हॉर्नी लड़की सेक्स कहानी में मेरी सहेली के बॉयफ्रेंड ने मुझे उसके दोस्त से चुदती देखा तो अब वह मेरी चूत भी मारना चाहता था. मुझे एक नया लंड और मिलने वाला था और मेरी सहेली को भी कोई ऐतराज नहीं था.
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हाय फ्रेंड्स! मैं आपकी प्यारी फ्रेंड कपिला, फिर से हाजिर हूँ अपनी कहानी लेकर!कहानी के पहले भागसहेली के बॉयफ्रेंड के दोस्त से चुद गयीमें अपने पढ़ा कि कि रमेश ने कैसे मेरी चूत मार ली।
अब आगे हॉर्नी लड़की सेक्स कहानी:
चुदाई के बाद हम हॉल में आए।हर्ष और मीनू हमें देख रहे थे।
मैं सोफे पर अपनी चूत और बूब्स को छुपाते हुए बैठी।रमेश नंगा ही बैठा था।
मीनू बोली, “कपिला, ये सब?”मैंने कहा, “कुछ नहीं, बस हो गया!”रमेश बोला, “यार, गजब का माल हो कपिला तुम!”
दोपहर के 1:30 बज रहे थे।रमेश ने कुछ खाने के लिए ऑर्डर किया।
मीनू मेरे पास आकर बैठ गई और बात करने लगी।हर्ष भी मुझे घूर रहा था।
मैं जानती थी कि अब ग्रुप सेक्स का चांस ज्यादा है!
ऑर्डर किया हुआ खाना आया।हम सबने खाया।
मैं और रमेश दोनों ही नंगे थे।
रमेश ने हर्ष से कहा, “छत पर कपिला के कपड़े हैं, ले आ!”वो गया और कपड़े ले आया।
फिर रमेश बोला, “कपिला, एक राउंड और हो जाए!”मैं कुछ नहीं बोली।
इधर हर्ष और मीनू का भी दूसरा राउंड था।
रमेश बोला, “चलो, साथ में करते हैं! क्या बोलता है, हर्ष?”
हर्ष तो बिल्कुल रेडी था पर मीनू नखरे कर रही थी।
रमेश ने मुझे गोद में उठाकर कमरे के पलंग पर पटक प्रिया।इधर हर्ष भी मीनू को उठाकर ले आया।
रमेश बोला, “तुमने हमारी चुदाई देख ली, अब तुम्हारी हमें देखनी है!”हर्ष ने तुरंत कपड़े उतारकर नंगा हो गया।
पर मीनू नखरे कर रही थी।मैंने मीनू से कहा, “उतार कपड़े!”वो बोली, “नहीं!”
हर्ष जैसे ही उसके पास आया, मीनू बाहर की तरफ भागने लगी।तभी रमेश ने दौड़कर मीनू को पीछे से पकड़ लिया और बोला, “शरमाने की जरूरत नहीं है, मीनू!”
हर्ष बोला, “इसके कपड़े उतारो पहले!”मैं उठी और बोली, “रुको, मैं आती हूँ!”
मैंने मीनू की सलवार का नाड़ा खोला और हर्ष से कहा, “इसे खींचकर धीरे से उतारो!”वो हंसती हुई पैर चला रही थी।
हमने उसकी सलवार उतार दी।फिर रमेश ने उसे पलंग पर लेटा प्रिया।
हर्ष ने मीनू के हाथ पकड़ लिए, रमेश ने पैर पकड़े।अब मीनू हिल नहीं सकती थी।
मैंने देर न करते हुए उसकी कमीज़ को खिसकाकर हर्ष के हाथों तक दे प्रिया।हर्ष ने उसे निकाल प्रिया।
अब मीनू ब्रा और पैंटी में थी।
रमेश उसकी छाती पर बैठ गया और ब्रा के ऊपर से ही मीनू के बूब्स को दबाने लगा।
मीनू छटपटा रही थी।
रमेश ने मीनू की ब्रा को खींचा तो ब्रा का हुक टूट गया।फिर उसकी पैंटी को भी फाड़ प्रिया।
मीनू अब शांत हो गई थी और बोली, “रमेश, कुत्ते, कमीने! मैं घर कैसे जाऊँगी?”रमेश बोला, “नखरे क्यों कर रही थी? मैंने इसकी पैंटी भी फाड़ी है! मुझे ऐसे ही सेक्स पसंद है!”
