होम पर वापस जाएं
Group Sex Story पठन समय: 19 मिनट पढ़ा गया: 420 बार

शादी में मिले दो नए लंड- 3

अंकिता सिंह 7

15 May 2021 को प्रकाशित

शादी में मिले दो नए लंड- 3
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

यह कहानी सुनें.

हाय फ्रेंड्स! मैं आपकी प्यारी फ्रेंड अंकिता, फिर से हाजिर हूँ अपनी कहानी लेकर!

कहानी के दूसरे भागमैं सहेली के बॉयफ्रेंड से चुद गयीमें आपने देखा कि कैसे हर्ष ने मुझे और सुरेश ने मधु की चूत मारी।

घर में शादी का माहौल था। शादी घर से दूर, शहर में एक होटल में थी।सारे मेहमान एक दिन पहले ही पहुँच गए थे और दूसरे दिन बारात को आना था।

मधु ने बताया कि हर्ष और सुरेश भी शादी में आने वाले हैं।मधु ने उन्हें इनवाइट किया था।

शादी का दिन आ गया।सभी लोग शादी में बिजी थे।

मैं और मधु, हर्ष और सुरेश के साथ मस्ती-मजाक कर रहे थे।

वो दोनों हमें देखकर खुश हो गए।सुरेश पास आकर बोला, “एक फेयरवेल चुदाई हो ही जाए!”मैंने भी हामी भर दी.

पर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी।मधु बोली, “नहीं, शादी का समय है। किसी ने देख लिया तो गड़बड़ हो जाएगी!”

हर्ष बोला, “अंकिता, तुम तो अब चली ही जाओगी। फिर पता नहीं कब मिलोगी! मधु तो यहीं रहेगी। और आज तुम कयामत लग रही हो इस लहंगे-चोली में!”

मेरी लहंगा-चोली पर ढेर सारा वर्क था।वो मेरे बदन पर बहुत अच्छी लग रही थी।मैंने थोड़ा डीप नेक चोली पहनी थी लाल रंग की।

चोली छोटी थी, और अगर मैं थोड़ा झुकूँ तो मेरे बूब्स का क्लीवेज आसानी से दिख जाए!

मैं अपने मम्मी-पापा के साथ स्टेज पर फोटो खिंचवाने गई।

तभी मैंने देखा कि मधु, हर्ष और सुरेश कुछ बात कर रहे थे।

सुरेश बोला, “मधु, प्लीज कोई जुगाड़ करो ना!”मधु बोली, “ठीक है। अभी सब मेहमान चले जाएँगे। कुछ शादी में रहेंगे, कुछ सो जाएँगे। बस वही समय मिलेगा। विदाई और फेरों के बीच का समय!”सुरेश बोला, “ठीक है!”

करीब दो घंटे बाद मधु के पास सुरेश का फोन आया।मधु बोली, “तुम होटल के बाहर मिलो, हम वहीं आ रहे हैं!”

रात के करीब 2 बज रहे थे।हम बाहर मिले।

सुरेश बोला, “हुआ कोई जुगाड़?”मधु बोली, “होटल में कमरे खाली हो गए हैं। किसी में भी जा सकते हैं!”

हर्ष बोला, “किसी ने देख लिया तो?”मधु बोली, “एक-एक करके जाएँगे। मैं बाहर खड़े होकर देखूँगी कि कोई आ तो नहीं रहा!”

फिर होटल के फर्स्ट फ्लोर पर हम गए, जो स्टेज के ठीक पीछे था।वहाँ हमें कोई आसानी से नहीं देख सकता था।

पहले सुरेश कमरे में चला गया।मधु बोली, “अंकिता, तू जा!”

मैंने कहा, “तू?”मधु बोली, “कोई एक बाहर संभालने के लिए होना चाहिए!”

मधु बोली, “बेस्ट ऑफ लक, अंकिता!”मैंने कहा, “क्यों?”वो बोली, “पता चल जाएगा! अंदर तो जा!”

दरवाजे के पास पहुँची तो सुरेश ने मुझे हाथ पकड़कर अंदर खींच लिया।मधु ने बाहर से लॉक लगा दिया ताकि कोई दरवाजा न ठोके और गड़बड़ न हो।

अब मैं अकेली अंदर थी।हर्ष और मधु बाहर थे।

लगता है, उस समय ये लोग यही प्लान बना रहे थे!

