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चुदाई की कहानी पठन समय: 17 मिनट पढ़ा गया: 1,177 बार

बिन्दास उन्मुक्त जीवन की चाहत- 4

सनी वर्मा

15 Jun 2020 को प्रकाशित

बिन्दास उन्मुक्त जीवन की चाहत- 4
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न्यू लंड सेक्स कहानी में एक जवान मैरिड लड़की को अपने विदेशी सहयोगी लड़के का लंड पसंद आ गया. उसने उस विदेशी के गोरे लंड को अपने जिस्म में घुसवाने का ठान लिया.

कहानी के तीसरे भागपराये मर्द का लंड लेने की तमन्नामें आपने पढ़ा कि एक नव विवाहिता को जॉब के कारण असम के दूरदराज के क्षेत्र में कुछ दिन के लिए आना पड़ा.वहां उसके साथ एक सहयोगी विदेश से आया था. दोनों रेस्ट हाउस में ठहरे थे. बीच रात को लड़की बाथरूम के लिए उठी तो उसने गोरे आदमी को मुठ मारते देखा.

अब आगे न्यू लंड सेक्स कहानी:

दोपहर के खाने का उन्होंने खानसामे को मना कर दिया था।

पर डेविड बोला, “शाम को कॉफी के साथ कुछ स्नैक्स बना दीजिएगा!”खानसामे ने मुस्कुराते हुए हां कह दी।

डेविड के आवाज देने पर सीमा 4 बजे सोकर उठी।डेविड ने उसे बताया कि सिक्योरिटी वाले बता रहे थे कि कुछ किलोमीटर दूर ही एक मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए हैं। अभी कुछ और छिपे हैं।

खानसामे ने नाश्ता बना दिया था।सीमा ने डेविड से कहकर सबकुछ अपने रूम में ही मंगा लिया था।

सही बात ये है कि अब वो डर भी रही थी।हालांकि सिक्योरिटी ने उनसे यह कह दिया था कि वो रात को बिल्कुल नहीं सोएंगे, भले ही दिन में एक-एक करके आराम कर लें।

सीमा ने कॉफी पीते-पीते डेविड से कहा, “क्यों न एक-दो दिन तुम भी मेरे रूम में सो जाओ?”डेविड की जैसे मजाक की आदत थी, वो बोला, “तुम्हें रूम में देखकर मेरी गर्लफ्रेंड मुझे छोड़ देगी!”

सीमा ने हंसते हुए कहा, “जब नेट ही नहीं चल रहा होगा, तो तुम्हारी फ्रेंड कहां से देख लेगी मुझे? अब दो दिन के लिए मैं ही तुम्हारी गर्लफ्रेंड हूँ!”

बस यही गलत कह दिया उसने।

अब तो डेविड उठकर डांस करने लगा और हंसते हुए बोला, “तो फिर तो फोन सेक्स नहीं, रियल सेक्स होगा!”

सीमा सारी बात समझी तो उसने तकिया उठाकर डेविड पर मारा, “अभी करवाती हूँ सेक्स!”

दोनों हंसते हुए गले लग गए।डेविड बहुत शरारती था।

आज दिन में सीमा और डेविड दोनों ही सो लिए थे और अभी पेट भर नाश्ता हो गया था।तो खानसामे को डिनर में बिरयानी और अंडे की भुर्जी बनाकर रूम में रखने को कह दिया।

खानसामे ने भी उनको टोका कि रात को बाहर न निकलें।

डिनर सीमा के रूम में लगाकर और उनके लिए ड्रिंक्स के साथ फ्रेंच फ्राइज और पनीर बनाकर खानसामा चला गया और डेविड ने जीना वगैरह सब लॉक कर लिया।

अभी शाम के सात बजे थे।दोनों को बोरियत हो रही थी।टाइम कैसे कटे।

डेविड ने सीमा को बोला, “अब टाइम तो आपस में ही काटना होगा! अगर नेट चल जाता, तो प्रोजेक्ट का कुछ काम ऑनलाइन कर लेते!”

सीमा चुप थी।सारा मजा खराब हो गया।

खैर, डेविड ने पूछा, “ड्रिंक्स लोगी?” सीमा बोली, “एक काम करो! यहीं महफिल जमा लेते हैं! डिनर भी यहीं लेंगे!”

