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रिश्तों में चुदाई पठन समय: 11 मिनट पढ़ा गया: 816 बार

विज्ञान से चूत चुदाई ज्ञान तक-49

पिंकी सेन

14 Mar 2025 को प्रकाशित

विज्ञान से चूत चुदाई ज्ञान तक-49
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अब संजय भी चरम रीमा पर पहुँच गया था.. दिया की दहकती गाण्ड में लौड़ा ज़्यादा देर नहीं टिक पाया उसको लगा कि अब कभी भी पानी निकल जाएगा तो उसने दिया की कमर को दोनों हाथों से कस कर पकड़ लिया।

संजय- बहना मेरा पानी किसी भी पल निकल सकता है… अब बर्दास्त नहीं होता.. मैं पूरा लौड़ा तेरी गाण्ड की गहराई में उतार रहा हूँ संभाल लेना तू…

दिया- आह्ह.. आई.. भाई आह्ह.. अब मना करूँगी आह्ह.. तो आप मानोगे थोड़ी.. आह डाल दो आह्ह.. अब आधा गया तो आह पूरा भी पेल दो आह्ह..

बस इसी पल संजय ने लौड़ा गाण्ड से बाहर निकाला और तेज झटका मारा।दिया की गाण्ड को चीरता हुआ लौड़ा जड़ तक उसमें समा गया।

ना चाहते हुए भी दिया के मुँह से चीख निकल गई..मगर वो इतनी ही चीखी कि बस उसकी आवाज़ कमरे से बाहर ना जा पाए।

संजय अब रफ्तार से पूरा लौड़ा अन्दर-बाहर करने लगा.. कसी हुई गाण्ड में बड़ी मुश्किल से लौड़ा जा रहा था।

दिया- आआआ आआआ उयाया.. भाई मर गई आह्ह.. उह..

संजय- आह्ह.. उहह बहना.. बस एक मिनट आह्ह.. मेरा पानी निकलने वाला है आह्ह.. सब्र कर आह्ह…

संजय ने तीन-चार जोरदार झटके मारे और अंत में उसके लौड़े का जवालामुखी फट गया।वो दिया की गाण्ड में वीर्य की धार मारने लगा।

संजय के गर्म-गर्म वीर्य से दिया को गाण्ड में बड़ा सुकून मिला।उसने एक लंबी सांस ली।

दिया- आई ससस्स.. भाई आह.. आपने तो मेरी गाण्ड का हाल बिगाड़ प्रिया उफ़ अब लौड़ा निकाल भी लो मर गई रे आह्ह…

संजय ने ‘फक्क’ की आवाज़ के साथ लौड़ा गाण्ड से बाहर निकाल लिया और एक साइड होकर लेट गया.. फ़ौरन दिया भी उसके सीने पर सर रख कर लेट गई..लौड़े की ठापों से उसकी गाण्ड एकदम लाल हो गई थी।

संजय- आह्ह.. मज़ा आ गया बहना.. तेरी टाइट गाण्ड में साला लौड़ा.. बड़ी मुश्किल से जा रहा था.. उफ़ क्या गर्मी थी गाण्ड में.. साली लौड़े को झड़ने पर मजबूर कर प्रिया।

दिया- भाई आपके लौड़े ने मेरी गाण्ड का क्या हाल कर प्रिया.. देखो नर्म बिस्तर पर भी ठीक से नहीं टिक पा रही है।

संजय- मेरी जान ये तो तूने लंड को चूस-चूस कर अधमरा कर प्रिया था.. गाण्ड में ज़्यादा देर टिक ना सका। अबकी बार बराबर ठोकूँगा ना.. सारा दर्द हवा हो जाएगा और देखना तुझे मज़ा भी खूब आएगा।

दिया- बाप रे बाप.. आप दोबारा मेरी गाण्ड मारोगे.. ना बाबा अबकी बार चूत से काम चला लो.. मुझे नहीं मरवानी गाण्ड.. बड़ा दर्द होता है…

संजय- अरे रानी तू फिकर क्यों करती है.. बस आज की रात ही हम साथ-साथ हैं.. कल से कहाँ ऐसा मौका मिलेगा.. ला इन रसीले मम्मों का थोड़ा रस पिला.. ताकि जल्दी से लौड़े में ताक़त आए और अबकी बार जमकर तेरी ठुकाई करूँ।

दिया- अच्छा कर लेना.. पहले मुझे बाथरूम जाना है.. आपके लौड़े ने गाण्ड में हलचल मचा दी है.. मैं आती हूँ अभी…

