सारिका कंवल
सत्यापित कहानीकार (Verified)@saraka-kaval
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
सारिका कंवल की रचनाएं
मैं रिश्ते-नाते भूल कर चुद गई-2
सारिका कँवलमैं लगभग नींद में थी कि मुझे कुछ एहसास हुआ मेरी टांगों में और मेरी नींद खुल गई। मैं कुछ देर यूँ ही पड़ी रही और सोचने लगी कि क्या है, तो मुझे एहसास हुआ कि वो अपना पैर मेरे जाँघों में रगड़ रहे हैं।
मैं रिश्ते-नाते भूल कर चुद गई-1
सारिका कँवलनमस्कार, मैं सारिका कँवल आप सभी पाठकों का धन्यवाद करना चाहती हूँ कि आप सबने मेरी कहानियों को इतना सराहा।
विशाल लंड से चुदाई का नया अनुभव-3
कहानी का पहला भाग:विशाल लंड से चुदाई का नया अनुभव-2अब तक आपने पढ़ा था कि मुनीर ने मेरी योनि को गर्म करना शुरू कर प्रिया था.अब आगे..
विशाल लंड से चुदाई का नया अनुभव-2
कहानी का पहला भाग:विशाल लंड से चुदाई का नया अनुभव-1
विशाल लंड से चुदाई का नया अनुभव-1
नमस्कार, मैं सारिका फिर से एक अनुभव लेकर आपके समक्ष आयी हूँ. ये कहानी वहीं से शुरू होती है … जहां सेमाइक, मुनीर और अंजली की कहानीखत्म हुई थी. पर ये सभी किरदार फिर से मेरी इस कहानी में साथ हैं.
अतृप्त वासना का भंवर-4
आपने अब तक की कहानी में पढ़ा था कि मैं सुखबीर के साथ सम्भोग करने में लगी थी.अब आगे..
अतृप्त वासना का भंवर-3
आपने अब तक की कहानी में पढ़ा था कि मेरी सहेली प्रीति के अपनी बहन के घर चले जाने के बाद से उसके पति सुखबीर ने मेरे जिस्म के ढके हुए हिस्सों को कामुकता से देखने के प्रयास तेज कर दिए थे.अब आगे..
अतृप्त वासना का भंवर-2
आपने अब तक की कहानी में पढ़ा था सुखबीर की बीवी प्रीति मुझसे सेक्स को लेकर बातें कर रही थी.मैंने उससे पूछा- क्या पहले भी ऐसे ही संभोग करते थे?मैंने प्रीति की दुखती रग तो समझ ली थी, पर वो मुझसे इसका समाधान पाना चाहती थी.अब आगे..
अतृप्त वासना का भंवर-1
नमस्कार, मैं आपकी अपनी सारिका कंवल फिर से आप सबके समक्ष एक नई कहानी लेकर आई हूं. मैं आशा करती हूं कि मेरी इस कहानी को पढ़ कर मजा आप सभी को आएगा, क्योंकि ये कहानी भी पहले के जैसी आम जीवन की है मगर सबसे छुपी थी. आज इसे मैं आप सबसे साझा करने जा रही हूँ.
वो हसीन पल-4
उन्होंने कहा- प्लीज ये कॉन्डोम निकाल देता हूँ बिल्कुल मजा नहीं आ रहा है।मैंने मना किया, पर कुछ देर के सम्भोग में लगने लगा कि वो पूरे मन से नहीं कर रहे हैं।फिर उन्होंने मुझसे कहा- कॉन्डोम निकाल देता हूँ जब स्खलन होने लगूंगा तो लिंग बाहर निकाल लूँगा...
वो हसीन पल-3
सारिका कंवलइसी तरह 4 दिन बीत गए थे हम दोपहर को रोज मिलते और रोज सम्भोग करते। शाम को 5 से 7 मेरा बेटा पढ़ाई के लिए जाता, तो उस वक़्त भी हमें समय मिल जाता और एक-दो बार कर लेते थे। दिन भर मैं बस उसके बारे में ही सोचती रहती थी। मुझे नशा सा हो गया था, उस...
वो हसीन पल-2
सारिका कंवलमैंने मुस्कुराते हुए जवाब प्रिया, “फिलहाल तो मुझे पता नहीं, क्योंकि मैं अभी पुराने वाली ब्रा और पैंटी पहन रही हूँ और वो 34d हैं और xl की पैंटी है, पर अब वो मुझे थोड़े टाइट होते हैं..!”ये कहते ही उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी और खींचा और बिस्तर...