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गे सेक्स स्टोरी पठन समय: 10 मिनट पढ़ा गया: 849 बार

जिस्मानी रिश्तों की चाह -4

जूजाजी

12 Jun 2020 को प्रकाशित

जिस्मानी रिश्तों की चाह -4
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उसने कहा- कोई बात नहीं..

और ये कहते हो कामरान डॉगी पोजीशन में आ गया और मेरे लण्ड को दोबारा चूसने लगा। सही तरह से गीला होने के बाद मैंने लण्ड उसके मुँह से निकाला और उसके पीछे जाकर घुटनों पर बैठ गया।

उसने हाथ पीछे लाकर मेरे लण्ड को थमा और अपने सुराख पर सही जगह रखते हुए मुझसे कहा- अब ज़ोर लगा कर अपना लण्ड मेरे अन्दर करो..

मेरे पहले झटके से ही तकरीबन 4 इंच लण्ड उसकी गाण्ड में दाखिल हो चुका था। उसकी गाण्ड का सुराख काफ़ी लूज था.. शायद काफ़ी बार गाण्ड मरवा चुका था इसलिए ऐसा था।

मेरे अगले झटके ने मेरे पूरे लण्ड को जड़ तक उसकी गाण्ड में उतार प्रिया। यह आज के दिन में तीसरी बार था कि मैंने अपने आपको किसी और ही दुनिया में महसूस किया था।पहली बार किसिंग करते हुए.. सेकेण्ड टाइम लण्ड चुसवाते हुए और तीसरी बार ये था।

आज का दिन मेरे लिए बहुत हसीन दिन था। मैंने बहुत पॉर्न मूवीज देखी थीं इसलिए मुझे मज़ीद हिदायतों की जरूरत तो थी नहीं।मैं तकरीबन 5-6 मिनट तक झटके मारता रहा। फिर मुझे डोर का लॉक ओपन होने की आवाज़ आई तो मैं डर गया.. लेकिन अगले ही लम्हे दरवाजा खुला और मैंने मोईन को बिल्कुल नंगा लण्ड हाथ में पकड़े हुए वहाँ खड़ा देखा।

मैं शरम से भर गया और मैंने अपनी नज़रें मोईन से हटा लीं।

मोईन बोला- शर्मा मत गांडू.. मैंने पूरा सीन रूम की खिड़की में खड़े होकर देखा है.. वो मैंने पहले ही ओपन कर रखी थी।मोईन का लण्ड वाकयी बहुत इंप्रेसिव था करीब 7.5 इंच लम्बा था।वो बोला- घबरा मत.. मैं तेरे पर नहीं चढूँगा।

कुछ ही देर बाद हम दोनों ही डिसचार्ज हो गए। कामरान ने मोईन की सारी मलाई मुँह में लेकर ज़मीन पर थूक दी और मेरी मलाई क़तरा-क़तरा कामरान की गाण्ड के सुराख से बाहर बहने लगी।

हम तीनों ही कुछ देर तक वहीं ज़मीन पर लेटे रहे।

फिर मोईन ने मुझसे पूछा- हाँ सगीर.. मज़ा आया?मैंने मुस्कुरा कर उसे देखा और कहा- हाँ यार.. बहुत बहुत मज़ा आया..फिर मोईन ने कहा- अब जल्दी-जल्दी उठो और कपड़े पहनो.. 6 बज गए हैं और मेरी फैमिली वापस आने ही वाली होगी। हम सबने अपने कपड़े पहने और जाने को तैयार हो गए।

मैं कामरान को गुडबाइ किस करना चाहता था.. लेकिन मुझे फ़ौरन ही याद आया कि अभी-अभी मेरे सामने कामरान ने मोईन की मलाई अपने मुँह में निकलवाई है और ज़मीन पर थूकी है.. तो मैंने अपने ख़याल को खुद ही रद्द कर प्रिया।

जब मैं अपने घर वापस आने लगा.. तो मोईन ने मुझे एक नई सीडी थमा दी और बताया- ये भी गे मूवी है.. और सब क्यूट क्यूट से लड़के हैं.. कुछ ऐसे लड़कों की स्टोरीज हैं.. जो फर्स्ट टाइम सेक्स कर रहे हैं।

फिर उसने मुझे आँख मारते हुए कहा- उस लड़के को भी दिखाना.. जिसको तुम चोदना चाहते हो।मोईन नहीं जानता था कि वो मेरा सगा भाई है.. मेरा छोटा भाई..