डेविड अपने रूम से ड्रिंक्स का सामान ले आया।उसे बाहर देखकर गेट से सिक्योरिटी ने अंदर जाने को कहा।

आज मौसम ठंडा हो गया था।सीमा ने फ्रॉक पहनी हुई थी और शायद नीचे कुछ नहीं था तो वो सोफे पर चादर ओढ़कर बैठ गई।

डेविड स्लीवलेस टी-शर्ट और बरमूडा पहने था।उसने रूम में हीटर चला दिया और सिगरेट सुलगाई।

सीमा ने आज खुद उससे सिगरेट मांगी।डेविड ने उसे सिगरेट देकर लाइटर से जला दी।

सीमा ने पहले कश का धुआं उसी के चेहरे पर डाला।

सीमा बोली, “यार, अपने लैपटॉप पर कुछ म्यूजिक चला दो! कुछ मूड बने!”डेविड ने बदमाशी से मुस्कुराते हुए पूछा, “किस तरह का मूड बनाना है? वैसा ही म्यूजिक लगाऊं?”

सीमा ने लापरवाही से कह दिया, “जो तुम्हारा मन करे, वो लगा दो!”डेविड ने मुस्कुराते हुए डांस म्यूजिक लगा दिया।

पेग बन गए।

अब सीमा का मूड भी फ्रेश हो गया था।

डेविड ने उससे कहा, “चलो डांस करते हैं!”सीमा ने हां कह दी, पर उसे ध्यान आया कि उसने नीचे कुछ नहीं पहना, तो वो बोली, “रुको! मैं चेंज कर लूं!”डेविड बोला, “यहां कौन आ रहा है? और तुम दोपहर से यही पहने हो! यार, अब हम मेच्योर हैं! चलो, मैं लाइट धीमी कर देता हूँ!”

उसने उठकर बड़ी लाइट बंद कर दी।नाइट लैंप जला दिया और थोड़ा-सा वॉशरूम का डोर खोल दिया।

अब कमरे में डांस फ्लोर-जैसी रोशनी हो गई।डेविड ने हाथ बढ़ाया, तो सीमा ने उसका हाथ थामा और अदा से खड़ी हो गई।

अब ठंड के बावजूद भी उनको ठंड नहीं लग रही थी।कुछ तो हीटर से रूम गर्म हो गया था, कुछ पेग अंदर जाने से गर्मी थी।

दोनों थिरकने लगे।

धीरे-धीरे डेविड सीमा के, या यूं कहें, सीमा डेविड के नजदीक आती गई।

डेविड ने एक-दो बार उसके गालों पर हल्के से चूमा भी, तो सीमा बस मुस्कुरा दी।

डेविड ने सीमा की कमर पर हाथ लपेटा हुआ था, फिर अचानक उसने अपने दोनों हाथ सीमा की जांघों की बगल में कर दिए।सीमा ने उसके कंधे थामे हुए थे।

दोनों एक-दूसरे की आंखों में देख रहे थे।डेविड ने अपना चेहरा उसके चेहरे के और नजदीक किया, शायद वो उसे होंठों पर चूमना चाहता था।सीमा के होंठ थरथराए।

डेविड ने अपने होंठ आगे बढ़ाए, तो सीमा ने अपना एक हाथ उसके होंठों पर रखकर उसे रोक दिया।

डेविड मुस्कुरा दिया।सीमा बस उसके कंधे पर सिर रखकर और नजदीक होकर थिरकने लगी।

अब दोनों जिस्म बेकाबू हो रहे थे।डेविड सीमा की जांघों को हाथ से सहला रहा था।

जैसे-जैसे उसका हाथ फ्रॉक को इधर-उधर करता, सीमा सिहरती।पर उसने कोई विरोध नहीं किया।

डेविड ने अब हाथ वहां से हटाकर उसकी पीठ पर रखकर उसे अपने से और चिपटा लिया।

अब दोनों लिपटे खड़े थिरक रहे थे।

डेविड ने उसकी ठोड़ी ऊपर उठाई और अब उसके चेहरे की तरफ अपना चेहरा आहिस्ता से बढ़ाते हुए उसके होंठों पर चूम लिया।

सीमा ने भी उसका साथ देते हुए उसे गहराई से चूमा।

अब बात आगे न बढ़ जाए, तो सीमा ने मुस्कुराते हुए उससे कहा, “चलो डिनर करते हैं!”डेविड ने कुछ नहीं कहा।