सुरेश ने मेरी चिकनी कमर पर हाथ रखकर मुझे अपनी तरफ किया और बोला, “यार, आज तो तूने मुझे पागल कर दिया है! क्या लग रही है!”फिर उसने मेरे होंठों पर होंठ रख दिए और किस करने लगा!

वो मेरी कोमल गांड को दबा-दबाकर किस कर रहा था।

किस करते हुए सुरेश बोला, “हल्के मेकअप के कारण तू और भी हॉट लग रही है!”

अब वो मेरे बूब्स को धीरे-धीरे दबाने लगा।उसने मेरी चोली को पीछे से खोलकर फेंक दिया और मेरे कबूतरों को आजाद कर दिया।

वह बोला, “अंकिता, तुमने ब्रा नहीं पहनी?”मैंने कहा, “नहीं!”

उसने पूछा, “क्यों?”मैंने कहा, “एक तो गर्मी इतनी है, दूसरा बैकलेस चोली के कारण!”

अब सुरेश ने पूरा नंगा होकर मेरे हाथ में अपना लंड दे दिया।वो मेरे बूब्स को अपने मुँह में लेकर एक बच्चे की तरह चूसने लगा।एक हाथ से बूब्स को मुँह में भरकर सक्शन करने लगा।

फिर उसने मेरी चूत में उंगली डालकर मेरे क्लिट को मसलना शुरू किया।

मेरे मुँह से मस्त सिसकारियाँ निकलने लगीं।मेरी चूत गीली हो चुकी थी।

उसने मुझे उठाकर बिस्तर पर गिरा दिया।वह मेरे बूब्स पर टूट पड़ा, जैसे नींबू को निचोड़कर पूरा रस निकालते हैं।कभी दाँत से काटता, कभी पूरा मुँह में लेने की कोशिश करता!

फिर धीरे-धीरे वो मेरी नाभि को चूसते हुए अपनी जीभ से मुझे चाटने लगा।

मेरे शरीर में सनसनी सी हो रही थी।

उसने मेरे घाघरे को ऊपर उठाकर मेरी चूत को पैंटी के ऊपर से ही चाटना शुरू कर दिया।मेरे हाथ उसके सिर को मेरी चूत की तरफ धकेल रहे थे।

उसने मेरी पैंटी को गीला कर दिया था।

फिर मैंने घाघरा खोलकर निकाल दिया।अब मैं सिर्फ पैंटी में थी।

उसने अपने लंड को मेरे मुँह के पास लाकर चूसने का इशारा किया।

मैंने मुँह में लिया तो वो मेरे मुँह को ही चोदने लगा।मैंने कहा, “धीरे, दर्द होता है!”

उसने कहा, “अंकिता, आज का दिन तुम कभी नहीं भूलोगी! आज तुम्हारी अच्छे से लूँगा!”

कहते हुए उसने मुझे घुमा दिया, मेरी पैंटी को तुरंत निकालकर अलग किया।

मेरे दोनों पुट्ठों पर हाथ लगाकर सहलाने लगा।वह होंठ लगाकर चुम्मा ले रहा था।फिर मेरी गांड को अच्छे से ताड़ने लगा।

दोस्तो, आज तक किसी मर्द ने मेरी गांड नहीं चोदी थी।

अब सुरेश का पारा चढ़ गया।जीभ लगाकर वह मेरी गांड का छेद चाटने लगा।मेरा छेद बहुत चिकना था।

सुरेश तो देखकर ही पागल हो गया।

उसने मेरी गांड को ध्यान से देखा और बोला, “ये तो अभी कुँवारी है! सील तोड़ना पड़ेगी आज!”

मैं बोली, “नहीं!”मैंने कहा, “आज नहीं। सुबह घर जाना है। दर्द बहुत होगा। अगर पता चल गया तो गड़बड़ हो जाएगी। वैसे भी मुझे गांड में नहीं लेना!”इसलिए मैंने टाल दिया।

उसने कहा, “ठीक है, आज तो बच गई तुम्हारी गांड! अगली बार नहीं छोड़ूँगा, चाहे कुछ भी हो!”फिर उसने एक झटके में मेरी चूत में पूरा लंड घुसा दिया।

मेरे मुँह से चीख निकल गई, “आआआ उउउई ईईईई!”