हर्ष मेरे पास आया।
मुझे बिस्तर पर लेटाया और मेरे हाथों को अपने हाथों से पकड़ लिया।
वो मुझे जंगलियों की तरह किस करने लगा; कभी कान को काटता, कभी गर्दन को।
फिर उसने मुझसे कहा, “69 पोजीशन में आओ!”
उसका लंड मेरे मुँह में, मेरी चूत उसके मुँह में थी।
हर्ष बोला, “रमेश, कपिला के हाथ पकड़ना प्लीज!”
रमेश ने मेरे हाथ पकड़ लिए।
फिर हर्ष मेरे मुँह को धीरे-धीरे चोदने लगा, ताकि मैं विरोध न कर सकूँ।
मेरे मुँह की ऐसी-तैसी करने के बाद उसने मुझे घुमाकर उल्टा कर प्रिया।
मुझे कुतिया बना प्रिया और लंड को एक झटके में अंदर डाल प्रिया और तेजी के साथ मेरी चूत के अंदर-बाहर करने लगा।वह कुतिया बनाकर मेरी चूत में पीछे से लंड डालकर मेरी गोरी पीठ पर चुम्बन करने लगा।
पीठ पर चुम्बन के एहसास से मैं और गर्म होने लगी।चुम्बन के साथ वो मेरे बूब्स को भी कसकर दबाता, जिससे मैं सिसकारियाँ लेती।
अब उसके दबाने की स्पीड बढ़ गई। वो जोर-जोर से दबा रहा था।मैं “आआ आहआ आआ … अह्ह ह्हह … ऊऊ ऊऊम्म्म!” जैसी आवाजें निकालकर मजे लूट रही थी।
दोस्तो, जब हम कामुकता में गर्म होते हैं तो हॉर्नी लड़की सेक्स माँ मजा लेती हुई “आआआ … अह्ह… ऊऊऊ… फ़फ़… उउउ!” जैसी सेक्सी आवाजें निकालती ही है!
ये सब देखकर रमेश और मीनू रुक गए और हमें देखने लगे।
फिर हर्ष उसी पोजीशन में खड़ा हुआ और मेरे पैरों को अपने हाथों में ले लिया।
अब मैं अपने हाथों के सहारे थी और पैर हवा में थे।वो मुझे चोदे जा रहा था।
कुछ देर चोदने के बाद वो बोला, “अब तुम मेरे ऊपर आओ!”वो लेट गया और मैं उसके लंड के ऊपर बैठकर उठक-बैठक करने लगी।
वो मेरे बूब्स को दबाता और निप्पल के साथ खेलता, जिससे मैं और उत्तेजित हो जाती।इसी बीच मैं झड़ गई।उसके लंड पर मेरी चूत का पानी रिसने लगा।लेकिन पानी निकलने के बाद मैं हाँफने लगी।
फिर हर्ष ने मुझे लेटाया और दोनों पैरों को अपने कंधे पर रख लिया।उसकी स्पीड बरकरार थी।गीली चूत होने के बाद मादक सीत्कारें फूटने लगीं।
इसी तरह चुदने पर मैं फिर गर्म होने लगी।अब मैं कमर को जल्दी-जल्दी हिलाकर सेक्स करने लगी।मैं “उंह उंह उंह… हूँ हूँ हूँ… हम्म … अहह्ह … अई अई!” की आवाजें निकालते हुए चुद रही थी।
मेरी चूत से पट-पट की तेज आवाजें आने लगीं।मेरा मुझ पर कोई कंट्रोल नहीं था।मेरी चूत का पानी मेरी गांड के छेद तक आ रहा था।
हर्ष की बॉल्स मेरी गांड से टकरा रही थीं, जिससे पट-पट की आवाजें निकलतीं।
फिर हर्ष ने मुझे ऊपर की ओर और उसी पोजीशन में थोड़ा और ऊपर उठाया।मेरे घुटने मेरे बूब्स से टकरा रहे थे।
वो अब तेजी से मुझे चोदे जा रहा था।अब वो भी झड़ने वाला था और वो घड़ी आ गई!
