सारिका कंवल
सत्यापित कहानीकार (Verified)@saraka-kaval
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
सारिका कंवल की रचनाएं
ग्रुप सेक्स का ऑनलाइन मजा-2
अब तक की इस सेक्स स्टोरी के पहले भागग्रुप सेक्स का ऑनलाइन मजा-1में आपने जाना था कि मुनीर तारा और माइक का थ्री सम सम्भोग चल रहा था, जिसे मैं ऑनलाइन देख रही थी.
वासना की न खत्म होती आग भाग-13
नमस्कार दोस्तो.. आप अब तक सामूहिक सम्भोग के खेल की कहानी को पढ़ रहे थे.. उसी क्रम में आगे की दास्तान लिख रही हूँ।
वासना की न खत्म होती आग-12
अब तक आपने पढ़ा..कांतिलाल ने मेरे साथ जबरदस्त सम्भोग किया था.. मैं उनसे अलग हो कर निढाल पड़ी थी।अब आगे..
वासना की न खत्म होती आग-11
अब तक आपने पढ़ा..होटल के कमरे में सम्भोगरत समूह को देख कर मेरी कामोत्तजना चरम पर पहुँच गई थी।अब आगे..
वासना की न खत्म होती आग-10
अब तक आपने पढ़ा..होटल के कमरे में अन्दर जाते ही जो नज़ारा मैंने देखा उसे देख कर तो मेरे जैसे होश ही उड़ गए।अब आगे..
वासना की न खत्म होती आग-9
नमस्ते.. मेरे सभी प्रसंशकों की मैं भारी आभारी हूँ कि आप सभी को मेरी पिछली कहानी काफी पसंद आई।मेरी आगे की कहानी उसी कड़ी से जुड़ी है। मैं अपने उस दोस्त से मिलकर काफी संतुष्ट थी और उनसे उस दिन के बाद भी याहू चैट पर बातें चलती रहीं।
वासना की न खत्म होती आग -8
वो मुझे अपने दांतों को भींचते हुए मुझे देख धक्के लगाते ही जा रहे थे और मैं उन्हें देख रही थी कि उनके सर से पसीना टपक रहा था और नीचे योनि और लिंग की आसपास तो झाग के बुलबुले बन गए थे।
वासना की न खत्म होती आग -7
अब तक आपने पढ़ा..मेरा फ़ोन फिर बजना शुरू हो गया.. इस बार तारा थी। मैंने तुरंत फ़ोन उठा लिया।