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बाप बेटी की चुदाई पठन समय: 17 मिनट पढ़ा गया: 1,051 बार

बेटी बनी बाप की रखैल- 3

गुरु 1090

26 Aug 2025 को प्रकाशित

बेटी बनी बाप की रखैल- 3
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हॉट यंग टीन पोर्न कहानी में पढ़ें कि कैसे बाप बेटी की आपस की शर्म खुली और उनकी गुड मोर्निंग किस वासना भरे चुम्बन में बदल गयी. और उसके बाद जो हुआ …

कहानी के पिछले भागकमसिन बेटी का नंगा जिस्ममें आपने पढ़ा कि राजेश अपनी जवान बेटी को देखने उसके कमरे की ओर आया. दरवाजा थोड़ा सा खोला तो देखा कि बेटी के कपड़े अस्त व्यस्त थे. बेटी का नंगा जिस्म देख उसे अपनी मृत पत्नी के जिस्म की याद आ गयी. वो बेटी में अपनी बीवी को देखने लगा.

वो बेटी के जिस्म के साथ खेलने लगा.

जिस्म को ठंडा करने के बाद स्वीटी को ख्याल आया कि ‘पापा मेरी गांड चाटते समय मम्मी का नाम ले रहे थे।’‘पापा मम्मी से बहुत प्यार करते हैं।’‘मम्मी के मरने के बाद पापा अकेले हो गए हैं।’‘मैं मम्मी जैसी लगती हूँ इसीलिए पापा मेरे करीब आते हैं।’

अब स्वीटी को अपने बाप पर दया आने लगी थी।उसकी नज़र में जो 2 या 4% राजेश गलत था अब उसकी कोई गुंजाइश नहीं थी।इन्ही सब ख्यालों में स्वीटी को नींद आ गयी।

उधर राजेश भी अपने लन्ड को ठंडा कर ओर अपनी आज की बेवकूफी के लिए खुद को कोस कर सो गया।

अब आगे हॉट यंग टीन पोर्न कहानी:

सुबह पहले राजेश उठा, तब तक स्वीटी सो रही थी।

राजेश ने एक सिगरेट जलाई और 2 कप कॉफ़ी तैयार की।कॉफ़ी बना कर उसने स्वीटी को आवाज़ लगाई और बालकॉनी में जाकर कॉफ़ी के साथ सिगरेट का आनंद लेने लगा।

राजेश कॉफ़ी खत्म कर वापस लौटा तो स्वीटी अब तक भी नहीं उठी थी।राजेश ने स्वीटी के कमरे का दरवाजा बजाया और स्वीटी को उठने को बोल कर नहाने चला गया।

स्वीटी उठी तो रात की खुमारी अब भी थी।राजेश के बारे में सोच कर मुस्कुराई और फिर खराब हो चुकी स्कर्ट को देखा. सबसे पहले उसने कपड़े बदले।

‘आज पापा के लिए कुछ सेक्सी पहनूँगी!’ सोच कर कपड़े चुने और पहन कर बाहर आई कॉफ़ी पी और नाश्ता बनाने लगी।

कुछ ही देर में राजेश नहाकर सिर्फ तौलिये में अपने रूम से निकला।गीले कच्छे बनियान उसके हाथ मे थे जिन्हें बालकनी में सूखने डालने जा रहा था।

किचन में नाश्ता बना रही स्वीटी पर जैसे ही उसकी नज़र पड़ी, वो ठिठक से गया।स्वीटी ने नारंगी रंग की, ब्रा से थोड़ी बड़ी बैकलेस टॉप पहनी थी और नीचे शॉर्ट्स से भी छोटे शॉर्ट्स जो कि पैंटी से थोड़े ही बड़े थे।

80 प्रतिशत नंगी बेटी को देख कर रात का पूरा वाकिया राजेश के जेहन में दौड़ गया।राजेश चुपचाप बालकनी में गया और कपड़े फैला कर वापस लौटा तो स्वीटी की नज़र राजेश पर पड़ी।

“हाई डैड, गुड मॉर्निंग!” चहकते हुए स्वीटी बाप की तरफ बढ़ गयी।अपनी तरफ बढ़ती स्वीटी राजेश को स्लो मोशन में दिख रही थी।

