जूजा जीमैंने पंकज से अपने ऊपर नंगे लेट कर पहले मेरा सारा नंगा बदन चूमने और चाटने के लिए कहा। पंकज झट से मेरे ऊपर चढ़ कर मेरी नंगे बदन को सर से पैर तक चूमने लगा। पहले उसने मेरे होंठों को खूब चूमा, फिर मेरी चूचियों को खूब चूसा। उसके बाद मेरे पैर से लेकर मेरी जगहों तक मेरे बदन को खूब चूमा और चाटा। पंकज ने मेरे पेट को, मेरी नाभि को, मेरी चूत के ऊपर के उभरे हुए त्रिकोण को जी भर के चाटते हुए मेरी सब जगहों और मेरे पैरों को खूब चाटा।मुझे पंकज के इस तरह से चूमना और चाटना बहुत अच्छा लग रहा था और पंकज भी बहुत मन लगा कर के मेरा सारा बदन चूम रहा था और चाट रहा था।इतनी चुम्मा-चाटी के बाद भी अभी तक पंकज ने मेरी चूत के अन्दर अपनी जीभ नहीं घुसेड़ी थी।अब मेरी चूत के अन्दर चीटियाँ रेंगना चालू हो गईं।फिर उसके बाद मैं पेट के बल लेट गई और पंकज से फिर अपने सारे बदन को पीछे से चाटने को कहा। पंकज फिर मेरी गर्दन को, मेरी पीठ को और मेरे पैरों को चाटने लगा। अब मैंने पंकज से मेरे चूतड़ों को चाटने को कहा।अब आगे :पंकज ने जी भर के मेरे चूतड़ों को अपने हाथ से फैला कर, उनके अन्दर अपनी जीभ डाल कर खूब चूमा और चाटा।फिर मैंने पंकज को मेरी पीछे से चूत के आस-पास चूमने को कहा, मैंने पंकज को अपनी जीभ से मेरी चूत को धीरे-धीरे चाटने को कहा।पंकज बड़े आराम से मेरी चूत चाटने लगा।थोड़ी देर चूत चटवाने के बाद मेरी चूत पानी छोड़ प्रिया और मैंने पंकज को अपनी बाँहों में जकड़ लिया।इसके बाद मैंने पंकज को मेरे ऊपर चढ़ा कर अपना लंड मेरे मुँह के अन्दर डालने को कहा।पंकज ने अपना लंड मेरे मुँह में घुसेड़ प्रिया और मैं पंकज का लौड़ा बड़े आराम से अपने हाथों से पकड़ कर चूसने लगी।मैं जैसे-जैसे पंकज का लंड चाट और चूस रही थी, वैसे-वैसे उसके लंड ने अकड़ना शुरू कर प्रिया।पंकज अपने हाथों से मेरी चूचियों को ज़ोर-ज़ोर से मसलने लगा।थोड़ी देर में ही मेरे चूसने से पंकज का लंड तन्ना कर खड़ा हो गया..!जब पंकज का लंड पूरा का पूरा तन गया तो उसने मुझसे बोला- अरे मेरी लंड की रानी, अब तो छोड़ दो मेरे लंड को… मुझे अब तुम्हारी चूत में अपना लंड पेलना और तुम्हें चोदना है… देखो ना मेरा लंड अकड़ कैसे खड़ा हो गया है.. यह अब तुम्हारी चूत में घुसना चाहता है… चलो अब चूत चुदवाने के लिए तैयार हो जाओ।पंकज का बात सुन कर मैं पंकज का लण्ड अपने मुँह से निकाल कर पंकज से बोली- हाय मेरी चूत के राजा, जैसे तुम्हारा लौड़ा तन कर खड़ा हुआ है, वैसे ही मेरी चूत भी लंड खाने के लिए अपनी लार छोड़ रही है। मेरी चूत बहुत गीली हो गई है, अब मैं भी तुमसे अपनी चूत चुदवाना चाहती हूँ। चलो अब जल्दी से अपना यह मोटा सा डंडा मेरी चूत में घुसेड़ो और चूत को चोद-चोद कर फाड़ दो।पंकज मेरी बातों को सुन कर मेरे ऊपर से नीचे उतर गया और मेरी टाँगों के बीच बैठ गया। टाँगों के बीच बैठने के बाद पंकज ने मेरी टाँगों को अपने हाथों से खोल कर मेरी चूत को खोला और अपना लंड मेरी चूत के दरवाजे पर रख कर एक धक्के से पूरा का पूरा लंड चूत के अन्दर घुसेड़ प्रिया।मैंने भी अपनी टाँगों को जितना हो सका, खोल कर पंकज का लंड अपनी चूत में ले लिया, लेकिन पंकज के धक्के के साथ साथ मेरे मुँह से एक हल्की सी चीख निकल गई।पंकज ने मेरी चीख सुन कर के पूछा- क्या हुआ, विभा तुम्हारी चुदी-चुदाई चूत क्या फिर से फट गई? अरे अभी तो सिर्फ़ लंड चूत के अन्दर डाला है, अभी तो पूरी चुदाई बाकी है और तुम अभी से चीख रही हो?मैं पंकज की बातों को सुन कर बोली- साले हरामी चूत के पिस्सू, ऐसे धक्का मारा जाता है? चुदक्कड़ बीवी के चोदू खसम, अबे यह तेरी बीवी की चूत नहीं है, कि जैसे मर्ज़ी चोद रहा है… साले आराम-आराम से चोद..!
सामूहिक चुदाई का आनन्द-5
जूजाजी
17 Jan 2020 को प्रकाशित
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सामूहिक चुदाई का आनन्द
कुल भाग: 8
भाग 1
भाग 1: पढ़ें
भाग 2
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भाग 3
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भाग 4
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भाग 5
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भाग 6
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भाग 7
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भाग 8
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Hello sabhi behno aur bhaiyo ka dil se swagt hai, apne meri story pe acha pyar diya uske liye thanks.
14 मिनट
484
पाठकों की राय
2 टिप्पणियां
र
रीटा रावत
2 months agoकहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।
भ
भोपाली
2 months agoकहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।