होम पर वापस जाएं
पहली बार चुदाई पठन समय: 2 मिनट पढ़ा गया: 483 बार

वो रात सुहागरात बनी-2

रंजन कोटा

05 May 2012 को प्रकाशित

वो रात सुहागरात बनी-2
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

रंजनबबिता की पूरी कहानी सुन कर एक बार तो मुझे उस पर दया आई और साथ ही यह विचार भी कि इतना खुल कर बबिता का मुझे सब कुछ बताना कहीं मुझे आमंत्रण तो नहीं?तब तो मैं बबिता को कुछ कह नहीं पाया, बस इतना जरुर कहा कि आपको डाक्टरी सलाह लेनी चाहिए।पर मुझे क्या पता था कि इतना राज मेरे सामने उगलने के पीछे क्या राज छुपा है।हम लगभग रात को 11 बजे रतलाम रेलवे स्टेशन पर पहुँचे, रात बहुत हो चुकी थी, इसलिए मैंने लॉज में रुकना ज्यादा उचित समझा। मैंने कई होटल व लॉज ट्राई किए मगर कमरे खाली नहीं थे।ऐसे में केवल एक लॉज में हमें एक कमरा मिल पाया, तो मैंने सकुचाते हुए बबिता से कहा- भाभी जी आप यहाँ रुक जाइए, मैं किसी और लॉज में कमरा ढूंढता हूँ।तो वो बोली- रंजन परेशान मत हो, हम एक कमरे में ही रुक सकते हैं।मुझे इसके पीछे छिपी उसकी मंशा का अंदाजा ना था, मैंने हल्के स्वर में सहमति दे दी।हमें जो कमरा मिला, वो छोटा सा था। उसमें एक डबल बेड के अलावा एक टी-टेबल थी और एक टीवी भी लगा था। कमरे के साथ ही अटैच बाथरुम था।कमरे में और गुंजाइश नहीं देखते हुए मैंने कहा- भाभीजी, आप यहाँ सो लीजिए में बाहर सो जाता हूँ।तो उसने कहा- कोई जरूरत नहीं… जब हम रुम शेयर कर सकते हैं… तो बेड क्यों नहीं..! तुम मेरे साथ इसी बेड पर सो जाना।अब मेरे दिमाग में एक कीड़ा घुस चुका था कि हो ना हो आज कुछ ना कुछ जरूर होने वाला है। खैर मैं बाहर गया और कुछ खाने के लिए व कोल्ड ड्रिंक की बोतल ले आया।कमरे का दरवाजा लगा हुआ था, मैंने दरवाजा बाहर से खटखटाया, तो अन्दर से बबिता की आवाज आई- खुला है, तुम आ जाओ।मैं दरवाजा खोल कर अन्दर गया तो मैंने देखा बबिता केवल ब्लाऊज व पेटीकोट में थी।

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

वो रात सुहागरात बनी

कुल भाग: 2
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

मेरा पहला सेक्स: साजन अनाड़ी सजनी खिलाड़ी
पहली बार चुदाई

मेरा पहला सेक्स: साजन अनाड़ी सजनी खिलाड़ी

मैं राजस्‍थान के एक छोटे से गॉंव का रहने वाला हूँ। यह कहानी तब की है जब मैं अठारह साल का था और शहर के एक अच्‍छे हास्‍टल में रह कर अपनी पढ़ाई कर रहा था। उस समय गर्मी की छुट्टियाँ बिताने मैं अपनी मौसी के गॉंव में जाया करता था। मेरी मौसी एक सम्‍पन्‍न...

14 मिनट 512
रूबी की सील तोड़ दी-2
पहली बार चुदाई

रूबी की सील तोड़ दी-2

Rubi ki Seal Tod di-2मुझसे सहा नहीं जा रहा था, मैंने कहा- अब और बर्दाश्त नहीं होता… तू सीधी होकर अपनी टाँगें फैला कर लेट जा.. अब मैं तुम्हारी चूत में लण्ड घुसा कर तुम्हें प्यार करना चाहता हूँ।

12 मिनट 1,050
मेरी चालू बीवी-31
पहली बार चुदाई

मेरी चालू बीवी-31

इमरानसलोनी ने मीनू का हाथ पकड़ कर खींच कर सीधे मेरे तने हुए लण्ड पर रख प्रिया और बोली- तू भी तो पागल है.. बदला क्यों नहीं लेती… तू भी देख ..कि कहीं तेरे भैया ने तो सूसू नहीं की.. हे हे हे हे…सलोनी के इस करतब से मैं भौंचक्का रह गया.. और शायद मीनू भी…हा...

3 मिनट 711

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।