्स क्वाटर्स में रहेगे…हमारे पडोसी होंगे!!! (बिचमे सुषमा बोल उठी..)

सुषमा: क्यों..? तुजे कोई एतराज? अगर तुजे एतराज हे की डॉक्टर्स आपके बगल में आ रहे हे तो में तेरा क्वाटर ले लूगी और तुम कही बहार रह लेना..

सपना: अरे नहीं मेंम!! ये तो और भी अच्छा हे, नये साब आप से कुछ शिखेगे, हम उनसे फुरसत में कुछ न कुछ सिख लिया करेगे, क्यों साब हमें भी कुछ नया अनुभव करायेगे ना?

में: हां जी में तो आप को सबकुछ शिखाना चाहता हु पर पहले अपने अनुभवी गुरु हमें तो कुछ शिखा दे.., फिर हमें साथ ही सब करना हे, मिल के करेगे तो…. (सुषमा बिच में ही.. )

सुषमा: (सेक्सी अंगड़ाई लेते हुए) हां असली मजा सब के साथ आता हे, क्यों सपना ग्रुप बनायेगे?

सपना: वाव….इट्स ओके…मुझे तो अपने ग्रुप में शामिल कर ही लेना.. क्यों साब आप हमारे साथ काम करना पसंद करोगे???

(वो मेरी बगलवाली चेर पर खुश होते हुए मुस्कुराती बेठ गयी तो उसकी वाइट स्कर्ट जांघो तक आ गयी और उसमे से उसकी चिकनी बिना रोए की मखन सी मुलायम, गोरी जांघ मुझे दिखाई दी. मेरा लोडा अन्दर ही अन्दर फनफना के दस्तक देने लगा.. मैंने सुषमा देखे नहीं ऐसे टेबल के निचे से अपने हाथ से उसकी जांघ को अहिस्ता से दबाते हुए ….)

में: क्यों नहीं, मेने तो अबतक सिर्फ किताबे पढ़ी हे, असली अनुभव तो आपसे ही होगा…

मैंने हलके से उसकी जांघ पे हाथ फिराया, वो थोडा हट गयी, उसे करंट लगा…साली काफी सेक्सी थी.. (उसने अपना पैर मेरे पैर पे ठोका और हाथ हटाने का इशारा किया, मेने अहिस्ता उसकी चिकनी गोरी मुलायम जांघ से चुटी ली, उसने फिर पैर मारा)

सुषमा: विकी तुम अपना सामान लेके शाम ६ बजे जू. क्वाटर ९ में जाना, सपना ये ले चाबी, स्वीपर से क्वाटर साफ़ करा ले. और इनको यहाँ सेट होने में हेल्प कर..

में और सपना ऑफिस ने निकले, सपना ने पियोन को बुलाया और कहा साब का सामान क्वाटर ९ में ले आ.. मैंने उसे कार की चाबी दी और सपना की जुलते गोल मस्त चुतड को देखते हुए सपना के पीछे चला….चलते चलते में उसके चुतड को अहिस्ता से अपनी हथेली से चपत मार लेता और वो मुस्कुराते पीछे देखती तो में सॉरी कह देता…

हम लोग अपने क्वाटर पहुचे..मैंने देखा क्वाटर में काफी धुल थी क्योकि कोई रहता नहीं था..

में: सपना इसमें तो काफी सफाई करनी पड़ेगी.. तबतक में क्या करू? सपना ने इण्टरकॉम से सुषमा से कहा

सपना: मेंम क्वाटर में काफी सफाई करनी पड़ेगी, इसमें कोई रहता नहीं था तो काफी धुल मिटी जमी हे…साब को गेस्ट हाउस में भेज दू? क्वाटर कल तक ही ठीक होगा..

सुषमा: एक काम करो स्वीपर से सफाई करवालो में उसका आज का इंतजाम कर देती हु, अभी उसे फ्रेश होने अस्पताल के गेस्ट हाउस में भेज दो और शाम ६ बजे मेरे पास आने को कह दो.

में फ्रेश होक शाम ६ बजे सुषमा के पास पहुच, वो घर जाने को तैयारी कर चुकी थी…

में: में एक ऐरबेग में जरुरी सामान लेके आया हु..कहा रहना हे..?

सुषमा: मेरे घर…!! मेरे हसबंड इंग्लैंड गए हे और बच्चे पुणे पढाई कर रहे…चलो मेरे साथ…हम आपकी सुख सुविधा अच्छे से खयाल रखेगे और वैसे भी आज तो आपका पहला दिन हे और आप मेहमान हे…..

हम उसकी कार में बैठ उसके घर की और चले…में उसकी बगल वाली सीट पर बैठ गया.. उसने कार में ऐ.सी. चालू करके मस्त सेक्सी ट्यून चालू की..वो कार चलाने लगी, साली गजब की माल लग रही थी और में उसे किसी न किसी बहाने छूने को मचल रहा था, बिच बिच में वो मेरे हैण्डसम चहेरे को निहार लेती थी. उसने मुझे अपने बारे में पूछा, मेंने अपने और फॅमिली के बारे में बताता गया…फिर अपनी पढाई और कोलेज के बारे में बात करने लगा. बात करते करते में उसकी मस्त मोटी जांघ पे हाथ रख देता…वो जरा आंखे दिखाती और नकली गुस्सा करती मुझे हा हम्म्म जवाब दे रही थी…अब मैंने अपनी एक हथेली उसकी जांघ पे अच्छे रख दी, पर बाप रे उसकी जांघ ऐसी होने बावजूद काफी गर्मागर्म थी..में अपनी धीरज खो रहा था.. पर वो आंखे निकल कर बोली…

सुषमा: अरे सीधे बैठो..अच्छे बचे शरारत नहीं करते..