उसने लंड निकालकर मेरे मुँह और बूब्स के ऊपर सारा निकाल प्रिया।
लेकिन मैं अभी भी गर्म थी और वो झड़ गया था।
बीवी की चूत और दोस्त का लण्ड -1
मैंने कहा, “मेरा पानी अभी नहीं निकला है!”
मेरे इतना कहते ही रमेश ने तुरंत अपने लंड को मेरी चूत में डाला और मेरी टाँगों को अपने कंधे पर लेकर शुरू हो गया।
फिर 5 मिनट बाद मैं भी झड़ गई।रमेश ने मीनू को इशारा किया।
अब मीनू की चूत की बारी थी।मैं बाथरूम गई और मेरे पीछे हर्ष भी आ गया।
हम दोनों साथ में नहाए।
फिर बाहर आए तो रमेश और मीनू अभी एक-दूसरे को चूम रहे थे।
हम दोनों भी वही सामने बैठ गए।रमेश ने मीनू के लबों को तसल्ली से चूसा, उसके होंठों को काटते हुए उसके मम्मों को बेदर्दी से मसला।वह उसके होंठों को काटता रहा।
रमेश ने उसके पैर के तलवे को चूमना शुरू किया।चूमते हुए ऊपर आया, उसकी जाँघ की तरफ।
जांघ चूमते हुए उसने उसकी चूत के आसपास चूमना शुरू किया।आखिर में रमेश ने उसकी चूत को चूमा।चूत हमारी चुदाई देखकर गीली थी।
उसने उसकी चूत को खाना शुरू किया।इस बार ज्यादा जोर से … मम्मों को दबाते हुए बेदर्दी से निप्पल को नींबू की तरह निचोड़ रहा था।
वह खूब गहराई तक मुँह घुसाकर चाटता, चूसता … कभी-कभी दाँत से भी काट लेता।
हॉर्नी लड़की सेक्स का मजा लेती हुईकसमसा जाती।
रमेश ने अपनी जीभ मीनू की चूत में डाल दी और चूत की अंदर की दीवारों को चाट लिया।
“उफ्फ!” जब उसकी जीभ ने मीनू की चूत को अंदर से छुआ, तो मीनू के मुँह से “आह आह!” निकलने लगा।
वो मीनू की चूत को अपनी जीभ से चोदने लगा।मीनू ने उसके सिर पर हाथ रखकर सिर को अंदर की तरफ धक्का मारने लगी।साथ में वह अपने चूतड़ों को भी बराबर ऊपर उठा रही थी ताकि उसकी पूरी जीभ चूत के अंदर जाए।
मीनू उसकी पूरी जीभ अंदर समेट लेना चाहती थी।
रमेश लगातार अपनी जीभ को मीनू की चूत में अंदर-बाहर करने लगा।मीनू सिसकने लगी।
फिर रमेश ने लंड मीनू के मुँह में प्रिया।वो जोर-जोर से चूसने लगी।
मीनू के मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं।
अब रमेश उसकी चूत में लंड डालने के लिए तैयार था।
रमेश लेट गया और मीनू उसके ऊपर से अपनी चूत में धक्के लगाते हुए पेलना शुरू कर प्रिया।
उसकी चूचियाँ उछल-कूद करने लगीं।वो रमेश के लंड पर कूदते हुए लंड को अंदर तक लेकर आनंदित होने लगी।
दस-पंद्रह मिनट बाद ही मीनू की चूत ने पानी फेंक प्रिया।
फच-फच की आवाज के साथ चुदाई करते हुए रमेश मीनू को चोदता रहा।
रमेश ने मीनू को पलटकर कुतिया बना प्रिया।
वह पूरा लंड निकालता और एक झटके में पूरा अंदर पेल देता।एक हाथ से उसकी गांड पर मार-मारकर लाल कर रहा था।दूसरे हाथ से उसके बाल खींचकर दर्द दे रहा था।
मीनू बोली, “आह्ह! बाल नहीं प्लीज! बाल छोड़ो! आह्ह! बाल नहीं!”रमेश बोला, “मुझे चुदाई में दर्द देना पसंद है! आक्रामक रुख रखना, हल्की-हल्की बातों पर डाँटना और मारना, एक रखैल की तरह रखना! मुझे रफ सेक्स करना पसंद है!
