होम पर वापस जाएं
भाभी की चुदाई • पठन समय: 7 मिनट • पढ़ा गया: 294 बार

देवर के साथ सेक्स पति के सामने -2

नम्रता भट्ट

05 May 2020 को प्रकाशित

देवर के साथ सेक्स पति के सामने -2
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

देवर के साथ सेक्स पति के सामने Audio Sex Story-1

इस दूसरे भाग का ऑडियो भी पहले भाग में है.

यार विनोद! क्या होता होगा तुम्हारा इस सर्दी में बिना सेक्स के? ये बोले.अरे भैया, क्या बताऊँ? बहुत बुरा हाल है! बहुत मन करता है! आप तो बहुत किस्मत वाले हो जो आपको भाभी जैसे सुंदर पत्नी मिली! भाभी के साथ सेक्स करके आपको बहुत मजा आता होगा न?हाँ यार! बहुत सुंदर है गीता! और इसकी चूचियाँ! बहुत अच्छी हैं, कितनी सख्त हैं आज भी!भैया, सच में?हाथ लगा कर देखना है क्या? ये बोले.अरे ऐसा है तो मजा आ जायेगा! विनोद बोला.और विनोद का हाथ पकड़ कर इन्होने मेरे वक्ष पर रख प्रिया.

मैंने कहा- अरे! यह क्या कर रहे हैं आप दोनों?अरे कुछ नहीं भाभी! थोड़ा सा देख रहा था!ये भी बोले- बेचारे को हाथ लगा लेने दो! क्या फर्क पड़ता है तुम्हें?विनोद हाथ लगाने के बहाने दबाने लगा.

जब पति ही अपनी पत्नी को चुदवाना चाहे तो कोई पराया मर्द छोड़ेगा क्या!ये बोले- मैं बाथरूम होकर आता हूँ! जब तक तुम लोग बातें करो!विनोद और मैं अकेले कमरे में, विनोद के हाथ में मेरी चूचियाँ! वो आराम से दबा रहा था.

अब वो मेरे पास आ गया और बोला- भाभी, कैसा लग रहा है? मुझे तो बहुत मजा आ रहा है भाभी!और वो जोर-जोर से दबाने लगा. विनोद मेरे पास आकर मुझसे सट गया और उसका लिंग मुझसे छू गया तो मुझे अहसास हुआ कि वाकई विनोद का तो काफ़ी बड़ा है.

मुझ से रहा नहीं गया तो मैंने हाथ लगा ही लिया- अरे वाह विनोद! तुम्हारा तो बहुत बड़ा है! मैंने कहा.हाँ भाभी, भैया का छोटा है, मुझे पता है!तुमको कैसे पता?अरे भाभी, तुमको भैया ने नहीं बताया क्या? जब कभी हम दोनों साथ होते थे तो ऐसे ही एक दूसरे का हाथ में लेकर हिला कर मन को शांत करते थे! और आज भी जब भी मौका मिलता है तो हम ऐसा ही करते हैं! मजा आता है!तो आज भी ऐसा ही करोगे क्या? मैंने कहा.विनोद बोला- नहीं भाभी, आज नहीं! आज तो तुम्हारे साथ!और बस उसने मेरे योनि पर हाथ रखा, तब तक मैं गीली हो चुकी थी.

ये भी आ गये- क्या चल रहा है?विनोद बोला- भाभी का ख्याल रख रहा था भैया!अच्छा ठीक है! अब तो बस करो! मैं आ गया हूँ, मैं रख लूंगा ख्याल!विनोद को ऐसे ही चिड़ाने के लिए ये बोले.नहीं, अब नहीं रुका जाता है! भाभी की खूबसूरती के सामने तो मैं ऐसे ही हो जाऊँगा! और फिर भाभी मना कर दे तो फिर ठीक है!अरे नहीं-नहीं! विनोद, मैं तो मजाक कर रहा था. चलो थोड़ा उधर सरको, मैं भी आता हूँ! मजा दोगुना हो जायेगा!और दोनों ने मिल कर मेरे सारे कपड़े उतार दिए और खुद भी नंगे हो गए.

मैंने विनोद का देखा तो नवीन बोले- मैंने कहा था ना कि विनोद का बहुत बड़ा है! देखो मेरे भाई का लिंग आज तुमको मजा देगा!मैंने कहा- हाँ, वाकई तुम्हारे भाई का बहुत बड़ा है!और हम खुले सेक्स के लिए तैयार थे.विनोद ने कहा- भाभी, आप मुँह में ले लोगी क्या?मैंने कहा- क्यों नहीं विनोद! तुम्हारा इतना सुंदर लिंग मैं मुँह में ना लूँ? ऐसा हो सकता है क्या?मैंने विनोद का लौड़ा मुँह में लिया ही था कि इतने में इन्होंने मेरी योनि में अपना लण्ड पिरो प्रिया.मुझे दोनों तरफ से मजा रहा था.