जब स्वीटी बिल्कुल करीब आ गयी तब राजेश को होश आया।“गुड़…गुड़ मॉर्निंग बेटा!” कहकर राजेश ने स्वीटी की तरफ हाथ फैलाये और सुबह की किस के लिए थोड़ा झुक गया।

स्वीटी ने भी रोज़ की तरह अपने प्यारे पापा के गले मे बांहें डाली और पंजों पर उठ कर होंठों से होंठ मिला दिए।रोज़ाना का यही नियम था … लेकिन आज कुछ अलग था।आज स्वीटी रोज़ की तरह आधे सेकंड में अलग नहीं हुई।न ही राजेश ने खुद को पीछे खींचा।

रात की यादों से निकलने की कोशिश करते राजेश के हाथ जब स्वीटी की नंगी कमर पर पड़े तो वो जैसे सब कुछ भूल ही गया।वो मूर्ति की तरह जम गया था।

उधर स्वीटी अपने प्यारे पापा को आराम पहुंचाने के लिए राजेश के करीब जा रही थी।उसने राजेश के बालों में उंगलिया कसीं और अपने होंठ खोल दिये।

स्वीटी के होंठ खुलते ही राजेश के होंठ भी अपने आप खुल गए।यह गुड़ मॉर्निंग किस अपनी हदें पार कर चुकी थी।

अनजाने में ही राजेश का लंड उठने लगा था।बेटी बाप के होंठ चूस रही थी।

जल्दी ही राजेश का लंड पूरे शवाब पर खड़ा था और स्वीटी के पेट पर ठोकरें मार रहा था।

पापा का लौड़ा पेट पर महसूस करते ही बिटिया ने अपनी जीभ पापा के मुँह में सरकाई और आगे बढ़ कर अपने चूचे बाप की छाती से सटा दिए।

स्वीटी के जीभ सरेंडर करते ही राजेश ने उसे अपने कब्जे में लिया और पूरी तन्मयता से चूसने लगा।राजेश की जीभ भी अब अपनी बेटी के पूरे दांत गिन रही थी।

जोश इतना बढ़ चुका था कि राजेश ने स्वीटी की नंगी कमर पर हाथ फिराते हुए उसके जिस्म को कस के अपने से चिपका लिया।

पेड़ू पर पापा के फौलादी लंड का दबाव महसूस करते हुए स्वीटी उचकने लगी।वो लंड का दबाव अपनी चूत पर महसूस करना चाहती थी।

बाप के गले से लटक के खुद को ऊपर खींचने की कोशिश करती स्वीटी राजेश के पैरों पर चढ़ गई और जितना हो सका लंड के करीब चूत लगाकर कमर हिलाने लगी।

राजेश ने हाथ बढ़ा कर अपनी बेटी के चूतड़ों पर रखे और स्वीटी को गोद में उठा लिया।अब स्वीटी राजेश के लेवल पर थी।

पूरे जोश में पापा के होंठ चूसती हुई स्वीटी ने पैर पापा की कमर पर लपेट लिए और लंड पे चूत टिका कर कमर चलाने लगी।

राजेश ने भी स्वीटी के दोनों चूतड़ हथेलियों में भरे और उन्हें भींचते हुए अपनी बेटी के होंठ चूसते रहे।

बेटी की लय में लय मिला कर राजेश ने भी कमर हिलाना चालू कर दिया था।

बाप बेटी आनंद की लहरों में ऐसा खोये कि उन्हें पता ही नहीं चला कि कब राजेश की तौलिया खुल कर गिर गयी।स्वीटी निपट नंगे राजेश से किसी बेल की भांति लिपटी थी।बाप के नंगे चूतड़ों पर बेटी के ऐड़ियां फंदा बना कर खुद को लन्ड पर संभाले हुए थी।

दोनों की नंगी कमर का कोई हिस्सा नहीं बचा था जो एक दूसरे ने न सहलाया हो।आंखें बंद कर के एक दूसरे के होंठो में ऐसे खोये थे दोनों जैसे चाहते हो समय यहीं रुक जाए।