दिया के जाने के बाद संजय कल के बारे में सोचने लगा कि मैडी और सोनू की नज़र में वो हीरो बन जाएगा मगर हक़ीकत कोई नहीं जनता कि ये हीरो ऐसे ही नहीं बना.. बल्कि अपनी बहन को चोदने के बाद बना है।

दिया के बाथरूम से आने के बाद संजय दोबारा शुरू हो गया.. उसके मम्मों को दबा कर रस पीने लगा।

जब उसका लौड़ा फनफना गया तो दोबारा उसकी गाण्ड में पेल प्रिया और अबकी बार 35 मिनट तक दे-दनादन उसको चोदता रहा।

रात भर में उसने 2 बार दिया की गाण्ड और एक बार चूत मारी.. बेचारी दिया का तो हाल से बहाल कर प्रिया।

दोस्तो, कहानी लंबी हो रही है.. हर एक चुदाई को पूरा लिखना अब मुमकिन नहीं.. आपके भी सब्र का बाँध टूट गया है अब.. वो आपके ईमेल से पता चलता है..

तो चलिए आगे कहानी का रस लीजिए।

सुबह का सूरज सब के लिए एक अलग ख़ुशी लेकर आया था।

संजय की मम्मी ने करीब 8 बजे उनको उठाया.. तब कहीं जाकर उनकी आँख खुली..

वैसे रात को दोनों ने कपड़े पहन लिए थे ताकि सुबह किसी के दरवाजे खटकाने पर तुरन्त दरवाजा खोल प्रिया जाए।

और हुआ भी वैसा ही संजय जल्दी से उठा.. एक चादर ज़मीन पर डाली तकिया डाला और दरवाजा खोल प्रिया।

उसकी मम्मी के पूछने पर बता प्रिया कि दिया ऊपर सोई और वो नीचे.. सब ठीक रहा.. दिया की गाण्ड में दर्द था तो वो नहीं उठी..रात की ठुकाई से उसे बुखार भी हो गया था।

संजय नहा-धोकर घर से निकल गया। उधर मैडी भी संजय से मिलने को बड़ा उतावला था।

तो फ़ौरन वो भी करीब 8 40 को घर से निकल गया।

दोस्तो, दीपाली सुबह 7 बजे उठ गई और काम में अपनी मम्मी का हाथ बंटाने लगी।

राहुल ने रात को अनुजा की खूब ठुकाई की.. अब उसके दिमाग़ में दिया घूम रही थी।

तो दोस्तो, आज सोमवार आ गया जिसका आपको बड़ी बेसब्री से इन्तजार था यानि कहानी अपने चरम पर आ गई..तो चलिए देखते हैं आज क्या होता है?

करीब 10 बजे वहीं जहाँ कल उनकी मुलाकात हुई थी.. तीनों चाय का मज़ा ले रहे थे और साथ ही बातों का भी मज़ा ले रहे थे।

मैडी- यार संजय पूरी रात नींद नहीं आई.. साले ऐसा क्या जादू कर प्रिया तूने.. एक ही मुलाकात में.. कि साली तेरे से चुद गई.. और आज हमसे भी चुदने को राज़ी हो गई।

संजय- तूने वो कहावत तो सुनी होगी बेटा बेटा होता है और बाप बाप.. तो सालों मैं तुम्हारा बाप हूँ।

सोनू- अरे मेरे बाप.. अब तू बता दे कसम से बड़ी चुल्ल हो रही है.. कल क्या हुआ था.. जब मेरे साथ तू बाहर आया उसके बाद वापस जाकर ऐसा क्या हुआ..? बता ना यार…

संजय- बस तुम चूत का मज़ा लो.. बाकी सारी बातें भूल जाओ.. मेरे पास एक ऐसी बात है.. जिसकी वजह से अब दीपाली रोज हमसे चुदवाएगी समझे.. अब ज़्यादा सवाल किए ना.. तो सालों लौड़े हिलाते रह जाओगे.. मैं रोज अकेला मज़ा लूँगा।

सोनू- अच्छा बाबा माफ़ कर दे.. कब आ रही है और कहाँ?