फिर मीनू को लेटाकर उसके पैरों को अपने कंधे पर रखकर रमेश लंड से मीनू की चूत को चीरते हुए चोदने लगा।मीनू भी अपनी गांड उठाकर उसे सपोर्ट कर रही थी।
फिर रमेश ने पोजीशन चेंज कर लिया और मीनू को कुतिया बना प्रिया।
रमेश बोला, “आजा रंडी! डॉगी स्टाइल में तुझे और तेरी चूत को जन्नत की सैर कराता हूँ!”
मीनू के मुँह से “आह… आह… आह!” की आवाजें निकल रही थीं।
पूरे रूम में ठप-ठप की आवाज बहुत तेज सुनाई दे रही थी।
फिर रमेश खड़ा हुआ और वही पास की कुर्सी पर मीनू को अपनी गोद में बैठा लिया।
मीनू भी उसकी ओर भूखी शेरनी की तरह देखने लगी।उसने उसके लंड को अपनी चूत में सेट कर लिया।
फिर क्या था! रूम में फिर से ठप-ठप, पट-पट की आवाज! मीनू की आहें निकल रही थीं।
रमेश मीनू की गांड पर थप्पड़ मार रहा था और अपने लंड से मीनू की चूत को फाड़ रहा था।
इधर मीनू भी पागलों की तरह चुद रही थी।उसने रमेश की गर्दन पर काटा और नाखूनों के निशान उसकी पीठ पर दे दिए।रमेश ने उसे गोद में उठाया और खड़े-खड़े चोदने लगा।
इसी तरह कुछ देर में रमेश भी झड़ने वाला था।मीनू बोली कि वो भी अब झड़ने वाली है।और एक बार फिर मीनू का पानी निकल गया।
फिर रमेश ने उसे घुटनों के बल बैठाकर उसके मुँह में लंड दे प्रिया और सारा पानी उसके मुँह में भर प्रिया।
मीनू को शायद अच्छा नहीं लगा।उसने उसे नहीं पिया।
उसके मुँह से पानी निकलते हुए बूब्स से होते हुए पेट तक आ रहा था।वो बाथरूम गई और नहाकर आई।फिर रमेश गया और बाहर आया।
मीनू बोली, “रमेश, मेरी ब्रा-पैंटी तूने फाड़ दी! अब घर कैसे जाऊँ?”वो बोला, “तुम्हें नई दिलवा देते हैं! चलो, सेम कलर और ब्रांड की! कपिला को भी पैंटी दिलवानी है!”
फिर हमने कपड़े पहने और चारों मार्केट गए।शादी का सामान भी लिया और ब्रा-पैंटी भी ली।वापस आए तो वापस आकर कपड़े उतारने के बाद मैंने पैंटी पहनी।
मीनू पहन ही रही थी कि रमेश उसके पास जाकर किस करने लगा।
मीनू ने उसे धक्का देते हुए बोली, “मुझे रफ सेक्स नहीं पसंद! मेरी गांड मार-मारकर लाल कर दी!”वह गुस्से में थी।
फिर कपड़े पहनकर हम दोनों घर की तरफ निकल गए।
रास्ते में मीनू बोली, “कपिला, तू कैसे चुदने को रेडी हो गई?”मैंने उसे सब बताया कि कैसे कोल्डड्रिंक गिरी और उसने मुझे मनाया।
मीनू बोली, “रमेश ने बहुत लड़कियों की चूत ली है! वो चुड़क्कड़ किस्म का लड़का है। उसने तुझे जानबूझकर फँसाया!”मैंने कहा, “कोई नहीं! वैसे भी अब तो वो मेरा बॉयफ्रेंड है। और मैं भी कई लंड का स्वाद ले चुकी हूँ!”
मीनू को मैंने सब कुछ बताया।
फिर मीनू बोली, “मैं सिर्फ हर्ष के साथ ही चुदती थी। रमेश तो कब से मेरी लेने के चक्कर में था। आज उसे मौका मिल गया। कोई नहीं!”
हम दोनों एक-दूसरे से खुल गए थे।
हम घर पहुँचे, घर पहुँचकर नॉर्मल रहे।
शादी में और क्या-क्या हुआ, आपको कहानी के अगले भाग में बताऊँगी।
दोस्तो, आपको ये हॉर्नी लड़की सेक्स कहानी कैसी लगी, मुझे जरूर बताएँ!support@mohakkisse.com
हॉर्नी लड़की सेक्स कहानी का अगला भाग:शादी में मिले दो नए लंड- 3