वो मशीन की तरह शुरू हो गया।मुझ पर उसका पूरा वजन था।

फिर उसने मुझे घुमा दिया और दोनों टाँगों को फैलाकर सीधा लंड डाल दिया।वह मेरे बूब्स को जानवरों की तरह दबाता हुआ मुझे चोदता रहा।

तभी दरवाजा खोलने की आवाज आई।एक पल के लिए हम रुके।

देखा तो मधु और हर्ष थे।

मधु बोली, “सब सो गए हैं। बाकी फेरों में हैं। अभी यहाँ कोई नहीं आएगा!”

इधर सुरेश मेरी चूत में धक्के दे रहा था।मधु और हर्ष देखकर ही मजा लूट रहे थे।

सुरेश जोर-जोर से धक्के देता, मेरे बूब्स जोर-जोर से हिलने लगते।मेरे मुँह से सिसकारियों की आवाज आ रही थी।

अब सुरेश पूरी तरह मस्त हो चुका था।वो जोश में आकर धक्के देने लगा।

उसका लंड बहुत तेजी से अंदर-बाहर हो रहा था।

मेरे मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थीं।मैं भी धक्के खाकर बहुत मस्त हो चुकी थी।

मैं उछल-उछलकर चुद रही थी।इसी बीच मेरा पानी निकल गया।

मैं कुछ समय के लिए रुक गई।लेकिन वो नहीं रुका।गोली जो खाई थी!

सुरेश थक गया, उसने हर्ष को इशारा किया।हर्ष पूरा नंगा होकर मुझे गर्म करने आया।

सुरेश भी मेरी चूत में जीभ डालकर मुझे गर्म करने लगा।

हर्ष मेरे गले में किस करने लगा।मैं भी उसका साथ देते हुए उसके गले में किस करने लगी।

फिर उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रखकर चूसने लगा।

मैं भी उसका साथ देने लगी।

सुरेश मेरी चूत को चाट रहा था।हर्ष का मुँह मेरे मुँह में था।

वो मेरे होंठ चूसने के साथ मेरे बूब्स दबा रहा था।

ऐसे ही 5 मिनट तक चूसता रहा।

फिर एक दूध को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और दूसरे को हाथ में पकड़कर मसलने लगा।

मैं उसके सिर को सहलाती हुई अपने बूब्स चुसवा रही थी।

अब मैं गर्म हो चुकी थी।अपने चूतड़ों को आगे-पीछे कर रही थी।

सुरेश समझ गया कि मैं तैयार हूँ।

उसने हर्ष को इशारा किया।हर्ष हट गया।

सुरेश ने मुझसे कहा, “तैयार हो दूसरे राउंड के लिए?”मैंने हाँ में इशारा किया।

उसने तुरंत अपने खड़े लंड को एक झटके में सीधे अंदर डाल दिया, मुझे उठाकर अपनी गोद में बैठा लिया।

फिर धीरे-धीरे वो नीचे और मैं ऊपर आ गई।

अब मैं उठक-बैठक कर चुद रही थी।वो मेरे बूब्स से खेल रहा था।

फिर मैं मदहोश होकर उसकी छाती से चिपक गई।वो मुझे चोदे जा रहा था।

उसके दोनों हाथ मेरी गांड को दबा रहे थे।वो फिर चाँटे मारने लगा।मैं भी मस्त हो चुकी थी।

मेरी कमर को पकड़कर तेजी से धक्के लगाने शुरू कर दिए।लंड तेजी से अंदर-बाहर होने लगा।

मैं पूरी तरह मस्त हो चुकी थी।

यह भी पढ़ें (Recommended)

Beta bana hubby-14

सुरेश बहुत तेजी से अपने लंड को मेरी चूत में अंदर-बाहर कर मुझे चोद रहा था।मैं अब झड़ने वाली थी।और फिर मैं झड़ गई।

सुरेश बोला, “मेरा भी अब निकलने वाला है!”उसने अपने लंड को निकालकर मेरे सामने कर दिया, कहा, “मुँह में लो!”मैंने मना कर दिया।

उसने जबरदस्ती मेरे मुँह में लंड डाल दिया और सारा मेरे मुँह के अंदर निकाल दिया।मुझे गंदा स्वाद आया, मैंने सब बाहर निकाल दिया, जो मेरे मुँह से होते हुए मेरे बूब्स और नाभि तक आ गया।

फिर मैं वही उसी हालत में लेट गई क्योंकि काफी थक चुकी थी।

सुरेश बोला, “आज तो मजा ही आ गया, अंकिता!”हर्ष बोला, “मैं अभी बाकी हूँ!”