में: बच्चे को भूख भी लगती हे…

सुषमा: सब्र करो घर जाके पेट भर के खिलाऊगी, बच्चा क्या खायेगा..??

में उसकी जांघ को सिल्की साडी के ऊपर से बड़े प्यार से सहलाते हुए, कुछ मीठा कुछ नमकीन पर आप मेजबान हे, आप जो खिलायेगे वो ही खा लेंगे..

सुषमा: तुमे क्या पसंद हे?

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में: दूध…(वो चमकी), मखन, (बिच में वो बोल पड़ी)

सुषमा: दूध और मखन तो में बहोत खिलाउगी, और क्या खाना हे?

में अब सीधा लाइन पे ही आ गया..

में: सपना, सबनम और सुषमा तीनो साथ में… मैंने अपना हाथ उसकी चूत तक लेते हुए कहा..(वो नकली गुस्सा करते हुए अपने पैरो को और चौड़ा किया)..

सुषमा: तुम हमसब से बहोत पिटोगे, हम सब मिलके तुम्हारा कचुम्बर बनादेगे.. अगर सीधे ना रहे..तो…..मैंने जट से अपने ऊँगली उसके पैर के बिच में फसादी..ओह्ह्ह्हह्ह कितनी गरमी महसूस हुइ मेतो नशे में आ गया.. मेरे पेंट के ऊपर मेरे लंड ने तम्बू बना रखा था और वो उसे निहार लेती थी..

सुषमा: आह्ह्ह वि.की… एक्सीडेंट कराना हे..क्या?

मैंने ऊपर से उसकी चूत को रगड़ना सुरु कर दिया….वो बहोत ही कसमसा रही थी.. में ऊपर से ही ऊँगली से उसकी चूत के होंठो को रगड़ ने लगा…

सुषमा: ओह्ह..वि..की.. तु..म ब..होत…परेशान करते हो… में तुमे डिसमिस कर दुगी…

में: करो ना…(मैंने ऊँगली और दबाई तो मुझे उसकी पेंटी की पट्टी महसूस हुइ, मैंने अपनी ऊँगली पटी को हटाया तो मेरी ऊँगली उसके चूत के फाको तक पहुच गयी.. मेंने उसमे अपनी ऊँगली फसा दी…वो तड़प ने लगी, उसे मजा आने लगा…

सुषमा: वि..की…तुम बहोत…उतावले हो.. सी..सी.. जरा धीरे.. चुभता हे…अह्ह्ह्ह म्मम्ममाआआआआआआआआआ…रुको या…र… आऊच…

में; तुम गाड़ी चलाओ में गियर सम्भालता हु…

सुषमा: यार तेरे जैसा स्पीडी हॉट डॉक्टर मैंने आजतक नहीं देखा….हाआआअ बस रुको…अब्ब्ब….सीस सी कुछ होता…हे….

मैंने बैठे बैठे उसकी साडी को साइड कर उसकी जांघो को नंगा किया…..

सुषमा: उईईईईई…छोडो कोई देखेगा…उईई माँ बेशरम… घर तो आने दो…

मैंने साडी ऊपर कर अपनी ऊँगली टेडी कर सीधी उसकी चूत में घुसेड़ी तो उसकी गर्म चूत बहोत चिकनी और गीली थी.. मेरी ऊँगली गपक पक्क्क आवाज के साथ अन्दर घुस गयी…

सुषमा: आंखे मूंदकर आहे भर रही थी…अहह वि..की….बहोत…खुजली…आह्ह्ह्ह.सीस इससस…धीरे…आउच…ओह्ह्ह्ह माँ…..

उसने हाईवे पर एक पेड़ के निचे कार रोक दी…वो नशे में आ गयी थी और काफी गर्म हो चली थी.. उसके बदन की मीठी मादक करनेवाली मस्त खुश्बू महसूस हो रही…फूल को जितना मसलो उतनी ज्यादा खुश्बू देता हे..

सुषमा: या…र.. घर तो पहुचो…ऊऊफ़्फ़्फ़्फ़ उम्म्म क्या कर रहे हो… में पागल हो जाऊँगी…ऊऊईईईईईईईईईम्मम्मम्माआआआआआआआआआआआअ जोर से में जड़ रही हु…और करो…हाआआआआ बस वहा जोर से…जरा अन्दर…(वो पैरो को और फैला रही थी….)

जैसे ही उसका जोस बढ़ा.. मैंने अपनी ऊँगली निकाल ली…वो गुस्साई…

सुषमा: ऐईईईए अब पूरा करो…. सीस सी (वो अपनी ऊँगली से चूत खुजाने लगी…) सी सीसये क्या किया…(वो मेरा हाथ पकड़ कर अपनी चूत की और खीचने लगी….) उईईईई…वि….की….अब रगडो मेरा होने वाला हे बाबा मत तडपाओ.. जल्दी करो…..

में: अब घर चल के…

उसने गुस्से में साडी ठीक की और कहा…

सुषमा: तू घर आ…….साले आग लगाके ठंडा भी नहीं करता…

मैंने प्यार से उसके होठो को चूमा और कहा….

में: आ रहा हु मेम….

मुझे मेल करे….मेरी कहानी कैसी लगी.. आंटीया और भाभी मुझे बहोत पसंद हे. मुझे आग लगाना और अच्छे से बुजाना आता हे, एक बार पुकार के तो देखो.. हमें समंदर में डूब के तैरना आता हे…

दोस्तों मेरी ईमेल आई डी है “support@mohakkisse.com”। कहानी पढने के बाद अपने विचार नीचे कमेंट्स में जरुर लिखे। ताकी हम आपके लिए रोज और बेहतर कामुक कहानियाँ पेश कर सकें। डी.के

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Shushma Ki Chut Me Ushma

कुल भाग: 3
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