रोनी सलूजा
सत्यापित कहानीकार (Verified)@rana-salja
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
रोनी सलूजा की रचनाएं
अधूरी तमन्ना
मेरे बारे में मेरी पुरानी कहानियों में पढ़ने के बाद आप सभी जानते हैं तो सीधा मुद्दे पर आता हूँ।
जलता है बदन
रोनी सलूजामेरी कहानी‘कामदेव के तीर’को पाठको की जो सराहनाप्राप्त हुई उसके लिए तमाम पाठक पाठिकाओं को तहे दिल सेधन्यवाद !मध्यप्रदेश एवं कई जगहों से अनगिनत पुरुष मित्रों के मेल आये हैं जो चाहते हैं कि यदि हमारे एरिया से किसी भी उम्र की कोई लड़की य...
कामदेव के तीर-5
मैं पलंग से उठा ही था तभी रजिया मेरे लिए चाय लेकर आ गई और मेज पर रख दी। मैंने पीछे से रजिया को दबोच लिया
कामदेव के तीर-4
घर में किसी के आने का कोई अंदेशा नहीं था, बड़ी निश्चिन्तता से सारा काम चल रहा था। मुझे नींद ने आ घेरा, कब सो गया पता ही नहीं चला!
कामदेव के तीर-3
मैंने कहा- डार्लिंग, अब तो कल तक के लिए यही हूँ, थोड़ी थकावट मिट जाये, फ़िर रात में जरूर उस तरीके से तुम्हें चोदूँगा।
कामदेव के तीर-2
रजिया के जाने के बाद हमने नाश्ता किया, फिर ऊपर वाली मंजिल पर चले गए जहाँ फरहा का बेडरूम था। यहाँ पर स्वर्ग जैसी सारी सुविधाएँ मुहैया थी!
कामदेव के तीर-1
मैं अपने ऑफिस में बैठा मेल चैक कर रहा था, इस बार ज्यादातर मेल मध्यप्रदेश के जबलपुर, ग्वालियर, इन्दौर, सागर, भोपाल और अन्य शहरों से भी थे।उनमें एक मेल फरहा बेगम का था जिसमें लिखा था- रोनी सलूजा, आपकी कहानी बहुत अच्छी लगी। बड़ा मजा आया इसे पढ़कर!
रोनी का राज-2
रवि ने मेरे बताये संवादों से चोपड़ा आंटी को चुदने के लिए तैयार कर लिया और उसकी चुदाई कर डाली।
रोनी का राज-1
दोस्तो, मेरी यह कहानी थोड़ा अलग किस्म की है, इसे जरूर पढ़िए, यह मेरे जीवन की सत्य घटना है, रिश्ते पल भर में कैसे बदल सकते हैं, यह आप इस कहानी को पढ़कर समझ सकते हैं !
रेखा भाभी की मायके में चुदाई-2
पांच सात मिनट की धकापेल में हम दोनों सब कुछ भूलकर सम्भोग का अभूतपूर्व आनन्द उठाते रहे, दोनों पसीने से सराबोर हो गए ! रेखा तो नीचे से गांड को ऐसे उठाकर लंड पेलवा रही थी जैसे वो मेरे अंडकोष भी अपने अन्दर करवाना चाहती हो !
रेखा भाभी की मायके में चुदाई-1
मैं ऑफिस में बिल्कुल निठल्ला बैठा था, सामने मेरी असिस्टेंड लीना अपने रिकार्ड दुरुस्त कर रही थी, मैं उसके यौवन के अग्र उभारों का नजारा कर रहा था मेरा जानवर अंगड़ाई लेकर जागने लगा था !