हालांकि उसके बरमूडा में उठे उभार को सीमा अच्छे से महसूस कर रही थी।सीमा ने जैसे ही लाइट खोली, डेविड ‘एक्सक्यूज मी’ कहकर वॉशरूम में घुस गया।

डिनर का मन नहीं था दोनों का ही।

डेविड ने अपने दोनों के लिए पेग बना लिए और हल्का-फुल्का ऐसे ही खाने लगे।

10 बज गए थे।दिन में भरपूर सोने से अब उनकी आंखों में नींद नहीं थी।बाहर जा नहीं सकते थे।

सीमा चादर लपेटकर बेड पर बैठ गई।डेविड भी वहीं बैठकर अपने लैपटॉप में कुछ कर रहा था।

सीमा ने उससे कहा, “कोई मूवी दिखाओ!”डेविड ने मुस्कुराते हुए कहा, “यार, मेरे पास कोई साफ-सुथरी मूवी नहीं है!”सीमा मुस्कुराते हुए बोली, “तुम्हें जो दिखाना है, जो है, वही दिखाओ!”

डेविड ने एक मूवी चला दी।पेग पूरा करके उसने लाइट बहुत धीमी कर दी और बेड पर सीमा के बगल में ही बैठ गया।सीमा ने उसके पैरों पर भी चादर डाल दी।

मूवी किन्हीं यंग कपल की थी जो कॉलेज टूर में गए थे और ग्रुप से बिछड़ गए थे, किसी आइलैंड पर।पहले आपस में लड़ाई और फिर प्यार, जो सेक्स पर जाकर खत्म हुआ।मूवी में चूमा-चाटी और सेक्स के अंतरंग दृश्य थे।

मूवी देखकर दोनों गर्म हो गए थे।शराब का सुरूर उनके दिमाग पर चढ़ चुका था।

सीमा ने डेविड से मूवी बंद करके लाइट बंद करने को कहा।डेविड ने उठकर लाइट बहुत धीमी कर दी और बोला, “अब तुम सो जाओ! मैं सोफे पर सो जाऊंगा!”

सीमा बोली, “चले जाना! अभी मुझे भी नींद नहीं आ रही!”डेविड वापस बेड पर चादर के अंदर पैर रखकर बैठ गया।

चादर के अंदर दोनों के पैर आपस में टकरा रहे थे।सीमा ने महसूस किया कि उसकी सांस तेज चल रही है।

उसको कुछ-कुछ हो रहा था।डेविड ने उसके हाथ पर हाथ रख दिया।

सीमा ने उसकी ओर चेहरा घुमाया।डेविड ने अपने दोनों हाथों से उसका चेहरा थामा और नजदीक आकर उसे होंठों पर चूम लिया।

अबकी बार सीमा ने भी पूरी गहराई से उसे चूमा।

दोनों आपस में लिपट गए।अब दो जिस्म एक हो जाने को बेकरार थे।

डेविड के लिए किसी हिंदुस्तानी सुंदरी को चोदना पहला अनुभव था और वो भी शादीशुदा।

डेविड ने अब तक जिन भी लड़कियों से सेक्स किया था, वो कम उम्र की थीं, तो उनका जिस्म उतना परिपक्व नहीं था।सीमा के मांसल मम्मे डेविड की छाती पर गड़े थे।

डेविड अभी श्योर नहीं था कि सीमा उसके साथ सेक्स करेगी या सिर्फ स्मूचिंग।

उसके लिए स्मूचिंग तो एक आम बात थी।पक्का होने के लिए उसने सीमा के मम्मे सहलाए।

सीमा ने आह निकाली और अपनी जीभ और अंदर घुसा दी डेविड के मुंह में।वो उसके चेहरे को अपनी ओर कसके खींच रही थी।

अब सीमा की बेकरारी बढ़ रही थी, कामाग्नि बेकाबू हो रही थी।

उसने हाथ नीचे किया और बरमूडा के ऊपर से ही डेविड का लंड मसल दिया और फिर बरमूडा के अंदर हाथ डाल दिया।

बस इतना तो बहुत था आग भड़काने के लिए।

डेविड ने उसकी फ्रॉक खींच के उतार दी और साथ ही अपना बरमूडा और टी-शर्ट भी।अब दो नंगे जिस्म एक-दूसरे में समाने को लिपटे हुए थे।डेविड तो सीमा के मांसल मम्मों का दीवाना हो रहा था।