“टिंग टिंग”माइक्रोवेव की घंटी से बाप बेटी की काम तपस्या भंग हुई।

उन्हें अपनी अपनी अवस्था का अहसास हुआ।राजेश ने झट से स्वीटी को नीचे उतारा।

ज़मीन पर पैर पड़ते ही स्वीटी 4 कदम पीछे हट गई।

दोनों ही समझ नहीं पा रहे थे आखिर उनके साथ ये हुआ क्या?स्वीटी ज़मीन में नज़रें गड़ाए खड़ी थी, बाप की तरफ देखने की हिम्मत नहीं थी।

राजेश भी अपनी बेटी से नज़र मिलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।‘फ़क बहनचोद … ये क्या हो गया! अभी तो सब ठीक था, अचानक ये क्या हुआ? अब क्या बोलूं … क्या कहूँ? क्या करूँ?’

स्वीटी की नज़र पापा की तौलिया पर पड़ी जो नीचे ज़मीन पर पड़ी थी।उसने कुछ ऊपर नज़र उठायी तो पाया कि राजेश बिल्कुल नंगा खड़ा है। उसका 8 इंच का लन्ड एकदम कड़क स्वीटी की तरफ सलामी दी रहा था।

राजेश ने स्वीटी की नज़रों का पीछा किया तो उछल पड़ा, झटपट तौलिया उठाया और अपने कमरे की तरफ भाग गया।15-20 मिनट कोई हिम्मत नहीं जुटा पाया एक दूसरे के सामने जाने की।

फिर स्वीटी ने नाश्ता 2 प्लेट में किया और पापा के कमरे की तरफ चल दी।कमरे का दरवाजा खटखटाने के बाद वह अंदर गयी तो देखा राजेश की आंखों में आंसू थे।

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नाश्ता मेज पर रख स्वीटी राजेश के बगल में बैठी और पूछा- क्या हुआ पापा, आप रो क्यों रहे हैं?“मुझे माफ़ कर दो बेटा, आई एम सॉरी!” कहते हुए राजेश फूट फूट कर रोने लगे।

अपने बाप को इस तरह रोता देख स्वीटी का दिल टूट गया।उसने राजेश को गले लगाते हुए कहा- रोइये मत पापा, आपकी अकेले की गलती नहीं है। मेरी भी उतनी ही गलती है।

अपना सांस संभालते हुए राजेश बोला- तुम तो छोटी हो, मुझे तो कंट्रोल करना चाहिए था। सब मेरी गलती है।“नहीं पापा, मैं छोटी नहीं हूँ। 19 साल ही हो चुकी हूँ और सब समझती हूँ।” बाप को समझाते हुए स्वीटी बोली- मैं जानती हूँ कि ममा के जाने के बाद आप कितने अकेले हो गए हो, आप माँ को बहुत याद करते हो न! मैं जानती हूँ कि मैं आपको माँ की याद दिलाती हूँ। इसीलिए ये सब हुआ। इसमें किसी की कोई गलती नहीं है। गलती हमारे खराब वक़्त की है बस!

स्वीटी के मुँह से ऐसी बातें सुन के राजेश को थोड़ा सब्र हुआ।

उसके आंसू पोंछते हुए स्वीटी उठी और बेड पर चढ़कर राजेश की गोद में बैठ गयी।दोनों पैर राजेश के दोनों तरफ निकाल कर राजेश की तरफ मुँह कर के उसने राजेश को अपने सीने से लगा लिया और बोली- आप रोया मत करो पापा, मैं आपको रोते हुए नहीं देख सकती। माँ के जाने के बाद आपने मेरा ख्याल रखा। अब मैं आपका ख्याल रखूंगी। आपने मेरे लिए माँ की कमी पूरी की। अब मैं आपकी …”इतना कह कर स्वीटी के शब्द थम गए।

राजेश भी पीछे हट कर स्वीटी के मुँह की तरह देखने लगा।

“ये क्या कह रही हो बेटा, ये सही नहीं है।”“सही तो इस तरह घुट घुट के जीना भी नहीं है पापा!”“अरे … किसी को पता चला तो ज़माना क्या कहेगा?”

“आप अपने और माँ के बीच की बातें किसी को बताते थे?”“नहीं बेटा, क्यों?”“जब आप नहीं बताओगे, मैं नहीं बताऊंगी तो ज़माने को क्या पता चलेगा पापा?”

राजेश ने स्वीटी का चेहरा अपने हाथों में थाम लिया और कहा- सच में इतना प्यार करती है तू अपने पापा से?“जितना माँ आपसे करती थी उतना ही और वैसा ही!”

यह सुन कर राजेश के चेहरे पर मुस्कान आ गयी और उसने आगे बढ़ कर अपनी बेटी का माथा चूम लिया- लेकिन मैं तुझे डॉली से ज्यादा प्यार करूँगा बेटा। अपनी माँ से ज्यादा खूबसूरत और सेक्सी है तू बेटा!यह सुन कर स्वीटी मुस्कुरा दी और आंखें बंद कर ली।

राजेश ने अगले 5 मिनट तक अपनी बेच का पूरा मुँह चूम डाला, कोई जगह बाकी नहीं थी जहाँ राजेश के होंठों ने नहीं छुआ।

स्वीटी आँखें बंद किये इंतेज़ार कर रही थी बाप के होंठ चूसने का!लेकिन जल्दी ही स्वीटी समझ गयी कि राजेश को तड़प बढ़ाने में ज्यादा आनंद आता है।

स्वीटी ने राजेश के बालों में हाथ फिराया और अपने होंठों को पापा के हवाले कर दिया।अपनी बेटी स्वीटी के होंठों का रस चूसते हुए राजेश ने बीच बीच में उसके चूचे दबाने चालू कर दिए।

बेटी को कुछ जल्दी थी या बाप की इच्छा का सम्मान करते हुए स्वीटी ने हाथ बढ़ा कर अपनी टॉप निकाल दी और अपने 34 के सुडौल चूचे आज़ाद कर दिये।

राजेश ने भी झटपट अपनी टीशर्ट उतार फेंकी और खुश होता हुआ बोला- बेटा तेरी माँ के चूचे भी बिल्कुल ऐसे ही थे।उसने बेटी के कड़क स्तनों को दबाया, सूंघा, चाटा, फिर बोला- और खुशबू भी तेरी जैसी ही थी।

“हा हा हा … हाँ पापा मालूम है। मैं बिल्कुल माँ जैसी हूँ इसीलिए नीचे से मुझे कुछ चुभ भी रहा है।” इतना कहकर स्वीटी ने हँसते हुए राजेश का सिर अपने चूचों में छुपा लिया।राजेश ने स्वीटी को अपनी गोद में उठाया और बेड पर पटक दिया, उसके सामने घुटनों पर खड़ा हो गया।

“रुक तुझे दिखाता हूँ क्या चुभ रहा है। तेरी माँ को भी बहुत चुभता था ये!” इतना कहते हुए राजेश ने जीन्स और कच्छा एक साथ ही खोल कर निकाल फेंके।

पैंट उतरते ही राजेश के नंगे जिस्म के साथ लोहे जैसा फौलादी लंड सलामी देने लगा।

स्वीटी ने इतने करीब से पापा का लौड़ा पहली बार देखा था।अब कोई डर या शर्म जैसी बात भी नहीं थी इसलिए स्वीटी उठ कर बैठ गयी और लन्ड को नजदीक से निहारने लगी।

“ऐसे क्या देख रही है स्वीटी, हाथ में पकड़। अब तेरा गुलाम है ये!” कहकर राजेश ने स्वीटी का हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया।

पापा के लंड की तनी हुई नसों पर हाथ फिरा कर स्वीटी बहुत खुश थी।उसने दूसरा हाथ भी इस्तेमाल किया और राजेश की गोटियान पकड़ ली।

राजेश एक लंबी आह भरता हुआ बोला- बिल्कुल अपनी माँ की तरह लंड से पहले गोटियां कब्ज़े में करती है … ओऊऊऊ!