मैं घबरा गई, बोली, “नहीं, मेरी हालत नहीं है अब और चुदने की!”हर्ष बोला, “ये गलत है! सुरेश ने पूरे मजे लिए, मैं रह गया! नहीं, मैं भी पूरे मजे लूँगा!”

उसने कहा, “मैंने गोली नहीं ली है। बस एक राउंड, प्लीज!”मैंने कहा, “नहीं, मेरी हालत समझो। तुम मधु के साथ कर लो!”

हर्ष बोला, “सारी प्लानिंग तुम्हारे लिए की थी। मधु के साथ करना होता तो कब का कर लिया होता। तुम मुझे बाद में नहीं मिलोगी!”

मैंने कहा, “अगर मेरा पानी निकल गया तो दोबारा तुम नहीं करोगे, चाहे कुछ भी हो जाए। तुम झड़ो या न झड़ो, फिर…”वो थोड़ा गुस्से में बोला, “ठीक है!”

वो खड़े लंड के साथ एक तरफ बैठ गया और मुझे आराम करने का मौक़ा दिया.

करीब आधे घंटे बाद हर्ष ने मुझे उठाया और बोला, “उठो अंकिता, बाथरूम चलो!”

वह मुझे गोद में उठाकर बाथरूम में ले गया, शावर चालू कर दिया और मुझे साफ किया, साबुन लगाया, पूरे बदन में अच्छे से।

नहाने के बाद वह फिर गोद में उठाकर लाया और शुरू हो गया।मैंने कहा, “मेरे पूरे बाल गीले हैं, सुखाने दो!”मैंने बाल सुखाए।

मैंने कहा, “ठीक है, आओ अब। जल्दी करो!”

वो एक जंगली जानवर की तरह मुझ पर टूट पड़ा।

उसने मुझे सबसे पहले अपना लंड दे दिया चूसने के लिए।

मैं भी लंड को अच्छे से चूस रही थी।फिर हम दोनों पलंग पर आ गए।

हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए।

उसके मुँह में मेरी चूत की फांकें रस छोड़ रही थीं।

मेरे मुँह में उसका लंड अपनी कबड्डी खेल रहा था।

हम दोनों लंड-चूत चुसाई का पूरा मजा लेने लगे।

कोई पाँच मिनट तक हमने 69 का मजा लिया।

वो जानबूझकर मेरे मुँह को चूत की तरह मार रहा था, जिससे मुझे दर्द हो रहा था और साँस लेने में तकलीफ होने लगी।फिर उसने लंड को मेरी चूत में सेट किया और पूरी ताकत से अंदर डाला।

मेरे मुँह से “उईईई… आआह्ह!” निकल गया।

वो मेरे बूब्स को दबाता हुआ लंड के धक्के मार रहा था।मैंने अपनी दोनों टाँगों को उसकी कमर में लपेट लिया था और उसकी पीठ को पकड़ लिया था।

कुछ देर इसी तरह चुदने के बाद उसने मुझे घुमा दिया, मेरी गर्दन को दबाते हुए और गांड पर थप्पड़ मारते हुए बोला, “ऊपर कर इसे!”

मैंने अपनी गांड को थोड़ा ऊपर किया।वो मेरी गांड पर हाथ से पूरा वजन देते हुए चूत को चोदे जा रहा था और मेरी गांड में थप्पड़ भी मारता।

अचानक उसने अपना लंड चूत से बाहर निकालकर मेरी गांड के छेद पर रख दिया और हल्का सा धक्का दे दिया।

मैं दर्द की वजह से जल्दी से पीछे हट गई।मैंने कहा, “नहीं, यहाँ नहीं! यहाँ मुझे बहुत दर्द होगा। बस चूत में ही डालो!”

मधु भी बोली, “मत करो, प्रॉब्लम हो जाएगी। कल घर भी जाना है, समझो!”हर्ष बोला, “गलती से हुआ!”

मेरी आँखों में आँसू आ चुके थे।फिर हर्ष शांत होते हुए मुझे किस करते हुए गले लगाया और बोला, “मुझे माफ कर दो, अंकिता। मैं अब आराम से करूँगा!”