विनोद बोला- भैया, अब आप ऊपर आ जायें! मैं थोड़ा देखूँ कि चूत में डालने का क्या मजा होता है! पहली बार चूत में डालूँगा ना!अरे क्यों नहीं भाई! आओ, तुम्हारे लिए तो यह बहुत प्यासी है! मेरे छोटे से लिंग को यह बहुत मजेदार समझती है. मैं भी इसको बताना चाहता था कि इस दुनिया में अलग-अलग लिंग का मजा क्या होता है!आओ और इसको मजा दो!

इतना कहना था कि विनोद नीचे आया और एक ही बार में मेरी चूत को फाड़ते हुए अपना लिंग अंदर डालने लगा.मेरे मुँह से आवाज निकल गई- आह! मैं मर गई! अरे विनोद, धीरे! बहुत दर्द हो रहा है!ये बोले- तब ही तो मजा आएगा!थोड़ी देर में मजा आने लगा. विनोद जोर-जोर से करने लगा, मैं झड़ गई पर वो अभी तक अपने वार कर रहा था.

अब इन्होंने कहा- रुको विनोद! कंडोम लगा लो यार!विनोद ने कंडोम लगाया और फिर शुरू हो गया.वो भी थोड़ी देर बाद झड़ गया. मैं भी उसके साथ एक बार और झड़ गई.अब ये आ गये- क्यों जानू? कैसा लगा मेरे भाई के साथ सेक्स?मैंने कहा- मजा आ गया! पर अब तुम्हारा छोटा पड़ेगा!मैंने ऐसे ही मजाक में कहा था.

ये बोले- अरे कोई बात नहीं! विनोद आता रहेगा ना तुमको मजा देने के लिए! तुम चिंता मत करो! क्यों विनोद? आओगे या नहीं अपनी भाभी के लिए?अरे भैया! यह आप क्या कह रहे हैं! आप कहें तो मैं भाभी के अंदर से कभी बाहर ही ना निकालूँ! मुझे आज जन्नत मिल गई है भाभी जैसी औरत पाकर! मैं कभी शादी भी ना करूँ अगर भाभी मेरे साथ सेक्स करें और आप करने दो तो!अरे क्यों नहीं विनोद! आज से यह हम दोनों की है! तुम जब चाहो, तब कर सकते हो! मेरे तरफ से तुम आज़ाद हो! क्यों गीता? तुम मना करोगी क्या विनोद को?अरे नहीं! कभी नहीं! मुझे बहुत मजा आया.

और इन्होंने भी झटके देना चालू कर दिए. मुझे तो इनके लिंग का अहसास ही नहीं हो रहा था विनोद का लिंग लेने के बाद.पर मैं फिर से झड़ने वाली थी और वो भी मेरे साथ ही झड गए!आज मेरे पति ने मुझे दूसरे लिंग का अहसास कराया.

अब मुझे और लिंग देखने का मन होने लगा, मैंने कहा एक दिन अपने पति से- क्यों, और दूसरे लिंग और तरह के होते हैं?ये बोले- तुमको और लिंग देखना है क्या?मैंने कहा- हाँ!ये बोले- तो ठीक है! मैं तुम्हारे लिए नए लिंग की कोशिश करता हूँ पर फिर विनोद और मेरा क्या होगा?अरे आपको और विनोद को मैं हमेशा ही खुश करुँगी पर कोई नया लिंग देखने का मन है, अगर आप दिखाना चाहो तो!वो बोले- जानू क्यों नहीं!

कैसे लगी आपको मेरी सच्ची यौन-कथा! मुझे जरूर लिखें!support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

देवर के साथ सेक्स पति के सामने

कुल भाग: 2
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

देवर भाभी सेक्स : देवर ने भाभी की चुदाई की प्यास बुझाई
भाभी की चुदाई

देवर भाभी सेक्स : देवर ने भाभी की चुदाई की प्यास बुझाई

इस देवर भाभी सेक्स कहानी में आप पढ़िए कि कैसे मेरे सुडौल देवर ने मेरी चूत की चुदाई करके मेरी कामवासना शान्त की.अभी तक आपने मेरी पिछली कहानीकामुकता का इलाज, पड़ोसी से चुत चुदाईमें पढ़ा कि कैसे मेरे पड़ोसी राज ने रात में मेरे घर आकर मेरी चूत की चुदाई की...

16 मिनट 931
हर किसी को चाहिए तन का मिलन-11
भाभी की चुदाई

हर किसी को चाहिए तन का मिलन-11

इस हिंदी सेक्स की कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि विक्रांत के बेटे को उसकी भाभी एडल्ट मूवी दिखाने ले गई है.

14 मिनट 452
Me And My Bhabhi – Part II
भाभी की चुदाई

Me And My Bhabhi – Part II

Aapka bahut bahut dhanyavaad ki aapne meri story is site par daali isko bhi jaldi hi daal dena thank u, pehli kahani se aage, fir hum dono nange nahaye, gila badan hone ke karan kya gajab lag rahi thi wo, fir uska chikna badan dekhkar mera land fi...

9 मिनट 576

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।