किस्से पर वापस जाएं
जवान लड़की पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 875 बार

विज्ञान से चूत चुदाई ज्ञान तक-50

पिंकी सेन

01 Feb 2013 को प्रकाशित

विज्ञान से चूत चुदाई ज्ञान तक-50
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

प्रिया ने दीपाली को फ़ोन लगाया तो उसकी मम्मी ने उठाया और दीपाली को दे दिया।तब दीपक ने उसे होटल की बात बता दी..

दीपाली ने कहा- दस मिनट में घर से निकल रही हूँ.. तुम भी बाहर आ जाओ…

दीपक ने ‘ओके’ बोलकर फ़ोन रख दिया और बाहर जाने लगा।

प्रिया- भाई जा रहे हो आप.. बेचारी को आराम से चोदना.. तुम तीन वो अकेली.. कहीं कुछ हो ना जाए…दीपक- अरे उसको क्या होगा साली रंडी है वो.. तू टेन्शन मत ले.. बड़े प्यार से चोदेंगे उसको.. अच्छा अब चलता हूँ।प्रिया- बेस्ट ऑफ लक भाई।

दीपक घर से निकल गया.. उधर दीपाली भी आज अपनी मम्मी को प्रिया का नाम लेकर घर से निकल गई।

दीपाली ने सफेद टॉप और गुलाबी स्कर्ट पहना हुआ था.. वो एकदम गुड़िया जैसी लग रही थी।

कुछ देर बाद दीपक वहाँ आ गया और दीपाली उसको देख कर मुस्कुराई।

दीपक- हाय रे जालिम.. मार डाला क्या लग रही हो यार..

दीपाली- बस बस.. यहाँ रास्ते में ज़्यादा हीरोगिरी मत दिखाओ.. अब चलो कोई देख लेगा तो गड़बड़ हो जाएगी।

दोनों चलने लगे.. रास्ते में दीपक ने उसको उन दोनों से हुई सारी बात बता दी।

दीपाली- ओह.. माँ.. सब गोली लेंगे तो मेरी हालत खराब हो जाएगी.. तुम सब के सब हरामी हो.. आज मेरी चूत और गाण्ड का खूब मज़ा लोगे।

दीपक- साली बरसों की तमन्ना आज पूरी होगी तो मज़ा तो लेंगे ना…

दीपाली- जाओ ले लो मज़ा मेरी भी ‘ग्रुप सेक्स’ की तमन्ना आज पूरी हो जाएगी चोदो.. कितना चोदना है.. आज मैं खूब मज़े से चुदवाऊँगी पता है.. रात मैंने प्रिया की बताई हुई.. कहानी पढ़ी है.. उसमें ऐसी-ऐसी गाली याद की हैं.. आज तुम्हें सुनाऊँगी।

दीपक- हा हा हा… साली गाली सीख कर आई है.. हमें तो सीखने की जरूरत भी नहीं है.. ऐसे ही निकाल देंगे.. वैसे एक बात तो है गाली देकर चोदने का मज़ा अलग आता है।

दीपाली- हाँ ये तो है… बड़ा मज़ा आता है।

यही सब बातें करते हुए दोनों होटल पहुँच गए.. मैडी बाहर खड़ा उनको आता हुआ देख कर बड़ा खुश हुआ।

मैडी- वेलकम वेलकम…

दीपाली- यहाँ ज़्यादा बात मत करो.. चलो अन्दर.. वहाँ जो कहना है कह देना..

मैडी- ओके चलो.. मेरे पीछे आ जाओ तुम दोनों…दीपाली- नहीं तुम दोनों आगे जाओ.. मैं थोड़ा रुक कर आती हूँ।मैडी- ठीक है.. ऊपर आकर दाईं तरफ कमरा नम्बर 13 में आ जाना।दीपाली- ओके.. आ जाऊँगी.. दरवाजा बन्द मत करना.. जाओ अब..

