इमरान ओवैश
सत्यापित कहानीकार (Verified)@imarana-ovasha
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
इमरान ओवैश की रचनाएं
शीला का शील-4
शीला का दरवाज़ा अभी भी बंद था… उसने शीला को पुकारते हुए दरवाज़ा खटखटाया। दो तीन बार खटखटाने के बाद दरवाज़ा खुला।सामने शीला लाल आँखें लिए खड़ी थी… देख कर ही अंदाज़ा होता था कि रो रही थी।
शीला का शील-3
अगले दो दिन सामान्य गुज़रे… चाचा कोई नार्मल तो था नहीं कि जो चीज़ अच्छी लगती है वह सिर्फ अच्छा लगने के लिए रोज़ करे, बल्कि तभी करता था जब उसका शरीर इसकी ज़रूरत समझता था।
शीला का शील-2
रानो भले ही शीला की सखी जैसी बहन थी लेकिन चाचा का हस्तमैथुन और इसके बाद उसके लिंग और जहां-तहां फैले उसके वीर्य को साफ़ करना एक ऐसा विषय था जिसपे दोनों चाह कर भी बात नही कर पाती थीं।
शीला का शील-1
उसका नाम शीला था।वही सांवली सी आम लड़की जिसका ज़िक्र मैंनेवो सात दिन कैसे बीतेमें किया था।
अधूरी ख्वाहिशें-11
पिछले भाग में आपने पढ़ा कि कैसे रज़िया मेरे और नितिन के साथ मज़े लेने के लिये तैयार हो गयी थी और मैं उसे नितिन के कमरे में ले आया था और हमने मज़े शुरू कर दिए थे.. अब आगे पढ़ें-
अधूरी ख्वाहिशें-10
पिछले भाग में आपने पढ़ा कि कैसे सारी कहानी सुना चुकने के बाद रज़िया ने अपनी माँ से अपनी तुलना करते हुए अपनी बदनसीबी ज़ाहिर की थी कि उसे ज़मीर अंकल जैसी कोई सुविधा नहीं और मैंने सवाल पूछा था कि क्या मैं उसके “काश” का जवाब बन सकता था।अब आगे पढ़िये-
अधूरी ख्वाहिशें-9
भाई बहन की चुदाई की कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि कैसे मौका मिलते ही मेरा भाई समर हम दो बहनों सर मुसल्लत हो जाता है और पहले पानी से भीगे गलियारे और फिर बाथरूम में खेल करता है और हम बुरी तरह गर्म हो जाते हैं।अब आगे पढ़िये..
अधूरी ख्वाहिशें-8
पिछले भाग में आपने पढ़ा कि कैसे एक मौका मिलने पर हम राशिद के कमरे तक गये और वहां ब्लू फिल्म दिखा कर राशिद हम दोनों के साथ उसी अंदाज में सेक्स किया।अब आगे पढ़ें:
नंगी आरज़ू-10
“चल बे तू आ अब … और जैसे मैं कहती हूँ वैसे ही डालना।” उसने अमित से कहा।फिर वह दीवार से सट गयी सीने की तरफ से और दोनों हाथ से अपने फ्लैट से नितम्ब पकड़ कर इस तरह फैलाये कि उसकी गुदा का छेद हमें दिखने लगा जो इस तरह कूल्हे चीरने से कुछ हद तक फैल गया था।
अधूरी ख्वाहिशें-7
पिछले भाग में आपने पढ़ा कि कैसे राशिद ने हम दोनों को अपने कमरे में बुलाया और कंप्यूटर पर ब्लू फिल्म दिखाने लगा।अब आगे पढ़ें..
नंगी आरज़ू-8
“मुझे सिगरेट की महक बड़ी अच्छी लगती है …. वैसे तुम लोगों ने जो बोतलें किचन के कबाड़ वाले केबिन में छुपाई हैं …. वे भी देखी मैंने। कहो तो ले आऊं …. मेरी वजह से तुम्हारे शौक क्यों मरें। भाई ने बताया था कि रोज रात को पीने की आदत है तुम लोगों को!”दोन...
अधूरी ख्वाहिशें-6
पिछले भाग में आपने पढ़ा कि कैसे अहाना ने मुझे मानसिक रूप से तैयार करके अपनी उंगली से मेरी सील तोड़ी.अब आगे पढ़िये: