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जवान लड़की पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 1,341 बार

बहन का लौड़ा -47

पिंकी सेन

19 May 2022 को प्रकाशित

बहन का लौड़ा -47
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रोमा एकदम पागल सी हो गई थी.. ना जाने.. उसमें इतनी उत्तेजना कैसे पैदा हो गई.. वो बस धीरज को चूमे जा रही थी और लौड़े को तो ऐसे चूस रही थी.. जैसे उसमें से अभी अमृत निकलने वाला हो और उसे पीकर वो अमर हो जाएगी।रोमा का यह रूप देख कर तो धीरज भी हैरान हो गया था।धीरज- उफ़.. आह्ह.. अरे मेरी जान.. आह्ह.. आज क्या हो गया है तुम्हें.. उफ़.. आह्ह.. चूसो आह्ह..।

रोमा ने लौड़ा मुँह में पूरा ले रखा था और एक हाथ से वो अपनी चूत को सहलाए जा रही थी। कुछ देर बाद रोमा ने लौड़ा मुँह से निकाला और धीरज को बिस्तर पर लेटा प्रिया.. खुद लपक कर उसके मुँह पर बैठ गई..

अब आगे..

धीरज समझ गया कि रोमा चूत को चटवाना चाहती है।अब धीरज भी बड़े प्यार से उसकी चूत चाट रहा था.. कुछ देर बाद धीरज ने रोमा को नीचे लेटाया और लौड़ा उसकी चूत में पेल प्रिया। वो बहुत ज़्यादा उत्तेजित हो गया था.. सो स्पीड से रोमा को चोदने लगा और रोमा भी उसका साथ देने में लगी हुई थी..दोनों की उत्तेजना भड़की हुई थी और ये चुदाई ज़्यादा देर नहीं चल पाई। धीरज का लौड़ा चूत की गर्मी को सहन नहीं कर पाया और मोमबत्ती की तरह पिघल गया।

अब रोमा को घर जाने की जल्दी थी और चूत की आग पूरी तरह कम नहीं हुई थी.. तो वो दोबारा धीरज को तैयार करने लगी और जल्दी ही दोनों फिर से चुदाई की दुनिया में खो गए।इस बार धीरज ने रोमा को पहले अपने लौड़े पर कुदवाया.. बाद में उसे घोड़ी बना कर चोदा और उसकी चूत को बड़े मज़े से चोदता रहा।मजेदार चुदाई के बाद रोमा ने समय देखा और धीरज से कहा- तुम प्लीज़ मुझे जल्दी से मेरे घर के पास छोड़ आओ.. माँ को आधा घंटा बोल कर आई थी.. और एक घंटा से ऊपर हो गया है।

दोनों तैयार होकर गाड़ी में जाकर बैठ गए।रोमा- ओह्ह.. धीरज अब जाकर मेरी चूत को आराम मिला है.. पता नहीं अब रोज-रोज मैं कैसे आ पाऊँगी..धीरज- मेरी जान.. मेरा भी हाल तुम्हारे जैसा हो गया है.. प्लीज़ कैसे भी करके रोज आ जाना.. नहीं तो मैं तुम्हारे बिना तो मर ही जाऊँगा..रोमा- धीरज प्लीज़.. दोबारा ऐसी बात मत कहना.. मैं आने की कोशिश करूँगी.. तुमने मुझे किसी को बताने से मना किया है.. नहीं तो मेरी फ्रेण्ड हमारी मदद कर सकती है।

धीरज- कौन फ्रेण्ड.. वो.. जो तुम्हारे साथ थी.. हाँ उसको बता दो.. ये सही रहेगा.. वो हमें मिलने में मदद कर सकती है।बातों-बातों में कब रोमा का घर आ गया.. पता भी नहीं चला..

रोमा- धीरज बस यही रोक दो.. आगे मैं चली जाऊँगी..धीरज- कल आओगी ना.. मेरी जान?रोमा- ठीक है मेरे जानू.. आ जाऊँगी.. अब जाओ.. कोई देख लेगा..

धीरज वहाँ से चला गया और रोमा अपने घर आ गई.. वैसे उसकी माँ ने उसको गुस्सा किया.. मगर उसने कुछ बहाना करके माँ को शान्त करा प्रिया।

रात को मीरा और राधे बातें कर रहे थे तभी दिलीप जी आ गए।मीरा- ओह्ह.. पापा हम आपका ही इन्तजार कर रहे थे।दिलीप जी- अरे मैंने फ़ोन पर बताया तो था.. मुझे देर हो जाएगी.. तुम दोनों खाना खा लेना..राधा- नहीं पापा.. आप इतने दिनों बाद आए हो.. तो हमने सोचा साथ ही खा लेंगे।

खाने के दौरान दिलीप जी ने एक ऐसी बात कही कि राधे के गले से निवाला नीचे नहीं उतरा..

दिलीप जी- अरे मीरा.. पता है मनोज अंकल का बेटा यूके से आ गया है.. मनोज कह रहा था.. उनके बेटे के लिए राधा का हाथ चाहिए..राधा- उहह उहहू उहहुउ..मीरा- अरे दीदी क्या हुआ.. पानी पी लो ना.. लो पी लो.. आराम से हाँ..दिलीप जी- अरे क्या हुआ राधा.. शादी के नाम से घबरा गई क्या..राधा- ऐसी बात नहीं है पापा.. मैं अभी तो कितने साल बाद आई हूँ.. आप मुझे दोबारा अपने से दूर करना चाहते हो।

मीरा- हाँ पापा.. दीदी सही बोल रही हैं। अभी तो ठीक से मैंने दीदी से बात भी नहीं की.. हम इतनी जल्दी अलग नहीं होंगे.. बस आप उनको मना कर दो..

दिलीप जी- अरे मेरी बच्चियों.. तुम दोनों का प्यार देख कर मेरा दिल ख़ुशी से भर गया। तुम मेरी बात पूरी तो सुनो पहले.. मैंने भी मनोज को यही कहा कि अभी तो राधा आई है.. और उसकी उमर ही क्या है.. कुछ साल बाद बड़ी धूम-धाम से उसकी शादी करूँगा.. मगर अभी फिलहाल मैं पहले अपनी बेटी को उसके हिस्से की ख़ुशी दूँगा।

इतना सुनते ही दोनों के चेहरे पर ख़ुशी के भाव आ गए और दोनों पापा से गले लग गईं।

यह प्यार भरा नज़ारा कुछ देर चला.. उसके बाद नॉर्मल बातें हुईं और दिलीप जी ने सफ़र की थकान कह कर.. सोने का बोल प्रिया.. वो दोनों भी अपने कमरे में चली गईं।

मीरा ने दरवाजा बन्द किया और बिस्तर पर जाकर बैठ गई।

दोस्तो, उम्मीद है कि आप को मेरी कहानी पसंद आ रही होगी.. मैं कहानी के अगले भाग में आपका इन्तजार करूँगी.. पढ़ना न भूलिएगा.. और हाँ आपके पत्रों का भी बेसब्री से इन्तजार है।support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

राकेश कुमार यादव

2 months ago

जीजा साली की नोक-झोंक और फिर ये रोमांस! लाजवाब कहानी।

राज RP

2 months ago

क्या दीदी को पता चल गया था? अगला पार्ट जल्दी डालो यार।

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