तभी सुरेश बोला, “गांड का मजा नहीं ले पाए आज। उसी का मन था!”मधु बोली, “स्वार्थी कहीं के … तुम अपना ही देखो, हमारा मत सोचो!”

सुरेश बोला, “तुम तो मरवा ही सकती हो!”मधु बोली, “सोचना भी मत कभी!”

फिर हर्ष ने मेरी पोजीशन बदल दी, मुझे करवट लेने को कहा।

मेरी एक टाँग अपनी कमर में रख ली और दूसरी के ऊपर बैठकर लंड मेरी चूत में डालना शुरू किया।मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।धीरे-धीरे मजा आ रहा था।

मैं आँखें बंद कर खुद ही अपने बूब्स दबा रही थी और आनंद ले रही थी।

फिर हर्ष ने मुझे कहा, “अब सीधी हो जाओ!”मैं सीधी हुई तो उसने मुझे पलंग के किनारे टाँगों से घसीटा।मेरे दोनों पैर नीचे लटकने लगे।

उसने एक पैर अपने कंधे पर रखा और फिर शुरू हो गया।

मैं अब मुँह से हल्की-हल्की आवाज में “ऊईऊऊ… अह अह अह… आआआ… उई उई उई… हु हु हु…” की सिसकारियाँ लेने लगी।मुझे बहुत मजा आ रहा था।

मैंने उससे कहा, “मैं अब झड़ने वाली हूँ!”उसने तुरंत अपनी स्पीड बढ़ा दी।

कुछ सेकंड में मैं झड़ चुकी थी।वो मुझे चोदे जा रहा था।

मैं थक चुकी थी और उसका साथ नहीं दे रही थी।वो समझ गया कि अब मैं साथ नहीं दूँगी।

फिर मुझे छोड़कर वो मधु के पास जाकर खड़ा हुआ।

मधु अपने कपड़े उतारने लगी।उसने उसे पलंग पर धक्का दिया और घाघरे को ऊपर उठाकर पैंटी को खींचकर खिसका दिया।फिर लंड से जोरदार धक्का दिया मधु की चूत में।

मधु “आआ आआऐ ययईईई ईई!” करते हुए बोली, “धीरे-धीरे करो!”पर हर्ष कहाँ मानने वाला था! उधर सुरेश का लंड फिर से खड़ा हो गया था।

वो इंतजार में ही था।

मैं तुरंत उठकर बाथरूम में गई।लेकिन वो मेरे पीछे-पीछे अंदर आ गया और मुझसे लिपट गया।

मैंने उसे धक्का देते हुए कहा, “दूर हटो! मुझसे अब नहीं होगा!”और धक्के मारकर उसे बाहर किया।

दरवाजा अंदर से बंद कर मैं नहाई और बाहर निकलकर अपने कपड़े पहन लिए।

बाहर का नजारा देखा तो मधु के मुँह में सुरेश लंड दे रहा था।हर्ष का पानी निकल चुका था।

वो भी बाथरूम में गया और बाहर आकर कपड़े पहनकर मेरे साथ बैठ गया।

सुरेश मधु के स्तनों को ड्रेस के ऊपर से स्पर्श करने लगा और दबाने लगा।थोड़ी देर बाद सुरेश ने मधु से ड्रेस निकालने को कहा।

मधु ने ड्रेस निकाल दी।पैंटी को भी उतार दिया।ब्रा उसने भी नहीं पहनी थी।

अब वो मधु की गीली चूत पर अपना लंड रगड़ने लगा और पूरी ताकत से लंड घुसा दिया।मधु सीधी लेटी थी।सुरेश उसके ऊपर था।मधु ने अपनी टाँगों से सुरेश की कमर को लपेट लिया था।

कुछ देर बाद सुरेश नीचे आ गया और मधु को ऊपर कर दिया।

मधु अब सुरेश के ऊपर थी।

देखने में यह दृश्य बहुत सेक्सी था।

मधु के मम्मे सुरेश के हाथ में झूल रहे थे।उसके लंबे बाल उसकी गांड को छूते हुए जाँघों को टच कर रहे थे।

मधु लंड की सवारी करते हुए जूड़ा बनाया।

उसके बड़े-बड़े मम्मे हवा में झूल रहे थे।उसकी चौड़ी गांड जाँघों से चिपकी पड़ी थी।मजा ही आ गया देखकर!

