नेहा रानी
सत्यापित कहानीकार (Verified)@naha-rana
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
नेहा रानी की रचनाएं
शादी में दिल खोल कर चुदी -8
मेरे कामुक दोस्तो, अब तक आपने पढ़ा..मैं भी अरुण के लण्ड पर चूत उछाल कर चुदने लगी। धीरे-धीरे अरुण मेरी चूचियाँ मसकते हुए ‘गचा-गच..’ लण्ड मेरी चूत में पेलते जा रहे थे। मेरी चूत से ‘फच- फच’ की आवाजें आती रहीं।मेरी चूत लण्ड खाती जा रही थी ‘ऊऊहह.. उईई.....
शादी में दिल खोल कर चुदी -7
मेरे कामुक दोस्तो, अब तक आपने पढ़ा..उसके लण्ड की पिचकारी मेरे मुँह के अन्दर चली गई, उसका लण्ड वीर्य छोड़ रहा था। मैंने सारे रस को, लण्ड को चाट कर साफ कर दिया।
शादी में दिल खोल कर चुदी -6
मेरे कामुक दोस्तों अब तक आपने पढ़ा..पति ने मुझे कसके पकड़ कर कहा- नेहा.. मैं झड़ने वाला हूँ..कहते हुए उन्होंने थोड़े जोर के धक्के लगा कर मेरी चूत में वीर्य की तेज धार छोड़ी, साथ ही मेरे चूचों पर अपना सिर रख कर हाँफने लगे। मैंने भी उनके लंड के गर्म वी...
शादी में दिल खोल कर चुदी -4
मेरे कामुक दोस्तो, अब तक आपने पढ़ा..मेरे पीछे से किसी ने मुझे ‘भाभी जी..’ कहकर पुकारा.. मैं चौंक कर पीछे देखने लगी। करीब 27-28 साल का एक युवक था.. बड़ा हैन्डसम.. स्मार्ट सा.. वो मेरे करीब आया और बोला- आपको उधर अरुण भाई साहब बुला रहे हैं।मैं बोली- कि...
शादी में दिल खोल कर चुदी -3
मेरे प्यारे कामुक दोस्तो.. आपने मेरी इस नई कहानी के पिछले भाग में पढ़ा..मैं अपने पति के साथ उनके एक दोस्त की शादी में दोस्त के जीजाजी अरुण मोदी से चूत लड़ा बैठी और उन्होंने मुझे दोनों तरफ से खूब बजाया और मैं भी पूरी मस्ती से चुदी।अब आगे..
शादी में दिल खोल कर चुदी -1
मेरे प्यारे दोस्तो, आप लोगों ने मेरी कहानीआज दिल खोल कर चुदूँगीपढ़ी.. उसे पसंद किया.. और उसके बाद आप लोगों ने ईमेल के माध्यम से जो प्यार दिया है.. इसके लिए मैं नेहा रानी.. आप सभी का बहुत बहुत आभार व्यक्त करती हूँ।
आज दिल खोल कर चुदूँगी-21
अब तक आपने पढ़ा..मेरा पानी निकलने वाला था और दीपक ‘गपगप.. खचखच..’ लण्ड मेरी चूत में पेले जा रहा था।मैं इस मस्त चुदाई की मस्ती में अपनी गाण्ड उठा कर चरम पर आ गई ‘आहहह.. सीसीसीईई.. आह.. उउउउइ.. आह.. धीमे आह.. मैं गई राजा.. आह.. म्म्म्ममी.. आहसीईई..’म...
आज दिल खोल कर चुदूँगी- 18
अब तक आपने पढ़ा..मैं महमूद से लिपट कर बुर का पानी निकालने लगी.. पर महमूद अभी भी शॉट लगा रहा था और झड़ती बुर पर शॉट पाकर मेरी बुर का पूरा पानी निकल गया। मेरी पकड़ ढीली पड़ गई।इधर महमूद अभी भी धक्के लगाए जा रहा था। मेरे झड़ने के 5 मिनट की चुदाई के बाद मह...
आज दिल खोल कर चुदूँगी-12
अब तक आपने पढ़ा..मैंने एक झटके से विनय के मोटे तगड़े और खड़े लण्ड को पकड़ लिया।‘यह है केला.. अब जल्दी से निकालो और खिलाओ।’विनय को भी अब चुदास चढ़ गई थी और वो भी नाटक करते हुए बोला- मेमसाब यह केला मुँह से खाने के लिए नहीं है।