इमरान ओवैश
सत्यापित कहानीकार (Verified)@imarana-ovasha
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
इमरान ओवैश की रचनाएं
हवसनामा: सुलगती चूत-2
मैं उस नये लड़के को नहीं जानती थी लेकिन रघु को तो जानती थी, कई बार अर्चनाओं में उसके नीचे खुद को मसलवा चुकी थी और उसके लिंग को अपनी योनि में ले चुकी थी।
शीला का शील-14
फिर यह लगभग रोज़ का ही सिलसिला हो गया।देर रात वह आ धमकता था, अक्सर उसके साथ कोई न कोई होता था जो रानो के साथ लग जाता था। जबकि खुद को उसने शीला के लिये जैसे रिज़र्व कर लिया था।
हवसनामा: सुलगती चूत-1
‘हवसनामा’ के अंतर्गत मैं यह तीसरी कहानी लिख रहा हूँ पारूल नाम की एक चौबीस वर्षीय महिला की, जिसके जीवन में सेक्स की कितनी अहमियत थी, यह उससे बेहतर कोई नहीं समझ सकता था और सालों साल इसके लिये तड़पने के बाद आखिर एक दिन उसने इसे हासिल भी किया तो बस एक ...
शीला का शील-13
चंदू ने एक हाथ से उसके नितम्ब को दबोचते हुए दूसरा हाथ शीला के सर के पीछे दबाव बना कर उसे अपने बिल्कुल पास कर लिया, दोनों की सांसें एक दूसरे के नथुनों से टकराने लगीं।
शीला का शील-11
‘सुन रानो, अगर यह लाइट बंद कर दें तो? हमेशा धड़का लगा रहता है मन में कि बबलू या आकृति में से कोई नीचे न आकर देख ले जैसे तूने देख लिया था।’
शीला का शील-10
एक अजीब सी अनुभूति उसे और हुई… जैसे उसकी योनि में खुजली सी हो रही हो और जिसे मिटाने के लिये उसे अपनी योनि को ऊपर नीचे करके उसे घर्षण देना होगा।
शीला का शील-9
उन दोनों की ही कोशिशों से वह जल्दी ही इस झटके से उबर गई और उसने महसूस किया कि उसकी योनि में उठी दर्द की लहरें अब ठंडी पड़ रही थीं।उसके चेहरे पर राहत के आसार आते देख सोनू ने लिंग को पीछे खींचा और शिश्नमुंड तक बाहर निकाल कर फिर वापस अंदर ठेल प्रिया।
शीला का शील-8
रानो ने कमरे से निकलते वहाँ जलते नाईट बल्ब को बुझा प्रिया था और बाहर निकल गई थी और एक मिनट बाद जब वापस आई थी तो उसे महसूस हुआ कि साथ में कोई और है।रानो ने दरवाजा बंद किया होगा और अंधेरा और गहरा गया।
शीला का शील-7
कुछ देर बाद जब रंजना अंदर आई तब हमारा ध्यान भंग हुआ। वह दो गिलास दूध लिये थी जो उसने हम दोनों को ही पिलाया।फिर सोनू को अपनी सफाई की ताकीद करके मेरी सफाई की और उस दिन यह सिलसिला वहीं ख़त्म हुआ।
शीला का शील-6
पांच मिनट बाद वह आया और मेरे पास बैठ गया- सॉरी दीदी, शायद मैं ही अनाड़ी हूँ, आप तो लड़की हो, मुझे ही सही से हैंडल करना चाहिए था।‘तो अब कैसे हैंडल करोगे?’ मैंने मुस्कराते हुए कहा।
शीला का शील-5
मैं यह नहीं कह सकती कि मैंने कभी लिंग देखा नहीं था, चाचा का देखा था, उतना बड़ा तो नहीं पर फिर भी बड़ा था… सात इंच तक तो ज़रूर था और वैसे ही मोटा भी।