उसने अपना मुंह सीमा की गिरफ्त से छुड़ाया और मम्मे चूसने लगा।वो आराम से कर रहा था कि कहीं सीमा को लग न जाए।

सीमा ने उसे टोका, “अच्छे से करो!”सीमा अपनी गोलाइयां अपने हाथों से मसल रही थी।

अब डेविड ने उसके निप्पल्स दांतों से हल्के से दबाते हुए मम्मे अपने मुंह में घुसा लिए और लगा आम की तरह चूसने।

उसने कहा भी, “तुम्हारे मम्मे तो आम से भी ज्यादा मजेदार हैं!”डेविड सीमा की चूत चूसना चाह रहा था, तो वो नीचे हुआ और सीमा की टांगें चौड़ाई।

सीमा की मखमली चूत पानी बहा रही थी और चमक रही थी।डेविड ने उसे अपनी उंगलियों से सहलाया और धीरे से उंगली फांकों के अंदर भी करी।सीमा कसमसा गई।

डेविड फिर नीचे हुआ और उसने अपना मुंह दे दिया उसकी फांकों के बीच।

सीमा जल-बिन मछली की तरह तड़पने लगी।उसने डेविड के बाल कसके पकड़ लिए थे।उसने डेविड से कसमसाते हुए कहा, “मुझे भी चूसना है! 69 हो जाओ!”

डेविड को उसके मुंह से यह सुनना अच्छा लगा।वो झट से उलटा हो गया।

सीमा ने अपनी टांगें फैलाते हुए डेविड का सिर पकड़कर अपनी चूत पर रख दिया और खुद उसका लंड लपक लिया।पहले लंड के टोपे को चूसा और फिर लंड पर थूक लपेटते हुए गोटियां भी चूसने लगी।

सीमा ने ध्यान से देखा कि आम हिंदुस्तानी के मुकाबले अंग्रेज का लंड कितना गोरा होता है।बस यही समझो कि हिंदुस्तानी का कालेपन की ओर और अंग्रेज का भूरेपन की ओर!पर हां, उसकी झांट के बाल भी भूरे ही थे।

वैसे डेविड ऊपर से नीचे गुलाबी था।

सीमा ने लंड को मुंह में रखकर अपनी जीभ से जकड़ रखा था।

डेविड बहुत विचलित हो रहा था।वो बार-बार कसमसा रहा था।ऐसी लंड चुसाई उसकी गर्लफ्रेंड्स ने कभी नहीं की थी।

उसने अपने को छुड़ाया और सीमा से कहा कि वह अब उसके अंदर आना चाहता है!सीमा ने मुस्कुराकर उसे अपनी टांगें और चौड़ाकर आने का न्योता दिया।डेविड का लंड पूरा तना हुआ था।

सीमा ने इतना मोटा और मजबूत लंड की सिर्फ कल्पना ही की थी।और अब वो इस मोटे औजार से अपनी चुदाई की बात सोचकर रोमांचित थी।वह डर भी रही थी कि कहीं चूत फट न जाए।

सीमा ने डेविड से पास में रखी क्रीम अपने लंड पर लगाने को कहा।

डेविड उसका डर समझ गया।उसने मुस्कुराते हुए कहा, “डरो नहीं! आराम से करूंगा!”

सीमा को डर से ज्यादा रोमांच था।उसका भी एक सपना पूरा होने जा रहा था कि किसी गोरे के मजबूत न्यू लंड से चुदाई का।

सीमा खुद बहुत मजबूत कद-काठी की थी।उसे थकाना किसी आम लंड के बस का नहीं था।तो सीमा मुस्कुराते हुए डेविड की ओर देख रही थी, जो क्रीम अपने लंड पर लपेटकर उसकी ओर आ रहा था।

अब चुदाई का एक घमासान सेशन शुरू होने को था।

सीमा भी मजबूत कद-काठी की थी और डेविड भी बांका गबरू जवान था।

सीमा के मन में भी गोरे से चुदने की ख्वाहिश थी और डेविड को हिंदुस्तानी चूत पहली बार मिल रही थी।

विवाहित हिंदुस्तानी लड़की की चुदाई और गोरी लड़कियों की कामवासना का फर्क वो महसूस कर चुका था।

डेविड सीमा के नजदीक पहुंचा और नीचे झुककर उसके होंठों पर होंठ रखकर चूमते हुए उसने अपना लंड उसकी चूत पर टिका दिया और फिर उसके मम्मों को मसलने लगा।

