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जवान लड़की पठन समय: 11 मिनट पढ़ा गया: 844 बार

बहन का लौड़ा -68

पिंकी सेन

27 Aug 2022 को प्रकाशित

बहन का लौड़ा -68
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आयुष के मुँह से ये बात सुनकर रोमा को झटका लगा कि टीना ने आयुष को सब बता प्रिया है।रोमा- आयुष प्लीज़ इस टॉपिक पर मुझे कोई बात नहीं करनी और ना ही मुझे दोस्ती करनी है.. हटो मेरे सामने से.. मुझे टीना से मिलना है।रोमा गुस्से में अन्दर चली गई। टीना उस समय चाय पी रही थी.. उसने रोमा को चाय के लिए पूछा.. मगर उसने मना कर प्रिया और मौका देख कर टीना को कमरे में ले गई।टीना- अरे क्या हुआ.. बता तो.. ऐसे गुस्से में मुझे क्यों अन्दर ले आई?रोमा- टीना हमने वादा किया था कि वो बात किसी को नहीं बताएँगे और तूने अपने भाई को बता दी.. छी:.. तुम्हें उसको वो सब बताते हुए शर्म नहीं आई।टीना- तेरा दिमाग़ खराब हो गया है.. भला में क्यों बताऊँगी?रोमा ने टीना को पूरी बात बताई तो टीना हैरान हो गई।टीना- नहीं नहीं.. कुछ तो गड़बड़ है.. भाई को कैसे पता चला..?

अब आगे..

रोमा- तुमने नहीं बताई तो क्या धीरज ने बताई होगी.. मगर वो तो लापता हो गया है या कहीं ऐसा तो नहीं आयुष ने उसको कुछ कर प्रिया हो.. जब उसको पता लगा कि वो तुम्हारे साथ गलत करना चाहता था।

रोमा की बात सुनकर टीना को भी ऐसा ही लगा.. वो झट से बाहर गई और उसको आयुष घर के बाहर खड़ा मिल गया।टीना ने उसको अन्दर बुलाया और उससे पूछा- भाई तुमको कैसे पता लगा कि रोमा मुसीबत में है?आयुष- देख टीना, यहाँ खड़े होकर ये बात नहीं होगी.. चल अन्दर चल.. मैं सब बताता हूँ।

टीना के साथ आयुष को आता देख कर रोमा सवालिया नज़रों से उनको देखने लगी।टीना- भाई प्लीज़.. बताओ आपको कैसे पता लगा और धीरज के साथ आपने कुछ किया तो नहीं ना?आयुष- हैलो.. मैं क्या करूँगा उसके साथ.. मैंने कुछ नहीं किया.. वो अपनी मौत खुद मर गया है.. समझी..

धीरज के मरने की बात सुनते ही दोनों के चेहरे का रंग उड़ गया।

रोमा- क्या.. धीरज मर गया? कैसे.. कब..? प्लीज़ पूरी बात बताओ.. मेरा दिल बैठा जा रहा है।आयुष- जिस आदमी ने तुम्हें इतना दुख प्रिया.. उसके लिए दिल बैठा जा रहा है तुम्हारा?रोमा- नहीं.. ऐसी बात नहीं है.. प्लीज़ बताओ ना.. उसको क्या हुआ था? उसके पास मेरी कुछ जरूरी चीज थी।

आयुष- मैं जानता हूँ रोमा.. मैं सब जानता हूँ। ऐसे तुम समझ नहीं पाओगी तो शुरू से सुनो.. उस दिन तुम और टीना बात कर रही थीं.. बस इत्तफ़ाक से मैंने तुम दोनों की बात सुन ली थीं और धीरज का कारनामा पता चला तो मुझे बहुत गुस्सा आया। उसने मेरी बहन को भी गलत करना चाहा.. यह मुझसे सहन नहीं हुआ और मैं यहाँ से निकल गया।

रोमा- मगर तुम धीरज को जानते नहीं थे तो ये सब कैसे?

आयुष- याद करो तुमने टीना को बताया था.. कि वो कहाँ रहता है? बस मैं सुनते ही अपने कुछ दोस्तों के साथ वहाँ पहुँच गया.. मगर मामला ऐसा था कि मैंने अपने दोस्तों को कुछ नहीं बताया था। बस कुछ बहाना करके उनको वहाँ ले गया।टीना- ओह.. भाई आपने कुछ किया तो नहीं ना.. प्लीज़ बताओ..

आयुष- अरे सुन तो.. हम वहाँ पहुँचे तो वो कहीं जा रहा था। मैंने उसको देखा नहीं था.. मगर मुझे लगा शायद यही वो होगा.. तो हमने उसका पीछा किया। वो पुणे गया था उस दिन..