अभी राजेश अपनी बात खत्म भी नहीं कर पाया था कि स्वीटी ने पापा के सुपारे पर जीभ फिरा दी।

राजेश की जान गोटियों में आ गयी जो उसकी बेटी के नाज़ुक हाथों में थी।स्वीटी ने गोटियों को सहलाते हुए लंड चूसने की कोशिश की।

हालांकि उसने विकास का लंड कई बार चूसा था लेकिन राजेश का लन्ड ज्यादा बड़ा होने की वजह से वो पूरा मुँह में नहीं ले पा रही थी।

उसने लंड छोड़ गोटियों को मुँह में लिया और चूसने लगी, लंड को हाथों से लगातार सहलाती जा रही थी।

स्वीटी कभी गोटियों को चूसती तो कभी लंड का टोपा गालों में दबा लेती।राजेश के लौड़े की सर्विस लगातार हो रही।

वैसे भी राजेश अपनी बेटी का इस कदर दीवाना था कि स्वीटी के गुलाबी होंठों पर लंड छुआने के ख्याल भर से झड़ जाए।

यहाँ भी राजेश टीन पोर्न को ज़्यादा देर संभाल नहीं पाया।बेटी के होंठों ने बाप के जिस्म में इस कदर गर्मी बढ़ाई की राजेश अपना आपा खो कर स्वीटी के मुँह में धक्के मारने लगा।

उसने दोनों हाथों से स्वीटी के बाल पकड़ लिए और पूरी ताकत से उसके गले तक लंड पेलने लगा।8-10 तगड़े झटके देने के बाद उसने पूरी ताकत से लंड गले में उतार दिया।

राजेश के लंड से निकली गर्म मलाई सीधा स्वीटी के पेट में जा रही थी।स्वीटी की आँखें चढ़ चुकी थी, सांस रुक गयी थी.

लेकिन राजेश को कोई होश नहीं था; वो आँखें बंद कर के रुक रुक के तब तक धक्के देता रहा जब तक आखिरी बूंद तक माल स्वीटी के पेट में नहीं पहुँच गया।

झड़ने के बाद जैसे ही राजेश ने अपनी पकड़ ढीली की, स्वीटी ने पूरी ताकत से उसे पीछे धकेला और खांसते हुए बेड पर गिर गयी।

राजेश ने देखा कि उसकी आँखों से आंसू बह रहे थे, वो लंबे लंबे सांस लेने की कोशिश कर रही थी साथ ही खांस भी रही थी।अब राजेश को अहसास हुआ कि अपने मज़े चक्कर में उसने स्वीटी को बहुत दर्द दिया है।

वो स्वीटी के सामने बैठ कर उसे समझने लगा और माफी मांगने लगा।राजेश ने उसके आंसू पोंछे और पीठ सहलाई।करीब 5 मिनट में जाकर स्वीटी की हालत नार्मल हुई।

अब स्वीटी राजेश पर गुस्सा करने लगी।राजेश स्वीटी को मनाने के चक्कर में हाथ बढ़ाता और स्वीटी उसका हाथ झटक देती।

स्वीटी उसे छूने ही नहीं दे रही थी, खूब गुस्सा कर रही थी- अपने मज़े के चक्कर में किसी की जान निकल दोगे क्या पापा आप? अरे आपकी सगी बेटी हूँ, कोई बाज़ारू रंडी नहीं। इतनी बुरी तरह कोई करता है क्या? मम्मी के साथ भी ऐसे ही करते थे क्या आप?

राजेश ने समझाया- बेटा तेरी माँ का मुंह बड़ा था और वो पूरा लंड अंदर ले पाती थी। इसलिए कभी दिक्कत नहीं हुई। तू तो जानती है कि तुझे सामने देख के मुझे तेरी माँ याद आ जाती है। बस उसी के ख्यालों में खो गया और भूल गया कि तुझे परेशानी हो रही है। मुझे माफ़ कर दे बेटी!स्वीटी कुछ नहीं बोली बस मुँह बनाये बैठी रही।

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बेटी बनी बाप की रखैल

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Hey guys, mere naye readers se meri request hai ke mere naam per click kare or meri pehle “The Trap” story padhe. Jisme meri randi banne ki daastan hai ye kahani uska agla bhag hai.

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To dosto meri is series ko itna pyar dene ki liye aap sab ka bahut sukariya. Bina time waste kie chaliye kahani ke taraf chalte hai.

10 मिनट 862

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