गे सेक्स स्टोरी
कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।
मुंबईकर का मूसल
पुराने पाठक और प्रशंसक मुझे जानते हैं। नए पाठकों को बता दूँ मैं एक गांडु हूँ। बहुत बड़ा वाला गांडु। दो सौ लोगों से पाँच सौ से अधिक बार अपनी मखमली गांड मरवा चुका हूँ। नाम है चंद्रप्रकाश मगर चन्दा कहलाना अच्छा लगता है। जब कोई चंदा कहता है तो बहुत अच्...
मेरा सच्चा दोस्त बाबा: एक गे स्टोरी
यह कहानी मैं अपने दोस्त बाबा को समर्पित करना चाहूंगा.
ट्रक में चुद कर सुहागरात मना ली
ये बात तब की है, जब मैं 18 साल का था. मैं जयपुर में पढ़ता था. मैं हर दूसरे महीने अपने घर उदयपुर आ जाया करता था. कुल नौ दस घंटे का रास्ता था, तो दिन मैं चार बजे की बस पकड़ के बारह घर पहुंच जाया करता था.
मेरी बीवी की उलटन पलटन-7
कई दिन बाद:
मेरी बीवी की उलटन पलटन-1
मेरी पिछली कहानीदिल मिले और गांड चूत सब चुदीमें आपने पढ़ा कि कैसे मेरे मन में लड़की जैसे भाव आते थे और मेरे एक रूममेट ने मुझे पूरा गांडू बना दिया.
बांके जवान दोस्त से पहली बार गांड मराई
दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी उस वक्त की है, जब मुझे गांड मरवाने का शौक लगा. उस वक्त मेरी उम्र 25 साल की थी, जब मैंने पहली बार इस गांड मारने की विधा का अनुभव किया.
रज़ाई में भाई का लंड चूसा
दोस्तो, मेरा नाम हर्षित है. मैं पंजाब के होशियारपुर जिले का रहने वाला हूँ. मेरा रंग गोरा है और शरीर बिल्कुल लड़कियों की तरह है. मुझे बचपन से ही लड़कियों की तरह रहना पसंद है. जब मैं बड़ा हुआ तो उसके बाद मैं चोरी-छिपे लड़कियों की तरह तैयार होकर भी द...
मेरी गांड मराने की शुरूआत
हैलो फ्रेंड्स, मेरी पहली कहानीचलती बस में गांड मराई की हसीन रातके लिए आप लोगों के मुझे बहुत सारे ईमेल आए, जिनसे मुझे मालूम हुआ कि मेरी कहानी आप सभी को बहुत अच्छी लगी. इतना अच्छा रिस्पोंस मिलने से मेरा उत्साह काफी बढ़ा और उसी प्यार की वजह से मैं फिर...
मस्त गे अंकल की गांड मारी
नमस्कार दोस्तो, कैसे हैं आप सभी … आशा करता हूँ कि आप बिल्कुल ठीक होंगे. दोस्तों आपने मेरी पिछली कहानीट्रेन में मिले एक गाण्डू अंकलतो पढ़ी ही होगी, यदि नहीं पढ़ी है, तो जरूर पढ़ें.
गांड मराने की चाहत ट्रेन में पूरी की
वैसे तो मेरी शादी हो चुकी है और मेरी वाइफ भी मुझसे बहुत खुश है. हमारी सेक्स लाइफ भी अच्छी है. हम तकरीबन एक या दो दिन बाद सेक्स कर लेते हैं. हम दोनों एक दूसरे से सॅटिस्फाइड हैं. पर न जाने क्यों अब भी मुझे एक अलग सी चाहत रहती है … मेरी वो चाहत है लं...
जूनियर लड़के से गांड की सेवा करवायी
बहुत दिनों तक शराफ़त का नकाब ओढ़ कर, हस्तमैथुन की तकनीकें उपयोग कर मैं बोर होने लगा रहा था। एक डिल्डो भी खरीदा ऑनलाइन शॉपिंग करके … पर कहाँ असली माल और कहाँ नकली, कोई मुक़ाबला नहीं। वैसे तो मेरे सुडौल नितंबों की झलक किसी को भी दीवाना कर सकती थी, पर क...
काम प्रपंच: दोस्तों के लंड
मैं स्कूल के समय से ही अपने दोस्तों के प्रति आकर्षित रहता था. उस समय लगता था कि ये तो दोस्ती वाला आकर्षण ही है. उस समय तो गे सेक्स के बारे में कुछ जानता भी नहीं था और सोच भी नहीं सकता था. फिर जैसे जैसे उम्र बढ़ती गई, समझ भी आती गई. कोलेज के उन दिनो...