आयुष ने उस दिन का सारा हाल सुनाया जिसको सुनकर दोनों हैरान हो गईं।

टीना- छी: कितना गंदा इंसान था वो.. अच्छा हुआ मर गया..रोमा- वो लड़की कौन थी?आयुष- अरे सुनो तो पूरी बात.. हम उसको हॉस्पिटल ले गए और रास्ते में मैंने उसका फ़ोन अपने पास रख लिया।रोमा- ओह.. थैंक्स.. कहाँ है..? प्लीज़ मुझे दे दो।

आयुष- रोमा मुझे पता था उसमें जो है.. वो अच्छा नहीं है.. मैं कोई बुरा इंसान नहीं.. जो उसको अपने पास रखता। मैंने आते समय उसको पानी में फेंक प्रिया था।

टीना- ओह्ह.. भाई आप सच्ची बहुत अच्छे हो..रोमा- थैंक्स आयुष..

आयुष- अरे ठीक है.. आगे तो सुनो.. हॉस्पिटल में वो लड़की दोबारा उसका हाल जानने आई। तब वो मुझसे मिली तो मैंने उसको बता प्रिया कि वो मर गया और अब सबको मालूम है कि नशे की हालत में रोड पर आ गया था और मर गया।

रोमा- ओह्ह.. मगर वो लड़की थी कौन.. उसने कुछ बताया नहीं क्या?आयुष- अरे बताया ना सब.. और मैंने भी उसको सब बताया।टीना- क्या बताया भाई?

आयुष ने राधे और मीरा के बारे में बताया और ये भी बताया कि मीरा घर जाकर राधे को नहीं बताएगी.. क्योंकि वो अपने दिल पर इस बात को लेकर बैठ जाएगा।

रोमा- ओह्ह.. माय गॉड.. वो इतना गिरा हुआ था.. छी: मैंने कैसे उस पर विश्वास कर लिया.. उउउ.. उउउ.. मेरी लाइफ बर्बाद हो गई उउउ.. उउउ..आयुष ने जल्दी से आगे बढ़कर रोमा के कंधे पर हाथ रखा।टीना वहाँ से उठकर बाहर चली गई शायद इस हालत में उसका बाहर जाना ही ठीक था।

आयुष- नहीं रोमा.. प्लीज़ मत ऐसे रो.. चुप हो जाओ.. उसने तुम्हारा इस्तेमाल किया। उसकी सज़ा भगवान ने उसको दे दी.. प्लीज़ चुप हो जाओ..रोमा- नहीं आयुष.. उसने मुझे बर्बाद कर प्रिया है, अब में किसी के काबिल नहीं रही।आयुष- रोमा प्लीज़.. बुरा मत मानना.. मैं कल भी तुम्हें दिल से चाहता था और आज भी मेरे दिल में तुम्हारे लिए वही है.. आई लव यू रोमा..रोमा- नहीं नहीं.. आयुष.. मैं अब तुम्हारे काबिल नहीं रही। मैंने खुद अपनी इज्जत उसके हवाले कर दी थी। अब मैं किसी के लायक नहीं हूँ।आयुष- रोमा प्यार दिल का रिश्ता होता है.. ये सब बकवास बात है। मुझे तुमसे प्यार है.. तुम्हारे जिस्म से नहीं.. प्लीज़ मुझे ‘ना’ मत कहो। मैं जिंदगी भर तुम्हें प्यार करूँगा। तुम उसको भूल जाओ.. सब भूल जाओ..रोमा- नहीं आयुष.. कहना आसान है.. कल अगर धीरज को लेकर तुम्हारे दिल में कोई बात आएगी.. तो आज जो मेरा हाल है.. उस वक़्त उससे भी बुरा होगा।

आयुष- रोमा मैं अपनी बहन से हद से ज़्यादा प्यार करता हूँ.. मैं उसकी कसम ख़ाता हूँ। मैं कभी तुम्हें इस बात को याद नहीं आने दूँगा.. ना मैं कभी इस बात का जिक्र करूँगा।रोमा- नहीं आयुष.. प्लीज़ नहीं.. ऐसा नहीं हो सकता..आयुष- मान जाओ रोमा.. मैं तुम्हारे बिना नहीं रह पाऊँगा.. मैं तुमसे मोहब्बत करता हूँ.. तुम्हें दुखी नहीं देख सकता। अगर तुमने ‘ना’ कहा तो मैं मर जाऊँगा।

रोमा ने जल्दी से आयुष के होंठों पर हाथ रख प्रिया- नहीं आयुष.. ऐसा मत कहो.. तुमको मेरी भी उमर लग जाए.. तुमने मुझे दलदल से बाहर निकाला है। तुम देवता हो.. और मैं कुचला हुआ फूल हूँ। समझो बात को.. कुचले हुए फूल देवता के चरणों में नहीं चढ़ाए जाते।आयुष- नहीं.. मैं एक आम इंसान हूँ और तुम्हें दिल से चाहता हूँ। ये सब बकवास बात है.. आई लव यू रोमा..