उन दोनों की धकापेल चुदाई चल रही थी।

यह देखकर हर्ष का हाथ अपने लंड पर था।

उसका लंड खड़ा हो चुका था।वो पूरा नंगा हो गया।

उसने मेरी तरफ देखा।

मैं कुछ कह पाती, इतनी देर में उसने मुझे मधु के पास पलंग पर धक्का दिया और मेरे घाघरे को ऊपर उठाकर मेरी चूत में सीधे लंड डाल दिया।

मैं एक बार चीखी, मगर लंड ले लिया।एक तो उसका लंड कड़क था और सीधा खड़ा था।

उसका लंड चूत की फांकों में कसता हुआ अंदर जा रहा था।धीरे-धीरे मेरी चूत ने उसका पूरा लंड निगल लिया।मैं “आह आह ओह” करने लगी।

अब मैं इतनी बार झड़ चुकी थी कि मुझे कुछ खास नहीं लग रहा था।

हम दोनों बहनें साथ में चुद रही थीं।

हर्ष ने मेरी चोली खोल दी, लेकिन मुझ पर से हटाई नहीं।वह मेरी चूचियों से खेल रहा था।वो उन्हें चूस रहा था, मसल रहा था।

उधर अब सुरेश का निकलने वाला था; वो जोर-जोर से धक्के लगा रहा था।मधु कुतिया बनी हुई थी।मधु ने मेरे सामने ही पानी निकाल दिया।

अब सुरेश की बारी थी।उसने मधु की पीठ पर सारा वीर्य निकाला और उसी के ऊपर लेट गया।

इधर हर्ष मेरी चूत में लंड दे रहा था।

उसने अपनी लंबी जीभ मेरे मुँह में डाल दी।इस तरह हम दोनों एक-दूसरे की जीभ चूसने लगे।

मैं चुदासी और मदमस्त हो गई।“उफ्फ्फ… ये मुझे क्या हो रहा है!”मैं गर्म होने लगी थी।

इसी तरह करीब 10 मिनट चुदाई के बाद हम दोनों का पानी निकल गया।

उसने अपना पानी मेरी जाँघों पर निकाल दिया।

फिर मैंने घाघरा निकालकर बाथरूम गई और अपने आप को साफ कर बाहर आई।

फिर मधु गई.मैं कपड़े पहनकर वहीं लेट गई।मुझे बहुत थकान हो गई थी।मधु भी मेरे पास आकर लेट गई।

फिर हमने दोनों को बाहर किया और दरवाजा बंद कर सोने लगे।करीब 5 बज रहे थे।

सुबह 8 बजे हम उठी, दोनों बाहर गई तो विदाई हो चुकी थी।

अब हमने घर के लिए निकलना था।

थोड़ी देर में तैयार होकर मैं घर के लिए निकल गई।सफर में भी मैं सोई रही।

घर आकर कुछ खा-पीकर फिर सो गई।दूसरे दिन नींद पूरी हुई।

तो दोस्तो, यह थी मेरी एक और शादी में चुदाई की कहानी

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

शादी में मिले दो नए लंड

कुल भाग: 3
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

Beta bana hubby-14
Group Sex Story

Beta bana hubby-14

Aap sab mom ko thanks. Aap sab bahut maze lekar story padh rahi ho. Bahut sari moms ab beto ke sath maze le rahi hai. Apna experience bhi share kar rahi ho. Kayi beto ne apni mom ko bahut khushi bhi di hai. Mom ki chudai ka maza lene waale sab jaw...

12 मिनट 1,140
बीवी की चूत और दोस्त का लण्ड -4
Group Sex Story

बीवी की चूत और दोस्त का लण्ड -4

अब तक आपने पढ़ा..मेरी दोनों हाथों की एक-एक उंगली दोनों औरतों की चूतों में थी.. ऊपर से सिमरन के मम्मों को चूस रहे संजय भी गीत को कभी-कभी अपने हाथ से सहला देता था।

12 मिनट 514
Do Behno Ke Sath Threesome
Group Sex Story

Do Behno Ke Sath Threesome

Hi friends mera naam Vikas hai aur main Jalandhar ka rehne wala hoon. Meri umar 22 saal hai aur main dikhne me ek handsome plus good looking wala ladka hoon.

14 मिनट 465

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

दीप पटेल

4 weeks ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

p

pawankumar1814

1 month ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

बिभूति आनन्द

1 month ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।