मैं घर वापस आया और मैंने फरहान को बताया- मैं आज एक नई सीडी लाया हूँ।

वो बहुत एग्ज़ाइटेड हुआ.. मैंने उसके ट्राउज़र के ऊपर से ही उसके लण्ड को सहलाया और उसे आँख मार कर मुस्कुरा प्रिया। अब हम दोनों रात होने का इन्तजार कर रहे थे।

रात को खाना खाने के बाद जब सब अपने-अपने कमरों में सोने चले गए.. तो हम भी अपने कमरे में वापस आए।मैंने दरवाज़ा लॉक किया और अपने कपड़े उतारना शुरू कर दिए। कुछ लम्हों में ही हम दोनों बिल्कुल नंगे हो चुके थे। कुर्सी पर बैठते हुए मैंने फरहान के लण्ड को पकड़ कर दबाया और फिर हम मूवी देखने लगे।

स्टार्टिंग में ही दो लड़के एक-दूसरे के होंठ से होंठ मिला कर किसिंग कर रहे थे। फरहान ने मेरी तरफ और मैंने फरहान की तरफ देखा।

मैंने फरहान से पूछा- तुमने कभी किसी को किस किया है??उसने जवाब प्रिया- नहीं..मैंने पूछा- सीखना चाहते हो?फ़ौरन ही फरहान ने जवाब प्रिया- हाँ.. भाई..

वो कुर्सी पर बैठा था.. मैं उठा और फरहान के पास जाकर उसके लण्ड को पकड़ा और उसकी गोद में बैठते हुए मैंने फरहान के लण्ड को अपनी गाण्ड के नीचे अपनी दरार में सैट कर लिया। मैंने अपने होंठों को फरहान के होंठों पर रखा और उसके होंठों और ज़ुबान को चूसना शुरू कर प्रिया।उसने भी फ़ौरन रिस्पोन्स प्रिया और जल्द ही हम लोग लिप्स लॉक हो चुके थे।हम किसिंग करते हुए ही कुर्सी से उठे और बिस्तर की तरफ चल दिए किसिंग करते-करते ही फरहान बिस्तर पर पीठ के बल लेटा और मैं उसके ऊपर लेट गया।हम कुछ मिनट तक ऐसे ही एक-दूसरे के होंठों को चूसते और काटते रहे।

मैं चाहता था कि फरहान मेरा लण्ड चूसे लेकिन मुझे पता था कि फरहान से चुसवाने के लिए पहले मुझे ही फरहान का लण्ड चूसना पड़ेगा। तो मैंने नीचे की तरफ जाते हुए फरहान के सीने को चूमना शुरू किया और कभी उसके निप्पल को चाटने ओर काटने लगता।फरहान के मुँह से सिसकियाँ खारिज होने लगी थीं। मैंने नीचे फरहान के लण्ड की तरफ जाना शुरू किया। मैंने फरहान के चेहरे की तरफ देखा.. तो वो शॉक की कैफियत में था। फरहान की आँखों में देखते हुए ही मैंने अपने मुँह को खोला और फरहान के लण्ड को अपने मुँह में भर लिया।

वो तकरीबन उछल ही पड़ा बिस्तर से.. और बेसाख्ता ही उसके मुँह से एक तेज सिसकारी निकली।मैंने फरहान को आँखों से इशारा किया कि आवाज़ हल्की रखो और.. फिर से आहिस्ता-आहिस्ता फरहान के लण्ड को पूरा अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और अपनी स्पीड बढ़ाने लगा।

फरहान का पूरा जिस्म झटके खा रहा था और वो डिसचार्ज होने के बहुत क़रीब पहुँच चुका था तो मैंने उसका लण्ड अपने मुँह से निकाल प्रिया और हाथ से सहलाने लगा।मैंने उससे टाँगें फैलाने को कहा और अपने लेफ्ट हैण्ड की इंडेक्स फिंगर को अपने मुँह से गीला करते हुए फरहान के प्यारी सी गाण्ड के होल में डालने लगा।जैसे ही मेरी उंगली थोड़ी सी अन्दर गई.. फरहान की एक कराह निकली और दर्द का अहसास उसके चेहरे से ज़ाहिर होने लगा।

लेकिन मैंने अपनी उंगली को अन्दर-बाहर करना जारी रखा और जल्द ही उसका होल लूज हो गया।कुछ देर बाद मैं उठा और दोबारा फरहान के ऊपर आकर उसके होंठों को चूमने लगा।

मेरे कुछ कहे बगैर ही फरहान उठा और मेरी टाँगों के दरमियान आकर मेरे लण्ड के नीचे वाली बॉल्स को थामा और फ़ौरन ही उन्हें चाटने लगा।

मैं फरहान की इस हरकत पर बहुत हैरान सा था। वो मेरी बॉल्स को चाटते-चाटते मेरे लण्ड तक आया और उसे अपने मुँह में ले लिया। मूवीज ने मेरे साथ-साथ फरहान को भी बहुत कुछ सिखा प्रिया था।

मेरे लण्ड को थोड़ी देर चूसने के बाद फरहान ज़रा नीचे को हुआ और मेरी गाण्ड के छेद को चाटने लगा।मैं फरहान की इस हरकत पर बिस्तर से एकदम उछल पड़ा।