आयुष की बेपनाह मोहब्बत ने रोमा को मजबूर कर प्रिया। उसने भी आयुष को अपना लिया। अब दोनों एक-दूसरे से लिपट गए थे। आयुष से लिपट कर रोमा को बड़ा सुकून मिला।

टीना- ओ.. हैलो.. ये क्या हो रहा है भाई.. आप मेरी सहेली को क्यों सता रहे हो..आयुष और रोमा जल्दी से अलग हुए।आयुष- अरे कुछ नहीं.. बस ऐसे ही..टीना- भाई आख़िर आप जीत ही गए.. आप सच में हीरो हो।कुछ देर वहाँ ख़ुशी का माहौल रहा। आज कई दिनों के बाद रोमा खुलकर हँसी थी।

दोस्तों अब इन सबकी जिन्दगी मज़े से गुजर रही थी। हाँ कुछ दिन बाद दिलीप जी को दोबारा सीने में तकलीफ़ हुई और इस बार उनका अंतिम समय आ गया था।पापा के जाने के बाद मीरा बहुत उदास हो गई थी.. मगर राधे उसका पूरा ख्याल रखता था।कुछ दिनों बाद राधे ने मीरा को कहा- अब यहाँ रहना ठीक नहीं..

तो उन्होंने उस घर को भी बेच प्रिया और दूसरे शहर में जाकर शादी कर ली। अब वो समाज के सामने पति-पत्नी बनकर आराम से रह सकते थे। वहाँ किसी को पता नहीं था कि ये दोनों कौन हैं।

इधर आयुष और रोमा की मोहब्बत परवान पर थी। दोनों खूब बातें करते और घूमते-फिरते थे। रोमा की माँ को भी आयुष पसन्द था.. तो उन्होंने आयुष की माँ से मिलकर उनके रिश्ते की बात कर ली और कहा- जब दोनों की पढ़ाई पूरी हो जाएगी.. तब इनकी शादी कर देंगे।

बस अब तो दोनों को मिलने के लिए कोई दिक्कत नहीं थी। मगर ‘हाँ’ आयुष ने कभी रोमा के साथ कोई गंदी बात नहीं की। यहाँ तक की एक किस भी नहीं किया। उसका मानना था.. ये सब शादी के बाद ज़्यादा अच्छा रहेगा।

दूसरे शहर जाकर भी मीरा और राधे ममता को भूले नहीं थे। वो उसका हाल जानने के लिए कभी-कभी उससे फ़ोन पर बात कर लेते थे।ममता ने भी सोच लिया था कि अगर बेटा होगा तो उसका नाम राधे और बेटी होगी तो नाम मीरा रखेगी।

बस दोस्तो.. अब इस कहानी में कुछ नहीं बचा है.. मैंने पूरी कोशिश की है कि सब बात बता दूँ.. फिर भी अगर कोई ग़लती हुई हो.. तो आप सबसे माफी मांगती हूँ।

एक बात कहना चाहती हूँ.. कुछ लोग कहेंगे कि असली राधा का क्या हुआ..? तो दोस्तों इंडिया में रोज बच्चे खोते हैं.. अब वो कहाँ जाते हैं.. ये तो आप सब जानते हो। इसका जबाव देना जरा मुश्किल है। राधा भी इस भीड़ में कहीं ना कहीं होगी।

इस कहानी का असली मकसद ये बताना था कि भगवान को सब पता होता है.. वो किसी को अजीब किसी खास मकसद के लिए बनाता है.. जैसे राधे को बनाया.. तो प्लीज़ कभी ऐसा मत सोचना कि मैं ऐसा क्यों हूँ.. ये सब भगवान की लीला है!!

तो सभी खुश रहो और दूसरों को खुश रखो और प्लीज़ कभी किसी को मजबूर मत करो.. कभी किसी को तकलीफ़ मत दो.. जो जैसा करेगा.. वैसा ही भरेगा।

चलो मैंने बहुत भाषण दे प्रिया है.. अब जिंदा रही तो दोबारा नई कहानी लेकर आ जाऊँगी..दोस्तो, उम्मीद है कि आप को मेरी कहानी पसंद आई होगी.. और हाँ आपके पत्रों का भी बेसब्री से इन्तजार है।बाय दोस्तोsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

वीर सिंह रसिया

1 month ago

रिश्तों की ये कहानी सच में बहुत ही कामुक थी। अंत बहुत ही गर्म था।

k

karn

2 months ago

क्या दीदी को पता चल गया था? अगला पार्ट जल्दी डालो यार।

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