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Hindi Sex Story पठन समय: 7 मिनट पढ़ा गया: 525 बार

बहन का लौड़ा -17

पिंकी सेन

09 Jan 2022 को प्रकाशित

बहन का लौड़ा -17
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राधे का लौड़ा फिर खड़ा हो गया। रात भर में उसने मीरा को चोद-चोद कर अपने लौड़े की दीवानी बना लिया। पता नहीं कब दोनों चुदाई से थक कर नंगे ही सो गए।

अब आगे..

दोस्तो, रात की लंबी चुदाई के बाद दोनों इतनी गहरी नींद में सोए कि बस क्या बताऊँ।

सुबह के 7 बजे ममता रोज की तरह अपने काम पर आ गई.. मगर आज मीरा सोई हुई थी। उसको ना देख कर ममता ने खुद से कहा कि बीबी जी रोज वक़्त पर उठ जाती हैं.. आज क्या हुआ.. उठी क्यों नहीं.. तबीयत तो ठीक है ना?बस यही सोच कर वो कमरे के दरवाजे को ठोकने लगी।

ज़ोर-ज़ोर से दरवाजे को खटखटाते हुए ममता बोल भी रही थी- आज क्या हो गया.. उठी नहीं क्या?जिससे मीरा की आँख खुल गई।

मीरा का पूरा बदन दर्द कर रहा था.. खास कर चूत में बहुत सूजन आ गई थी। रात को तो मारे मज़े के वो गाण्ड उछाल कर चुदवा रही थी। अब उसका दर्द से बुरा हाल हो गया था और पूरा जिस्म बुखार से तप रहा था।

मीरा- उहह राधे.. उठो उहह.. देखो बाहर शायद ममता आ गई है.. उठो.. उसने अगर देख लिया.. तो गजब हो जाएगा।

राधे अंगड़ाई लेता हुआ उठा और मीरा को देख कर मुस्कुराने लगा।

मीरा- जाओ ममता को जवाब दो.. नहीं तो वो इस तरह तो पूरे शहर को हल्ला करके बता देगी कि आज मीरा उठ नहीं रही है।राधे- यह काम तो तुम भी कर सकती हो..मीरा- नहीं राधे.. मुझे बहुत तेज बुखार है और पूरा बदन दुख रहा है… तुम उसको कह दो ये सब!

राधे ने मीरा की हालत समझते हुए ममता को आवाज लगा कर बोल प्रिया कि मीरा बीमार है आज स्कूल नहीं जाएगी।

ममता ने कई सवाल किए.. मगर राधे तो राधा था ना.. उसने सब संभाल लिया।

ममता ने कहा- नाश्ता बना रही हूँ.. नहा लो.. उसके बाद दवा दे देना.. सब ठीक हो जाएगा।राधे- जान.. तुमको तो बहुत बुखार हो गया.. ऐसा करो नाश्ता कर लो और दवा ले लो.. ठीक हो जाओगी।

मीरा- मेरे प्यारे राधे.. पहले तुम नहा कर मेरी दीदी बन जाओ.. उसके बाद मैं उठ जाऊँगी.. नहीं तो ममता अगर तुम्हारा ये शैतान जैसा लौड़ा देख लेगी ना.. तो बेहोश हो जाएगी।राधे- अगर देख लेगी.. तो उसकी चूत में भी खुजली शुरू हो जाएगी.. बहुत कम औरतों को ऐसा तगड़ा लौड़ा नसीब में होता है।

मीरा- हाँ सही कहा तुमने.. ममता अक्सर अपने पति की कहानी सुनाती है.. कि उसका बहुत छोटा सा है.. मज़ा नहीं आता और दूसरी बात.. वो माँ बनना चाहती है.. मगर उसका पति इस लायक नहीं.. दो मिनट में ठंडा हो जाता है।

राधे- अरे तो इसमें क्या है.. मैं हूँ ना.. बुलाओ उसको.. अभी उसकी तमन्ना पूरी कर दूँगा।मीरा- शर्म करो.. रात को हमारी शादी हुई है.. और अभी से तुम्हारा मन मुझसे भर गया.. जो दूसरी औरत को चोदने की बात कर रहे हो।सराधे- मेरी जान.. मैं मजाक कर रहा था अगर चोदने का इतना बड़ा हब्शी होता.. तो तुमको कब का चोद देता.. समझी मैं तो बस ऐसे ही बोला।