कुछ देर चाटने के बाद वो फिर से मेरे लण्ड की तरफ आया और मेरे लण्ड को मुँह में लेते वक़्त ही उसने अपनी एक उंगली भी मेरी गाण्ड में डाल दी।मुझे मामूली सा दर्द भी हुआ.. लेकिन मज़ा दर्द पर ग़ालिब था। अब फरहान मेरे लण्ड को भी चूस रहा था और मेरी गाण्ड में अपनी उंगली को भी अन्दर-बाहर कर रहा था।

जैसे ही मैं मंज़िल के क़रीब हुआ.. तो मैंने फरहान को कहा- मेरा पानी निकलने वाला है..लेकिन फरहान ने हाथ के इशारे से कहा- परवाह नहीं..

और मैं उसके मुँह में ही डिसचार्ज हो गया। मेरे लण्ड का जूस उसके मुँह से बह रहा था। उसने सारा पानी मेरे पेट पर थूका और फिर से मेरे लण्ड को चूसने और चाटने लगा।

वो ऊपर आया और उसने अपने होंठ मेरे होंठों से चिपका प्रिया.. मुझे बहुत अजीब सा लगा क्योंकि मेरे लण्ड का पानी अभी भी उसके चेहरे और होंठों पर लगा हुआ था। मैं फरहान को हर्ट नहीं करना चाहता था.. इसलिए मैंने किसिंग जारी रखी। लेकिन ये अजीब और मज़े का अहसास था.. अपने लण्ड के पानी को खुद ही चखना..

कुछ देर किसिंग करने के बाद मैंने फरहान से पूछा- क्या तुम अगले काम के लिए रेडी हो?फरहान ने पूछा- वो क्या?मैंने कंप्यूटर स्क्रीन की तरफ इशारा करते हुए कहा- जैसा इस मूवी में एक लड़का दूसरे लड़के की गाण्ड में अपने लण्ड को अन्दर-बाहर कर रहा है।

उसने जवाब प्रिया- भाई इससे बहुत दर्द होगा। मेरा ख़याल नहीं है कि हमारे छोटे-छोटे सुराख हमारे लण्ड को बर्दाश्त कर सकेंगे।मैंने कहा- यार हम कोई चिकनाई इस्तेमाल कर लेंगे ना..वो थोड़ा कन्फ्यूज़ नज़र आ रहा था।

मैंने कहा- चलो यार.. कुछ नहीं होता.. ट्राइ करते हैं.. ये लण्ड की चुसाई से ज्यादा मज़ा देगा।वो बोला- भाई तुम्हें कैसे पता?

मैंने फरहान को वो सब बताया.. जो आज दिन में मैंने किया था और मैं अब फिर बहुत ज्यादा गरम हो गया था।

मैंने फरहान से पूछा- क्या तुम पहले करोगे?वो शरारती अंदाज़ में बोला- पहले आप कर लो.. आख़िर आप मेरे बड़े भाई हो।मैं इस बात पर मुस्कुरा प्रिया और मैंने फरहान से कहा- चलो बिस्तर पर आ जाओ और अपनी गाण्ड पीछे से उठा कर डॉगी पोजीशन बना लो।

यह कहानी एक पाकिस्तानी लड़के सगीर की है.. वाकयी बहुत ही रूमानियत से भरे हुए वाकियात हैं.. आपसे गुजारिश है कि अपने ख्यालात कहानी के अंत में जरूर लिखें।

ये वाकिया मुसलसल जारी है।support@mohakkisse.com

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जिस्मानी रिश्तों की चाह

कुल भाग: 72
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भाग 2
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भाग 3
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भाग 4
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भाग 5
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भाग 6
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भाग 7
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भाग 8
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भाग 9
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भाग 10
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भाग 11
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भाग 12
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भाग 13
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भाग 14
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भाग 15
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भाग 16
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भाग 17
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भाग 18
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भाग 19
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भाग 20
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भाग 21
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भाग 22
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भाग 23
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भाग 24
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भाग 25
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भाग 26
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भाग 27
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भाग 28
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भाग 29
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भाग 30
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भाग 31
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भाग 32
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भाग 33
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भाग 34
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भाग 35
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भाग 36
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भाग 37
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भाग 42
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भाग 43
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भाग 44
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भाग 45
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भाग 46
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भाग 47
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भाग 48
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भाग 49
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भाग 50
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भाग 51
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भाग 52
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भाग 54
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भाग 55
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भाग 56
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भाग 57
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भाग 60
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भाग 66
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भाग 67
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भाग 68
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भाग 70
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भाग 71
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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

तरुण कुमार

1 month ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

टी.एस. सोलंकी

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

रूद्र पुणे

2 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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