सीमा ने उसे अपने से चिपका लिया।इतने में लंड ने नीचे गुफा का रास्ता टटोला और बिना रोकटोक दरार में उतर गया।

सीमा चिहुंकी और ऊपर से डेविड ने पेल लगाई तो उसका मोटा मूसल-जैसा लंड सीमा की चूत की गहराइयों में पहुंच गया।

सीमा की आह निकल गई।उसकी आंखें बंद थीं और उंगलियों के नाखूनों का दबाव डेविड की पीठ पर था।डेविड ने अपने घुटने बिस्तर पर मजबूती से टेके और पेलम-पेल शुरू कर दी।

सीमा ने अपनी टांगें ऊपर उठाईं, तो डेविड ने उन्हें सहारा देकर अपने कंधे पर टिका लिया।

अब सीमा उचक-उचककर डेविड के लंड को अंदर-बाहर जाता देख रही थी।उसकी सांसें तेज चल रही थीं।

डेविड तो उसके मम्मों को बार-बार चूम रहा था। डेविड ने इतने मांसल मम्मे पहली बार ही चूमे थे।

सीमा की बेकरारी बढ़ रही थी।उसने डेविड से कहा कि वो ऊपर आना चाहती है!”

डेविड ने उसे ढीला छोड़ा तो सीमा लपककर डेविड के ऊपर चढ़ गई और अपने हाथ से न्यू लंड को अपनी चूत में किया और लगी उछलने!

उसने डेविड की छाती पर अपने हाथ टिकाए हुए थेडेविड का लंड पूरा अंदर लेकर वो उछल रही थी।

उसके मम्मे हवा में लहरा रहे थे।डेविड भी उन्हें बार-बार मसलता।

अब डेविड भी उन्हें बेदर्दी से मसल रहा था।सीमा को कोई फर्क नहीं था।

उसके मम्मे लाल हो चले थे पर सीमा की चुदास भड़की हुई थी।वो बहुत मन से चुदाई कर रही थी।

डेविड भी अब उसे इंग्लिश में गाली दे रहा था, तो सीमा कभी हिंदी में, कभी पंजाबी में उसे अंट-शंट बक रही थी।

सीमा के जब मम्मे उसके ज्यादा दबाए, तो सीमा ने भी उसकी छाती पर नाखूनों से निशान बना दिए।

अब सीमा का होने को था।वो जोर-जोर से उछलती हुई डेविड की छाती पर लुढ़क ली।

डेविड का तो अभी कुछ भी नहीं हुआ था।उसने सीमा को नीचे पलटा और उसकी टांगों को चौड़ाते हुए फिर पेल दिया अपना लंड!

सीमा कुछ सेकंड तो निढाल-सी रही, फिर जल्दी ही वो चुदाई में डेविड का साथ देने लगी।

डेविड ने अपने हाथों से उसके मम्मे पकड़े हुए थे।वो उन्हें मसल रहा था।

सीमा के मुंह से झाग-सा निकल रहा था।अब उसे एक पॉज चाहिए था।डेविड उसे छोड़ने को तैयार नहीं था।

अब सीमा ने उसे उकसाया, “थोड़ा और फास्ट करो! क्या बात है? दम निकल गया क्या तुम्हारा?”डेविड ने अपनी स्पीड बढ़ा दी।सीमा ने अपनी टांगें सिकोड़ी तो चूत में लंड की रगड़ बढ़ गई।

अब डेविड को भी लगने लगा कि उसका होने वाला है।उसने सीमा से पूछा, “कहां निकालूं?”सीमा बोली, “अंदर बिल्कुल नहीं!”

डेविड ने झटके से लंड बाहर निकाल दिया और सीमा के मम्मों पर सारा माल निकाल दिया।सीमा के दोनों मम्मे, पेट और चेहरे पर वीर्य ही वीर्य था।सीमा को लगा किसी ने चम्मच भरके वीर्य उस पर डाल दिया है।

गाढ़ा-गाढ़ा ढेर सारा वीर्य उसके मम्मों और पेट पर पड़ा था।

सीमा ने पास रखे टॉवेल से अपने को पोंछा और डेविड को होंठों पर चूमकर कहा, “मजा आ गया!”

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

आकृति टंडन

3 weeks ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

सनी लवर

4 weeks ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।