दोनों ऊपर चले गए.. जहाँ सोनू पहले से ही बैठा था।

सोनू- अरे क्या हुआ.. दीपाली कहाँ है? नहीं आई क्या..?

दीपक- चुप साले.. क्या बोले जा रहा है.. वो नीचे है.. आ रही है।

सोनू- अच्छा ले.. ये खा ले.. बड़ा मज़ा आएगा चोदने में..

मैडी- हा हा साला कब से गोली हाथ में लेकर बैठा है.. मैंने कहा खा ले.. तो बोला अगर वो नहीं आई तो लौड़ा कैसे शान्त होगा… उसके आने के बाद

ही खाऊँगा.. साला हा हा हा..

सोनू- हाँ तो इसमें गलत क्या बोला.. साली नहीं आती तो गोली का असर लौड़े पर होता.. साला फट ही जाता लौड़ा.. तो अब खाऊँगा.. लो तुम दोनों भी खा लो.. मज़ा आएगा।

तीनों ने गोली खा ली और दीपाली के इन्तजार में बैठ गए।

उधर दीपाली ने चारों तरफ़ ध्यान से देखा और कमरे की तरफ़ चलने लगी।

कमरे के पास जाकर रफ्तार से उसने दरवाजा खोला और अन्दर चली गई।

दीपक- लो आ गई हुस्न की मलिका जी भर के देख लो आज तक स्कूल ड्रेस में देखा है तुमने.. आज सेक्सी कपड़ों में देख लो।

सोनू- कसम से यार दीपाली बहुत सुंदर लग रही हो.. एकदम गुड़िया की तरह..

मैडी- हाँ दीपाली तुम्हारी जितनी तारीफ की जाए.. कम है.. तुम तो रूप की परी हो परी…

दीपाली- अच्छा परी हूँ.. तो ऐसा करो मैं यहाँ बैठ जाती हूँ मेरी पूजा करो.. और उसके बाद मैं चली जाती हूँ कोई भी मुझे टच भी नहीं करेगा।

इतना सुनते ही सोनू की तो गाण्ड फट गई.. ये तो आई नहीं कि जाने का नाम ले रही है।

सोनू- अरे न.. नहीं नहीं.. काहे की परी.. ये तो कुछ भी बोल दिया हम दोस्त है सब..

सोनू के बोलने का अंदाज ऐसा था कि दीपक और मैडी की हँसी निकल गई.. दीपाली भी मुस्कुराने लगी।

दीपक- साला फट्टू.. कहीं का.. फट गई ना तेरी भोसड़ी के ये परी ही है।

मगर काम की परी.. समझे…

सोनू- यार ये बोली.. मेरी पूजा करो फिर चली जाऊँगी.. इसका क्या मतलब हुआ?

दीपक- हाँ ये एकदम सही बोली.. ये काम-वासना की परी है.. इसकी पूजा लौड़े से करो और चुदवा कर ये चली जाएगी.. समझे चूतिये…

दीपक की बात सुनकर मैडी और सोनू चौंक से गए कि दीपाली के सामने कैसे लौड़े और चुदाई की बात दीपक ने आसानी से कह दी..उनको अभी तक भरोसा नहीं हो रहा था कि कल दीपक ने सच में दीपाली की ठुकाई की थी क्या?

दीपाली- दीपक सही कह रहा है.. अब वक्त खराब करने से कोई फायदा नहीं.. मैडी केक कहाँ है.. जन्मदिन नहीं मनाना क्या?

मैडी- स..सॉरी वो तो मैं लाया नहीं दीपक ने कहा था बस चू..