संजय- इस मैडी को पूछो.. बड़ा होटल का प्लान बना रहा था ना साले…

मैडी- प्लान क्या.. शालीमार में कमरा बुक कर लिया है.. वो 11 बजे आएगी.. अच्छा अब गोली-वोली की तो जरूरत नहीं.. तो ऐसा कर कि पावर वाली गोली हम ले लें.. साली को जमकर चोदेंगे।

सोनू- हाँ यार पहली बार चूत मिल रही है.. ऐसे तो साली के गोरे जिस्म को देखते ही लौड़ा उल्टी कर देगा.. गोली लेने में ही भलाई है.. तभी उसको जमकर चोद पाएँगे।

संजय- जाओ ले आओ.. अब मैं जाता हूँ तुम वहाँ पहुँचो.. मैं उसको लेकर वहीं आता हूँ।

सोनू- अरे मेरे बाप.. अब तू बता दे कसम से बड़ी चुल्ल हो रही है.. कल क्या हुआ था.. जब मेरे साथ तू बाहर आया उसके बाद वापस जाकर ऐसा क्या हुआ..? बता ना यार…

संजय- बस तुम चूत का मज़ा लो.. बाकी सारी बातें भूल जाओ.. मेरे पास एक ऐसी बात है.. जिसकी वजह से अब दीपाली रोज हमसे चुदवाएगी समझे.. अब ज़्यादा सवाल किए ना.. तो सालों लौड़े हिलाते रह जाओगे.. मैं रोज अकेला मज़ा लूँगा।

सोनू- अच्छा बाबा माफ़ कर दे.. कब आ रही है और कहाँ?

संजय- इस मैडी को पूछो.. बड़ा होटल का प्लान बना रहा था ना साले…

मैडी- प्लान क्या.. शालीमार में कमरा बुक कर लिया है.. वो 11 बजे आएगी.. अच्छा अब गोली-वोली की तो जरूरत नहीं.. तो ऐसा कर कि पावर वाली गोली हम ले लें.. साली को जमकर चोदेंगे।

सोनू- हाँ यार पहली बार चूत मिल रही है.. ऐसे तो साली के गोरे जिस्म को देखते ही लौड़ा उल्टी कर देगा.. गोली लेने में ही भलाई है.. तभी उसको जमकर चोद पाएँगे।

संजय- जाओ ले आओ.. अब मैं जाता हूँ तुम वहाँ पहुँचो.. मैं उसको लेकर वहीं आता हूँ।

संजय वहाँ से वापस घर आ गया तब तक दिया भी उठ गई थी।

उसको बुखार था तो वो बस मुँह-हाथ धोकर बैठी थी।

संजय की माँ ने उसे नहाने नहीं प्रिया था और गुस्सा भी किया कि इतनी देर रात जागने की क्या जरूरत थी मगर दिया ने पढ़ाई का बहाना बना प्रिया था।

संजय- हाय माय स्वीट सिस्टर गुड मॉर्निंग।

दिया- गुड मॉर्निंग भाई।

संजय- आख़िर कर उठ ही गई मेरी प्यारी बहना.. चल जरा दीपाली को फ़ोन तो लगा.. मुझे उससे बात करनी है।

दीपाली- हाँ जानती हूँ क्या बात करनी है.. आपका अब तक मन नहीं भरा क्या.. रात भर तो चुदाई की है..?

संजय- तू भी कैसी बात करती है चूत से भला कभी मन भरता है क्या और वो भी दोस्तों के साथ मिलकर चुदाई का तो मज़ा ही दुगुना आएगा.. चल अब बातें बन्द कर.. फ़ोन लगा उसको…

दिया ने दीपाली को फ़ोन लगाया तो उसकी मम्मी ने उठाया और दीपाली को दे प्रिया।

तब संजय ने उसे होटल की बात बता दी..

दीपाली ने कहा- दस मिनट में घर से निकल रही हूँ.. तुम भी बाहर आ जाओ…

संजय ने ‘ओके’ बोलकर फ़ोन रख प्रिया और बाहर जाने लगा।

दिया- भाई जा रहे हो आप.. बेचारी को आराम से चोदना.. तुम तीन वो अकेली.. कहीं कुछ हो ना जाए…

संजय- अरे उसको क्या होगा साली रंडी है वो.. तू टेन्शन मत ले.. बड़े प्यार से चोदेंगे उसको.. अच्छा अब चलता हूँ।दिया- बेस्ट ऑफ लक भाई।संजय घर से निकल गया.. उधर दीपाली भी आज अपनी मम्मी को दिया का नाम लेकर घर से निकल गई।

बस दोस्तों आज के लिए इतना काफ़ी है। अब आप जल्दी से मेल करके बताओ कि मज़ा आ रहा है या नहीं.!क्या आप जानना नहीं चाहते कि आगे क्या हुआ?तो पढ़ते रहिए और आनन्द लेते रहिए…मुझे आप अपने विचार मेल करें।support@mohakkisse.com

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विज्ञान से चूत चुदाई ज्ञान तक

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