सारिका कंवल
सत्यापित कहानीकार (Verified)@saraka-kaval
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
सारिका कंवल की रचनाएं
मेले के बहाने चुदाई की मस्ती- 6
गाँव में सेक्स की कहानी में मैंने और मेरी सहेली ने मिल कर हमारे एक दोस्त चोदू यार के साथ पूरी रात चुदाई का मजा लिया. उसने भी दो गर्म चूतों को शांत कर प्रिया.
मेले के बहाने चुदाई की मस्ती- 5
देसी भाभी ग्रुप चुदाई कहानी में मैंने और मेरी सहेली ने हमारे साझे यार से चूत चुदाई का एक साथ मजा लिया पूरी रात. मेरी सहेली ने कभी ओरल सेक्स का मजा नहीं लिया था.
मेले के बहाने चुदाई की मस्ती- 4
Xxx हिंदी में कहानी चुदाई के बाद शिथिल पड़े लंड को दोबारा चुदाई के लिए तैयार करने की कोशिश की है. मैं और मेरी सहेली ने मिलकर अपने यार का लंड कैसे खड़ा किया?
मेले के बहाने चुदाई की मस्ती- 3
न्यू हिंदी Xxx कहानी में पढ़ें कि मुझे चोदने में मेरा यार इतना निढाल हो गया कि उसमें अब मेरी सहेली की चूत मारने की हिम्मत नहीं रही, उसका लंड खड़ा नहीं हो रहा था.
मेले के बहाने चुदाई की मस्ती- 2
Xxx हिंदी कॉम स्टोरी में पढ़ें कि मैं अपने यार से चुदकर अपनी सहेली को दिखा रही थी कि सेक्स का असली मजा कैसे लिया जाता है. मेरी सहेली सामने से हमें देख रही थी.
मेले के बहाने चुदाई की मस्ती- 1
Xxx सेक्सी हिंदी कहानी में हम दो सहेलियों ने अपने एक कॉमन यार से रात भर चुदाई का प्रोग्राम बनाकर उसे घर में घुसा लिया था. मैंने अपनी सहेली को लंड चूसने को कहा.
वासना की न खत्म होती आग-12
अब तक आपने पढ़ा..कांतिलाल ने मेरे साथ जबरदस्त सम्भोग किया था.. मैं उनसे अलग हो कर निढाल पड़ी थी।अब आगे..
वासना की न खत्म होती आग-11
अब तक आपने पढ़ा..होटल के कमरे में सम्भोगरत समूह को देख कर मेरी कामोत्तजना चरम पर पहुँच गई थी।अब आगे..
वासना की न खत्म होती आग-10
अब तक आपने पढ़ा..होटल के कमरे में अन्दर जाते ही जो नज़ारा मैंने देखा उसे देख कर तो मेरे जैसे होश ही उड़ गए।अब आगे..
वासना की न खत्म होती आग-9
नमस्ते.. मेरे सभी प्रसंशकों की मैं भारी आभारी हूँ कि आप सभी को मेरी पिछली कहानी काफी पसंद आई।मेरी आगे की कहानी उसी कड़ी से जुड़ी है। मैं अपने उस दोस्त से मिलकर काफी संतुष्ट थी और उनसे उस दिन के बाद भी याहू चैट पर बातें चलती रहीं।
वासना की न खत्म होती आग -8
वो मुझे अपने दांतों को भींचते हुए मुझे देख धक्के लगाते ही जा रहे थे और मैं उन्हें देख रही थी कि उनके सर से पसीना टपक रहा था और नीचे योनि और लिंग की आसपास तो झाग के बुलबुले बन गए थे।
वासना की न खत्म होती आग -7
अब तक आपने पढ़ा..मेरा फ़ोन फिर बजना शुरू हो गया.. इस बार तारा थी। मैंने तुरंत फ़ोन उठा लिया।