मैडी बोलता हुआ रुक गया.. उसमें अभी भी थोड़ी सी झिझक थी।

दीपाली- क्या चू.. इसके आगे भी बोलो या मैं बताऊँ तुम तीनों हरामी.. बस खाली फोकट में चूत का मज़ा लेने आ गए…

अब तो मैडी और सोनू को पक्का यकीन हो गया कि दीपक ने कल इसको खूब चोदा होगा और ये खुद आज चुदवाने ही यहाँ आई है।

सोनू- हाँ तेरी चूत का मज़ा लेने आए हैं अब फोकट में नहीं देना तो तू बोल दे क्या लेगी.. हम देने को तैयार है।

दीपक- अबे कुत्ते.. तेरे को ये रंडी दिखती है क्या.. जो क्या लोगी.. पूछ रहा है साले.. जब भी बोलेगा भोसड़ी के उल्टी बात ही बोलेगा…

मैडी- अब रंडी नहीं तो और क्या कहें आप ही बता दीजिए दीपाली जी…

अबकी बार मैडी पूरे विश्वास के साथ बोला और अंदाज भी बड़ा सेक्सी था।

दीपाली- तुम्हें जो बोलना है बोलो मैं तो तुम तीनों को भड़वा या कुत्ता ऐसा बोलूँगी।

दीपक- तेरी माँ की चूत साली छिनाल हमें गाली देगी.. तो हम क्या तुझे दीपाली जी कहेंगे बहन की लौड़ी.. तू रंडी ही है.. हम भी तुझे रंडी ही कहेंगे।

सोनू- हाँ यार तीन लौड़े एक साथ लेगी.. तो अपने आप रंडी बन जाएगी अब बर्दास्त नहीं होता यार.. साली को पटक लो.. बिस्तर पर मेरा लौड़ा पैन्ट फाड़ देगा अब…

दीपाली- रूको.. ऐसे नहीं पहले तीनों अपने कपड़े निकालो.. मुझे सब के लौड़े देखने है.. उसके बाद तुम तीनों मिलकर मुझे नंगी करना असली मज़ा तब आएगा।

मैडी- हाँ मेरी जान आज तो तू जो कहेगी.. वो मानने को तैयार हैं हम.. साली बहुत तड़पाया है तूने.. आज तुझे चोद-चोद कर सारा बदला पूरा ले लेंगे हम…

दीपाली- हाँ कुत्तों ले लो बदला.. मैं भी तैयार हूँ देखती हूँ किस के लौड़े में कितना दम है.. ये भड़वा सोनू हमेशा गंदी नज़र से घूरता था.. आज देखती हूँ ये मर्द भी ये नामर्द है मादरचोद…

सोनू- तेरी माँ की गाण्ड मारूँ माँ की लौड़ी.. साली नामर्द बोलती है.. ले देख रंडी मेरा लौड़ा कैसे तन कर खड़ा है अभी तेरी चूत फाड़ दूँगा.. इस लौड़े से….

सोनू ने गुस्से में पैन्ट और चड्डी एक साथ निकाल दी.. उसका लौड़ा खड़ा हुआ.. दीपाली को सलामी दे रहा था।जो कोई करीब 7″ लंबा और काफ़ी मोटा था।

दीपाली बस उसको देख कर मुस्कुरा दी…

दीपाली- रूको.. ऐसे नहीं पहले तीनों अपने कपड़े निकालो.. मुझे सब के लौड़े देखने है.. उसके बाद तुम तीनों मिलकर मुझे नंगी करना असली मज़ा तब आएगा।

मैडी- हाँ मेरी जान आज तो तू जो कहेगी.. वो मानने को तैयार हैं हम.. साली बहुत तड़पाया है तूने.. आज तुझे चोद-चोद कर सारा बदला पूरा ले लेंगे हम…

दीपाली- हाँ कुत्तों ले लो बदला.. मैं भी तैयार हूँ देखती हूँ किस के लौड़े में कितना दम है.. ये भड़वा सोनू हमेशा गंदी नज़र से घूरता था.. आज देखती हूँ ये मर्द भी ये नामर्द है मादरचोद…

सोनू- तेरी माँ की गाण्ड मारूँ माँ की लौड़ी.. साली नामर्द बोलती है.. ले देख रंडी मेरा लौड़ा कैसे तन कर खड़ा है अभी तेरी चूत फाड़ दूँगा.. इस लौड़े से….