मीरा- वैसे एक बात कहूँ.. तुमने जो कहा.. अगर वैसा हो जाए.. तो बेचारी ममता खुश हो जाएगी।राधे- ओ हैलो.. क्या बकवास कर रही हो..? मैं क्यों उसको बच्चा दूँगा.. मैं तो तुम्हें अपने बच्चों की माँ बनाऊँगा यार।मीरा- अच्छा अब ये बातें बन्द करो.. जाओ नहा लो।

राधे नहा-धोकर अपने लड़की वाले रूप में बाहर निकल आया.. तब तक मीरा ने भी कपड़े पहन लिए और कमरे का दरवाजा खोल कर सो गई।

ममता कमरे में आई.. मीरा का जायजा लिया.. उसको बुखार था। ममता ने ज़बरदस्ती उसको उठाया.. मुँह धुलवा कर नाश्ता करवाया.. दवा दी.. मगर इन सब के दौरान मीरा को चलने में बहुत तकलीफ़ हो रही थी.. जो ममता से छुपी ना रह सकी। मीरा ने बहुत कोशिश की.. सीधा चलने की.. मगर उसकी चाल से ममता को समझते देर नहीं लगी कि माजरा क्या है।

ममता- ही ही बीबी जी.. ये क्या हुआ कब से देख रही हूँ आपकी चाल को.. क्या हो गया.. ऐसे-कैसे चल रही हो.. जैसे रात किसी ने..!ममता बोलते-बोलते चुप हो गई.. मीरा भी उसकी अधूरी बात को समझ गई मगर अनजान बनकर उसने पूछा।

मीरा- क्या मतलब है तुम्हारा..? क्या रात किसी ने क्या.. पूरा बोलो.. अब चुप क्यों हो गई.. बोल दो.. जो कहना है।ममता- माफ़ करना बीबीजी.. चमड़े की ज़ुबान है.. फिसल गई मगर आप ऐसे लंगड़ा कर क्यों चल रही हो.. आपको तो बुखार है ना।मीरा- रात को बाथरूम में फिसल गई थी समझी.. वैसे तुम कहना क्या चाह रही थीं?

ममता- बुरा मत मानना बीबी जी.. ऐसी हालत तभी होती है.. जब कोई बहुत बुरी तरह से चुदवा कर आती है।मीरा- ममता चुप रहो.. कुछ भी बोल प्रिया.. मैं किसके पास जाऊँगी.. तुम भी ना बस।

ममता की बात से मीरा का चेहरा शर्म से लाल हो गया।मीरा- अच्छा ममता तेरी तो शादी हो गई है.. तू अक्सर अपने पति की बात बताती है.. लेकिन मैंने कभी ध्यान नहीं प्रिया आज बता ना.. तेरे पति तुझे मज़ा तो खूब देते होंगे ना?

ममता- काहे का मज़ा.. बीबी जी उसमें कहाँ दम है.. दारू पीके टुन्न हो जाता है… मैं अपनी जवानी की आग में तड़फती रहती हूँ.. वो सोया रहता है.. उसके लौड़े को खड़ा करने की नाकाम कोशिश करके.. मैं भी थक-हार कर सो जाती हूँ.. काश.. कोई तगड़ा लौड़ा मिल जाता.. तो जवानी का मज़ा ही आ जाता।

ममता सिसकारियाँ लेकर बोल रही थी.. तभी राधे भी वहाँ आ गया।

राधा- क्या बात हो रही है.. मैं भी तो सुनूँ।मीरा- दीदी ये ममता है ना.. देखो कैसी बातें कर रही है.. खुद का पति तो इसको खुश रखता नहीं.. मेरे बारे में उल्टा-सीधा बोल रही है और किसी दूसरे आदमी के बारे में बता रही है।ममता- अरे बीबी जी चुप रहिए.. मैंने तो बस मजाक किया था।राधा- अरे शर्माती क्यों है.. बता मुझे भी तो पता चले.. कैसी बातें हो रही थीं।

ममता शर्मा जाती है और रसोई की तरफ भाग जाती है।दोस्तो, आपको मेरी कहानी पसंद आ रही होगी.. आपके पत्रों का भी बेसब्री से इन्तजार है।support@mohakkisse.com

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