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Group Sex Story पठन समय: 8 मिनट पढ़ा गया: 668 बार

नयना और दीप्ति संग वासना का खेल -3

आशीष जोशी

09 Sep 2020 को प्रकाशित

नयना और दीप्ति संग वासना का खेल -3
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अब तक आपने पढ़ा..

मैं उसके नंगे बदन का मज़ा ले रहा था कि तभी मुझ पर दो तरफ से हमला हुआ..

अब आगे..

मैं दीप्ति के बिल्कुल पीछे था.. तो उसने एकदम से अपने सीधे हाथ में मेरी गोटियाँ पकड़ लीं और उन्हें ज़ोर-ज़ोर से मसलने लगी.. खींचने लगी।

तभी नयना मेरे पीछे आ गई और उसने मेरा सिर पूरी तरह से दीप्ति की बगलों पर दबाए रखा.. मैं दर्द को सहन नहीं कर पा रहा था..और कुछ बोल भी नहीं पा रहा था.. मेरी हमेशा से इच्छा थी कि कोई मेरे गोटियों के साथ खेले.. पर जिस तरह दीप्ति उन्हें मसल रही थी.. उस तरह नहीं..

लगातार 5 मिनट तक बेरहमी से मसलने के बाद उसने मेरी गोटियाँ छोड़ी और लंड को पकड़ लिया.. पर ये क्या.. नयना का एक हाथ पीछे से मेरी गाण्ड से घूमता हुआ आया और उसने पीछे से मेरी गोटियाँ खींच लीं।मेरा दर्द से बुरा हाल हो गया था.. एक तरफ से दीप्ति लंड को खींच रही थी.. तो दूसरी तरफ नयना गोटियों को.. ऐसा लग रहा था.. जैसे इन्हें लंड और गोटियों को अपने आप से अलग करना है।

दस मिनट तक ये ज़ुल्म ढाने के बाद उन्होंने मुझे आज़ाद किया.. मैं दर्द से तड़प रहा था और उसी की वजह से मेरा हाथ मेरे लंड को सहलाने के लिए बढ़ा.. तभी नयना ने मेरे मुँह पर एक थप्पड़ मार प्रिया..मैं उसका यह रूप देख कर हैरान था..

उसने कहा- मैंने पहले ही कहा है.. जब तक हम ना कहे.. तब तक अपने लंड को हाथ नहीं लगाना।अब वे दोनों ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगीं।

मुझे फिर से सामने बुलाया गया.. और फिर उन्होंने बताया कि हम दोनों 12वीं क्लास से एक-दूसरे की अच्छी दोस्त हैं पर बारहवीं कक्षा के बाद नयना मेडिकल में चली गई और दीप्ति मैनेजमेंट की तरफ चली गई थी।

अब नयना ने मुझे टीज़ करने की तैयारी शुरू की और वो धीरे-धीरे अपने टॉप को ऊपर करने लगी। जैसा कि मैंने कहा है शुरूआत में उसने अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी.. तो अगले कुछ मिनटों में उसके बड़े-बड़े कबूतर अपनी ब्राउन चोंच के साथ मेरी आँखों के सामने थे। मेरा जी कर रहा था कि अभी के अभी इन्हें हाथों में लेकर दबाया जाए और चूसा जाए.. एकदम कड़क और भरे हुए मम्मे मेरे सामने नंगे उछलते देखकर मेरी हालत खराब हो गई।

मेरा लंड पूरी तरह से बेकाबू होकर उछलने लगा था.. पर क्या करूँ मुझे अपने लौड़े पर हाथ लगाने की अनुमति नहीं थी।

अब नयना जानबूझ कर मुझे इशारे करने लगी.. अपने मम्मों को दबाने लगी.. दीप्ति मेरी तरफ देखकर नयना के मम्मों की चौंचें खींचने लगी।

ये सब देखकर मुझे रहा नहीं जा रहा था.. मेरी खराब हालत देख कर दीप्ति को मज़ा आ रहा था.. और लगी हुई आग में घी डालने के लिए उसने भी एक चाल खेली।दीप्ति एकदम से खड़ी हुई और उसने एक ही झटके में अपनी लेग्गी और पैन्टी एक साथ नीचे खींच कर निकाल दीं।

आआअहह.. क्या नज़ारा था..!

दीप्ति की चिकनी टाँगों को मैं ऑफिस में भी देख चुका था.. पर पूरी नंगी टाँगें कसी हुई जाँघें और उनके बीच पूरी तरह से क्लीन शेव्ड उसकी फूली हुई चूत देखकर मेरे होश उड़ गए।

वो अब उसका हाथ चूत पर फेर रही थी वो वैसे ही इठलाती हुई सोफे के हत्थे पर बैठ गई और मुझे कहा- आ जा.. अब मेरी चूत चाट दे…और यह कहते हुए उसने किसी रण्डी की तरह अपने पैर फैला दिए।

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वो संगमरमर जैसी सफेद चूत देखकर मेरा तोता हवा में उड़ने लगा था.. मेरे लंड की चमड़ी पूरी तरह पीछे खिंच चुकी थी..। मुझे दर्द हो रहा था.. पर चूत चाटने के खुमार में मैं वो दर्द भूल गया।मैं जल्दी से सोफे पर उल्टा लेट कर दीप्ति की चूत चाटने लगा।आआहह… क्या मज़ा आ रहा था..!

