जूजा जीअब तक आपने पढ़ा कि ज़न्नत पूरी तरह से नरेन की चुदाई से खुश होकर बिस्तर पर पीठ के बल लेट गई। नरेन ने अपने पानी को तौलिए से पौंछ कर ज़न्नत के चूतड़ों को साफ किया और फिर ज़न्नत के ऊपर ही नंगा लेट कर उसको अपनी बाँहों में ले कर सो गया।अब आगे :नरेन ने कहा- पंकज, हमारी पहली बीवियों की अदला-बदली चुदाई बड़ी जल्दबाजी में हुई थी, अगर तुम बुरा ना मानो तो मैं एक बार फिर तुम्हें विभा को चोदते हुए देखना चाहता हूँ।पंकज बोला- मैं भी ज़न्नत को एक बार फिर तुमसे चुदवाते हुए देखना चाहता हूँ।इन बातों से दोनों के लंड दोबारा तन्ना गए।नरेन ने बेडरूम में चलने की सलाह दी और कहा- वहीं पर हम एक-दूसरे की बीवियों को चोदेंगे।हम अपनी ड्रिंक लेकर बेडरूम में आ गए और उसी बिस्तर पर नंगे ही बैठ कर चुस्कियाँ लेने लगे। कमरे में रोशनी भरपूर थी। नरेन ने पंकज से पहले मुझे चोदने को कहा। मैंने नरेन से मुझे चुदाई के लिए तैयार करने के लिए मेरी चूत चाटने को कहा।नरेन ने फ़ौरन मेरी इच्छा का सम्मान किया और मेरी चूत बड़े प्यार से चाटने लगा।साथ ही ज़न्नत भी पंकज को उसका लंड चूस कर उसे भी तैयार करने लगी।मैं बिस्तर पर अपने दोनों जाँघें फैलाकर लेट गई, मेरी सपाट चिकनी खुली चूत पंकज के लंबे लौड़े का आघात सहने को अब पनिया चुकी थी।पंकज मेरे ऊपर आ गया और अपने लंड को मेरी चूत के मुँह पर लगा प्रिया।तब मैंने ज़न्नत से कहा, “अगर वो बुरा ना माने तो क्या वो अपने हाथों से पंकज के लंड को मेरी चूत में डाल सकती है।”ज़न्नत सहर्ष तैयार हो गई और अपने पति के लौड़े को अपने हाथ में लेकर मेरी चूत में डाल प्रिया, पंकज ने मुझे चोदना शुरू कर प्रिया।ज़न्नत और मेरे पति हमारे पास ही बैठ कर पंकज के लंबे लंड को मेरी चूत की सैर करने के दृश्य का आनन्द उठाने लगे।उन दोनों ने मेरे हाथ थाम लिए और मेरे पूरे शरीर और मेरी चूचियों को सहलाने लगे। मैं अपने हाथों से ज़न्नत की चूचियों और नरेन के लंड को भी सहलाने लगी।पंकज इस सबसे जैसे बेख़बर होकर बेरोकटोक मेरी चूत की चुदाई में लगा रहा। पंकज मुझे लगभग 25-30 मिनट तक ज़ोर-ज़ोर से चोदता रहा और मेरे पेट पर अपना पानी निकाल प्रिया। ज़न्नत ने उसका रस अपनी साड़ी से पौंछ प्रिया।मेरे पति ने मुझे एक प्यारी मुस्कान के साथ मेरी चूत को एक प्यार भरी चुम्मी दी।मैंने भी उसका लंड दबा कर उसके होंठों पर चुम्मी देकर बड़े प्यार से उसको धन्यवाद किया।अब ज़न्नत की बारी थी। वो बिस्तर पर लेट गई। पंकज ने उसकी चूत चाट कर उसे तैयार किया और मैंने नरेन का लंड चूस कर उसे ज़न्नत को चोदने के लिए तैयार किया।
सामूहिक चुदाई का आनन्द-8
जूजाजी
31 Jan 2020 को प्रकाशित
कहानी सुनें
ऑडियो प्लेयर (Play Audio)
स्वर: लोड हो रहा है...
0:00
0:00
कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)
श्रृंखला
कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)
सामूहिक चुदाई का आनन्द
कुल भाग: 8
भाग 1
भाग 1: पढ़ें
भाग 2
भाग 2: पढ़ें
भाग 3
भाग 3: पढ़ें
भाग 4
भाग 4: पढ़ें
भाग 5
भाग 5: पढ़ें
भाग 6
भाग 6: पढ़ें
भाग 7
भाग 7: पढ़ें
भाग 8
भाग 8: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।
इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ
Group Sex Story
Do behno ko ek sath choda call boy ne-2
Pichla bhaag padhe:-Do behno ko ek sath choda call boy ne
11 मिनट
1,052
Group Sex Story
जब मिल जायें चार यार- 4
Xxx ग्रुप फक स्टोरी में चार जोड़ों ने अदल बदल कर बीवी की चुदाई के बाद एक साथ ब्लाइंड सेक्स करने की योजना बनायी. पूरे अंधेरे हॉल में चारों लड़के और चारों लड़कियां नंगी हो गयी.
16 मिनट
920
Group Sex Story
चुदक्कड़ बहन ने थ्रीसम चुदाई का मजा दिलवाया
मल्टीपल सेक्स एन्जॉय कहानी में मैं अपनी सौतेली बहन की चुदाई करने ही वाला था कि घरवाले आ गए। लेकिन वह फ्रेश होने के बहाने से मेरे कमरे में आई और मेरा लंड चूत में लेने लगी।
15 मिनट
655
पाठकों की राय
2 टिप्पणियां
ख
खुशाल यादव
1 month agoअगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।
p
pagalroy
1 month agoबहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।