सारिका कंवल
सत्यापित कहानीकार (Verified)@saraka-kaval
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
सारिका कंवल की रचनाएं
यौन लालसा तृप्ति अमर रस से-2
सारिका कंवलअब मैंने उसका लिंग हाथ में ले लिया तो मुझे करन्ट सा लगा और मेरी आँखें खुल गईं।तभी मेरी नजर बिस्तर पर सोये हुए मेरे बच्चे पर गई और मैं रुक गई।इस पर अमर ने पूछा- क्या हुआ, भयभीत क्यों हो रही हो, मैं ऐसा कुछ नहीं करूँगा जिससे तुम्हें तकलीफ़...
यौन लालसा तृप्ति अमर रस से-1
मेरी शादी के कुछ साल बाद बहुत बदलाव आने लगे और मेरे जीवन में रतिक्रिया जैसा शब्द कम होता चला गया। हालांकि मुझे तो इसकी जरूरत थी, पर पति कुछ बदल से गए, उनकी अब इसमें दिलचस्पी नहीं रही, पर मेरी अभी भी है।हम वैसे तो बिहार के हैं, पर पति उड़ीसा में काम...