सोनू ने गुस्से में पैन्ट और चड्डी एक साथ निकाल दी..

बस दोस्तों आज के लिए इतना काफ़ी है। अब आप जल्दी से मेल करके बताओ कि मज़ा आ रहा है या नहीं.!

तो पढ़ते रहिए और आनन्द लेते रहिए..मुझे आप अपने विचार मेल करें।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

विज्ञान से चूत चुदाई ज्ञान तक

कुल भाग: 39
भाग 1
भाग 1: पढ़ें
भाग 3
भाग 3: पढ़ें
भाग 4
भाग 4: पढ़ें
भाग 5
भाग 5: पढ़ें
भाग 6
भाग 6: पढ़ें
भाग 7
भाग 7: पढ़ें
भाग 8
भाग 8: पढ़ें
भाग 9
भाग 9: पढ़ें
भाग 10
भाग 10: पढ़ें
भाग 13
भाग 13: पढ़ें
भाग 14
भाग 14: पढ़ें
भाग 15
भाग 15: पढ़ें
भाग 16
भाग 16: पढ़ें
भाग 17
भाग 17: पढ़ें
भाग 18
भाग 18: पढ़ें
भाग 19
भाग 19: पढ़ें
भाग 20
भाग 20: पढ़ें
भाग 21
भाग 21: पढ़ें
भाग 22
भाग 22: पढ़ें
भाग 23
भाग 23: पढ़ें
भाग 26
भाग 26: पढ़ें
भाग 28
भाग 28: पढ़ें
भाग 29
भाग 29: पढ़ें
भाग 30
भाग 30: पढ़ें
भाग 31
भाग 31: पढ़ें
भाग 35
भाग 35: पढ़ें
भाग 36
भाग 36: पढ़ें
भाग 37
भाग 37: पढ़ें
भाग 39
भाग 39: पढ़ें
भाग 40
भाग 40: पढ़ें
भाग 41
भाग 41: पढ़ें
भाग 42
भाग 42: पढ़ें
भाग 44
भाग 44: पढ़ें
भाग 45
भाग 45: पढ़ें
भाग 47
भाग 47: पढ़ें
भाग 50
भाग 50: पढ़ें
भाग 51
भाग 51: पढ़ें
भाग 53
भाग 53: पढ़ें
भाग 54
भाग 54: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

टप्पू सेना का टपाटप वाली चुदाई का खेल- 3
जवान लड़की

टप्पू सेना का टपाटप वाली चुदाई का खेल- 3

ग्रैंड डॉटर सेक्स कहानी में गोआ में टप्पू सेना सोनू को नंगी करके उसके तीनों छेदों को चोद रही थी कि बापू जी ने देख लिया. उसके बाद तो बापू जी ने भी सोनू को सबके सामने चोदा.

14 मिनट 550
टप्पू सेना का टपाटप वाली चुदाई का खेल- 2
जवान लड़की

टप्पू सेना का टपाटप वाली चुदाई का खेल- 2

वर्जिन गर्ल चुदाई कहानी में बापू जीके साथ टप्पू सेना गोवा में मस्ती करने गई थी. उनका मकसद तो सोनू की कुंवारी चूत गांड का मजा लेना था. सोनू भी अपनी सील तुड़वाने को बेचैन थी.

13 मिनट 336
मेरी प्रेमिका और मेरी अधूरी मोहब्बत- 1
जवान लड़की

मेरी प्रेमिका और मेरी अधूरी मोहब्बत- 1

ट्रू लव स्टोरी में मुझे एक लड़की से सच्चा प्यार था लेकिन हमारे बीच सेक्स जैसी बात कोई नहीं थी. एक बार उसे शौपिंग करनी थी तो वो मेरे साथ गयी. वापिसी में क्या हुआ?

16 मिनट 978

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

हैपी सिंह

1 week ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

राहुल चौधरी

3 weeks ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।