तभी दीप्ति ने मुझे बाजू में हटाया और कहा- रुक.. मुझे लेटने दे..वो अब सोफे के हत्थे पर सिर रख कर पीठ के बल लेट गई और जितना हो सकता था.. उतने पैर उसने फैला दिए।

तभी नयना ने मुझसे कहा- तू मेरी जाँघों पर लेट जा…मैंने ठीक वैसे ही किया और मैंने अपना सर दीप्ति के पैरों में अड्जस्ट कर लिया।अब मेरी नंगी गाण्ड नयना की जाँघों पर टिकी थी और वो उसे सहला रही थी, मेरी क्लीन शेव्ड गाण्ड पर इतने प्यार से सहलाने से मैं और मस्ती मे आने लगा और ज़ोर-ज़ोर से नमकीन चूत चाटने लगा।

दीप्ति चूत चटवाने का पूरा आनन्द उठा रही थी और मेरे सर के बाल पकड़ कर मुझे अपनी चूत पर और अन्दर ऐसे खींचे जा रही थी.. जैसे मेरा सर उसे अपनी चुदासी चूत के अन्दर डालना हो।

तभी नयना ने ज़ोर-ज़ोर से मेरे चूतड़ों पर थप्पड़ मारना शुरू किया… वो इतने ज़ोर से मारने लगी कि मुझे दर्द होने लगा और उसके थप्पड़ों का निशाना मेरी शेव्ड गाण्ड होने के कारण एक अलग सी जलन होने लगी.. पर दीप्ति की चूत का रस चाटने के आनन्द में मैं उसे नजरअंदाज करता गया।

दीप्ति एक बार झड़ चुकी थी.. पर फिर भी उसने मेरा मुँह अपनी चूत पर दबा कर रखा हुआ था.. और अब तो वो अपने कूल्हे ऊपर उठा कर अपनी गाण्ड का छेद भी चटवा रही थी।

जब उसे लगा कि मैं उसके लिए सर हिला कर मना कर रहा हूँ.. तो उसने पूरा ज़ोर लगा कर मेरा सिर दबा कर रखा। इधर नयना मेरी नंगी गाण्ड पर लगातार चांटे लगाए जा रही थी।उसका एकाध चांटा पीछे से मेरी गोटियों पर भी पड़ रहा था..

ये दोनों जो चाहे वो करवा के रहेंगी आज.. इस बात की फीलिंग आने के बाद मैंने किसी भी चीज़ को इनकार करना छोड़ प्रिया।अब मैं मजे से दीप्ति की गाण्ड का छेद और चूत को बारी-बारी चूसने लगा।

दूसरी बार झड़ने के बाद ही दीप्ति ने मुझे अलग किया.. मैं दीप्ति का थोड़ा स्वीट और थोड़ा सॉल्टी रस पूरा पी गया था.. और अब मुझे मेरे चूतड़ों के दर्द का एहसास होने लगा था.. तभी नयना ने मेरा सर अपने तरफ खींच कर अपने गोर और उठे हुए मस्त कबूतर मेरे मुँह में ठूंस दिए। दूसरी तरफ से दीप्ति ने मेरी गाण्ड पर चांटे मारना शुरू कर दिए।

इतनी देर तक दीप्ति की मुलायम चूत का रस पीने के बाद और फिर नयना के बड़े-बड़े मम्मों को चूसने से मेरी हालत खराब हो गई थी।

तभी दीप्ति ने एक जोरदार चपत मेरे चूतड़ों पर मार दी और मैं एकदम से दीप्ति की जाँघों पर ही झड़ गया।

मेरे ऐसे अचानक से झड़ने से दीप्ति बहुत नाराज़ और गुस्सा हो गई.. उसने उसी हालत मे मेरी गोटियाँ अपने हाथ में पीछे से पकड़ लीं और गुस्साते हुए कहा- इस तरह से मेरी जाँघों पर अपना वीर्य गिरा कर तुमने बड़ी ग़लती कर दी है.. इससे सुधारने के लिए तुम्हारे पास दो विकल्प हैं.. एक यह कि तुम खुद ये सब चाट कर मेरी जाँघों साफ़ कर दो.. या फिर अपनी गाण्ड का छेद मेरे हवाले कर दो।

मैं- ओह्ह.. आई एम सॉरी दीप्ति.. मुझे ऐसे अचानक से नहीं झड़ना चाहिए था.. पर मैं क्या करूँ.. मैं खुद को रोक नहीं पाया.. मुझे माफ़ कर दो..दीप्ति- ग़लती तो हुई है और उसकी सज़ा तो भुगतनी पड़ेगी.. नयना क्या फ्रिज में ककड़ी या खीरा है?

लड़कियों के सामने मेरी नंगे होने की आदत ने मेरे साथ क्या-क्या गुल खिलाए.. इस सबसे लबरेज इस रसीली कहानी आप सभी को कैसी लगी इसके लिए मुझे अपने ईमेल जरूर भेजिएगा।कहानी जारी है।support@mohakkisse.com

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नयना और दीप्ति संग वासना का खेल

कुल भाग: 5
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Namskar mera naam Sam hai, meri umar 22 saal hai aur main bharuch me rehta hu. Ye desi sexy story meri mausi ki hai jo bardoli me rehti hai, ki maise maine apni mausi ko choda, wo bhi goa beach par.

16 मिनट 1,158

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

रवि रॉय

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

डॉ योयो

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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